तेजस क्रैश पर दुबई के मीडिया में क्या कहा जा रहा है, वहाँ मौजूद लोगों ने बताई कई बातें

दुबई में आयोजित एयर शो में शुक्रवार को भारत के तेजस एयरक्राफ़्ट के क्रैश होने की ख़बर वहाँ के मीडिया में छाई हुई है.

इस क्रैश में पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल को अपनी जान गंवानी पड़ी है.

दुबई से प्रकाशित होने वाला अंग्रेज़ी दैनिक गल्फ़ न्यूज़ ने अपनी वेबसाइट पर तेजस क्रैश से जुड़ी कई रिपोर्ट प्रकाशित की हैं.

गल्फ़ न्यूज़ ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि भारत ने तेजस से ऑइल लीक के दावों को ख़ारिज कर दिया है और इसे फ़र्ज़ी बताया है.

दरअसल पीआईबी के फैक्ट चेक सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट किया गया है, जिसमें लिखा है, "कई प्रॉपेगैंडा अकाउंट्स के ज़रिए दुबई एयर शो का बताकर एक वीडियो फैलाया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि विमान का ऑइल लीक हो रहा था. ये दावे पूरी तरह से फ़र्ज़ी हैं."

दुबई की न्यूज़ वेबसाइट अमरात अल-यूम ने ख़बर दी है कि इस हादसे के बाद दुबई हवाईअड्डों के चेयरमैन शेख़ अहमद बिन सईद अल-मक़तूम ने दुख जताया है और पायलट के परिवार और सहकर्मियों के प्रति संवेदना जताई है.

चश्मदीदों ने क्या देखा?

एक अन्य रिपोर्ट में गल्फ़ न्यूज़ ने लिखा है, "जब तेजस क्रैश हुआ, तब हमारा एक रिपोर्टर ग्राउंड पर था. एयरक्राफ्ट जैसे ही नीचे गिरा और धुएं का गुबार चारों तरफ़ फैल गया. जल्द ही इमर्जेंसी टीम क्रैश स्थल पर पहुँच गई."

इस रिपोर्ट के अनुसार, "एयरशो देखने के लिए सुबह से ही भीड़ जुटी थी. दोपहर में लगभग डेढ़ बजे, भारत की सूर्य किरण टीम ने भारत–यूएई संबंधों का जश्न मनाने वाली फ़ॉर्मेशन के साथ आसमान रोशन कर दिया. लोगों ने ज़ोरदार तालियाँ बजाईं, ख़ासकर उस दिल की आकृति वाले करतब के बाद. इसे देखते ही सैकड़ों लोग अपना मोबाइल निकालने लगे."

गल्फ़ न्यूज़ ने लिखा, "कुछ ही मिनट बाद एफ़-35 की गर्जना ने भीड़ का ध्यान अपनी तरफ खींचा. क़रीब दो बजकर 10 मिनट पर एक और जेट दिखा, जिसकी पहचान एविएशन पत्रकारों ने तुरंत भारत के तेजस के रूप में की."

गल्फ़ न्यूज़ एक रिपोर्टर उस वक़्त वहां मौजूद थे. वह कहते हैं, "अपने प्रदर्शन के लगभग तीन मिनट बाद विमान तेज़ी से ऊपर उठा लेकिन चढ़ाई के बीच में ही उसकी शक्ति जैसे अचानक कम होती दिखी और फिर वह दर्शकों के सामने खुले मैदान की ओर तेज़ी से नीचे आ गया. टक्कर की आवाज़ कानों को भेद देने वाली थी. एक पल के लिए मैं ठिठक गया. मैं फ़ोन पर अब भी रिकॉर्ड कर रहा था जबकि मेरे आस-पास अफ़रा-तफ़री मच गई थी."

उन्होंने बताया कि उनके पास खड़े एक फ़िलिपीनी मेहमान ने कांपती आवाज़ में कहा, "ओह माय गॉड… मुझे उम्मीद है, पायलट ठीक होगा."

गल्फ़ न्यूज़ की इस रिपोर्ट के अनुसार, "अन्य लोगों ने बताया कि कैसे घबराहट ने भीड़ को घेर लिया. भारतीय प्रवासी शाजु़दीन जब्बार अपनी पत्नी शाइनी और बेटी एश्ले के साथ एयर शो देख रहे थे. उन्होंने कहा कि यह त्रासदी कुछ ही सेकंड में घट गई.''

''वहीं चश्मदीद शाहद अल-नक़्बी ने कहा कहा कि हम एयरशो देख रहे थे और अचानक धुआँ और एक धमाका दिखा. लोग भागने, चिल्लाने लगे, फिर एम्बुलेंस आई. जब तक कि यह दुखद हादसा नहीं हुआ था, यह शानदार शो था. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पायलट की जान नहीं बच पाई. अपने सामने किसी को मरते देखना दिल तोड़ देने वाला है."

दुबई में आठ वर्षों से रह रहे हाफ़िज़ फ़ैसल मदनी ने गल्फ़ न्यूज़ से कहा, "यह एक दुखद और अप्रत्याशित घटना थी. यह मेरा पहला एयरशो था. मैं अपने भाई मोहम्मद उस्मान के साथ एरियल शो क्षेत्र में दाखिल ही हुआ था कि हमने अचानक एक जेट को नीचे गिरते देखा. यह जानकर दुख हुआ कि वह हमारा तेजस था. हमने पढ़ा है कि पायलट की जान नहीं बच सकी."

यूएई के सरकारी अख़बार द नेशनल न्यूज़ ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में लिखा है, "जब यह त्रासदी घटी तब यूके के विल गिलमोर उन दर्शकों में शामिल थे जो एयर शो देख रहे थे."

विल गिलमोर ने अख़बार से कहा, "उसी समय मैंने कहा कि वह ज़मीन के बहुत क़रीब है और ऐसा नहीं लग रहा था कि उसके पास ऊपर उठने के लिए पर्याप्त समय है. मैंने किसी को इजेक्ट होते या ऐसा कुछ होते नहीं देखा. सब कुछ इतनी तेज़ी से हुआ. मुझे लगता है कि यह पलक झपकते ही हो गया."

गिलमोर ने कहा, "मैं एक टेंट के पीछे था और विमान के ज़मीन से टकराने के समय का दृश्य आंशिक रूप से ढंका हुआ था. हमने बस एक धुएँ का गुबार देखा. अधिकारियों ने बहुत तेज़ी से प्रतिक्रिया दी और सायरन तुरंत बजने लगे. माहौल पूरी तरह बदल गया. कार्यक्रम काफ़ी उत्साहपूर्ण था लेकिन इसके बाद बहुत ग़मगीन हो गया."

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

दुबई से ही छपने वाले ख़लीज टाइम्स ने लंदन स्थित स्ट्रैटिजिक एरो रिसर्च के मुख्य विश्लेषक सज अहमद से हादसे के बारे में बात की.

उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि जो स्टंट किया जा रहा था वो ज़मीन से बहुत ही कम ऊँचाई पर हो रहा था और पायलट के अपने लूप को पूरा करने और नीचे ज़मीन के बीच पर्याप्त जगह नहीं थी. इसके कारण विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ और पायलट की जान चली गई."

हालांकि वो कहते हैं कि "अभी जाँच शुरुआती चरण में है. एकमात्र राहत की बात यह है कि यह घटना कई कैमरों में रिकॉर्ड हुई है."

अपनी एक अन्य रिपोर्ट में ख़लीज टाइम्स ने लिखा है, "नमांश स्याल सुलूर एयर बेस की 45 स्क्वाड्रन फ़्लाइंग डैगर्स के अत्यंत कुशल डिस्प्ले पायलट थे. कहा जाता है कि उन्होंने एयरो इंडिया और कई राष्ट्रीय एयरशोज़ में अपनी असाधारण उड़ान क्षमता से दर्शकों का दिल जीता था."

इस रिपोर्ट में लिखा गया है कि "नमांश एचएएल तेजस उड़ा रहे थे, जो भारत का स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान (एलसीए) है. इसमें विदेशी इंजन लगा है. यह दुर्घटना तेजस के साथ हुई दूसरी क्रैश घटना है जबकि किसी अंतरराष्ट्रीय एयरशो में पहली जानलेवा घटना है."

इससे पहले बीते साल मार्च में एक तेजस विमान क्रैश हुआ था. ये इन लड़ाकू विमानों के पहले जेनरेशन के 40 विमानों में से एक था.

हालांकि विमान के एकमात्र पायलट ने हादसे से पहले खुद को सुरक्षित इजेक्ट कर लिया था.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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