मानवाधिकार मामलों की अमेरिकी अफ़सर क्यों आ रही हैं भारत? - प्रेस रिव्यू

उज़रा ज़िया

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद अमेरिकी मानवाधिकार विभाग की आला अफ़सर भारत दौरे पर आ रही हैं.

अंग्रेजी अख़बार 'द हिंदू' की रिपोर्ट में कहा गया है कि नागरिक सुरक्षा, लोकतंत्र, मानवाधिकार और तिब्बत मामलों पर विशेष अमेरिकी को-ऑर्डिनेटर उज़रा ज़िया भारत के साथ बांग्लादेश का भी दौरा करेंगी.

वो भारत सरकार और नागरिक संगठनों के शीर्ष अधिकारियों से बात करेंगी.

साथ ही वो दलाई लामा से मुलाकात करेंगी. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने उनके दौरे का पूरा ब्योरा जारी किया है.

अख़बार ने लिखा है कि जून में मोदी और बाइडन की मुलाकात के बाद अमेरिकी शीर्ष अधिकारी के नेतृत्व में किसी शिष्टमंडल का ये पहला भारत दौरा होगा. मोदी और बाइडन की मुलाकात के दौरान पहले दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए थे.

रिपोर्ट के मुताबिक़ उज़रा ज़िया भारत के विदेश सचिव विजय क्वात्रा और विदेश मंत्रालय के दूसरे अधिकारियों से मिलेंगी.

उज़रा ज़िया का दौरा ऐसे दौर में हो रहा है, जब पिछले सप्ताह ही अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने मणिपुर में जारी हिंसा पर चिंता जताई है.

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बांग्लादेश दौरे को लेकर हो सकता है विवाद

ज़िया बांग्लादेश भी जाएंगीं. उनकी बांग्लादेश यात्रा को लेकर प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है.

अमेरिका की ओर से जारी बांग्लादेश के लिए नई वीज़ा पॉलिसी के बाद उनकी ये यात्रा हो रही है.

25 मई को नई वीज़ा नीति घोषित करते हुए अमेरिका ने कहा था कि अगर बांग्लादेश अपने यहां जनवरी 2024 में हो रहे चुनाव के लिए किसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अड़चन डालेगा तो बांग्लादेश के शीर्ष अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अमेरिका के इस कदम की कड़ी आलोचना की थी. उन्होंने कहा था कि अमेरिका उनकी सरकार को अस्थिर करना चाहता है.

उनका कहना है कि अमेरिका बांग्लादेश की खाड़ी में मौजूद सेंट मार्टिन द्वीप में अपनी सेना तैनात करना चाहता था. लेकिन बांग्लादेश ने उसे इसकी इजाजत नहीं दी. अमेरिका इसी का बदला ले रहा है.

शेख हसीना

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भारत फ्रांस से खरीद सकता है रफाल लड़ाकू विमानों का नेवी वर्जन

भारत फ्रांस से रफाल लड़ाकू विमान के नेवी वर्जन के लिए सौदा कर सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह फ़्रांस जा रहे हैं.

इससे पहले प्रधानमंत्री की रक्षा अधिग्रहण परिषद की बैठक में रफाल के नेवी वर्जन की खरीद पर मुहर लग सकती है.

'टाइम्स ऑफ इंडिया' की ख़बर के मुताबिक़ भारत फ्रांस से रफाल के नेवी वर्जन के 24 से 30 लड़ाकू विमान खरीद सकता है. मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान इस डील पर मुहर लग सकती है.

मोदी बास्तिल डे परेड समारोह में फ्रांस के अतिथि के तौर पर शामिल हैं.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है की भारतीय सेना के पास अमेरिका के एफ-18 सुपर हॉरनेट विमानों का विकल्प था लेकिन इसने रफाल के नेवी वर्जन को चुना.

रफाल

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हालांकि इन विमानों की कीमत के बारे में पता नहीं चला है.

लेकिन माना जा रहा है कि ये विमान भारतीय सेना की ओर से पहले खरीदे गए रफाल विमानों सस्ते होंगे.

