बायकॉट मालदीव से लेकर अल्लू अर्जुन... 2024 में सोशल मीडिया पर क्या-क्या हुआ?

अल्लू अर्जुन और रश्मिका

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इमेज कैप्शन, साल के अंत में अल्लू अर्जुन को पुलिस की पूछताछ का सामना करना पड़ा.
    • Author, अंशुल सिंह
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

लक्षद्वीप घूमने जाएं या मालदीव और इस बहस के बाद दिलजीत दोसांझ ने 'इंडिया टूर' कर डाला.

एक कॉमेडियन ने भारत के प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने की कोशिश की तो एक इंफ्लुएंसर चायवाले ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक शख़्स को चाय पिलाई.

भारत ने 13 साल बाद क्रिकेट का वर्ल्ड कप जीता, लेकिन विनेश फोगाट के मेडल न जीत पाने से देश की उम्मीदों को झटका लगा.

अल्लू अर्जुन जिनकी एक झलक पाने के लिए हज़ारों लोगों की भीड़ उमड़ जाती है और फिर ऐसी ही भीड़ के कारण उन्हें पुलिस स्टेशन के चक्कर लगाने पड़े.

यह सब कुछ हुआ साल 2024 में जो अगले एक दिन में ख़त्म हो जाएगा. साल भर सोशल मीडिया पर जो कुछ भी हुआ, आइए उसके बारे में जानते हैं.

लाल रेखा

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लाल रेखा

लक्षद्वीप बनाम मालदीव की बहस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

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इमेज कैप्शन, लक्षद्वीप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

साल 2024 की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्षद्वीप से जुड़ी यात्रा की तस्वीरें शेयर करते हुए लोगों से यहां घूमने की अपील की.

इसके बाद कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर यह कहा कि पर्यटकों को अब मालदीव की जगह लक्षद्वीप जाना चाहिए.

मालदीव के कुछ सोशल मीडिया इंफ़्लुएंसर्स और मुइज़्ज़ू सरकार में मंत्री मरियम शिउना को यह अपील नागवार गुजरी. इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और भारत के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी की.

इन टिप्पणियों के बाद भारत में भी कुछ आम यूजर्स और सेलिब्रिटीज विवाद में कूद पड़े और उन्होंने मालदीव के बहिष्कार का नारा दिया.

अक्षय कुमार, सलमान ख़ान, सचिन तेंदुलकर जैसी कई हस्तियों ने घूमने के लिए भारतीय द्वीपों को तरजीह दिए जाने की बात की.

यहां तक कि ट्रैवल कंपनी 'ईज माई ट्रिप' ने तो मालदीव की बुकिंग ही कैंसिल कर दी थी.

मामला बढ़ता देख मालदीव सरकार को सफ़ाई देनी पड़ी और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मंत्रियों को निलंबित कर दिया था.

इससे पहले मालदीव में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने चुनाव प्रचार के दौरान 'इंडिया आउट' का नारा दिया था और बाद में भारत-मालदीव के रिश्तों में तल्ख़ी देखी गई थी.

डॉली की चाय

डॉली चायवाले की तस्वीर

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इमेज कैप्शन, चाय पिलाने के अनोखे तरीके के कारण डॉली वायरल हुए थे.
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मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

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नागपुर के रहने वाले डॉली चायवाला उस वक़्त सोशल मीडिया पर छा गए, जब उन्होंने बिल गेट्स से मुलाक़ात की. इस मुलाक़ात का वीडियो बिल गेट्स ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया था.

सोशल मीडिया पर इस मुलाक़ात से ज़्यादा चर्चा डॉली के उस बयान की हुई थी, जिसमें डॉली ने कहा था कि उन्हें मुलाक़ात से पहले बिल गेट्स के बारे में नहीं पता था.

डॉली ने कहा था, "मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था. मैं तो समझा था कि ये विदेश के कोई व्यक्ति हैं, इनको चाय पिलानी चाहिए. अगले दिन मुझे पता चला कि डॉली तूने किसको चाय पिलाई. चाय पीने के बाद वो बोले, वाउ! डॉली की चाय."

डॉली के इस बयान पर सोशल मीडिया यूज़र्स ने जमकर मीम बनाए थे जो आज भी वायरल होते रहते हैं.

नागपुर के रहने वाले डॉली बिल गेट्स से मुलाक़ात से पहले भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे.

तब इसके पीछे की वजह उनका चाय पिलाने का अनोखा तरीका था. हालांकि, कुछ यूजर्स ने उनके इस तरीके को गंदा बताया था.

अब चाय की टपरी के अलावा डॉली अपनी लाइफ़स्टाइल के कारण भी चर्चा में बने रहते हैं. सूट-बूट, चश्मा और रंगीन बाल डॉली की पहचान है और वो अलग-अलग देश भी घूम चुके हैं.

वैसे डॉली चायवाला का असली नाम सुनील पाटिल है.

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पीएम मोदी के ख़िलाफ़ श्याम रंगीला

श्याम रंगीला की तस्वीर

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इमेज कैप्शन, श्याम रंगीला का वाराणसी लोकसभा सीट से पर्चा खारिज हुआ था.

एक आर्टिस्ट जिसके करियर की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री से हुई.

इस हुनर के दम पर उन्हें देश भर में लोगों ने जानते हैं और 2024 में मई के महीने में एक दिन उन्होंने पीएम मोदी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने की घोषणा की.

सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स वाले श्याम रंगीला का कहना था कि सूरत और इंदौर जैसे हालात न बने, इसलिए वाराणसी से चुनाव लड़ रहा हूं.

सूरत और इंदौर में विरोधी प्रत्याशियों का पर्चा रद्द होने और नाम वापस लेने की वजह से बीजेपी के प्रत्याशी निर्विरोध सांसद बन गए थे.

श्याम रंगीला के चुनाव में लोगों ने कई नाटकीय मोड़ देखे और अंत में रंगीला चुनाव नहीं लड़ पाए.

घर से निकलने से लेकर वाराणसी में पर्चा खारिज होने से जुड़े वीडियो श्याम रंगीला ने अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किए.

रंगीला का कहना था कि उन्हें मोदी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने नहीं दिया गया, जबकि प्रशासन की तरफ़ से कहा गया कि शपथ पत्र अधूरा रहने के कारण नामांकन खारिज हुआ है.

रंगीला भले ही चुनाव न लड़ पाए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणासी सीट से चुनाव जीते और तीसरी बार प्रधानमंत्री बने.

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'ऑल आइज़ ऑन रफ़ाह'

ऑल आइज़ ऑन रफ़ाह वाली तस्वीर

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इमेज कैप्शन, इस साल मई के महीने में दक्षिणी ग़ज़ा के रफ़ाह शहर में फ़लस्तीनी शिविरों पर इसराइली हमले हुए थे और कम से कम 45 फ़लस्तीनी मारे गए थे. इसके बाद ये तस्वीर वायरल हुई थी.

एक इंस्टाग्राम पोस्ट जिसे पांच करोड़ से ज़्यादा बार शेयर किया गया और देखते ही देखते भारत समेत पूरी दुनिया में इसे लोगों ने देखा.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनी एक तस्वीर, जिसमें विस्थापित फ़लस्तीनियों के शिविरों को दिखाया गया था और इस पर एक नारा लिखा था- ऑल आइज़ ऑन रफ़ा.

इस साल मई के महीने में दक्षिणी ग़ज़ा के रफ़ा शहर में फ़लस्तीनी शिविरों पर इसराइली हमले हुए थे और कम से कम 45 फ़लस्तीनी मारे गए थे. इसके बाद यह तस्वीर वायरल हुई थी.

दुआ लिपा, लुईस हैमिल्टन, बेला हदीद और प्रियंका चोपड़ा जैसी अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के साथ आलिया भट्ट, करीना कपूर ख़ान, वरुण धवन, एटली, दिया मिर्ज़ा, और सोनम कपूर जैसी भारतीय सेलिब्रिटीज ने इसे शेयर किया था.

बीबीसी न्यूज़ की अरबी सेवा ने पाया कि घटना के बाद यह तस्वीर मलेशिया के एक युवक द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किये जाने के बाद वायरल हो गई थी.

सूर्या ने कैच नहीं वर्ल्ड कप लपका

सूर्य कुमार यादव का कैच

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इमेज कैप्शन, सूर्य कुमार यादव का कैच.

एक रोमांचक फ़ाइनल मुक़ाबला जिसमें भारत ने हारी हुई बाज़ी को जीत लिया. 13 साल बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप का कोई ख़िताब जीता और एक लंबा इंतज़ार ख़त्म किया.

