'मेड इन हेवन 2' वेब सीरीज़ में दलित और मुसलमान किरदार को लेकर क्यों छिड़ा है विवाद?

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- Author, मधु पाल
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
जानी-मानी निर्देशक और निर्माता ज़ोया अख़्तर और रीमा कागती की वेब सिरीज़ 'मेड इन हेवन 2' अमेज़न प्राइम पर है और इन दिनों खूब सुर्ख़ियों में है.
जहाँ पाँच सालों बाद आये इस शो के दूसरे सीज़न को दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं, वहीं इसे लेकर कई तरह के विवाद भी हो रहे हैं.
एक तरफ़ लेखिका याशिका दत्त ने निर्माताओं पर आरोप लगाए हैं वहीं सीरीज़ में मुस्लिम पात्रों के चित्रण को लेकर भी सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं.
'मेड इन हेवन' की ही तरह ही 'मेड इन हेवन 2' की भी कहानी तारा खन्ना और करण मेहरा के ईद-गिर्द घूमती नज़र आती है. तारा का किरदार अभिनेत्री शोभिता धुलिपाला और करण मेहरा का किरदार अभिनेता अर्जुन माथुर ने निभाया है.
मेड इन हेवन के पहले सीज़न में दहेज, अंधविश्वास और यौन उत्पीड़न को केंद्र में रखा गया था लेकिन इस बार ये शो और आगे बढ़ते हुए रंगभेद, जातिगत पूर्वाग्रह, बहुविवाह और घरेलू हिंसा पर खुलकर बात करता है.
शो में दो नए पात्र जोड़े गए हैं. पहला है बुलबुल जौहरी का जो निभाया है मोना सिंह ने और दूसरा ट्रांस डॉक्टर से अभिनेता बनीं त्रिनेत्रा हलदर गुम्माराजू जो मेहक का किरदार निभाती हैं.

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क्या है विवाद
लेखिका याशिका दत्त ने आरोप लगाया था कि ज़ोया अख्तर और उनकी टीम ने 'मेड इन हेवन 2' में दिखाई गई कहानी में 'द हार्ट स्किप्स ए बीट' एपिसोड में राधिका आप्टे का जो किरदार है वो उनकी असल ज़िंदगी पर आधारित है.
उनकी कहानी को उनकी किताब 'कमिंग आउट एज़ दलित' से लिया गया है.
लेकिन निर्देशक नीरज घेवान ने इस पर आपत्ति जताते हुए एक बयान जारी कर कहा, "हम लेखिका याशिका दत्त से जुड़ी मिसलीडिंग रिपोर्टों और कमेंट्स से बहुत परेशान हैं, जो 'मेड इन हेवन-2' में अपने 'योगदान' के लिए औपचारिक श्रेय का दावा कर रही हैं."
उन्होंने कहा, "यह शो वेडिंग प्लानर्स और रिमार्केबल ब्राइड्स के इर्द-गिर्द घूमता है, जो हमारे समाज में मौजूद घिसी-पिटी बातों को गहराई से चुनौती देता है.
उन्होंने कहा, "एपिसोड 5- 'द हार्ट स्किप्स ए बीट' में हम एक काल्पनिक कैरेक्टर पल्लवी मेनके (राधिका आप्टे) की ज़िंदगी के बारे में बताते हैं. टॉयलेट्स की सफाई की यह कहानी इसलिए शामिल की गई, क्योंकि यह एक सामान्य इतिहास है जो बार-बार हमारे सामने आता है."
'मेड इन हेवन 2' को लेकर दूसरा बड़ा विवाद मुस्लिम पात्रों के चित्रण को लेकर है.
दीया मिर्ज़ा द्वारा निभाए गए शहनाज़ के किरदार को लेकर लोग सवाल कर रहे हैं कि क्यों फ़िल्मों में मुस्लिमों के क़िरदार को ठीक से नहीं पेश किया जाता?
क्या कभी एक मुस्लिम महिला कैरेक्टर को किसी ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखाएगी जो उत्पीड़ित नहीं हो? ये सवाल दीया मिर्ज़ा द्वारा निभाए गए शहनाज़ के किरदार को लेकर था.
एक एपिसोड में शहनाज़ अपने पति के कई वर्षों के बाद दोबारा शादी करने के फैसले से पूरी तरह आहत हो जाती है और अपनी ज़िन्दगी ख़त्म करने का फैसला करती है.
ज़ोया अख्तर ने अपनी पिछली सभी फ़िल्मों का ज़िक्र करते हुए लिखा, "लक बाय चांस में ज़फ़र ख़ान और तनवीर. दिल धड़कने दो में फराह अली. ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा में इमरान और लैला की कहानी, गली बॉय की कहानी में मुराद. मेड इन हेवन में सरफ़राज़ खान और लीला शिराजी, कबीर, फैजा और नवाब हैं.'

