आईपीएल को क्या टक्कर दे पाएगा अमेरिका का मेजर लीग क्रिकेट?

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- Author, बेन ब्लूम
- पदनाम, बीबीसी स्पोर्ट
कई वायदों और घोषणाओं के बाद आख़िरकार अमेरिका में प्रोफ़ेशनल क्रिकेट की शुरुआत के आसार नज़र आ रहे हैं.
अमेरिका में आईपीएल की तर्ज पर मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) की शुरुआत हो रही है और माना जा रहा है कि ये क्रिकेट में एक नया क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है.
कहा ये भी जा रहा है कि ये लीग आईपीएल को कड़ी टक्कर दे सकती है.
टूर्नामेंट का पहला मैच गुरुवार, 13 जुलाई को होने जा रहा है.
बीबीसी ने इस बहुचर्चित प्रतियोगिता के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की है.
क्या है एमएलसी और कैसे काम करेगा?

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अमेरिका में हालिया क्रिकेट का इतिहास मुंहज़बानी वायदों और ऐसी असफल कोशिशों से भरा रहा है जो बिना उपस्थिति दर्ज कराए ग़ायब हो गए.
लेकिन एमएलसी पिछली घोषणाओं जैसी गति प्राप्त नहीं होना चाहेगा.
शायद यही संदेश देने के लिए इस साल के शुरू में प्लेयर ड्राफ़्ट के उद्घाटन के लिए नासा के मशहूर ह्यूस्टन स्पेस सेंटर का चुनाव किया गया था.
इस टूर्नामेंट में 19 मैचों के शुरुआती सेशन में छह टीमें होंगी- एमआई न्यूयॉर्क, टेक्सस सुपर किंग्स, लॉस एंजेल्स नाइट राइडर्स, सिएटल ऑर्कास, सैन फ़्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स और वॉशिंगटन फ़्रीडम.
टी-20 फ़ार्मेट के इस टूर्नामेंट की अवधि है- ढाई हफ़्ते.
हालांकि अमेरिका, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) का एसोसिएट सदस्य है, लेकिन इनके बीच होने वाले मैचों में खिलाड़ी के स्कोर उसके आधिकारिक टी-20 घरेलू करियर के आंकड़ों में नहीं जुड़ेंगे.
दिलचस्प है कि मैच की जगह का टीम के नाम से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि क्रिकेट स्टेडियम बहुत कम हैं और टेक्सास में ग्रांड प्रेयरी के बेसबाल स्टेडियम को इसके लिए बदला गया है या नॉर्थ कैरोलिना के मारिसविले के छोटे स्टेडियम का इस्तेमाल किया जाएगा.

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एमएलसी टूर्नामेंट के डायरेक्टर जस्टिन गीएल का कहना है, “स्थानीय प्रशंसकों की संख्या बढ़ाने के लिए सिर्फ दो जगहों पर मैच कराना कोई बहुत आदर्श स्थिति नहीं है.”
उनका कहना है कि अगले साल से हर सेशन में 30 मैचों का प्रावधान होगा. हमें सैन फ़्रांसिस्को से भी न्योता मिल चुका है.
वो कहते हैं, “उम्मीद है कि अगले तीन से पांच सालों में 20,000 दर्शक क्षमता के 10 स्टेडियम तैयार हो जाएंगे.”
लेकिन शुरुआती ढांचागत समस्याओं से इस लीग की ओर अच्छे खिलाड़ियों के आने पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ेगा.
इंग्लैंड से आने वाले प्रतिनिधियों में सिर्फ दो नाम हैं- 2019 की वर्ल्ड कप विजेता टीम इंग्लैंड के सदस्य जैसन रॉय और लियाम प्लंकेट.
समझा जाता है कि एशेज़ में शामिल होने के फ़ैसले के पहले मोइन अली के बारे में भी एमएलसी ने विचार किया था.
अन्य खिलाड़ियों में अफ़ग़ानिस्तान के राशिद ख़ान, दक्षिण अफ़्रीका के फ़ाफ़ डू प्लेसिस, क्विंटन डी कॉक और कैगिसो रबाडा, वेस्ट इंडीज़ के सुनील नारायन, किरोन पोलार्ड और आंद्रे रसेल और आस्ट्रेलिया की जोड़ी मार्कस स्टोइनिस और एरोन फ़्रेंच का नाम शामिल है.

