मालदीव और लक्षद्वीप की तुलना कितनी सही, दोनों में कितना अंतर

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पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे की तस्वीरें सामने आने के बाद शुरू हुई बहस अब मालदीव तक पहुँच गई है.

पीएम मोदी और भारत पर विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्रियों को मालदीव सरकार ने निलंबित कर दिया है.

इन टिप्पणियों पर भारत समेत मालदीव के नेताओं की ओर से भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं.

कहा ये भी जा रहा है कि मालदीव के नेताओं की ओर से जैसी टिप्पणी की गई, उससे वहाँ के पर्यटन उद्योग को घाटा होगा.

अक्षय कुमार, सलमान ख़ान, सचिन तेंदुलकर जैसी कई हस्तियों ने घूमने के दौरान भारतीय तटों और द्वीपों को तरजीह दिए जाने की बात की.

ये सारी बहस पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे से शुरू हुई थी. जिनकी तस्वीरों को देखने के बाद सोशल मीडिया पर एक तबका ये कहने लगा था कि अब छुट्टी मनाने मालदीव नहीं, लक्षद्वीप जाएं.

ऐसे ही ट्वीट्स का जवाब देते हुए मालदीव सरकार के मंत्रियों की ओर से आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए ये कहने की कोशिश की गई कि मालदीव की तुलना लक्षद्वीप से करना सही नहीं है.

मालदीव और लक्षद्वीप की तुलना करते हुए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए.

भारत से मालदीव पहुंचना आसान है और कम वक़्त में पहुंचा जा सकता है.

मालदीव वीज़ा फ्री है. लक्षद्वीप जाने के लिए आपको परमिट लेना होता है.

भारत से अच्छी ख़ासी संख्या में मालदीव जाने के लिए फ्लाइट्स उपलब्ध हैं. वहीं अगर आप लक्षद्वीप फ्लाइट्स से जाना चाहते हैं तो फ्लाइट्स की संख्या कम है.

इस कहानी में हम यही समझने की कोशिश करेंगे कि मालदीव और लक्षद्वीप एक-दूसरे से कितना अलग हैं और ये तुलना सही है या ग़लत?

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मालदीव के बारे में जानिए

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मालदीव में 'माल' शब्द मलयालम की माला से आया है. मालदीव में 'माल' का मतलब माला से है और दीव का मतलब द्वीप से है. यानी दीपों की माला.

1965 में ब्रिटेन से आज़ादी मिलने के बाद शुरू में यहां राजशाही रही. नवंबर 1968 में इसे गणतंत्र घोषित कर दिया गया.

मालदीव भारत के दक्षिण पश्चिम में स्थित है. भारत के शहर कोच्चि से मालदीव की दूरी क़रीब एक हज़ार किलोमीटर है.

ये 1200 द्वीपों का एक समूह है. ज़्यादातर द्वीपों में कोई नहीं रहता है. मालदीव का क्षेत्रफल 300 वर्ग किलोमीटर है. यानी आकार में दिल्ली से क़रीब पांच गुणा छोटा.

मालदीव की आबादी क़रीब चार लाख है.

मालदीव में धिवेही और इंग्लिश बोली जाती है.

मालदीव का कोई भी द्वीप समुद्र तल से छह फुट से अधिक ऊंचा नहीं है. जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र के बढ़ते जल स्तर की नज़र से मालदीव पर ख़तरा बना रहता है.

इस देश की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर टिकी हुई है. यहां के द्वीपों की अर्थव्यवस्था भी पर्यटन पर निर्भर करती है. मालदीव की अर्थव्यवस्था में राष्ट्रीय आय का एक चौथाई से ज़्यादा हिस्सा पर्यटन से आता है.

2019 में हर साल मालदीव आने वाले पर्यटकों की संख्या क़रीब 20 लाख रही थी. हालांकि कोरोना के दौर में ये संख्या काफ़ी कम रही थी.

मालदीव जाने वालों में सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है. बीते साल भारत से मालदीव क़रीब दो लाख लोग गए थे. 2021 में क़रीब तीन लाख और 2022 में ये संख्या क़रीब ढाई लाख थी.

मालदीव के मीडिया संस्थान एवीएएस के मुताबिक़, मालदीव आने वाले सबसे ज़्यादा पर्यटक भारतीय हैं.

नीले समंदर से घिरे सफ़ेद रेत के किनारों वाले द्वीप पूरी दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर खींचते रहे हैं.

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मालदीव में किस देश से आते हैं कितने लोग?

