हारिस रऊफ़ पर दो मैचों का बैन और सूर्यकुमार यादव पर जुर्माना क्यों लगा?

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पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ हारिस रऊफ़ और भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव को एशिया कप मैच के दौरान आईसीसी के नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने मंगलवार को भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानकारी दी.
भारत के साथ मुक़ाबले के दौरान दो अलग-अलग मामलों में हारिस रऊफ़ पर दोनों मैचों की 30-30 फ़ीसदी मैच फ़ीस का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही उन्हें अगले दो ओडीआई मुक़ाबलों से सस्पेंड भी कर दिया गया है.
यही कारण है कि पाकिस्तानी क्रिकेटर हारिस रऊफ़ मंगलवार को दक्षिण अफ़्रीका के साथ हुए पहले एकदिवसीय मैच में टीम के साथ नहीं थे और वह दूसरे मुक़ाबले में भी टीम का हिस्सा नहीं होंगे.
वहीं सूर्यकुमार यादव को भी मैच फ़ीस की 30 फ़ीसदी राशि जुर्माने के तौर पर भरनी होगी.
आईसीसी ने क्या बताया?

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एशिया कप में भारत और पाकिस्तान तीन बार आमने-सामने थे. इन तीनों ही मुक़ाबलों में नियमों की अनदेखी के लिए आईसीसी ने सुनवाई की.
मंगलवार को आईसीसी ने इस बारे में एक बयान जारी किया. इसके मुताबिक मैच रैफ़रियों के आईसीसी के एलीट पैनल के सदस्यों ने भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप में 14, 21 और 28 सितंबर को हुए मुक़ाबलों से जुड़ी सुनवाई पूरी की.
जो मुक़ाबला 14 सितंबर को हुआ, उसकी सुनवाई मैच रैफ़री रिचि रिचर्डसन ने की. इसी मैच के लिए सूर्यकुमार यादव पर कार्रवाई की गई है. आईसीसी ने बताया:
- सूर्यकुमार यादव को आईसीसी की आचार संहिता की धारा 2.21 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है, जो खेल को बदनाम करने वाले आचरण से जुड़ी है. उन पर मैच फ़ीस का 30 फ़ीसदी जुर्माना लगाया गया है और दो डिमेरिट प्वॉइंट दिए गए.
- साहिबज़ादा फ़रहान (पाकिस्तान) पर भी इसी धारा के तहत कार्रवाई हुई, उन्हें बस चेतावनी दी गई है और एक डिमेरिट प्वॉइंट भी.
- हारिस रऊफ़ (पाकिस्तान) पर भी इसी धारा के तहत मैच फ़ीस का 30 फ़ीसदी जुर्माना लगा है और दो डिमेरिट प्वॉइंट भी मिले हैं.
21 और 28 सितंबर के मैच के लिए क्या एक्शन?

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इस मैच के लिए सुनवाई मैच रेफ़्री एंडी पॉइक्रॉफ्ट ने की.
हालांकि, इस सुनवाई में भारतीय क्रिकेटर अर्शदीप सिंह को आचार संहिता की धारा 2.6 के उल्लंघन का दोषी नहीं पाया गया, जो अश्लील, आपत्तिजनक या अपमानजनक हावभाव दिखाने से जुड़ा है. इसलिए उनपर कोई प्रतिबंध भी नहीं लगाया गया है.
वहीं 28 सितंबर को हुए एशिया कप फ़ाइनल मुक़ाबले के लिए भारतीय क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह पर भी एक्शन हुआ है.
आईसीसी के मुताबिक, जसप्रीत बुमराह ने खेल को बदनाम करने से जुड़ी धारा 2.21 के तहत आरोप स्वीकार कर लिया और एक आधिकारिक चेतावनी के साथ प्रस्तावित सज़ा भी स्वीकार कर ली. इसकी वजह से उन्हें एक डिमेरिट अंक मिला. चूंकि उन्होंने सज़ा मान ली थी इसलिए किसी औपचारिक सुनवाई की ज़रूरत नहीं पड़ी.
हालांकि, इसी मैच के लिए पाकिस्तान के हारिस रऊफ़ को भी दोषी पाया गया. उनपर मैच फ़ीस का 30 फ़ीसदी जुर्माना लगा और दो डिमेरिट प्वॉइंट भी मिले.
इसके बाद हारिस रऊफ़ को 24 महीने की अवधि में कुल 4 डिमेरिट प्वॉइंट मिल गए.
आईसीसी का नियम कहता है कि जब एक खिलाड़ी को 24 महीने के अंदर चार या उससे ज़्यादा डिमेरिट प्वॉइंट मिलते हैं तो फिर ये सस्पेंशन प्वॉइंट में बदल जाता है और नतीजतन उन्हें मैच से निलंबन झेलना पड़ता है.
दो सस्पेंशन प्वॉइंट मिलने पर एक टेस्ट या फिर दो ओडीआई या टी-20 मैचों के लिए निलंबित किया जाता है.
साथ ही ये डिमेरिट प्वॉइंट खिलाड़ी के डिसिप्लीनरी रिकॉर्ड में 24 महीने के लिए रहते हैं और फिर हटते हैं.
आईसीसी ने बताया कि पाकिस्तान के दक्षिण अफ़्रीका के साथ चार और छह नवंबर को होने वाले एकदिवसीय मैच में हारिस रऊफ़ बाहर रहेंगे.
एशिया कप और भारत-पाकिस्तान का विवाद