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एमएलसी में इतने बड़े बड़े नाम कैसे जुड़े?
कहा जा रहा है कि खिलाड़ियों को अच्छा ख़ासा पैसा ऑफ़र किया गया.
भारत का सबसे बड़ा मीडिया घराना द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ग्रुप इस टूर्नामेंट का सह-संस्थापक है, जिसने शुरुआती फ़ंडिंग के लिए कुछ प्रभावी बैंकरों के मार्फ़त 12 करोड़ डॉलर की राशि जुटाई, जिसमें माइक्रोसॉफ़्ट चीफ़ एक्जीक्यूटिव सत्या नडेला का नाम भी शामिल है.
इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) क्लबों के मालिकों- कोलकाता नाइट राइडर्स, मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स का एमएलसी की चार टीमों में हिस्सेदारी है. बाकी दो टीमों में ऑस्ट्रेलिया के प्रांतीय संघ, क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स और क्रिकेट विक्टोरिया की हिस्सेदारी है.
जस्टिन का कहना है, “आईपीएल टीमों के साथ आने से हमारी साख भी बढ़ेगी और खिलाड़ियों व कोचिंग स्टाफ़ तक पहुंच के साथ घरेलू खिलाड़ियों के लिए अच्छे मौके भी मिलेंगे.”
उनके मुताबिक, “शुरुआती फ़ंड रेज़िंग में कुछ हाई नेट वर्थ (एचएनडब्ल्यू) श्रेणी के लोग भी हैं, जिनमें कुछ सिलिकॉन वैली के बहुत सफल लोग हैं, जिनकी बिज़नेस के मामले में महारत है.”
छह टीमों में हरेक के पास खर्च करने को 11.5 लाख डॉलर राशि होती है, जिसमें वो 15 से 18 खिलाड़ी खरीद सकते हैं.
एमएलसी में इस सीज़न के लिए जैसन रॉय को 1.5 लाख पाउंड मिलेंगे जबकि इंग्लैड कांट्रैक्ट से उन्हें सालाना 60-70 हज़ार पाउंड ही मिलते थे.

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क्या ये आईपीएल जैसा ही है?
भारतीय मालिकों, भारतीय सह संस्थापकों और आईपीएल फ़्रेंचाइज़ी के द्वारा नियुक्त बैकरूम स्टाफ़ के कारण ऐसा माना जा सकता है कि एमएलसी दुनिया के सबसे चमक-दमक वाले क्रिकेट लीग आईपीएल का ही एक छोटा वर्ज़न है.
जस्टिन कहते हैं, “इसमें कोई शक नहीं कि सच्चाई ये है कि व्यावसायिक रूप से भारत ही क्रिकेट जगत का केंद्र है. लेकिन हम एमएलसी को अमेरिकन ब्रांड बनाने की कोशिश कर रहे हैं. ”
ये मैच शाम को खेले जाएंगे और विदेशों में टेलीविज़न दर्शकों के बजाय घरेलू बाज़ार को देखते हुए ये निर्णय लिया गया है. हालांकि ब्रिटेन में सैटेलाइट चैनलों पर इन मैचों को दिखाया जाएगा.
टेक्सास सुपर किंग्स और एल नाइट राइडर्स के बीच मैच के सभी टिकट बिक चुके हैं.
जस्टिन ने कहा, “हम नए लोगों तक पहुंच के लिए स्थानीय स्कूलों और क्लबों से संपर्क साध रहे हैं. हालांकि हम व्यावहारिक हैं और हमें पता है कि हर शाम फुल स्टेडियम नहीं होंगे. स्टेडियम की क्षमता 7,000 है और हम स्थानीय लोगों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.”
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ये कितना बड़ी बात है?
इस लीग को बनाने में तीन साल लगे. इसके पीछे एक मज़बूत वित्तीय सपोर्ट है और शानदार रोस्टर बनाया गया है, लेकिन फ़्रैंचाइजी लीग मार्केट में पहले से ही मारा-मारी है, इसलिए एमएलसी कितना सफल होगा, इसपर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता.
हालांकि अमेरिका के स्टार पेस बॉलर अली ख़ान कहते हैं, “मुझे लगता है कि आईपीएल के बाद ये दूसरी सबसे बड़ी लीग होगी. क्योंकि यहां बाज़ार है, स्पांसर हैं, पैसा है. ये बहुत बड़ा देश है. काफ़ी अवसर हैं. ये हमारे लिए ज़िंदगी बदलने वाला है.”
अभी हाल ही में अमेरिकी क्रिकेट टीम बीते दो दशकों में पहली बार क्रिकेट वर्ल्ड कप क्वालीफ़ायर में पहुंची है. उम्मीद है कि ये टूर्नामेंट घरेलू क्रिकेट को विकसित करने में मदद करेगा.
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