You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव की आतिशी बल्लेबाज़ी से भारत ने कैसे बनाए रिकॉर्ड
- Author, संजय किशोर
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
यह कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर की टीम है. जोश और ऊर्जा से भरी इस नई टीम इंडिया का जीतने भर से जी नहीं भरता.
इनको व्हाइटवॉश से कम कुछ भी स्वीकार्य नहीं. पहले श्रीलंका को 3-0 से हराया और शनिवार रात भारतीय तूफ़ान के सामने दूसरा पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश भी धाराशाई हो गया.
तीन टी-20 की सिरीज़ में तीसरे मैच में हार सबसे दर्दनाक रही.
आख़िरी मैच खेल रहे महमूदुल्ला इस मैच को कभी याद रखना नहीं चाहेंगे, वहीं संजू सैमसन की मुस्कान थमने का नाम नहीं ले रही थी.
सिरीज़ शून्य-तीन से गँवाने का मतलब यह क़तई नहीं था कि श्रीलंका या बांग्लादेश की टीम बहुत कमज़ोर थी. दोनों टीमों ने कई मौक़ों पर जुझारुपन दिखाया.
लेकिन सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में ऑलराउंडरों से भरी टीम इंडिया अपने खेल के स्तर को इतने ऊँचे स्तर पर ले गई, जहां पहुँचना श्रीलंका या बांग्लादेश के लिए संभव नहीं था.
सबसे छोटे फ़ॉर्मेट में सबसे बड़ा कारनामा
सिरीज़ के तीसरे और आख़िरी टी-20 मैच में भारतीय बल्लेबाज़ों ने कई रिकॉर्ड बनाए.
मैच की पहली पारी में गेंद ज़मीन से ज़्यादा आसमान में रही.
20 ओवर के बाद जब भारतीय बल्लेबाज़ों का बांग्लादेश के गेंदबाज़ों पर क़हर रुका तो स्कोर बोर्ड पर लिखा था- छह विकेट पर 297 रन.
सुनील गावस्कर ने कहा, 'ये तो कत्लेआम है!'
टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिये मान्यता प्राप्त 12 देशों में से कोई भी इतना बड़ा स्कोर नहीं बना पाया है.
हालाँकि नेपाल ने पिछले साल एशियाड खेलों में मंगोलिया के विरुद्ध तीन विकेट पर 314 रनों का रिकॉर्ड स्कोर खड़ा किया था.
बाउंड्री की बरसात के बीच वर्ल्ड रिकॉर्ड
भारतीय पारी में 22 चौके और 25 छक्के देखने को मिले. यानी 47 बार गेंद सीमा रेखा के पार गई जो एक नया विश्व रिकॉर्ड है.
इससे पहले साल 2019 में चेक गणराज्य की टीम ने टर्की के ख़िलाफ़ 43 बाउंड्री लगा कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था.
शांत और सौम्य नज़र आने वाले संजू सैमसन आज बेहद आक्रामक मूड में थे.
यह उनका पसंदीदा मैदान भी था. लेग स्पिनर रिशाद हुसैन के एक ओवर में सैमसन ने पाँच छक्के जमाए. पहले 50 रन जहां 22 गेंदों पर बनाए तो अगले 50 रन सिर्फ़ 18 गेंदों में बना डाले.
सिर्फ़ 40 गेंदों पर शतक बनाकर संजू ने धमाल मचा दिया. इस पल ने संजू को भावुक बना दिया. कुछ क्षण के लिए संजू मौन हो गए. उनकी ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.
संजू संभले तो कप्तान सूर्यकुमार यादव के गले मिले जिन्होंने पीठ थपथपा कर उन्हें शाबाशी दी. डग आउट में बैठे सभी साथी खिलाड़ी के साथ कोच गौतम गंभीर ने भी खड़े होकर उनका अभिवादन किया.
केरल के इस नौजवान ने अपने करियर में बहुत उतार-चढ़ाव देखा है. सिरीज़ के पहले दो मैचों में नाकामी के बाद उन पर करो या मरो का दबाव भी था.
रिकॉर्ड की बरसात
संजू सैमसन ने अपनी पारी में रिकॉर्ड की बौछार कर दी.
टेस्ट खेलने वाले देशों में सबसे तेज़ शतक बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज़ भी बन गए.
दक्षिण अफ़्रीका के डेविड मिलर और रोहित शर्मा 35 गेंदों में शतक बना चुके हैं. अपने टी-20 करियर के पहले शतक के दौरान संजू सैमसन ने 11 चौके और आठ छक्के जमाए.
संजू ने सिर्फ़ 47 गेंदों पर 111 रन की तूफ़ानी पारी खेली. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट रहा 236.17.
क्रिकेट के सबसे छोटे स्वरूप में शतक बनाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर भी बन गए.
संजू सैमसन का कहना था, “देश के लिए खेलते हुए, आप बहुत दबाव के साथ आते हैं. वह दबाव था, मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता था. मैं ख़ुद को याद दिलाता रहा कि मुझे अपने बेसिक्स पर टिके रहना चाहिए."