सोशल मीडिया पर सबसे ज़्यादा सूर्य कुमार यादव के कैच की हुई. कमेंटेटर से लेकर कोच और खिलाड़ी से क्रिकेट फै़न्स हर कोई उस कैच का मुरीद हो गया था.

इस कैच से अच्छी बैटिंग कर रहे दक्षिण अफ़्रीकी बल्लेबाज़ मिलर तो आउट हुए और निर्णायक मोड़ पर टीम के लिए छह रन भी बचाए गए थे. आख़िर में भारत सात रन से मुक़ाबला जीतकर चैम्पियन बना था.

मैच के बाद सूर्य कुमार यादव ने कहा था कि उन्हें अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उन्होंने मैच विनिंग कैच पकड़ा है.

भारत और दक्षिण अफ़्रीका दोनों टीम के खिलाड़ियों की आंखों में आंसू थे. अंतर बस इतना एक जीत के आंसू थे और दूसरे जीत के इतने क़रीब आकर हार के.

हार्दिक पांड्या को कुछ दिन पहले तक लोगों की आलोचना का सामना करना पड़ा था और उन्होंने फ़ाइनल में तीन अहम विकेट लिए.

इस प्रदर्शन के साथ वो टी-20 में रैंकिंग में नंबर वन ऑलराउंडर बने और सोशल मीडिया का माहौल उनके पक्ष में दिखा.

शादी जिसकी दुनिया भर में चर्चा हुई

अंबानी परिवार की तस्वीर

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इमेज कैप्शन, अंबानी परिवार.

जुलाई, 2024 में एक ऐसी शादी हुई जिसको लेकर लोगों के मन में सवाल था कि आख़िर यह कब निपटेगी? यह शादी दुनिया के सबसे अमीर परिवारों में से एक अंबानी परिवार में हो रही थी.

मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी की शादी राधिका मर्चेंट से हुई और ये एक हफ़्ता लंबा कार्यक्रम था. वहीं मार्च में प्री-वेडिंग समारोह आयोजित हुए थे.

इन कार्यक्रमों में आकर्षक परिधान, शानदार आभूषण, सजावट और भारतीय सितारों के साथ अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की परफॉर्मेंस ने लोगों का ध्यान खींचा था.

सोशल मीडिया इस शादी को लेकर दो धड़ों में बंटा हुआ दिखा था. एक पक्ष ने इसकी भव्यता की तुलना राजा-महाराजाओं की शाही शादी से की थी.

वहीं दूसरे पक्ष में शामिल लोगों का मानना था कि भारत जैसे असमानता वाले देश में शादी पर इतना ख़र्च सही नहीं है.

विनेश फोगाट: करोड़ों लोगों की उम्मीदों को झटका

विनेश फोगाट की तस्वीर

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इमेज कैप्शन, पेरिस ओलपिंक में फाइनल खेलने से पहले ओवरवेट होने की वजह से विनेश को अयोग्य घोषित कर दिया गया.

जीवन में उतार-चढ़ाव, टकराव और संघर्ष की कोई कहानी होगी तो बिना किसी शक के विनेश फोगाट इसकी मुख्य किरदार हो सकती हैं.

महिला पहलवानों ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष रहे बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण समेत कई गंभीर आरोप लगाए और जंतर-मंतर पर धरना दिया.

विनेश फोगाट इस आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा थीं. 2023 में विनेश सड़कों पर महिला पहलवानों की लड़ाई लड़ रही थीं और 2024 के अगस्त महीने में भारत के लिए मेडल की लड़ाई लड़ रही थीं.

सात अगस्त को विनेश फोगाट ने एक के बाद एक तीन मुक़ाबलों (प्री क्वार्टर फ़ाइनल, क्वार्टर फ़ाइनल और सेमीफ़ाइनल) में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुश्ती के 50 किलोग्राम भार वर्ग के फ़ाइनल में जगह बनाई थी.

वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं और फ़ाइनल में उनका मुक़ाबला अमेरिका की सारा हिल्डब्रैंड से होना था.

लेकिन फ़ाइनल मुक़ाबले से कुछ घंटे पहले उनका वज़न तय 50 किग्रा से 100 ग्राम ज़्यादा था और उन्हें फ़ाइनल मुक़ाबले के लिए अयोग्य करार दिया गया.