भारत: 2 लाख 5 हज़ार

रूस: 2 लाख 3 हज़ार

चीन: 1 लाख 85 हज़ार

यूके: 1 लाख 52 हज़ार

जर्मनी: 1 लाख 32 हज़ार

इटली: 1 लाख 11 हज़ार

अमेरिका: 73 हज़ार

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मालदीव में घूमने को क्या क्या है?

अगर आप 26 जनवरी को कोच्चि से मालदीव जाना चाहें तो फ्लाइट का टिकट लगभग 10 हज़ार रुपये की है. जाने में वक़्त लगेगा लगभग दो घंटे.

मालदीव पर्यटन मंत्रालय के मुताबिक़, मालदीव में 175 रिसॉर्ट, 14 होटल, 865 गेस्ट हाउस, 156 जहाज़, 280 डाइव सेंटर्स, 763 ट्रेवल एजेंसी और पांच टूर गाइड्स हैं.

मालदीव में घूमने की कई जगहें हैं.

  • सन आईलैंड
  • ग्लोइंग बीच
  • फिहालहोही आईलैंड
  • माले सिटी
  • माफुशि
  • आर्टिफिशियल बीच
  • मामीगिली

कई ट्रैवल वेबसाइट्स के मुताबिक़, जनवरी-अप्रैल मालदीव घूमने का सबसे सही समय है.

मई से सितंबर तक मालदीव में घूमने वालों की कम भीड़ रहती है.

एक दिन के थ्री स्टार होटल की कीमत क़रीब 5 हज़ार से शुरू होती है.

पीएम मोदी

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लक्षद्वीप के बारे में जानिए

लक्षद्वीप भारत का केंद्र शासित प्रदेश है.

लक्षद्वीप से मालदीव क़रीब 700 किलोमीटर दूर है. लक्षद्वीप केरल के कोच्चि से 440 किलोमीटर दूर है.

लक्षद्वीप 36 छोटे-छोटे द्वीपों का समूह है.

साल 2011 की जनगणना के अनुसार, यहाँ की 96 फ़ीसदी आबादी मुसलमानों की है. लक्षद्वीप की कुल आबादी क़रीब 64 हज़ार है.

लक्षद्वीप का क्षेत्रफल क़रीब 32 वर्ग किलोमीटर है. यानी मालदीव के क्षेत्रफल से क़रीब 10 गुणा कम.

लक्षद्वीप में 10 बसे हुए द्वीप में हैं. इनमें कवाराट्टी, अगाट्टी, अमिनी, कदमत, किलातन, चेतलाट, बिट्रा, आनदोह, कल्पनी और मिनिकॉय हैं. बिट्रा में सिर्फ 271 लोग रहते हैं और वहीं वीरान बंगाराम द्वीप में सिर्फ 61 लोग रहते हैं.

यहां मलयालम भाषा बोली जाती है. सिर्फ़ मिनिकॉय में लोग मह्हे बोलते हैं, जिसकी लिपि धिवेही है. ये वही भाषा है जो मालदीव में भी बोली जाती है.

लक्षद्वीप में लोगों की कमाई का अहम ज़रिया मछली पकड़ना, नारियल की खेती है. लक्षद्वीप में पर्यटन उद्योग भी तेज़ी से बढ़ा है.

कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि बीते साल लक्षद्वीप जाने वाले पर्यटकों की संख्या क़रीब 25 हज़ार रही थी. यानी मालदीव जाने वाले भारतीयों की संख्या से लगभग आठ गुणा कम.

अगाट्टी में एक हवाई पट्टी है, जहां आप कोच्चि से पहुंच सकते हैं. अगाट्टी से कवाराट्टी और कदमत के लिए बोट उपलब्ध हैं. अगाट्टी से कवाराट्टी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा उपलब्ध है.

कोच्चि से अगाट्टी की फ्लाइट क़रीब डेढ़ घंटे की है.

कोच्चि से लक्षद्वीप जहाज़ के ज़रिए 14 से 18 घंटों में पहुंच सकते हैं. यहां जाने में कितने रुपये और वक़्त ख़र्च होगा, ये इस पर निर्भर करता है कि आप किस द्वीप जा रहे हैं और कितने दिन के लिए जा रहे हैं.

मोदी

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लक्षद्वीप में घूमने की क्या-क्या जगहें हैं?

  • कवाराट्टी आईलैंड
  • लाइट हाउस
  • जेटी साइट, मस्जिद
  • अगाट्टी
  • कदमत
  • बंगारम
  • थिन्नाकारा

मालदीव की ही तरह लक्षद्वीप में भी सफ़ेद रेत बीच हैं.

