नमाज़ प्रकरण में नौकरी से निकाले गए कंडक्टर मोहित यादव की मौत,भाई ने बताया आत्महत्या

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- Author, शहबाज़ अनवर
- पदनाम, पश्चिम उत्तर प्रदेश से, बीबीसी हिंदी के लिए
उत्तर प्रदेश के बरेली डिपो की बस रोक कर एक व्यक्ति को नमाज़ पढ़ने के लिए वक़्त देने के प्रकरण में नौकरी से हटाए गए कंडक्टर मोहित यादव की सोमवार रात को मैनपुरी के कोसमा रेलवे स्टेशन के निकट मौत हो गई.
जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) के मुताबिक़ मोहित रेल ट्रैक को पार कर रहे थे और ट्रेन की चपेट में आ गए. लेकिन मोहित के परिवार का दावा है कि उन्होंने आर्थिक तंगी की वजह से अपनी जान ली है.
मोहित मूलरूप से मैनपुरी के गांव नंगला ख़ुशहालपुर के रहने वाले थे. परिजनों का दावा है कि मोहित नौकरी जाने के बाद से ही आर्थिक रूप से परेशान चल रहे थे.
हालांकि जीआरपी का कहना है कि मोहित यादव के आत्महत्या करने जैसी बात उनकी जानकारी में नहीं है. जीआरपी का ये दावा भी है कि मोहित के परिजनों ने ख़ुद लिखकर कहा है कि मोहित रेल ट्रैक को पार कर रहे थे और ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई.
जीआरपी मैनपुरी के कार्यवाहक थाना प्रभारी ओंकार सिंह ने बीबीसी को बताया, "आत्महत्या जैसी बात हमारी जानकारी में नहीं है. ये हादसा सोमवार रात को हुआ है. मृतक की पहचान मोहित यादव के रूप में हुई है. परिजनों के मुताबिक़ मोहित ट्रैक पार कर रहे थे, उसी समय ये हादसा हो गया. शव का पोस्टमॉर्टम करवा शव उन्हें सौंप दिया गया है."

आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुजर रहे हैं तो भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.


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परिवार की बात
लेकिन मोहित की मौत को लेकर उनके छोटे भाई मनोज यादव ने मीडिया से कहा, "हमारे भाई की ट्रेन हादसे में मौत हो गई है, उन्हें रोडवेज़ में नौकरी से इसलिए निकाल दिया गया था क्योंकि उन पर बस में सवार दो लोगों को नमाज़ पढ़ने के लिए थोड़ी देर बस रोकने का आरोप था."
"हालांकि उन्होंने अन्य सवारी यात्रियों को टॉयलेट कराने के लिए बस को रोका था. जब उनसे दो लोगों ने नमाज़ पढ़ने के लिए बोला था तो उन्होंने ये कह दिया था कि जितनी देर में ये लोग टॉयलेट करेंगे उतनी देर में तो आप लोग अपनी नमाज़ भी पढ़ लोगे."
उन्होंने कहा, "वो डिप्रेशन में चल रहे थे, गांव से कुछ किलोमीटर की दूरी पर कोसमा रेलवे स्टेशन पर उन्होंने आत्महत्या कर ली."

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'नौकरी जाने से परेशान'
मंगलवार को मोहित यादव के शव का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में कर दिया गया. घर वाले मोहित की संविदा समाप्त होने के बाद से ही उनके आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान होने की बात कर रहे हैं.
मोहित यादव के पिता राजेंद्र सिंह ने बीबीसी से कहा, "जब से मोहित की नौकरी छूटी थी वह तभी से परेशान था, बोल रहा था, हम क्या करें, कहां जाएं. बस ये ही बात है."
एक सवाल के जवाब में कहा, "देखिए ये हादसा कैसे हुआ हमारे सामने की घटना तो नहीं है, लेकिन वह नौकरी जाने के बाद से ही काफी परेशान चल रहा था. मेरा बेटा तो चला गया, अब हम क्या करें."
पत्नी रिंकी यादव ने रोते हुए मीडिया से कहा, "हमारे पति रोडवेज़ में परिचालक पद पर थे. बस रोक नमाज़ पढ़ाने के आरोप में उनकी नौकरी चली गई थी, उनका कोई दोष नहीं था, उन्हें संविदा समाप्त होने का ग़म था."
मोहित के रिश्ते के भाई पिंकू यादव ने बीबीसी से कहा, "मोहित की जब से नौकरी छूटी थी वह खाली हो गया था, घर से सुबह ही निकल जाता था, उसकी पत्नी और बच्चे का ख़र्च घरवाले ही उठा रहे थे."