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'संवेदनशील मुद्दों को उठाया गया'
जेएनयू प्रोफेसर हरीश एस वानखेड़े ने बीबीसी से कहा, "मुझे ये वेब सीरीज तो बहुत अच्छी लगी. अभी तक जो भी पारंपरिक फिल्में आई हैं शादी और प्रेम प्रसंग पर आधारित थीं, उनसे ये काफी अलग है."
"इस वेब सीरीज़ में कई ऐसे टॉपिक पर बात की गई है जैसे कि लेस्बियन शादी, ओल्ड एज मैरिजस या दलित शादी जिन पर ज्यादा बातचीत नहीं होती है."
वो कहते हैं, "आप देखेंगे की इस सेकंड सीज़न में इन सारे विषयों को बहुत बेहतरीन तरीके से प्रदर्शित किया गया है. और ये सभी बहुत संवेदनशील मुद्दे हैं पर इन्हें बड़े बेहतरीन तरीके से रखा है."
"मुझे तो लगता है की अभी तक जिस तरह के कन्टेन्ट ओटीटी प्लेटफार्म पर आये हैं इन सबमें ये बहुत ही बौद्धिक और प्रगतिशील कन्टेन्ट माना जा सकता है."
दलित महिला किरदार
वानखेड़े कहते हैं कि शो में एक एपिसोड है जिसको नीरज ने डायरेक्ट किया है, उसमें जो एक पल्लवी मानके का कैरेक्टर है, जिसे राधिका आप्टे ने बड़े बेहतरीन तरीके से निभाया है वो कैरेक्टर बहुत ही दिलचस्प कैरेक्टर है.
एक ऐसे शिक्षित प्रोफेसर का किरदार है जो अमेरिका से पढ़ कर आई है और अमेरिकन एजुकेशन में रह रही है और जिसे कई पुरस्कार भी मिले हैं.
ऐसे दलित महिला के किरदार को गढ़ना और उसके बाद फिर उसका असल इशारा दिखाना कि वो सिर्फ पढ़ी लिखी नहीं है बल्कि अपनी सामाजिक पहचान को लेकर भी काफ़ी सचेत है, ये महत्वपूर्ण है.
अपनी सामाजिक पहचान को खुलेआम बताने का फैसला बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आमतौर पर इंटर कास्ट मैरिज में निचली जाति का पार्टनर अपनी जाति छिपाता है.
वानखेड़े कहते हैं कि इस एपिसोड मे जिस तरह का साहस उस दलित किरदार में दिखाया है ऐसा कैरेक्टर आम सिनेमा में नहीं दिखता है.