यहां तापमान 22 से 36 डिग्री सेल्सियस रहता है. दिसंबर से फ़रवरी के बीच यहां पर्यटकों की काफ़ी भीड़ रहती है.

मगर ध्यान रहें कि लक्षद्वीप जाने के लिए आपको प्रशासन से परमिट लेना होता है और यहाँ कई द्वीपों पर एंट्री प्रतिबंधित है या सरकार की अनुमति लेनी होती है.

लक्षद्वीप नाम की कहानी भी दिलचस्प है. मलयालम और संस्कृत में लक्षद्वीप का मतलब बोता है- एक लाख द्वीप.

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लक्षद्वीप पहले कब चर्चा में रहा?

हाल ही में जब पीएम मोदी ने लक्षद्वीप का दौरा किया था तो कई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, पीएम मोदी का हाल का दौरा बीजेपी की चुनावी रणनीति से भी जुड़ा हुआ है.

पीएम मोदी ने हाल के दौरे में कहा था, ''2020 में मैंने आपसे वादा किया था कि अगले 1000 दिन में लक्षद्वीप में तेज़ इंटरनेट होगा. आज जो ऑप्टिकल फाइबर प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, इससे आपको 100 गुणा तेज़ इंटरनेट स्पीड मिलेगी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि बाकी देश में सफल केरल में अब तक सफलता हासिल नहीं कर सकी है, ऐसे में लक्षद्वीप केरल का दरवाज़ा साबित हो सकता है.

लक्षद्वीप में प्रफुल पटेल 2020 से प्रशासक हैं.

कभी गोमांस और बीफ पर पाबंदी लगाने और कभी शुक्रवार की छुट्टी रविवार को किए जाने के फ़ैसले को लेकर लक्षद्वीप में विवाद हो चुका है.

लक्षद्वीप की संवेदनशीलता को देखते हुए ही भारतीय तट रक्षक पोस्ट को सक्रिय किया गया है.

इसके अलावा आईएनएस द्वीपरक्षक नेवल बेस भी बनाया गया.

राहुल गांधी के अलावा बीते साल लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैज़ल की सांसदी भी रद्द कर दी गई थी.

लक्षद्वीप की एक अदालत ने 11 जनवरी 2023 को हत्या के प्रयास के मामले में एनसीपी सांसद मोहम्मद फैज़ल को दस साल की सज़ा सुनाई.

इसके दो दिन बाद लोकसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी. 25 जनवरी 2023 को केरल हाई कोर्ट ने दस साल की सज़ा पर रोक लगा दी.

वहीं मालदीव की बात करें तो राष्ट्रपति बनने के बाद मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने इंडिया आउट के चुनावी नारे पर अमल लाते हुए भारत से अपने सैनिकों को वापस बुलाने के लिए कहा था.

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विवाद

लक्षद्वीप में 17 दिसंबर को साप्ताहिक छुट्टी शुक्रवार के बदले रविवार कर दी गई. लक्षद्वीप में दशकों से शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के लिए छुट्टी रहती थी.

लक्षद्वीप से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सांसद मोहम्मद फ़ैज़ल पीपी ने इस फ़ैसले का विरोध किया है और इसे एकतरफ़ा बताया था. उन्होंने कहा था कि प्रफुल पटेल चुने हुए प्रतिनिधि से बिना परामर्श किए एकतरफ़ा फ़ैसले ले रहे हैं. यहां स्कूलों का टाइम भी दिन में 10 से शाम पाँच बजे तक कर दिया गया था.

लक्षद्वीप और मालदीव दोनों को भारत की सुरक्षा के लिहाज के काफ़ी अहम माना जाता है.

अगर मालदीव में भारत की मौजूदगी कमज़ोर होती है तो चीन बहुत पास आ जाएगा और लक्षद्वीप में सुरक्षा को लेकर कोई चूक होती है तो चरमपंथियों की घुसपैठ की आशंका गहरा जाएगी.

कहा जाता है कि 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में चरमपंथी हमले से लक्षद्वीप की रणनीतिक संवेदनशीलता को समझा जा सकता है. केरल के तटों की सुरक्षा के लिहाज से भी लक्षद्वीप को काफ़ी अहम माना जाता है. लक्षद्वीप की संवेदनशीलता को देखते हुए ही आईसीजी पोस्ट को सक्रिय किया गया है. इसके अलावा आईएनएस द्वीपरक्षक नेवल बेस भी बनाया गया है.

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