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एशिया कप टूर्नामेंट इस बार संयुक्त अरब अमीरात में नौ सितंबर से 28 सितंबर तक हुआ था.
जिसमें 14, 21 और 28 सितंबर का मुक़ाबला भारत और पाकिस्तान के बीच रहा. 28 सितंबर को भारत ने ये ख़िताब जीता लेकिन उसके पिछले दो मुक़ाबलों में भी पाकिस्तान को भारत से हार मिली थी.
लेकिन इस बार दोनों देशों के मुक़ाबले में पहलगाम हमले का साया रहा. तनाव इस कदर बढ़ा दिखा कि दोनों देशों के खिलाड़ियों ने खेल की परंपराओं के मुताबिक, हाथ तक नहीं मिलाए.
टॉस के समय भी भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तान के कप्तान सलमान आग़ा के बीच रस्मी 'हैंडशेक' नहीं हुआ था.
पहले मुक़ाबले के बाद भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि वो पहलगाम हमले के पीड़ितों के साथ खड़े हैं.
सूर्यकुमार यादव ने कहा, "मैं थोड़ा समय लेना चाहता हूं. हम पहलगाम हमले के पीड़ितों के साथ खड़े हैं. हम उनके साथ हैं. हम इस जीत को हमारी सेना को समर्पित करते हैं. वो हमें प्रेरित करते रहेंगे."
वहीं, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पहले मैच के रेफ़री को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) से शिकायत की थी.
पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने एक्स पर लिखा था, 'मैच रेफ़री ने आईसीसी कोड ऑफ़ कंडक्ट और स्पिरिट ऑफ़ क्रिकेट को लेकर एमसीसी लॉ का जो उल्लंघन किया है, उसे लेकर पीसीबी ने आईसीसी से शिकायत की है.'
पाकिस्तान का आरोप था कि मैच रेफ़री एंडी पाइक्रॉफ़्ट ने टॉस के दौरान दोनों टीम के कप्तानों को हाथ ना मिलाने को कहा था.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए चरमपंथी हमले के बाद मई महीने में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था.
वहीं, 21 सितंबर को सुपर फ़ोर मुक़ाबले में भी यही माहौल देखने को मिला.
मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच अब कोई प्रतिद्वंद्विता नहीं बची है और इसके बारे में अब सवाल करना भी बंद कर देना चाहिए.
उन्होंने कहा, "आपको भारत और पाकिस्तान के बीच प्रतिद्वंद्विता के बारे में सवाल करने ही बंद कर देने चाहिए. क्योंकि मेरे मुताबिक़ अगर दो टीमें 15-20 मैच खेलती हैं, तो उसमें कोई टीम कोई टीम 7-8 से आगे चल रही है तो उसे अच्छा क्रिकेट खेलना कह सकते हैं. लेकिन 13-0 या 10-1 (मुझे पता नहीं क्या आँकड़े हैं) हो तो फिर ये राइवलरी नहीं है."
भारत ने फ़ाइनल मुक़ाबले में पाकिस्तान को पांच विकेट से हराया था. लेकिन मैच के बाद ट्रॉफ़ी को लेकर जो कुछ हुआ, वैसा क्रिकेट के मैदान पर पहले कभी नहीं देखा गया.
भारतीय टीम ने एसीसी अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी से ट्रॉफ़ी लेने से इनकार कर दिया था. नक़वी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के भी प्रमुख हैं.
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि खिलाड़ियों ने यह फ़ैसला पहले से कर रखा था. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि यह टीम का सामूहिक निर्णय था.
जब मैदान तक नहीं पहुंचा था विवाद

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एशिया कप में भारत-पाकिस्तान की टीमों के बीच दिखा तनाव पहले मैदान पर नहीं दिखता था.
इसी साल की शुरुआत में भले ही आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी के लिए भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं गई थी.
मगर जब 23 फ़रवरी को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में ही भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ी आमने-सामने थे, तब उनके बीच गर्मजोशी थी.
उस मुक़ाबले में शतक लगाकर टीम इंडिया को जीत दिलाने के बाद विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों से ना सिर्फ़ हाथ मिलाया था, बल्कि उनसे गले भी मिले थे.
हारिस रऊफ़ को गले लगाते हुए उनकी एक तस्वीर खूब चर्चा में भी रही थी.
रऊफ़ वही गेंदबाज़ हैं, जिनके ओवर में दो छक्के लगाकर विराट कोहली ने साल 2022 में टी-20 वर्ल्ड कप में हारी हुई बाज़ी पलट दी थी.
2022 के एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मैच के बाद विराट कोहली ने पाकिस्तान के हारिस रऊफ़ को अपनी जर्सी गिफ़्ट की थी और इसका वीडियो बीसीसीआई के एक्स हैंडल पर भी पोस्ट किया गया था.
इस जेस्चर के लिए हारिस रऊफ़ ने उनकी जमकर तारीफ़ की थी और कहा था, "विराट कोहली शानदार खिलाड़ी हैं. मैंने उनसे काफ़ी टाइम से शर्ट के लिए कहा था और अब उन्होंने साइन की हुई जर्सी मुझे दी. काफ़ी अच्छा लगा."
इतना ही नहीं, जब क़रीब तीन साल तक विराट कोहली बुरे फ़ॉर्म से गुज़र रहे थे, तो जुलाई 2022 में बाबर आज़म ने उनके लिए एक्स पर पोस्ट कर कहा था, "ये वक़्त भी गुज़र जाएगा." विराट कोहली ने पोस्ट का जवाब देते हुए बाबर आज़म का शुक्रिया अदा किया था.
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