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हरमनप्रीत की आतिशी पारी ने भारत की सेमीफ़ाइनल की उम्मीदों को ज़िंदा रखा है
- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
भारतीय टीम आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप में सेमीफाइनल की संभावनाओं में सुधार कर रही है. उन्होंने ग्रुप ए में श्रीलंका को 82 रन से हराकर चार अंकों के साथ अपने को ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया है.
भारत की इस शानदार जीत से नेट रन रेट में ज़बर्दस्त सुधार हुआ है. अब वह ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा सर्वश्रेष्ठ नेट रन रेट करने में सफल हो गई है. उनका रन रेट अब 0.576 हो गया है.
इस ग्रुप की स्थितियों को देखकर सेमीफाइनल की टीमों के फैसले में नेट रन रेट अहम हो सकता है.
भारत का अब 13 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया से आखिरी और सबसे अहम मुकाबला होने जा रहा है. भारत अगर यह मैच जीत जाता है, तो सेमीफाइनल में स्थान मिल जाएगा. इसके अलावा न्यूज़ीलैंड अगर अपने आखिरी दो मैचों में पाकिस्तान या श्रीलंका से हार जाती है तो भी भारत की राह आसान हो जाएगी.
पावरप्ले में ही तय हो गई जीत
भारत ने पावरप्ले के छह ओवरों में 28 रन पर तीन विकेट निकालकर अपने को जीत की राह पर डाल दिया था. इन आउट होने वाले खिलाड़ियों में इस साल जुलाई माह में महिला टी20 एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वालीं कप्तान चमारी अटापट्टू और हर्षिता समरविक्रमा के विकेट शामिल हैं.
चमारी अटापट्टू को हमेशा ही भारत के खिलाफ रन बनाने वाली खिलाड़ी के रूप में जाना जाता है.
श्रेयांका पाटिल ने गेंद को घुमाने के साथ आगे डालने का जोखिम उठाया और इसका फायदा उन्हें चमारी अटापट्टू को स्लिप में दीप्ति शर्मा के हाथों लपकवाकर उठाया.
समरविक्रमा को रेणुका ठाकुर ने विकेट के पीछे कैच कराया. वहीं तीसरे पायदान पर आउट होने वालीं विष्मी गुणारत्ने रहीं. उनकी पारी का अंत रेणुका की गेंद पर राधा के शानदार कैच से हुआ.
श्रीलंका शुरुआत में लगे झटकों से कभी उभर नहीं सकी और उनकी पारी 173 रनों के लक्ष्य के जवाब में 19.5 ओवरों में 90 रनों पर सिमट गई.
हरमनप्रीत की आतिशी पारी रही जीत में अहम
स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के चमारी की लगातार दो गेंदों पर आउट हो जाने पर भारत थोड़ी दिक्कत में नज़र आने लगा था. पर हरमनप्रीत कौर ने जेमिमा रॉड्रिग्ज़ के साथ तेज़ी से रन बनाने का सिलसिला बनाए रखकर श्रीलंका के गेंदबाज़ों को हावी होने का कोई मौक़ा नहीं दिया.
हरमनप्रीत के खेलने के दौरान श्रीलंका के गेंदबाज़ों को समझ में नहीं आ रहा था कि गेंद को डालें तो कहां, क्योंकि वह अपनी मनमर्ज़ी से खुलकर शॉट खेलकर तेज़ गति से रन बना रही थीं.
हरमनप्रीत के आने से पहले श्रीलंकाई फील्डर चौका लगाने से बल्लेबाज़ों को रोकने में सफल रहे थे. पर हरमन ने शॉट तेज़ खेलने के साथ गैप्स को बहुत ही अच्छा इस्तेमाल किया.
हरमनप्रीत ने पारी की आखिरी गेंद पर चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया. इस अर्धशतक की खूबी यह रही कि एक तो सही समय पर आया और यह सिर्फ 27 गेंदों में पूरा हो गया. हरमनप्रीत ने 192 से ज़्यादा की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी करके आठ चौके और एक छक्का लगाया.
हरमनप्रीत की जेमिमा के साथ साझेदारी तो 30 रन की ही बनी पर इस साझेदारी ने तेज़ रफ्तार को बनाए रखा. जेमिमा ने शुरुआत से ही जोखिम भरे शॉट खेले, इससे वह खतरे में भी पड़ीं पर वह 10 गेंदों में 16 रन बनाकर टीम की लय को बनाए रखने में सफल रहीं.
