कामिन्दु मेंडिस: डॉन ब्रैडमैन की बराबरी और विनोद कांबली-सऊद शकील के रिकॉर्ड तोड़ने वाले

    • Author, मिर्ज़ा एबी बेग
    • पदनाम, बीबीसी उर्दू दिल्ली

श्रीलंकाई टेस्ट बल्लेबाज़ कामिन्दु मेंडिस ने शुक्रवार को अपनी 182 रन की नाबाद पारी से कई रिकॉर्ड तोड़े और कई रिकॉर्ड की बराबरी की.

उनकी इस उपलब्धि पर उनके साथ के खिलाड़ी एंजेलो मैथ्यूज़ ने कहा कि अभी तो उन्होंने उड़ान भरी है, आगे-आगे देखिए होता है क्या. कामिन्दु मेंडिस शुक्रवार से ही सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं.

जब कामिन्दु मेंडिस ने अपने आठवें टेस्ट मैच में लगातार आठवीं बार 50 रन का स्कोर पार किया, तो उन्होंने पाकिस्तान के बल्लेबाज़ सऊद शकील के लगातार सात टेस्ट मैचों में सात अर्धशतकों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया.

वैसे सऊद शकील का ये रिकॉर्ड सऊद शकील के प्रशंसकों और टेस्ट क्रिकेट के आंकड़ों पर पैनी नज़र रखने वालों के दिमाग़ में ज़रूर होगा.

और फिर जब 25 वर्षीय श्रीलंकाई ने शतक बनाया, तो वह पहले आठ टेस्ट मैचों में पांच शतक बनाने वाले पहले एशियाई क्रिकेटर बन गए और उन्होंने महान बल्लेबाज़ सर डॉन ब्रैडमेन के रिकॉर्ड की बराबरी की जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट की अपनी पहली 13 पारियों में पांच शतक लगाए थे.

वैसे तो पहले पांच शतकों के मामले में वेस्टइंडीज़ के एवर्टन वीक्स सबसे आगे हैं, जिन्होंने अपने करियर की पहली दस पारियों में पांच शतक लगाए थे. लेकिन इस युवा खिलाड़ी की उपलब्धि बहुत अहम है.

वीक्स के अलावा हर्बर्ट सटक्लिफ और रॉबर्ट हार्वी ने 12 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की है जबकि सर डॉन ब्रैडमैन और कामिन्दु मेंडिस ने 13 पारियों में यह सम्मान हासिल किया है.

सबसे कम पारियों में पांच शतकों का रिकॉर्ड

अगर एशिया के मामले में देखा जाए तो उन्होंने सबसे कम पारियों में पांच शतक लगाने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. यह रिकॉर्ड पहले पाकिस्तान के बल्लेबाज़ फ़वाद आलम के नाम था जिन्होंने 22 पारियों में यह कारनामा किया था.

फिर जब कामिन्दु मेंडिस ने छक्के के साथ अपने 1000 रन पूरे किए तो उन्होंने एक और इतिहास रच दिया. उन्होंने भारतीय बल्लेबाज़ विनोद कांबली का रिकॉर्ड तोड़ दिया और वो एशिया के पहले बल्लेबाज़ बन गए जिन्होंने सिर्फ़ 13 पारियों में 1000 से ज़्यादा रन बनाए.

विनोद कांबली ने ये कारनामा 14 पारियों में किया था.

इसके साथ ही उन्होंने सर डॉन ब्रैडमैन के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली, जिन्होंने 13 पारियों में 1000 रन पूरे किए थे, लेकिन इस दौरान उन्होंने केवल सात टेस्ट मैच ही खेले थे.

लेकिन पारियों की बात करें तो सटक्लिफ और वीक्स ने 1000 रन 12 पारियों में बनाए हैं लेकिन उन्होंने नौ टेस्ट मैचों में यह कारनामा किया है.

कामिन्दु मेंडिस के बाक़ी रिकॉर्ड

30 सितंबर 1998 को श्रीलंका के गॉल शहर में जन्मे कामिन्दु मेंडिस ने 8 जुलाई 2022 को ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ अपने घरेलू मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया. वो छठे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आए और 61 रन बनाए.

तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ सिलहट में खेले गए टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक (102 और 164 रन) बनाया. फिर चटगांव में बांग्लादेश के ख़िलाफ़ अगले मैच में उन्होंने नाबाद 92 और 9 रन बनाए.

उनका अगला मैच मैनचेस्टर में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ था जिसमें उन्होंने पहली पारी में 12 रन बनाए और दूसरी पारी में शतक (134) बनाया.

लॉर्ड्स के मैच में 74 और चार रन बनाए जबकि ओवल में 64 रन बनाए. फिर उन्होंने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ घरेलू सिरीज़ के पहले टेस्ट की पहली पारी में 114 रन बनाए, उसके बाद दूसरी पारी में 13 रन बनाए और फिर गॉल में अपने आठवें टेस्ट में नाबाद 182 रन बनाए.

एंजेलो मैथ्यूज़ ने कहा कि कामिन्दु मेंडिस अपने दोहरे शतक से चूक गए और वह भी इसलिए क्योंकि यह पहले से ही तय था कि टी ब्रेक के समय पारी घोषित कर दी जाएगी.

मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए मैथ्यूज़ ने कहा, “कामिन्दु, अभी अभी तो उन्होंने उड़ान भरी है. उन्होंने अब तक जो आठ मैच खेले हैं उनमें अविश्वसनीय प्रदर्शन किया है.”

उन्होंने कहा, “बहुत ख़ुशी हुई कि हममें से एक तमाम रिकॉर्ड तोड़ रहा है. उनका प्रदर्शन अविश्वसनीय है, उनके पास कौशल है, उनके पास खेलने का एक तरीक़ा है, उनमें हिम्मत है, उनके पास वह सब कुछ है जो एक बल्लेबाज़ और क्रिकेटर को चाहिए.”

अपना 113वां मैच खेल रहे मैथ्यूज़ ने कहा, “उनकी परिपक्वता उनकी उम्र पर निर्भर करती है. हममें से कोई भी उस तरह का काम नहीं कर पाया जैसा उन्होंने अपने करियर के इस पड़ाव पर किया है. निश्चित रूप से मैंने हाल के वर्षों में जितने बेहतरीन बल्लेबाज देखे हैं वो उनमें से एक हैं.”

सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं लोग

सोशल मीडिया पर लोग कामिन्दु की तारीफ़ कर रहे हैं और उनके रिकॉर्ड को पेश कर रहे हैं. कोई उनकी तुलना सर डॉन ब्रैडमैन से कर रहा है तो कोई सुनील गावस्कर से, जिन्होंने पहले आठ टेस्ट मैचों में चार शतक और पांच अर्धशतक लगाए थे.

कोई उनके रिकॉर्ड को उन खिलाड़ियों के साथ तुलना कर रहा है जिन्होंने उनसे पहले ये कारनामा किया है. कोई उन्हें अविश्वसनीय बता रहा है तो कोई महान.

कुछ लोग कह रहे हैं कि क्रिकेट के 147 साल के क्रिकेट इतिहास में कामिन्दु मेंडिस ने जो कारनामा किया है, वह कोहली और रोहित शर्मा भी नहीं कर पाए हैं.

कोई बल्लेबाज़ी औसत की बात कर रहा है और कह रहा है कि कामिन्दु मेंडिस का बल्लेबाज़ी औसत अभी भी सर डॉन ब्रैडमैन से पीछे है.

हालाँकि, कामिन्दु मेंडिस, जो सातवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करते थे, अब पांचवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने लगे हैं और अगर उनका यही फॉर्म जारी रहा तो उनकी स्थिति में और बढ़ोतरी होगी.

हालाँकि कामिन्दु मेंडिस एक बल्लेबाज़ हैं, लेकिन वह अपनी गेंदबाजी के लिए भी चर्चित हैं क्योंकि वह दोनों हाथों से अच्छी गेंदबाजी कर लेते हैं.

वो जब 16 साल के भी नहीं हुए थे तब उन्होंने श्रीलंका की अंडर-19 टीम में अपनी जगह बनाई थी और फिर 2018 के अंडर-19 विश्व कप में श्रीलंका की कप्तानी की थी.

2018 में उन्हें श्रीलंका की टी-20 टीम में चुना गया था, जबकि 2019 में वनडे में उनका चयन हुआ था और फिर साल 2022 में उन्होंने टेस्ट टीम में जगह बनाई थी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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