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राधिका आप्टे का किरदार
प्रो. वानखेड़े कहते हैं कि 'इससे पहले कई सारी फ़िल्म आई थीं जिसमें दलित महिला का किरदार है लेकिन इस वेब सीरीज में जो किरदार है वो उन सब से बहुत अलग और मिडल क्लास ओरिएन्टेड है. वो बहुत एस्पिरेशनल कैरेक्टर राधिका आप्टे का है जोआपको दिखाई देता है.'
"दलित महिला का विवाद याशिका दत्त ने उठाया है. वो कहती हैं कि ये शो उनकी लाइफ़ से इंस्पायर्ड है और डायरेक्टर को चाहिए था कि उनको उसका क्रेडिट दे पर उसका क्रेडिट उनको नहीं दिया गया. लेकिन मुझे नहीं लगता कि ये कोई बहुत बड़ा आरोप है. ये बात सही है कि ये सामाजिक मूल्य समाज से ही आते हैं. लाइफ़ से इन्स्पिरेशन लिया होगा लेकिन ये बोलना की वो सिर्फ़ मेरी लाइफ से इंस्पायर्ड है और इसीलिए उनको क्रेडिट मिलना चाहिए."
"मुझे लगता है ये थोड़ी जल्दी होगी क्योंकि ऐसी कई सारी लाइफ स्टोरीज़ ऑलरेडी दलित परिवारों में है. उनकी बच्चियां बेटे विदेशो में पढ़ते हैं और अच्छा काम करते हैं हमारे बीच ऐसे कई लोग हैं. ये एक नॉर्मल दलित की स्टोरी है. वो किसी एक खास व्यक्ति से मुखातिब नहीं हो सकती."
"ये एक नॉर्मल, एक प्रेरणादायक मिडिल क्लास लाइफ की महिला की स्टोरी है. तो वो कॉन्ट्रोवर्सी बिना मतलब की डिवेलप हो रही है. नीरज घेवान ने बहुत खूबसूरत और बहुत सुंदर काम किया है और उसका जो आर्टिस्टिक वैल्यू है वो वर्ल्ड क्लास है और इसीलिए इस वेब सीरीज़ में सात एपिसोड्स है. लेकिन सबसे ज़्यादा तारीफ़ इसी एपिसोड की हो रही है क्योंकि उसमें बहुत मैजिकल पावर है, जिसे बहुत क्रिएटिव और सुप्रीम तरीके से बनाई हुई है."
"ये वेब सीरीज़ इंग्लिश में बनी हुई है. इंग्लिश हिंदी मिक्स सीरीज़ है और उनका ऑडियंस टारगेट अपर मिडिल क्लास इंग्लिश स्पीकिंग ऑडियंस है और ये एक बहुत ही खूबसूरत, प्रोग्रेसिव, आर्टिस्टिक एक्स्प्रेशन है जिनके बारे में इन जर्नल बात नहीं करते हैं. मेनस्ट्रीम मीडिया अब ऐसे मुद्दों पर फ़िल्म या वेब शो बना रही है."

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'शो में ज़्यादा लव मेकिंग सीन की ज़रूरत नहीं थी'
फ़िल्म समीक्षक दिव्य सलगमा कहते हैं कि इस शो में उन सभी मुद्दों पर बात की है जिससे अक्सर हम बचने की कोशिश करते हैं. ऐसे मुद्दों पर कोई खुलकर बात करना पसंद नहीं करता और अगर फ़िल्म या शो बनाना हो तो वो किसी बड़े रिस्क से कम नहीं मानते.
"दलित महिला की अपनी पहचान वाला एंजेल तो है ही लेकिन ट्रांसजेंडर वाला एक पूरा सेगमेंट उन्होंने छेड़ा है. कह सकते हैं एक ही शो में इतने सारे मुद्दे उठाए हैं जो काबिले तारीफ है. दलित शादी प्रेजेंट करना और उसकी खूबसूरती दिखाना ये कितनी खूबसूरत बात है जो पहली बार देखने को मिलती है."
"बुद्धिज़म में शादी कैसे होती है, उसको किस तरह से कैप्चर किया गया है उसको लेकर लोग काफी ज्यादा खुश भी हैं और कुछ लोग नाराज़ भी हैं. मुझे लगता है कि लव मेकिंग सीन्स और कई सेक्शुअल सीन थोड़ा सा ज्यादा हो गया इसे इतना दिखाने की ज़रूरत नहीं थी. इस शो की कहानी अपने आप में इतनी सक्षम है की लोगों के दिल को छू ही लेगी उस पर लव मेकिंग सीन थोपने की ज़रूरत नहीं थी."
'मेड इन हेवन 2' अमेज़न प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है. सात एपिसोड्स की सीरीज़ में शोभिता धुलिपाला, अर्जुन माथुर, जिम सरभ, कल्कि केकला, राधिका आप्टे, पुलकित सम्राट, शशांक अरोड़ा जैसे किरदार अहम भूमिका में दिख रहे हैं.
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