स्मृति और शेफाली ने जमाई पारी
भारत के पहले दो मैचों में मुख्य समस्या स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा का लय में नहीं खेल पाना था. पर यह जोड़ी इस मैच में पूरी रंगत में खेलती नज़र आई. यह जोड़ी शतकीय साझेदारी करने से दो रन से ज़रूर चूक गई. पर वह टीम को मज़बूत शुरुआत दिलाने में ज़रूर सफल रही.
स्मृति और शेफाली दोनों ने ही बहुत ही सतर्कता के साथ खेल की शुरुआत की. उन्होंने पहले दो ओवरों में कोई भी जोखिम भरा शॉट खेलने के बजाय पहले निगाहें जमाने का प्रयास किया. इसलिए पहले दो ओवर में 10 रन दौड़कर लिए.
भारतीय बल्लेबाज़ों ने पहले दो मैचों में विकेट के बीच दौड़कर रन बनाने में कोताही बरती थी. पर इस जोड़ी ने शुरुआत में दिखा दिया कि वह ऐसा करने में भी सक्षम हैं.
शेफाली थोड़ा पहले खुलकर खेलनी लगीं पर स्मृति को खुलकर खेलने में थोड़ा समय लगा. पहले पांच ओवरों में भारत के बने 30 रनों में स्मृति मंधाना ने सिर्फ छह रन जोड़े थे. पर वह छठे ओवर में पहला चौका लगाकर खुलीं और आठवें ओवर में वह 33 रन तक पहुंचकर शेफाली को पीछे छोड़ने में सफल हो गईं.
शेफाली भले ही अर्धशतक पूरा करने से 7 रन से चूक गईं. पर उनकी 43 रन की पारी ने भी भारत को मज़बूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.
स्मृति का श्रीलंका के खिलाफ लगातार दूसरा अर्धशतक
स्मृति मंधाना ने इस साल जुलाई के आखिर में श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप के फाइनल में 60 रनों की पारी खेली थी.
स्मृति ने 38 गेंदों में 131 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से खेलकर चार चौके और एक छक्का लगाया. स्मृति के खेलने के अंदाज़ से लग रहा था कि वह पहले दो मैचों के खराब प्रदर्शन की भरपाई करने के इरादे से उतरी हैं. उन्होंने ऑफ साइड कुछ दर्शनीय ड्राइव लगाकर मन मोह लिया.
स्मृति का अर्धशतक पूरा होने के बाद जब लग रहा था कि उनकी रनों की आतिशबाज़ी और दिखेगी पर तब ही वो दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से रन आउट हो गईं.
गेंदबाज़ों की भी रही जीत में अहम भूमिका
भारतीय गेंदबाज़ों ने इस मैच में जिस लय के साथ गेंदबाज़ी की, वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के लिए अच्छा संकेत है. खासतौर से लेग स्पिनर आशा शोभना का रंगत में आना बहुत मायने रखता है.
उन्होंने अपनी गेंदबाज़ी में गुगली का बहुत अच्छा इस्तेमाल करके 19 रनों पर तीन विकेट निकाले.
अरुंधति रेड्डी ने लगातार दूसरे मैच में बेहतरीन गेंदबाज़ी का प्रदर्शन किया और पिछले मैच की तरह तीन विकेट निकाले.
इसके अलावा रेणुका ठाकुर और श्रेयांका पाटिल लगातार अपनी गेंदबाज़ी से प्रभावित कर रही हैं.
श्रीलंका की रणनीति नहीं हुई कामयाब
श्रीलंका ने भारत की पूरी पारी के दौरान पेस गेंदबाज़ से सिर्फ दो ओवर फिकवाए. उन्होंने पावरप्ले में स्पिनरों से गेंदबाज़ी करके स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की नकेल कसने की योजना बनाई. श्रीलंकाई कप्तान जानती थीं कि भारत के दोनों ओपनर स्पिनरों के खिलाफ खेलने में थोड़ी दिक्कत महसूस करते हैं. श्रीलंका के स्पिनरों ने काफी धीमी रफ्तार से गेंदबाज़ी की, ताकि गेंद बल्ले पर ना आए. पर भारतीय ओपनरों ने जल्दबाज़ी करने के बजाय पहले गेंद पर निगाहें टिकाईं और फिर धीरे-धीरे अपनी पारी को गति प्रदान की. इससे श्रीलंका की रणनीति कामयाब नहीं हो सकी.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित