वागनर चीफ़ प्रिगोज़िन: जेल की सलाखों से लेकर पुतिन के सबसे भरोसेमंद सहयोगी तक

येवगेनी प्रिगोज़िन

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इमेज कैप्शन, बग़ावत के अंत में प्रिगोज़िन विजयी मुस्कान के साथ दिखे लेकिन उनका ये क़दम असफल साबित हुआ.
    • Author, पॉल किर्बी
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

इस साल जून महीने में जब रूस में येवगेनी प्रिगोज़िन की बग़ावत नाकाम हुई, उसी पल से ज्यादातर लोगों को लग रहा था कि वो शख़्स जो इतने लंबे समय तक ख़तरों के बिल्कुल करीब रहा हो, उसने कुछ ज़्यादा ही सक्रियता दिखाई.

माना जा रहा है कि मॉस्को से सेंट पीटर्सबर्ग जा रहा जो प्राइवेट जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया, उस पर प्रिगोज़िन सवार थे. एक बेहद उतार-चढ़ाव वाली ज़िंदगी का ये एक हैरान करने वाला और हिंसक अंत था.

इतने सालों तक व्लादिमीर पुतिन प्रिगोज़िन की सेवाएं लेते रहे थे.

लेकिन हज़ारों वागनर लड़ाकों द्वारा की गई एक अनियोजित बग़ावत हद पार कर गई.

राष्ट्रपति पुतिन ने बग़ावत को ‘देशद्रोह’ क़रार दिया और इसके साथ ये भी साफ़ हो गया था कि प्रिगोज़िन की रूस में प्रभावी भूमिका का अंत आ गया है.

प्रिगोज़िन के किशोरवय के पहले कुछ साल सेंट पीटर्सबर्ग की जेल में बीते, लेकिन 1990 के दशक में कैटरिंग बिज़नेस में वे काफ़ी क़ामयाब हुए और इसने न केवल उन्हें अमीर बनाया बल्कि इससे पुतिन की सरपरस्ती भी हासिल हुई.

अफ़्रीका, सीरिया और यूक्रेन में प्राइवेट आर्मी के इस्तेमाल ने प्रिगोज़िन को एक सैन्य शख़्सियत बना दिया लेकिन चीज़ें तब बदल गईं जब रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण कर दिया और राष्ट्रपति का कभी शेफ़ रहे प्रिगोज़िन के हाथ में ताक़त के साथ साथ बेशुमार दौलत भी आ गई.

पुतिन के साथ

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इमेज कैप्शन, साल 2011 में येवगेनी प्रिगोज़िन (बायें) एक डिनर के दौरान पुतिन को खाना परोसते हुए.

अपुष्ट रिपोर्टों के अनुसार, प्रिगोज़िन के एम्ब्रेयर लेगेसी विमान को एयर डिफ़ेंस की गोलीबारी से नुकसान पहुंचा था.

अगर इसे जानबूझ कर गिराया गया है तो इस पर कुछ ही लोगों को ताज्जुब होगा क्योंकि प्रिगोज़िन के दुश्मनों की कमी नहीं थी.

पैसेंजर लिस्ट में दमित्री उत्किन का भी नाम है जो कि प्रिगोज़िन के विश्वस्त कमांडर थे.

ऐसा लगा था कि थोड़े समय के लिए क्रेमलिन के ख़िलाफ़ अपनी बग़ावत के बावजूद वो बिना सज़ा बच गए थे.

बग़ावत को ख़त्म करने के समझौते के तहत उनके बहुत सारे लड़ाकों को बेलारूस के कैंप में जाने की इजाज़त दे दी गई जबकि वागनर बॉस रूस के अंदर मौजूद थे.

बीती जुलाई के अंत में रूस-अफ़्रीका सम्मेलन के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग में प्रिगोज़िन कैजुअल कपड़ों में देखे गए थे.

रूसी सेना की विफलताओं के ख़िलाफ़ उनके मज़ाकिया लेकिन कटु आलोचनाओं वाले वीडियो के बाद सरकारी टीवी चैनल ने सेंट पीटर्सबर्ग में उनके आलीशान घर पर छापे की कार्रवाई का सीधा प्रसारण किया था.

प्रिगोझिन

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इमेज कैप्शन, इसी हफ़्ते वागनर ग्रुप से जुड़े एक टेलीग्राम चैनल में पोस्ट किए गए इस वीडियो के कैप्शन से पता चलता है कि वो अफ़्रीकी देश में थे.

प्रिगोज़िन का ताज़ा वीडियो अफ़्रीका से

लेकिन प्रिगोज़िन कभी भी चुपचाप बेलारूस में जाकर छुप जाने वाले नहीं थे और इसी हफ़्ते उनका बग़ावत के बाद पहला वीडियो सामने आया था.

रेगिस्तान की पृष्ठभूमि से संकेत मिलता है कि इसे अफ़्रीका में फ़िल्माया गया था. सैनिक की वर्दी में दिख रहे प्रिगोज़िन ने बताया था कि वहां का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस था.

उन्होंने ऐलान किया कि ‘रूस को सभी महाद्वीपों में सबसे महान बनाने और अफ़्रीका को और अधिक आज़ाद कराने के लिए वागनर ग्रुप भर्तियां कर रहा है.’

इस वीडियो से लगा कि प्रिगोज़िन फिर से अपनी प्राइवेट आर्मी की जड़ों की ओर लौट रहे हैं. जब उन्होंने कई साल पहले वागनर प्राइवेट आर्मी कंपनी शुरू की थी तब उन्होंने सार्वजनिक रूप से इससे दूरी बना ली थी.

वागनर ग्रुप ने सेंट्रल अफ़्रीकन रिपब्लिक और सीरिया में रूसी सहयोगियों की काफ़ी मदद की और माली में तो फ़्रांसीसी प्रभाव को चुनौती तक दी.

जुलाई के अंत में सेंट पीटर्सबर्ग में रूस -अफ़्रीका सम्मेलन के दौरान प्रिगोझिन सेंट्रल अफ़्रीकन रिपब्लिक में प्रेसिडेंशियल एडवाइजर फ्रेडी मापूका से मुलाकात की.

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इमेज कैप्शन, जुलाई के अंत में सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित रूस-अफ़्रीका सम्मेलन के दौरान प्रिगोज़िन ने सेंट्रल अफ़्रीकन रिपब्लिक में प्रेसिडेंशियल एडवाइजर फ्रेडी मापूका से मुलाकात की थी.

जेल से वागनर ग्रुप के बॉस तक का सफ़र

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हालांकि सालों तक प्रिगोज़िन ने इन दावों का खंडन किया लेकिन उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग में क्रेमलिन समर्थक ब्लॉगरों की एक कथित ट्रोल आर्मी के गोपनीय कार्यालय की स्थापना भी की.

अमेरिका ने आरोप लगाया था कि उनकी इंटरनेट रिसर्च एजेंसी 2016 के राष्ट्रपति चुनावों में हस्तक्षेप करने के लिए सूचना युद्ध का इस्तेमाल कर रही है.

प्रिगोज़िन ने इसी साल इसके बारे में स्वीकार किया था, “पश्चिम के बेहूदे और आक्रामक रूस विरोधी प्रोपेगैंडा से रूसी सूचना जगत को बचाने के लिए इसे बनाया गया था.”

सोवियत युग के अंत वाले क़रीब एक दशक प्रिगोज़िन ने लूट और फ़र्जीवाड़े के लिए जेल में बिताया था.

लेकिन जब नए रूस ने अपने सोवियत अतीत को एक झटके में पीछे छोड़ दिया तो प्रिगोज़िन ने कैटरिंग का व्यवसाय अपनाया.

पहले उन्होंने हॉटडॉग बेचना शुरू किया, फिर और विधिवत डाइनिंग का काम किया. उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग में कुछ शानदार रेस्तरां खोले.

उस समय पुतिन शहर के डिप्टी मेयर हुआ करते थे और प्रिगोज़िन के काम पर उनकी नज़र पड़ी.

सालों बाद प्रोगोज़िन ने बताया था, “व्लादिमीर पुतिन ने देखा था कि मैंने कैसे एक छोटी सी दुकान से एक बिज़नेस खड़ा किया.”

जब पुतिन राष्ट्रपति बने तो विश्व के कई दिग्गज नेताओं का प्रिगोज़िन के रेस्तरां में स्वागत किया गया. इनमें फ़्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ज़ाक शिराक का भी नाम शामिल है.

धीरे धीरे प्रिगोज़िन को ‘पुतिन के शेफ़’ के तौर पर ख्याति मिलने लगी.

अगर प्राइवेट आर्मी बिज़नेस ने प्रिगोज़िन को एक महत्वपूर्ण सैन्य शख़्सियत बनाने और संपन्न बनाने में मदद की थी तो उनका कैटरिंग व्यवसाय भी अंत तक एक बड़ी आय का स्रोत बना रहा.

प्रिगोझिन

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इमेज कैप्शन, यूक्रेन में वागनर लड़ाकों के साथ प्रिगोज़िन.

वागनर बग़ावत के कुछ समय बाद ही राष्ट्रपति पुतिन ने इस बात का खुलासा किया था कि प्रिगोज़िन की प्राइवेट आर्मी को सरकार ने 12 महीनों के दौरान एक अरब डॉलर का फ़ंड देकर खड़ा किया था, जबकि इसके अलावा एक अरब डॉलर प्रिगोज़िन के कोनकॉर्ड कैटरिंग फ़र्म को सेना के राशन के लिए दिए गए थे.

लेकिन ये एक साल का हिसाब था. रिपोर्टों से पता चलता है कि प्रिगोज़िन ने 2014 से 18 अरब डॉलर से अधिक के सरकारी कांट्रैक्ट हासिल किये थे.

क्रेमलिन समर्थक दमित्री किसेल्योव ने कहा कि बेशुमार पैसे ने प्रिगोज़िन को 'पटरी से उतार' दिया लेकिन जंग के मैदान में उनके लड़ाकों की अहमियत ने उन्हें किसी भी सज़ा के प्रति सुरक्षा कवच का गुमान भर दिया था.

“उन्होंने सोचा कि वो रक्षा मंत्रालय, सरकार को और निजी तौर पर राष्ट्रपति को चुनौती दे सकते हैं.”

ये सब तब सामने आया जब पिछले साल यूक्रेन में रूस का सैन्य अभियान लड़खड़ा गया और प्रिगोज़िन के वागनर लड़ाकों ने पूर्वी शहर बखमूत पर कब्ज़े के खूनी सैन्य अभियान की अगुआई की.

पिछले सितम्बर में प्रिगोज़िन ने रूस की जेलों में घूम-घूम कर कैदियों को वागनर ग्रुप में भर्ती किया. भर्ती के बदले कैदियों को उनकी सज़ा माफ़ करने का वादा किया गया.

बखमूत की लड़ाई में हज़ारों मारे गए, इनमें से अधिकांश अनुभवहीन पूर्व क़ैदी थे, जिनके पास पर्याप्त हथियार भी नहीं थे.

जैसे जैसे ये जंग आगे बढ़ी, प्रिगोज़िन सोशल मीडिया पर जारी अपने वीडियो में वागनर लड़ाकों के शवों के बीच खड़े होकर और गोला बारूद की मांग करते दिखे.

एक रूसी जेल में प्रिगोझिन के दौरे के लीक वीडियो में दिख रहा है कि वो कैदियों से बात कर रहे हैं.

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इमेज कैप्शन, एक रूसी जेल में प्रिगोज़िन के दौरे के लीक वीडियो में दिख रहा है कि वो कैदियों से बात कर रहे हैं.

उन्होंने पुतिन के वफ़ादार रक्षा मंत्री सेर्गेई शोइगू और सशस्त्र सैन्य प्रमुख वैलेरी गरासिमोव पर तीखा हमला किया.

उन्होंने कहा, “शोइगू! गेरासिमोव! गोला बारूद कहां है? वे यहां वालंटियर के रूप में आए थे और आलीशान दफ़्तरों में तुम्हारे मोटे होने के लिए वो मर गए.”

लेकिन प्रिगोज़िन ने राष्ट्रपति की सीधे आलोचना नहीं की और इसकी बजाय उनके कमांडरों पर दोष लगाया.

लेकिन जब सेना प्रमुखों ने वागनर लड़ाकों और अन्य वालंटियर सुरक्षा बलों को मुख्य कमांड ढांचे के अंदर लाने की योजना का ऐलान किया प्रिगोज़िन का धैर्य टूट गया.

एक तरफ़ उन्होंने मार्च फ़ॉर जस्टिस लांच करने की तैयारी की तो दूसरी तरफ़ उन्होंने यूक्रेन पर चौतरफा हमले पर सवाल खड़ा किया और हज़ारों रूसी सैनिकों की मौतों के लिए रक्षा मंत्री को ज़िम्मेदार ठहराया.

क्रेमलिन ने उन रिपोर्टों को ‘हिस्टीरिया’ कह कर निंदा की जिनमें कहा गया कि प्रिगोज़िन की बग़ावत ने पुतिन की सत्ता पर पकड़ को कमज़ोर किया है.

इसे कम से कम पुतिन के नेतृत्व पर प्रिगोज़िन के असाधारण और लंबे समय तक चले रूसी प्रभाव के अंत की शुरुआत कहा जा सकता है.

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