बिलकिस बानो पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या दलील दी गई?- प्रेस रिव्यू

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बिलकिस बानो ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उनके बलात्कार के 11 दोषियों की सज़ा पूरी होने से पहले रिहाई के फ़ैसले को रद्द किया जाना चाहिए, ये लोग किसी उदारता के पात्र नहीं हैं.
कोलकाता से प्रकाशित अख़बार टेलिग्राफ़ ने इस ख़बर को प्रमुखता से जगह दी है.
बिलकिस बानो ने कोर्ट को बताया कि इन दोषियों ने उनका कई बार बलात्कार किया और उनके पूरे परिवार की हत्या कर दी थी, इसलिए सज़ा से पहले रिहाई के गुजरात सरकार के फ़ैसले को पलटा जाए.
बिलकिस बानो की वकील शोभा गुप्ता ने कहा, “घटना इतनी दर्दनाक थी कि बिलकिस आज भी पुरुषों का सामना करने से डरती हैं. भीड़ में या अजनबियों के आसपास नहीं रह सकतीं. वो अब तक उस ट्रॉमा से उबर नहीं पाई हैं. हमें लगा था कि न्याय मिल गया है, लेकिन फिर ये हो गया.”
“जब बिलकिस पाँच महीने की गर्भवती थीं तब उनके साथ कई बार गैंगरेप हुआ था. उनके दो बच्चे को पत्थर से कुचल कर मार डाला गया था. उनकी माँ और बहन का भी उनके सामने रेप किया गया.”
2002 के दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ गैंगरेप करने और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या करने के लिए 11 दोषियों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी. लेकिन गुजरात सरकार ने बीते साल 15 अगस्त को उन्हें रिहा कर दिया था.
बिलकिस बानो ने सीपीआई नेता सुभाषिनी अली, तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा के साथ मिल कर इस फ़ैसले को चुनौती दी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ अब सुनवाई कर रही है.
कोर्ट के सवालों का जवाब देते हुए शोभा गुप्ता ने कहा कि इस गिरोह ने 14 लोगों की हत्या कर दी थी और उचित पहचान के बाद सत्र अदालत ने 11 लोगों को इस मामले में दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगाई थी.

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बिलकिस की वकील ने कोर्ट से कहा, “अपराध की प्रकृति इतनी भयावह और क्रूर थी, गर्भवती होने पर बिलकिस के साथ गैंगरेप किया गया. बिलकिस की पहली बेटी को चट्टान पर पटक-पटक कर मार डाला गया. बिलकिस की माँ के साथ गैंगरेप किया गया और उनकी हत्या कर दी गई. चचेरी बहन के साथ भी गैंगरेप किया गया. याचिकाकर्ता के चार नाबालिग़ भाई-बहनों की हत्या कर दी गई थी.”
“बिलकिस अपनी बेटी के लिए उन लोगों के सामने गिड़गिड़ाती रहीं, इसलिए बिलकिस इन सभी दोषियों को पहचानती हैं क्योंकि ये सभी उसी इलाक़े के रहने वाले लोग हैं. वो लोग ख़ून के प्यासे थे, वे मुसलमानों का पीछा करते रहे, यह ऐसा मामला नहीं था जहाँ घटना अचानक घटी हो. चारों तरफ लाशें मिलीं. सिर फोड़े गए, चुन चुन कर हत्या की गई. ”
पीठ की अध्यक्षता करने वाले जस्टिस नवरत्नम ने पूछा कि क्या अदालतों ने कोई निष्कर्ष निकाला है कि जो अपराध "रेयर ऑफ़ द रेयरेस्ट" मामलों की श्रेणी में आता है वो सज़ा-ए-मौत के काबिल है.
बिलकिस की वकील बार-बार कोर्ट में ये कहती रहीं, “जो अपराधी इस अपराध में दोषी पाए गए, जिस तरह से उन्होंने इसे अंजाम दिया, क्या वो उदारता के पात्र हैं? ये मनमाना आदेश छोड़ दिया जाए, तो क्या ऐसा अपराध करने वाले उदारता दिखाने लायक हैं?
शोभा गुप्ता ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 432 के तहत सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के जज से इस रिहाई पर उनकी राय पूछी थी. जज ने एक विस्तृत राय देते हुए कहा कि दोषी किसी भी उदारता या रिहाई के हक़दार नहीं हैं. यहां तक कि सीबीआई ने भी कहा कि वे किसी भी तरह की नरमी के हक़दार नहीं हैं. इसके बावजूद उन्हें रिहा किया गया.

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मणिपुर पर सुप्रीम कोर्ट ने बनाई तीन जजों की पैनल, कौन हैं ये लोग
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने मणिपुर पर बनाई गई सुप्रीम कोर्ट की पैनल की ख़बर को पहले पन्ने पर प्रमुखता से छापा है.
अख़बार लिखता है, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मणिपुर हिंसा के मानवीय पहलुओं को देखने के लिए हाई कोर्ट के तीन रिटायर्ड जजों की एक समिति गठित की है. साथ ही सीबीआई जिस यौन हिंसा के केस की जांच कर रहा है, ये पैनल उसकी भी निगरानी करेगी.
रिटायर्ड जजों के अलावा मुंबई के एक पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी को भी पैनल में नियुक्त किया है.
तीन सदस्यीय पैनल की अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की रिटायर्ड चीफ़ जस्टिस गीता मित्तल करेंगी और इसमें जस्टिस शालिनी जोशी और आशा मेनन भी शामिल होंगी. सीबीआई जांच की देखरेख दत्तात्रेय पडसलगीकर करेंगे.

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WHO ने एक और भारतीय सिरप को लेकर जारी किया अलर्ट
द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, फोर्ट्स इंडिया के जो पेरासिटामॉल और क्लोरफ़ेनिरामाइन के कॉम्बिनेशन वाले ‘कोल्ड आउट’ सिरप को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एलर्ट जारी किया है और इस सिरप के बैच तो दूषित बताया है.
सोमवार को जारी एक मेडिकल अलर्ट में, डब्लूएचओ ने कहा, "इराक़ में पाए गए कोल्ड आउट सिरप (पैरासिटामोल और क्लोरफेनिरामाइन मैलेट) के स्टॉक को 10 जुलाई 2023 को एक थर्ड पार्टी के टेस्ट में दूषित पाया गया और ये रिपोर्ट डब्लूएचओ से साझा की गई है.”
“कोल्ड आउट सिरप का एक नमूना इराक़ की एक लोकेशन से प्राप्त किया गया था और लैब में टेस्ट के लिए भेजा गया था. इस सैंपल डायथिलीन ग्लाइकॉल (0.25%) और एथिलीन ग्लाइकॉल (2.1%) की मात्रा काफ़ी ज़्यादा है.
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