हूती विद्रोहियों के ड्रोन को लाल सागर में कैसे नाकाम करते हैं अमेरिकी पायलट

यूएसएस बटान
इमेज कैप्शन, यूएसएस बटान पर एक हैरियर जेट के सामने कैप्टन अर्ल एरहर्ट.
    • Author, नफ़ीशे कोहनावार्ड
    • पदनाम, मध्य पूर्व संवाददाता, बीबीसी पर्शियन

अमेरिका और ब्रिटेन यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं. हमें भूमध्य सागर में मौजूद दो अमेरिकी युद्धपोतों पर जाने का मौका मिला. वहां वो उन पायलटों से मिलीं जो इलाक़े में कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं.

यूएसएस बटान के डेक पर घुप अंधेरे की खामोशी फ़ाइटर जेट के शोर से टूटती है. यह जेट अपने मिशन पर निकला है.

अमेरिका के 26वें मरीन एक्सपिडिशनरी यूनिटी के 2,400 सैनिक इस पर मौजूद हैं. यह एक एम्फ़ीबियंस असॉल्ट शिप है.

इस पर बख़्तरबंद वाहन, लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर मौजूद हैं. इसका प्रमुख काम सैनिकों को तेजी से तट तक पहुंचाना है.

यमन से ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से दागे गए हथियारों को इंटरसेप्ट करने के लिए लाल सागर में तैनात किया गया यह पहला अमेरिकी युद्धपोत है.

यूएसएस बटान के पॉयलटों को ड्रोन नष्ट करने की ज़िम्मेदारी मिली है.

इनमें से एक पॉयलट कैप्टन अर्ल एरहर्ट कहते हैं, “जब हमारी तैनाती हुई थी तब मैं नहीं जानता था कि मैं इस मिशन पर जा रहा हूं.”

यूएसएस बटान
इमेज कैप्शन, हैरियर जेट फ़ाइटर उड़ान भरने की तैयारी में.

ड्रोन हमलों का जवाब

जिन हैरियर जेट को वो उड़ाते हैं, वो ज़मीनी हमले के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है लेकिन सुसाइड ड्रोन को मार गिराने के के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

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वो कहते हैं, “हमने हैरियर को एयर डिफ़ेंस के लिए काम लेना शुरू किया है. हम इसमें मिसाइलें लगाते हैं और एकतरफ़ा ड्रोन हमलों के खिलाफ़ हम इन्हें दागते हैं.”

कैप्टन एरहर्ट कहते हैं कि उन्होंने कई ड्रोन को इसी तरह मार गिराया है.

उनके मुताबिक़, “हूती विद्रोही, यमन में लाल सागर के दक्षिण से उत्तर की ओर कई सारे सुसाइड ड्रोन छोड़ते थे. हमारे क़रीब, ऊपर और अपनी ओर कई सारे ड्रोन उड़ते थे.”

हूती विद्रोहियों के ये हमले ग़ज़ा में इसराइली ज़मीनी हमले शुरू होने के बाद शुरू हुए. ग़ज़ा संघर्ष में अब तक 25,700 फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं जिनमें अधिकांश बच्चे और महिलाएं हैं.

सात अक्टूबर को हमास ने इसराइल में सीमा पार कर हमला किया था. उसी के बाद यह संघर्ष शुरू हुआ. हमास के हमले में 1,200 लोग मारे गए जिनमें अधिकांश नागरिक थे और क़रीब 250 लोगों को बंधक बना लिया गया था.

इसके बाद से ही अमेरिका की अगुवाई वाले गठबंधन, जिसमें 10 देश शामिल हैं, व्यावसायिक जल मार्ग को सुरक्षा देने के लिए एकजुट हुए हैं. यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए लाल सागर कितना अहम है.

यूएसएस बटान
इमेज कैप्शन, यूएसएस बटान पर दर्जनों फ़ाइटर जेट और हैलिकॉप्टर मौजूद हैं.

हूती विद्रोहियों की चेतावनी

स्वेज कैनाल से हर साल जो 17,000 कमर्शियल पोत गुजरते हैं उन्हें इस रास्ते से भी होकर जाना पड़ता है.

इस रास्ते जो सामान जाता है वो वैश्विक व्यापार का 10 प्रतिशत या क़रीब एक ट्रिलियन डॉलर का है.

अगर हूती विद्रोहियों के हमलों से बचने के लिए कमर्शियल पोत इस रास्ते से बचते हैं तो उन्हें पूर्वी एशिया से यूरोप जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी और इसमें 25 दिनों की बजाय 34 दिन लगेंगे, जिससे लागत भी बढ़ेगी.

यूएसएस बाटन के मरीन कमांडिंग ऑफ़िसर कर्नल डेनिस सैम्पसन कहते हैं कि इसीलिए इस क्षेत्र में अमेरिका के ड्वाइट डी आइजनहावर कैरियर बैटल ग्रुप समेत इतने सारे युद्धपोत तैनात किए गए हैं.

वो कहते हैं, "ये तैनाती, हमारे साझेदारों और सहयोगियों को समुद्री सुरक्षा और स्थिरता देने की हमारी प्रतिबद्धता बताती है और यह किसी भी संभावित दुश्मन को रोकने का हमें मौका देती है."

यूएसएस बटान इस समय पूर्वी भूमध्य सागर में है और 11 जनवरी को हूती विद्रोहियों कि ठिकानों पर अमेरिका और ब्रिटेन के हमले से पहले दिसंबर के अंत में यह लाल सागर से रवाना हो गया था.

लेकिन इन हमलों का अपेक्षित असर नहीं हुआ.

हूती विद्रोही लगातार ड्रोन और मिसाइल से हमले कर रहे हैं और उन्होंने अपने हमलों का दायरा कॉमर्शियल पोतों और सैन्य युद्ध पोतों तक बढ़ा दिया है, जिनके बारे में उनका दावा है कि इनका संबंध अमेरिका और ब्रिटेन से है.

उन्होंने चेतावनी दी है कि ये हमले ग़ज़ा युद्ध के जारी रहने तक होते रहेंगे.

लाल सागर

कई इलाकों में तनाव

हालांकि अक्टूबर के बाद से सिर्फ़ इसी इलाके में ही तनावपूर्ण स्थिति नहीं है. ईरान के सहयोगी हथियारबंद समूहों ने इराक़ और सीरिया में इसराइल और अमेरिकी सशस्त्र बलों पर भी हमले किये हैं.

कर्नल सिम्पसन कहते हैं, “इस समय हम एक जटिल और अनिश्चित माहौल में रह रहे हैं.”

असल में यूएसएस बटान को हाल के कुछ महीनों में अलग अलग कई जगहों पर तैनात किया जा चुका है.

उनका मिशन पिछली गर्मियों में दक्षिणी ईरान के पास होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आस पास के इलाक़ों में गश्त लगाने से शुरू हुआ.

फिर, अक्टूबर में संकट शुरू होने के बाद उन्हें दूसरी तरफ़ मोड़ दिया गया. लाल सागर में तैनाती के बाद अभी वे भूमध्य सागर में हैं जहां वे ग़ज़ा, इसराइल और लेबनान के समुद्री तटों के क़रीब निगरानी करेंगे.

लाल सागर

स्थिति पर करीबी नज़र

इस संकट के क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील होने का डर बना हुआ है.

वो कहते हैं, “हमेशा ही ग़लतफ़हमी का ख़तरा बना रहता है. लेकिन हमारी मौजूदगी मायने रखती है और हम हालात बिगड़ने से रोकते हैं और अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों या अपने सहयोगियों और साझीदारों के हितों के समर्थन में हम कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं.”

अगर संघर्ष व्यापक रूप लेता है तो यूएसएस बटान की मुख्य भूमिका संघर्ष वाले इलाक़ों से अमेरिका नागरिकों को सुरक्षित निकालने की होगी.

अमेरिकी वॉचलिस्ट देशों में लेबनान सबसे ऊपर है. यहां हिज़बुल्लाह लड़ाके इसराइली सेना के साथ गोलीबारी कर रहे हैं.

यूएसएस बटान के साथ ही गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रायर आर्ली बर्क भी है जिसका काम है हालात पर नज़र रखना है. इसमें कई मिसाइल लॉन्चर फ़िट हैं और एक अत्याधुनिक रडार सिस्टम है जो इस पोत के एक अंधेरे और बंद कमरे में मौजूद कमांड सेंटर को जानकारियां मुहैया करता है.

यूएसएस बटान का कमाडंर सेंटर
इमेज कैप्शन, यूएसएस बटान का कमाडंर सेंटर

कैसे की जाती है कार्रवाई

यह कमरा ही इस युद्धपोत की आंख और कान है, जो ख़तरों को पकड़ता है, पहचानता है और ज़रूरी एक्शन लेता है.

ऑफ़िसर इंचार्ज लेफ़्टिनेंट कमांडर टिरचरा बोवमैन ने मुझे ये कमरा दिखाया जहां बहुत मद्धम रोशनी थी और कम्प्यूटर की स्क्रीन चमक रही थी. एक महिला अफ़सर की आवाज़ सुनी जा सकती है जो तीन अलग अलग हमलों को गिन रही है, “मिसाइल इंटरसेप्ट, एक, दो, तीन...”

वो कहते हैं, "हम इसे युद्धपोत का दिल कहते हैं. यही जगह है जहां से हम युद्ध लड़ते हैं."

वो जोड़ते हैं, “जब भी हम पानी में ऑपरेट करते हैं हमारे नाविक हाई अलर्ट पर होते हैं. लेकिन अभी इस क्षेत्र में जो कुछ चल रहा है, उसने इस विचार को और वास्तविक बना दिया है.”

यूएसएस बटान के क्रू को रात और दिन 24 घंटे निगरानी करनी पड़ती है और इसलिए वे थके हुए दिखते हैं.

डेक के नीचे की बंद जगह पर मरीन व्यायाम करते हैं या अपने वाहनों के रख रखाव का काम करते हैं.

जो ख़ुशक़िस्मत लोग डेक पर खुली हवा में काम करते हैं उन्हें तेज़ हवाओं और समुद्री बौछारों का सामना करना पड़ता है.

कैप्टन अरहार्ट जॉर्जिया के एक कस्बे डॉवसोनविले के हैं और चार बच्चों के पिता है. उन्हें नहीं पता कि वो अपने परिवार से अगली बार कब मिलेंगे.

भविष्य को लेकर उनकी अनिश्चितता इस इलाक़े के दसियों लाख लोगों की ज़िंदगी जैसी ही है.

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