पिछले सप्ताह फ्रांस के रफाल लड़ाकू विमानों और अमेरिका के एफ-18 सुपर हॉरनेट्स दोनों ने भारत में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया था.

इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी ताकि वो खरीद पर आखिरी फैसला ले सके.

अख़बार ने लिखा है कि एयरक्राफ्ट करियर में तैनात मिग-29K के मुकाबले रफाल-एम की एयरपावर ज्यादा है.

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बाज़ारों में इस बार नहीं पहुंच रहे अच्छे आम, स्वाद और खुशबू में पड़े फीके

उत्तर भारत में ये आम का पीक सीज़न है. लेकिन इस बार बाज़ारों में जो आम पहुंच रहे हैं उनका स्वाद, खुशबू और रंग पिछले साल के मुकाबले फीका है.

बेवक्त की बारिश, आंधी और कीड़ों के हमले की वजह से इस बार दशहरी, चौसा अलफोंसो, केसर, लंगड़ा, लखनवी, आम्रपाली और मल्लिका जैसी वैराइटी की क्वालिटी गिर गई है.

'द हिंदू' में इस सीजन में आ रहे आम की घटिया क्वालिटी पर छपी रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के एक आम किसान के हवाले से बताया है कि इस बार आम की पैदावार में कमी आई है.

पिछले साल के मुकाबले इस बार पैदावार लगभग 40 फीसदी गिर गई है.

यूपी में शामली के पूर्व विधायक और आम किसान वारिस राव ने 'द हिंदू' को बताया कि पिछले साल औसत पैदावार थी लेकिन दाम अच्छे मिले थे. लेकिन इस बार पैदावार भी कम है और फसल के दाम भी कम मिल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि पिछले साल एक किलो आम 35 से 40 रुपये में बिक रहा था. लेकिन इस साल 25 से 30 रुपये ही मिल रहे हैं.

फिलहाल वो चौसा से इसकी भरपाई की उम्मीद लगाए हुए हैं जो इस सीजन में बाद में आता है.

आम

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ऑल इंडिया मैंगो ग्रोअर एसोसिएशन के अध्यक्ष इंसराम अली ने अख़बार को बताया कि अच्छी क्वालिटी के आम न आने से निर्यात पर भी नकारात्मक असर पड़ा है.

उन्होंने कहा कि निर्यात आधा हो जाने की आशंका है. साल 2019-20 में 4000 करोड़ रुपये के 49,658 टन आम का निर्यात हुआ था.

लेकिन कोविड में लॉकाडाउन की वजह से 2020-21 में ये आंकड़ा घट कर 21,033 टन रह गया था.

आम

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बच्चों को शिक्षा मुहैया कराने में चंडीगढ़ और पंजाब सबसे आगे

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने परफॉर्मिंग ग्रेडिंग इंडेक्स-2.0 (पीजीआई-2.0) 2021-22 की रिपोर्ट शुक्रवार को जारी कर दी. इसमें चंडीगढ़ और पंजाब ने देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है.

'अमर उजाला' की ख़बर के मुताबिक़ बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाने में चंडीगढ़ और पंजाब सबसे आगे हैं.

छह पैमानों और 73 इंडिकेटर्स के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में 1000 में से चंडीगढ़ ने 659 और पंजाब ने 647.4 अंक प्राप्त किए हैं.

स्कूल

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एक्सेस पैमाने में अर्थात शिक्षा उपलब्ध कराने में 68.6 अंक प्राप्त कर चंडीगढ़ दूसरे ग्रेड और 62.1 अंक लेकर पंजाब तीसरे ग्रेड पर रहा है.

आउटकम और गवर्नमेंट मैनेजमेंट के अंतर्गत छह मापकों और उनके 73 इंडिकेटर्स के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई, जिसके लिए यूडाईस प्लस, एनएएस, पोषण पोर्टल, प्रबंध और विद्यांजलि पोर्टल से डाटा लिया गया.

वर्ष 2017 से हो रहे पीजीआई इंडेक्स को इस बार पीजीआई 2.0 नाम दिया है, जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्कूलों में शिक्षकों की स्थिति का नया इंडिकेटर जोड़ा गया है.

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