"पिछली सिरीज़ में मैं दो बार शून्य पर आउट हुआ. लेकिन टीम मैनेजमेंट ने मेरा समर्थन किया. पिछले कुछ समय से मेरे मेंटर बार-बार कह रहे थे कि मैं एक ओवर में 5 छक्के लगा सकता हूं. मैं कुछ ऐसा करने की कोशिश कर रहा था. मैं उसका पीछा कर रहा था और आज हो ही गया.”
लगातार दो सिरीज़ जीत में कप्तानी की छाप
संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव के बीच 70 गेंदों पर 173 रनों की ताबड़तोड़ साझेदारी हुई. यादव ने महज़ 35 गेंदों पर 75 रनों की धमाकेदार पारी में आठ चौके और पाँच छक्के मारे. बांग्लादेश के गेंदबाज़ों के लिए सिर छुपाना भारी पड़ रहा था.
इसके साथ ही, अपने नायाब शॉट्स के लिए मशहूर यादव अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट में सबसे तेज़ 2500 रन बनाने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी भी बन गए हैं.
जहां विराट कोहली 68 पारियों में इस मुक़ाम तक पहुंचे, वहीं यादव की 71 पारियों में यह यात्रा उनके तेज़ी से रन बनाने की क्षमता को रेखांकित करती है.
2,500 रन तक पहुंचने का महत्व सिर्फ संख्या में नहीं है, बल्कि इस बात में भी है कि उन्होंने इस धारणा को कैसे नया आयाम दिया कि एक टी20 बल्लेबाज़ क्या हासिल कर सकता है.
मार्च 2021 में अपने पदार्पण के बाद से उन्होंने कमोबेश अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखी है.
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने पहले श्रीलंका और अब बांग्लादेश का सफ़ाया कर दिया. यादव को साल 2026 टी-20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए कप्तानी की बागडोर सौंपी गई है.
सूर्यकुमार ने अपनी बल्लेबाज़ी और कप्तानी से चयनकर्ताओं को निराश नहीं किया है. श्रीलंका में सिरीज़ में सबसे ज़्यादा रन बनाए और इस बार संजू सैमसन के 150 और हार्दिक पांड्या के 118 रन के बाद सूर्य 112 रनों के साथ तीसरे नंबर पर रहे.
लौटते हैं मैच पर. रेयान पराग ने 14 गेंद पर 34 रन की कैमियो पारी खेली. हार्दिक पांड्या ने सिर्फ़ 18 गेंदों पर 47 रन बना कर एक बार फिर साबित किया कि इस फ़ॉर्मेट के वह कितने अहम खिलाड़ी हैं.
ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान पांड्या ने पहले मैच में नाबाद 39 और दूसरे में 32 रनों की पारी खेली थी. पांड्या ने सिरीज़ में 118 रन बनाए और साथ में किफ़ायती गेंदबाज़ी भी की.
उन्हें प्लेयर ऑफ़ द सिरीज़ चुना गया. उन्होंने कहा, “कप्तान और कोच ने टीम को जिस तरह की आज़ादी दी है - वह शानदार है.”
भारत की तीसरी सबसे बड़ी जीत
298 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेहमान बांग्लादेश की टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. मयंक यादव ने पारी की पहली ही गेंद पर परवेज हुसैन को आउट कर दिया.
चौथे ओवर में तंज़िद हसन भी पवेलियन लौट गए. दो विकेट गंवाने के बाद भी बांग्लादेश के बल्लेबाज़ों ने तेज़ी से रन बनाना जारी रखा. टीम ने 8.1 ओवर में ही 100 का आंकड़ा छू लिया था.
लिटन दास और तौहिद हृदोय शानदार साझेदारी करके आगे बढ़ रहे थे लेकिन फिर रवि बिश्नोई ने 3 विकेट लेकर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर केवल 164 रन ही बना पाई. भारत की तरफ से बिश्नोई ने 3 विकेट लिए जबकि मयंक यादव ने भी 2 विकेट झटके. भारत ने 133 रन से मैच जीत लिया.
रनों के लिहाज़ से भारत की टी-20 में तीसरी सबसे बड़ी जीत रही.
टीम इंडिया इस साल सबसे ज़्यादा टी-20 मैच जीतने वाली टीम बन गई है. भारत ने अब तक 21 मैच जीते हैं.
मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, ''हमने एक टीम के तौर पर बहुत कुछ हासिल किया है. मैं अपनी टीम में निस्वार्थ क्रिकेटरों को शामिल करना चाहता हूँ. हम एक निस्वार्थ टीम बनना चाहते हैं."
"हम मैदान पर और मैदान के बाहर एक-दूसरे के प्रदर्शन का लुत्फ़ उठाना चाहते हैं, जितना संभव हो उतना समय बिताना चाहते हैं और यह सौहार्द मैदान पर भी बना रहता है और हम इसका लुत्फ़ उठाते हैं. टीम के बारे में बातचीत कुछ ऐसी ही रही है, गौती भाई ने भी सिरीज़ की शुरुआत में यही कहा था और जब हम श्रीलंका गए थे तब भी, टीम से बड़ा कोई नहीं है.''
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)