अमेरिका इस सेक्टर में चीन को करना चाहता है कमज़ोर लेकिन क्या हैं चुनौती

शी जिनपिंग, बाइडन

इमेज स्रोत, MANDEL NGAN,NOEL CELIS/AFP via Getty Images

दुनिया के सभी देश जिस वक्त डीज़ल और पेट्रोल की कारों को छोड़कर बैटरी वाहनों की तरफ बढ़ने की घोषणा कर रहे थे, उस वक्त चीन इस क्षेत्र में अपने कदम आगे बढ़ा चुका था.

दुनिया के कार बाज़ार में 2021 में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी केवल 5 फीसदी थी और इसमें भी बड़ी हिस्सेदारी चीन की थी.

2021, 2022 और 2023 में दुनिया के सभी मुल्कों में कुल मिलाकर जितनी इलेक्ट्रिक कारें बेची गईं उससे अधिक केवल चीन में बेची गईं.

बीते कुछ सालों में यूरोप में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री तेज़ी से बढ़ी है, लेकिन अब तक ये चीन की बराबरी नहीं कर सके हैं और अमेरिका इस दौड़ में फिलहाल काफी पीछे है.

अब अमेरिका ने एक नया प्रस्ताव दिया है जिसके अनुसार देश में बेची जाने वाली इलेक्ट्रिक कारों में चीन में बनने वाले पुर्ज़ों या चीज़ों के इस्तेमाल को रोक दिया जाएगा.

इस तरह का प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ अमेरिका में बनने वाली इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर सरकार लोगों को आर्थिक मदद भी देगी.

इन प्रतिबंधों की काफी चर्चा हो रही है. ये कहा जा रहा है कि इनका लक्ष्य अमेरिका में इस सेक्टर को बढ़ावा देना है. लेकिन आलोचकों का कहना है कि इससे इलेक्ट्रिक कारों को अपनाने की गति धीमी हो सकती है.

कार की बिक्री

अमेरिका में बना नया क़ानून

मौजूदा वक्त में इलेक्ट्रिक कारों में लगने वाली बैटरी और उनमें इस्तेमाल होने वाले धातु के उत्पादन में चीन की हिस्सेदारी अधिक है.

लेकिन अमेरिकी राजनेताओं का मानना है कि चीनी निर्माताओं पर ज़रूरत से अधिक निर्भरता आर्थिक और सुरक्षा के लिहाज़ से जोखिम भरा है.

हाल में इलेक्ट्रिक कारों के उत्पादन के लिए फोर्ड और बैटरी बनाने वाली चीन की कंपनी सीएटीएल के बीच हुए समझौते की अमेरिका में आलोचना की गई है. इसे लेकर विवाद भी हुआ है.

बीते साल, अमेरिकी कांग्रेस ने जलवायु को लेकर एक क़ानून पास किया. इसके तहत अमेरिका में इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए अरबों डॉलर की टैक्स राहत और दूसरी आर्थिक मदद की बात की गई.

इस क़ानून के अनुसार अमेरिका में बनी इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर खरीदार को हर कार पर टैक्स में 7,500 डॉलर की छूट देने का प्रवधान किया गया था.

अमेरिका के जलवायु क़ानून के तहत विदेशों में बनने वाली कार खरीदने वालों को टैक्स में किसी तरह छूट नहीं दी जाएगी. व्हाइट हाउस का कहना है कि इस क़ानून के आने के बाद से अमेरिका में इस सेक्टर में प्राइवेट निवेश 100 अरब डॉलर तक बढ़ा है.

इलेक्ट्रिक कार

इमेज स्रोत, Getty Images

चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया को लेकर पाबंदी

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

शुक्रवार को अमेरिकी उर्जा मंत्रालय ने एक प्रस्ताव (इंटरप्रीटिव गाइडेंस ऑन फ़ॉरेन एन्टिटी ऑफ़ कन्सर्न) पेश किया है जिसके अनुसार साल 2024 की शुरूआत से ऐसी इलेक्ट्रिक कारें जिनकी बैटरी या उनमें लगने वाली धातु विदेश में बनी हो या फिर बैटरी को 'चिंता की विदेशी ईकाई' में असेंबल किया गया हो, उस कार पर खरीदार को टैक्स में छूट नहीं मिलेगी.

2025 तक, इन प्रतिबंधों को उन कारों पर भी लागू किया जाएगा जिनमें लगने वाले किसी सामान का खनन, प्रोसेसिंग या उसकी रीसाइकलिंग किसी 'चिंता की विदेशी ईकाई' में हुआ हो.

शुक्रवार को जो प्रस्ताव दिया गया है उसमें सरकार ने 'चिंता की विदेशी ईकाई' ऐसी कंपनियों को कहा है जिनका मुख्यालय, स्वामित्व या नियंत्रण करने वाली कंपनी चीन, रूस, ईरान या उत्तर कोरिया में हो.

कोई भी ऐसी कंपनी जिसमें उस देश की सरकार की हिस्सेदारी 25 फीसदी या कंपनी के बोर्ड, वोटिंग अधिकार या शेयर अधिक हो, वो इस नियम के दायरे में आती है. फिलहाल सरकार ने इस नियम पर सार्वजनिक राय मांगी है.

क्लीन एनर्जी इनोवेशन एंड इंप्लीमेन्टेशन मामले में जॉन पोडेस्टा राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार हैं.

वो कहते हैं, "राष्ट्रपति बाइडन ने जब पद की ज़िम्मेदारी संभाली तो उन्होंने ये मन बना लिया था कि दशकों से नौकरियों और कंपनियों के चीन जाने का जो ट्रेंड है वो उसे पलटने की पूरी कोशिश करेंगे."

"उनके इन्वेस्टिंग इन अमेरिका एजेंडे के कारण और राजस्व और उर्जा मंत्रालय से मिल रहे मार्गदर्शन की मदद से हम ये सुनिश्चित करने की कोशिश में लगे हैं कि इलेक्ट्रिक कारों के भविष्य में अमेरिका की महत्वपूर्ण जगह हो."

छोड़िए YouTube पोस्ट
Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट YouTube समाप्त

कार निर्माताओं ने क्या कहा?

कार निर्माताओं के संगठन अलायंस फ़ॉर ऑटोमोटिव इनोवेशन (एएआई) का कहना है कि अमेरिका में मौजूदा वक्त में जो इलेक्ट्रिक कारें बिक रही हैं उनमें से 10 में से केवल 20 मॉडल ऐसे हैं जो सरकार के नए प्रस्तावित नियमों के दायरे में हैं और जिन्हें टैक्स का लाभ मिल सकता है.

संगठन के अनुसार सरकार के नए नियम कार निर्माताओं को अधिक स्पष्ट जानकारी देते हैं.

एएआई का कहना है कि ऐसा लगता है कि वो कारें जिनमें लगी बैटरी या धातु अगर किसी चीनी कंपनी के साथ समझौते के तहत बनाई गई हैं और ये कंपनियां अमेरिकी ज़मीन पर ही हों, तो वो इन नियमों का उल्लंघन नहीं करेंगी.

कार बैटरी में लगने वाली "ट्रेस" चीज़ों को दो और सालों के लिए नियमों में छूट देने को लेकर संगठन ने अधिकारियों की भी तारीफ भी की है.

इलेक्ट्रिक कार

इमेज स्रोत, Ian Forsyth/Pool via REUTERS

एएआई के अध्यक्ष जॉन बोज़ेल्ला कहते हैं, "अमेरिका के उद्योगों के आधार को देखा जाए तो इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ बढ़ाना उसके लिए आमूल-चूल परिवर्तन से कम नहीं है. ये बहुत बड़ा काम है जो रातोंरात नहीं होने वाला."

"सरकार की गाइडेंस इस बात को स्वीकार करती है कि ये काम बेहद जटिल है और ये कार निर्माताओं के सामने बड़ी चुनौती है और वो बैलेंस बनाने की कोशिश कर रही है."

डेमोक्रेट पार्टी से सीनेटर जो मानचिन एक ऐसे राज्य से हैं जो कोयले में उत्पादन के लिए जाना जाता है. उनका कहना है कि सरकार इस क़ानून की व्याख्या करने में ढिलाई बरत रही है.

उन्होंने एक बयान में कहा कि कहा, "सरकार एक बार फिर ऐसे समाधान तलाशने की कोशिश कर रही है और देरी कर रही है जिससे चीन के लिए अमेरिकी करदाताओं का फायदा उठाना आसान हो जाएगा."

वो कहते हैं कि वो इस क़ानून में सुधार के लिए मांग करते रहेंगे और अगर इसके ख़िलाफ़ अदालत का दरवाज़ा खटखटाने की ज़रुरत पड़ी तो वो उसके समर्थन में रहेंगे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)