वाराणसी: कॉमेडियन श्याम रंगीला ने कहा- मैंने नामांकन दाख़िल कर दिया है...

इमेज स्रोत, X@ShyamRangeela
वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने का एलान करने वाले स्टैंड अप कॉमेडियन और यूट्यूबर श्याम रंगीला ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि उन्होंने अपना नामांकन फॉर्म दाखिल कर दिया है.
इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आप सभी के प्यार और सहयोग से नियमानुसार सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए मैंने नामांकन दाखिल कर दिया है, मेरा इस देश के लोकतंत्र पर अभी भी पूरा भरोसा है. अब आगे के दो तीन दिन महत्वपूर्ण होंगे. आप सभी का सहयोग के लिए बहुत धन्यवाद. हमारे लोकतंत्र के पहरी सभी चुनाव अधिकारियों के हाथ में मेरा चुनावी भविष्य है. वे सभी हमारे विश्वास को मजबूत करेंगे इस आशा सहित, आपका, श्याम रंगीला."
श्याम रंगीला पिछले दो-तीन दिनों से ये दावा कर रहे थे कि उन्हें वाराणसी से पर्चा भरने से रोका जा रहा है.
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वाराणसी लोकसभा सीट से अपना नामांकन फॉर्म दाख़िल किया. इस मौके पर एनडीए के कई नेता और मुख्यमंत्री उनके साथ मौजूद थे. पीएम मोदी दो बार से वाराणसी सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वे यहां से तीसरी बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं.
नोमिनेशन फॉर्म भरने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, "काशी के मेरे परिवारजनों का हृदय से आभार! वाराणसी से लगातार तीसरी बार नामांकन कर बेहद उत्साहित हूं. बीते 10 वर्षों में आप सबसे जो अद्भुत स्नेह और आशीर्वाद मिला है, उसने मुझे निरंतर सेवाभाव और पूरे संकल्प के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया है. आपके भरपूर समर्थन और सहभागिता से मैं अपने तीसरे टर्म में भी नई ऊर्जा-शक्ति के साथ यहां के चौतरफा विकास और जनता-जनार्दन के कल्याण में जुटा रहूंगा. जय बाबा विश्वनाथ!"

श्याम रंगीला के दावे

दस मई को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुद्दे को उठाते हुए अपनी शिकायत रखी.
उन्होंने लिखा, "वाराणसी में नामांकन फॉर्म प्राप्त करने की प्रक्रिया इतनी जटिल कर दी गई है कि फॉर्म लेना बहुत ज़्यादा मुश्किल हो गया है, घंटों लाइन में लगने के बाद चुनाव कार्यालय से कहा गया कि आप दस प्रस्तावकों के आधार कार्ड की कॉपी (हस्ताक्षर समेत) और उनके फ़ोन नंबर पहले दीजिए तभी फॉर्म के लिये ट्रेज़री चालान फ़ॉर्म मिलेगा. जबकि ऐसा कोई प्रावधान चुनाव आयोग के नियमों में नहीं है. मैं माननीय चुनाव आयोग से प्रार्थना करता हूँ कि वो वाराणसी ज़िला प्रशासन को उचित दिशानिर्देश देकर, इस देश के लोकतंत्र में हमारे विश्वास को मज़बूती दें."
सोमवार को उन्होंने एक्स पर लिखा, "आज लोकतंत्र का गला घुटते अपनी आँखों से देखा है, मैं नेता नहीं कॉमेडियन हूँ ,फिर भी नामांकन दाखिल करने निकला, सोचा जो होगा देखा जाएगा, लेकिन ये जो हो रहा है ना तो सोचा था ना देखा जा रहा. प्रस्तावक भी थे, फॉर्म भी भरा हुआ था, बस कोई लेने को तैयार नहीं था, कल फिर कोशिश करेंगे."
नामांकन फॉर्म दाखिल करने के आख़िरी दिन उन्होंने निर्वाचन आयोग को टैग करते हुए लिखा, "वाराणसी चुनाव आयोग कार्यालय 14 मई, सुबह 9:15 बजे लगभग पहुँच गये है, कहीं से कोई जवाब नहीं आ रहा, लेकिन नामांकन की उम्मीद अभी भी नहीं छोड़ी है हमने."
आरोप और जवाबी दावे

इमेज स्रोत, X@narendramodi
श्याम रंगीला के इन दावों को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया जा रहा है.
कुछ लोग कह रहे हैं कि उन्हें नामांकन फॉर्म भरने के लिए ज़रूरी संख्या में प्रस्तावक ही नहीं मिले.
इस पर श्याम रंगीला ने अपने जवाब में दावा किया कि "भाई, क्या वाराणसी में नामांकन फॉर्म लेने मात्र के लिए क्या दस प्रस्तावक और उनकी हर जानकारी चाहिए क्या? जहां तक मुझे पता है फॉर्म भरते समय, जमा करते समय चाहिए, वाराणसी में जो नियम है क्या पूरे भारत में भी वही नियम है क्या? अगर ये ही है तो अवगत करवाइयेगा."
उन्होंने कहा, "देशवासियों को जानकारी के लिए बता दें कि हमारे पास दस प्रस्तावक है लेकिन उनकी जानकारी नामांकन फॉर्म मिलने के बाद ,उसे भरकर जमा करवाते समय ही चुनाव आयोग को दी जाती है, लेकिन यहाँ ये जानकारी हमसे फॉर्म देने से पहले ही माँग रहे है, क्यों? नियमों के विपरीत हमारे प्रस्तावकों की जानकारी फॉर्म से पहले ही प्राप्त करके इनका आगे का इरादा क्या है ? हम क्यों चुनाव आयोग के नियमों के विपरीत चलें?"
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
कांग्रेस पार्टी के नेता सुरेंद्र राजपूत ने समाचार एजेंसी पीटीआई से श्याम रंगीला के मुद्दे पर कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत हरेक व्यक्ति नामांकन फॉर्म भरने के लिए स्वतंत्र है."
"वाराणसी से नोमिनेशन फॉर्म भरने के लिए इच्छुक श्याम रंगीला नाम के एक यूट्यूबर को प्रशासन से पर्चा नहीं मिल रहा है. पीएम मोदी लोगों से क्यों डरे हुए हैं? उन्हें उनके ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने दिया जाए."
कौन हैं श्याम रंगीला
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
श्याम रंगीला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करके अपनी ख़ास पहचान बनाई है. उन्होंने कई मुद्दों पर कॉमेडी वाले वीडियो भी बनाए जो काफी वायरल हुए.
साल 2017 में उन्होंने स्टार प्लस के शो 'लाफ्टर चैलेंज' के मंच पर पीएम मोदी की मिमिक्री की थी. शो में जज के रूप में अक्षय कुमार, ज़ाकिर ख़ान, मल्लिका दुआ, हुसैन दलाल शामिल थे.
इस एक्ट को टीवी पर नहीं दिखाया गया और अंतिम क्षणों में श्याम रंगीला को कुछ और करने को कहा गया.
अंतिम समय में इस तरह के बड़े बदलाव के कारण निराश श्याम रंगीला ने बस शूट करने के लिए जैसे-तैसे कोई स्क्रिप्ट तैयार कर स्टैंड अप एक्ट किया और दो एपिसोड के बाद वो शो से बाहर हो गए.
यूट्यूबर पर श्याम रंगीला को साढ़े नौ लाख के क़रीब लोग फॉलो करते हैं जबकि उनके फ़ेसबुक पेज पर आठ लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