अयोग्य करार दिए जाने के बाद भारत में सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराज़गी ज़ाहिर की.

विनेश को सोशल मीडिया पर भारत से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिला लेकिन मेडल मिलने की उनकी तमन्ना अधूरी रह गई.

पेरिस ओलंपिक 2024 में विनेश से इतर भी कुछ ऐसे पल आए जिन्होंने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं.

अल्जीरिया की 25 साल की मुक्केबाज़ ईमान ख़लीफ़ ने पेरिस ओलंपिक में चीन की विश्व चैंपियन यांग ल्यू को हराकर महिला बॉक्सिंग का गोल्ड मेडल जीता लेकिन जीत से ज़्यादा चर्चा उनकी लैंगिक पहचान को लेकर हुई.

इटली की महिला बॉक्सर एजेंला करिनी ने खलीफ़ के ख़िलाफ़ रिंग में उतरने के 46 सेकेंड बाद ही मुक़ाबला छोड़ दिया था. उनका कहना था कि उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई.

कई लोगों ने ईमान को 'बायोलॉजिकल मेल' कहा, हालांकि इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटि का कहना था कि ईमान ख़लीफ़ ने सभी टेस्ट पास किए हैं.

अभिनव अरोड़ा

अभिनव अरोड़ा की तस्वीर.

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इमेज कैप्शन, अभिनव अरोड़ा.

दस साल के अभिनव अरोड़ा को सोशल मीडिया पर धार्मिक कंटेंट बनाने के कारण पहचान मिली और बाद में यही पहचान विवाद का कारण बनी.

अभिनव अरोड़ा का परिवार मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला है. उनके पिता तरुण राज अरोड़ा कारोबारी, लेखक, वक्ता और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं.

अभिनव अरोड़ा का सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म इंस्टाग्राम पर एक अकाउंट है जिसे दस लाख से ज़्यादा लोग फॉलो करते हैं.

परिवार का दावा है कि अभिनव के इस इंस्टाग्राम अकाउंट को उनके परिजन चलाते हैं.

अभिनव की मां ज्योती अरोड़ा कहती हैं, “अभिनव बचपन से ही धार्मिक प्रवृति के हैं. बचपन में हम उनके वीडियो मोबाइल से रिकॉर्ड करते थे, कोरोना काल के दौरान उनका इंस्टाग्राम अकाउंट शुरू किया.”

सोशल मीडिया पर अभिनव अरोड़ा और उनकी भक्ति को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं.

कई यूज़र और चर्चित यू-ट्यूब चैनलों ने ये सवाल उठाया गया है कि अभिनव अरोड़ा का परिवार ‘एक प्रॉडक्ट की तरह अभिनव और धर्म का इस्तेमाल’ कर रहा है.

ये सवाल भी उठा है कि अभिनव के माता पिता उन्हें निर्देशित करते हैं और वो जो भी बोलते हैं वो सब उन्हें रटवाया हुआ है.

हालांकि पिता तरुण अरोड़ा का कहना है कि अभिनव अपनी मर्ज़ी से भगवान की भक्ति करते हैं और परिवार की तरफ़ से उन पर कोई दवाब नहीं डाला जाता है.

इसके बाद अभिनव के पक्ष-विपक्ष में लोगों ने अपनी राय सोशल मीडिया पर साझा की और उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा.

अरोड़ा परिवार का दावा है कि अभिनव अरोड़ा की ट्रॉलिंग और इससे शुरू हुए विवादों से उनका दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है.

फिर कुछ दिन बाद अभिनव अरोड़ा और उनके परिवार कुछ यूट्यूबर्स के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करने की मांग की है और मथुरा की एक स्थानीय अदालत में इसकी सुनवाई हो रही है.

'पंजाबी आ गए ओए'

दिलजीत दोसांझ की तस्वीर

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इमेज कैप्शन, दिलजीत दोसांझ के दिल-लुमिनाटी टूर का आख़िरी पड़ाव 31 दिसंबर को पंजाब के शहर लुधियाना में है.

विदेशों में धूम मचाने के बाद दिलजीत दोसांझ अपने घर यानी भारत पहुंचे. दिलजीत के कॉन्सर्ट की शुरुआती लाइन 'पंजाबी आ गए ओए' विदेशों में जमकर लोकप्रिय हुई.

दिलजीत भारत आते उससे पहले ही उनके दिल-लुमिनाटी टूर के टिकट ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर आ गए.

