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दुबई में तेजस क्रैश में जान गंवाने वाले पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल को जानिए
भारतीय वायु सेना का फाइटर जेट तेजस शुक्रवार को दुबई में एयर शो के दौरान क्रैश हो गया. इसमें पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल को अपनी जान गंवानी पड़ी.
दुबई में अल मख़तूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यह हादसा स्थानीय समय के अनुसार, दोपहर बाद दो बजे के क़रीब हुआ. इस क्रैश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
वीडियो में दिख रहा है कि उड़ान भरने के ठीक बाद तेजस ज़मीन पर गिर गया और उससे आग की लपटें उठने लगीं.
पायलट नमांश स्याल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा ज़िले के हैं.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक्स पर विंग कमांडर नमांश की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है, ''दुबई एयर शो में हुए तेजस विमान हादसे में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा ज़िला के वीर सपूत नमन स्याल जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है.''
''देश ने एक बहादुर, कर्तव्यनिष्ठ और साहसी पायलट खो दिया है. शोकाकुल परिवारजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करता हूँ.वीर सपूत नमांश स्याल जी की अदम्य वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को हृदय से नमन.''
इस हादसे पर भारतीय वायु सेना ने अपने बयान में कहा है, ''शुक्रवार को दुबई एयर शो में हवाई प्रदर्शन के दौरान एक भारतीय वायु सेना (IAF) का तेजस विमान दुर्घटना का शिकार हो गया. दुर्घटना में पायलट को जान गंवानी पड़ी. भारतीय वायु सेना इस अपूरणीय क्षति पर गहरा दुख व्यक्त करती है और इस शोक की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ दृढ़ता से खड़ी है. दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की जा रही है.''
पिता एयर शो का वीडियो सर्च कर रहे थे
प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने नमांश के पिता जगन नाथ स्याल से बात की है.
जगन नाथ स्याल ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ''आख़िरी बार मैंने अपने बेटे से गुरुवार को बात की थी. उसने मुझे अपना एयर शो टीवी या यूट्यूब पर देखने के लिए कहा था.''
उन्होंने कहा, ''शुक्रवार की शाम चार बजे मैं यूट्यूब पर एयर शो का वीडियो सर्च कर रहा था. तभी मैंने प्लेन क्रैश की रिपोर्ट देखी. उसी वक़्त मैंने अपनी बहू को फोन किया. मेरी बहू भी विंग कमांडर है. मैंने उससे कहा कि चेक करो कि हुआ क्या है. कुछ पल में एयर फोर्स के छह अधिकारी हमारे घर पहुँचे और मैं समझ गया कि कुछ गड़बड़ हुआ है.''
जगन नाथ स्याल रिटायर्ड स्कूल प्रिंसिपल हैं. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ जगन नाथ स्याल और उनकी पत्नी वीणा स्याल अभी तमिलनाडु के कोयंबटूर में अपने बेटे नमन के घर में हैं.
उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि दो हफ़्ते पहले ही वह कांगड़ा के अपने गाँव से कोयंबटूर गए थे क्योंकि पोती आर्या स्याल की देखभाल करनी थी. नमन की पत्नी की कोलकात में ट्रेनिंग चल रही है.
2009 में एनडीए क्लियर करने के बाद नमन ने डिफेंस जॉइन किया था. उनके पिता ने कहा कि नमन पढ़ाई में बहुत अच्छे थे.
नमांश के पिता ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ''एयर फोर्स के जो अधिकारी हमें सूचित करने आए थे, उनसे पूछा कि शव कब आएगा. उन्होंने मुझे को निश्चित समय नहीं बताया. लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि बाकी प्रक्रिया पूरी होने में दो दिन लग जाएंगे.''
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से लोकसभा सांसद और बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने भी एक्स पर दुख जताते हुए लिखा है, ''दुबई एयर शो में हुए तेजस विमान हादसे में वीरभूमि हिमाचल के कांगड़ा जिला के नमन स्याल जी के निधन का समाचार अत्यंत कष्टदाई है.''
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुर्घटना पर दुख जताया है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''दुबई एयर शो में हवाई प्रदर्शन के दौरान भारतीय वायुसेना के एक बहादुर पायलट के निधन से गहरा दुख हुआ है. शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. इस दुख की घड़ी में पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा है.''
भारत के चीफ़ ऑफ डिफ़ेंस स्टाफ़ (सीडीएस) जनरल चौहान और भारतीय सशस्त्र बलों के सभी रैंक के अधिकारियों ने तेजस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है.
स्वदेशी तेजस
सिंगल इंजन वाला तेजस लड़ाकू विमान पूरी तरह से स्वदेशी है. इसकी निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल है.
ये विमान दूर से ही दुश्मन के विमानों पर निशाना साध सकता है और दुश्मन के रडार को भी चकमा देने की क्षमता रखता है. ये विमान उतने ही हथियार और मिसाइल लेकर उड़ सकता है जितना इससे ज़्यादा वज़न वाला सुखोई विमान.
साल 2004 के बाद से तेजस में अपग्रेडेड इलेक्ट्रिट इंजन F404-GE-IN20 इस्तेमाल हो रहे हैं. वहीं तेजस मार्क 1 वेरिएंट वर्तमान में F404 IN20 इंजन का इस्तेमाल कर रहा है.
मार्क 1A संस्करण में भी यही इंजन इस्तेमाल होता रहेगा, जबकि भविष्य में आने वाले तेजस मार्क 2 में अधिक शक्तिशाली जनरल इलेक्ट्रिक F414 INS6 इंजन लगा होगा.
तेजस लड़ाकू विमान सुखोई लड़ाकू विमानों से हल्के होते हैं और ये आठ से नौ टन तक बोझ उठा सकते हैं. इसके अलावा ये ध्वनि की गति यानी मैक 1.6 से लेकर 1.8 तक की तेज़ी से उड़ सकते हैं, वो भी 52 हज़ार फ़ीट की ऊंचाई तक.
तेजस में कुछ ख़ास तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है. जैसे क्रिटिकल ऑपरेशन क्षमता के लिए 'एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली-स्कैन्ड रडार' यानी इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्कैन रडार, बियांड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल, इलेक्ट्रानिक वारफेयर सुइट और एयर टू एयर रिफ़्यूलिंग की व्यवस्था.
इसी साल सितंबर महीने में भारतीय रक्षा मंत्रालय ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ 97 तेजस विमान खरीदने का सौदा किया था. इनकी आपूर्ति 2027 में शुरू होने की उम्मीद है.
इससे पहले साल 2021 में भारत सरकार ने एचएएल के साथ 83 तेजस एयरक्राफ़्ट की डील साइन की थी. इसकी डिलीवरी साल 2024 में ही होनी थी लेकिन अमेरिका से आयात किए जाने वाले इंजनों की कमी के कारण इसमें देर हुई.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित