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इसराइल ने दक्षिणी ग़ज़ा पर हमले शुरू किए, हमास ने लगाया युद्धविराम तोड़ने का आरोप
इसराइल की सेना ने दक्षिणी ग़ज़ा के रफ़ाह में हवाई हमले की पुष्टि की है और हमास पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है.
सेना के प्रवक्ता ने कहा कि हमास ने 'येलो लाइन' के पार इसराइली सैनिकों पर कई हमले किए. यह वह इलाक़ा है, जहां इसराइली सेना अमेरिका की मध्यस्थता में हुए समझौते के पहले चरण के तहत पीछे हटी थी.
इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अपने सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 'ग़ज़ा पट्टी में आतंकवादी ठिकानों के ख़िलाफ़ कड़ा कदम उठाएं.'
वहीं, हमास ने कहा है कि वह युद्धविराम का पालन कर रहा है और उसने इसराइल पर इसे कई बार तोड़ने का आरोप लगाया है.
इसराइल के एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि ग़ज़ा में मानवीय सहायता को अगली सूचना तक रोक दिया गया है.
सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक़, "राजनीतिक नेतृत्व के निर्देश के अनुसार, ग़ज़ा पट्टी में मानवीय सहायता की आपूर्ति रोक दी गई है, क्योंकि हमास ने समझौते का खुला उल्लंघन किया है."
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हमले में छह लोगों की मौत
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक़, ग़ज़ा के मध्य क्षेत्र के अल-ज़वायदा क़स्बे पर इसराइली हवाई हमले में हमास की अल-क़ासिम ब्रिगेड के छह सदस्य मारे गए हैं. इनमें जबालिया बटालियन की विशेष इकाई के कमांडर याह्या अल-मबहू भी शामिल हैं.
हमला क़स्बे के समुद्र तट पर एक तंबू में बने छोटे कैफ़े पर हुआ. अल-ज़वायदा, ग़ज़ा के समुद्री तट पर देर अल-बलाह और ख़ान यूनिस के बीच स्थित है.
मारे गए छह लड़ाके मूल रूप से उत्तरी ग़ज़ा के रहने वाले थे, लेकिन हमले के समय वे यहां तैनात थे.
सीज़फ़ायर शुरू होने के बाद से अल-मबहू की मौत हमास के विशेष बलों के लिए अब तक की सबसे बड़ी क्षति मानी जा रही है.
आईडीएफ़ ने क्या कहा?
इसराइली सुरक्षा बलों (आईडीएफ़) ने एक बयान में कहा है कि उसने ग़ज़ा पट्टी के दक्षिणी हिस्से में लगातार हमले शुरू कर दिए हैं.
आईडीएफ़ के अनुसार ये हमले हमास के 'आतंकवादी ठिकानों' पर किए जा रहे हैं और ये 'सीज़फ़ायर समझौते की खुली अवहेलना' के जवाब में हैं.
हमास का कहना है कि वह रफ़ाह के पास रह रहे किसी भी लड़ाके से संपर्क में नहीं है, जहां आईडीएफ़ के मुताबिक़ हाल ही में झड़पें हुई थीं.
हमास ने इसराइल पर आरोप लगाया कि उसने 'समझौते का उल्लंघन किया और अपने अपराधों को सही ठहराने के लिए बहाने बनाए.'
ग़ज़ा के बीचोंबीच नुसरात इलाके़ में इसराइली हवाई हमले में तीन लोगों की मौत हुई है. यह जानकारी अल-अक़्सा अस्पताल के एक डॉक्टर ने दी है.
इस बात की पुष्टि हमास के नियंत्रण वाले ग़ज़ा के सिविल डिफेंस ने भी की है.
ग़ज़ा के लोग क्या सोच रहे हैं?
रुश्दी अबु अलूफ़, ग़ज़ा संवाददाता
कई ग़ज़ावासियों का कहना है कि उन्होंने नहीं सोचा था कि इसराइली हवाई हमले इतनी जल्दी फिर शुरू हो जाएंगे.
युद्धविराम के बाद जो थोड़ी राहत महसूस हुई थी, वह अब डर और अनिश्चितता में बदल गई है.
लोग अपने टेंट और घरों की ओर लौटने लगे हैं और कई इलाक़ों में ज़रूरी चीज़ों की क़ीमतें पहले ही बढ़ने लगी हैं. इससे साफ़ दिखता है कि हालात को लेकर चिंता और मायूसी बढ़ रही है.
हमास ने रफ़ाह में हुई घटना से ख़ुद को अलग किया है. उसका कहना है कि जिन लड़ाकों ने इसराइल समर्थित मिलिशिया पर हमला किया, वे काफ़ी पहले हमास से अलग हो चुके थे.
हमास का दावा है कि वह शर्म अल-शेख़ में हुए युद्धविराम समझौते के लिए अब भी प्रतिबद्ध है, लेकिन ज़मीनी हालात ये दिखा रहे हैं कि स्थिति तेज़ी से बिगड़ रही है और युद्धविराम किसी भी समय टूट सकता है.
हमास के नियंत्रण वाले स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि बीते 24 घंटों में इसराइली हमलों में ग़ज़ा में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है.
मंत्रालय के मुताबिक़, इन हमलों में तीन लोग घायल हुए हैं और 10 शव बरामद किए गए हैं.
लेकिन अभी भी कई लोग 'मलबे के नीचे और सड़कों पर फंसे हुए हैं', क्योंकि एम्बुलेंस और राहत टीमें वहां तक नहीं पहुंच पा रही हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ट्रंप के प्रस्तावित युद्धविराम के लागू होने के बाद से अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है, 146 लोग घायल हुए हैं और 414 शव बरामद किए गए हैं.
7 अक्तूबर 2023 को हुए हमले के जवाब में इसराइली सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से अब तक ग़ज़ा में कुल मौतों का आंकड़ा 68,159 तक पहुंच चुका है. उस हमले में हमास ने क़रीब 1,200 लोगों की हत्या की थी और 251 को बंधक बना लिया था.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.