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मोहित की मौत से संविदा कर्मचारी दुखी
ग्राम प्रधान अखिलेश एन मोहन ने भी बीबीसी से मोहित के आर्थिक रूप से तंग होने की पुष्टि की.
उन्होंने कहा, "मोहित की हादसे से पहले घरवालों से भी बात हुई थी. वह आर्थिक तंगी को लेकर काफी परेशान था. उसके पास कोई काम-धंधा नहीं था."
मोहित यादव की मौत पर बरेली में संविदा कर्मचारी भी दुखी हैं.
मोहित के परिचित संविदा कर्मी रवि प्रकाश ने मीडिया से कहा, "मोहित की संविदा समाप्त कर दी गई थी, उन पर बस रोक नमाज़ पढ़ाने का आरोप था, लेकिन ये शिकायत ठीक नहीं थी. जिस व्यक्ति ने ये किया उन्होंने छोटी सी बात को बड़ा बना दिया, मोहित ने नौकरी बचाने के लिए कई जगह भाग दौड़ की, लखनऊ तक गए. वह नौकरी छूटने के बाद से काफी टेंशन में था. बाद में हमें उसकी मौत की सूचना मिली."

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क्या था मामला
दरअसल, जून के पहले सप्ताह में एक वीडियो वायरल हुआ था उस वीडियो में बरेली डिपो की बस को रुका हुआ दिखाया गया था, पास में ही बस सवार कुछ लोग नमाज़ अदा कर रहे थे.
इस मामले में बस के एक यात्री ने आरोप लगाया था कि बस चालक और परिचालक ने कुछ लोगों को नमाज़ पढ़ने के लिए बस को रामपुर के निकट रुकवा लिया था.
इसके बाद इस प्रकरण की जांच हुई थी जिसके बाद मोहित यादव की संविदा समाप्त कर दी गई थी जबकि चालक को बर्खास्त कर दिया गया था.
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अखिलेश यादव ने भी किया ट्वीट
मोहित यादव की मौत को लेकर समाजवादी पार्टी नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी ट्वीट कर दुख जताया है.
उन्होंने कहा, "यूपी परिवहन निगम के दो कर्मचारियों को केवल इस बात के लिए निलंबित किया जाना कि उन्होंने किसी की धार्मिक प्रार्थना के लिए सिर्फ़ दो मिनट की देरी कर दी, कहाँ का इंसाफ़ है. इस प्रताड़ना से दुखी होकर एक ने आत्महत्या कर ली."
"भावपूर्ण श्रद्धांजलि. सौहार्द के लिए प्रसिद्ध इस देश में सद्भावना के लिए अब कोई जगह नहीं बची है. दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय, शर्मनाक. इस सरकार से पीड़ित के परिवार के लिए मुआवज़ा की माँग उप्र परिवहन के हर एक कर्मचारी को करनी चाहिए. आज ये किसी और के साथ हुआ है, कल ये किसी और के साथ होगा."

महत्वपूर्ण जानकारी-
मानसिक समस्याओं का इलाज दवा और थेरेपी से संभव है. इसके लिए आपको मनोचिकित्सक से मदद लेनी चाहिए, आप इन हेल्पलाइन से भी संपर्क कर सकते हैं-
समाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय की हेल्पलाइन- 1800-599-0019 (13 भाषाओं में उपलब्ध)
इंस्टीट्यूट ऑफ़ ह्यमून बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज-9868396824, 9868396841, 011-22574820
हितगुज हेल्पलाइन, मुंबई- 022- 24131212
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस-080 - 26995000

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