टिकटों की महंगी क़ीमत को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, लेकिन एक सच यह भी है कि दिलजीत के कॉन्सर्ट के टिकट चंद मिनटों के भीतर बिक गए.

26 अक्टूबर को दिल्ली से शुरू हुआ दिल-लुमिनाटी टूर 31 दिसंबर को लुधियाना में ख़त्म होगा लेकिन जब से उनका ये टूर शुरू हुआ, तब से लगातार कई विवाद सामने आए हैं.

चंडीगढ़ में 14 दिसंबर को दिलजीत दोसांझ परफॉर्म करने पहुंचे थे. इससे दो दिन पहले उन्होंने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में Punjab को Panjab लिख दिया था, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया.

सवाल उठाने वाले लोगों को मानना है कि पाकिस्तान वाले हिस्से के पंजाब को अंग्रेजी में Panjab लिखते हैं, जबकि भारत के हिस्से वाले पंजाब को Punjab लिखा जाता है.

हालांकि दिलजीत ने सफ़ाई में कहा कि Panjab को चाहे Punjab लिखो. पंजाब, पंजाब ही रहेगा.

इंदौर में उन्होंने लाइव शो के दौरान कहा, "सभी का खून है शामिल यहां की मिट्टी में, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है."

राहत इंदौरी की इस एक लाइन को सोशल मीडिया पर लाखों लोगों ने देखा और पसंद किया.

इस कॉन्सर्ट को बजरंग दल ने रद्द करने की मांग की थी. हिंदू संगठनों की मांग थी कि कॉन्सर्ट में शराब और मांस ना परोसा जाए.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंदौर के इस कॉन्सर्ट में शराब और मांस नहीं परोसा गया.

थियेटर से थाने पहुंचे अल्लू अर्जुन

अल्लू अर्जुन की तस्वीर

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'पुष्पा झुकेगा नहीं'. साल 2021 में बड़े पर्दे पर अभिनेता अल्लू अर्जुन की पुष्पा फ़िल्म रिलीज़ हुई तो उनका यह डायलॉग लोगों की जुबां पर चढ़ गया था.

फिर तीन साल बाद पुष्पा झुक गया. मौका था पुष्पा-2 फ़िल्म के ट्रेलर लॉन्च का और जगह थी बिहार की राजधानी पटना.

हज़ारों की भीड़. कोई टावर पर चढ़ा है तो कोई होर्डिंग पर. हर कोई अपने पसंदीदा हीरो की बस एक झलक चाहता था.

हिंदी भाषी प्रदेश में तेलुगू स्टार के लिए आई इस भीड़ ने सबका ध्यान खींचा. अल्लू के साथ फ़िल्म की अभिनेत्री रश्मिका मंदाना भी थीं.

मंच से अल्लू अर्जुन ने हिंदी बोलने की कोशिश की और कहा, "पहली बार बिहार आया हूं. आपका प्यार और आपका स्वागत के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया."

"पुष्पा कभी झुकेगा नहीं लेकिन आज पहली बार आपके प्यार के लिए झुकेगा. थैंक्यू."

अगले महीने हैदाराबाद में भी उनके लिए भीड़ जुटी जिसके कारण उन्हें एक रात जेल में बितानी पड़ी.

दिसंबर चार को अल्लू अर्जुन की फिल्म 'पुष्पा-2: द रूल' की रिलीज़ की पूर्व संध्या पर हैदराबाद के 'संध्या थिएटर' में फिल्म की स्क्रीनिंग रखी गई थी. यहां लोग एडवांस में टिकट खरीदकर फ़िल्म देखने पहुंचे थे.

अल्लू अर्जुन की टीम ने अचानक यहां उनके जाने का कार्यक्रम बनाया और उनके सिनेमाघर पहुंचते ही प्रशंसकों में उन्हें देखने के लिए भगदड़ मच गई.

इस दौरान वहां 35 साल की एक महिला की मौत हो गई और जिसे लेकर अल्लू अर्जुन समेत कई लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ.

पुलिस के मुताबिक़ महिला के पति की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया.

अभिनेता अल्लू अर्जुन हैदराबाद की चांचलगुडा सेंट्रल जेल में एक रात बिताने के बाद सुबह रिहा हो गए थे.

जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने कहा था कि मामले की जांच में वो पूरा सहयोग करेंगे.

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