बीजेपी लोकसभा चुनाव में इन वरिष्ठ नेताओं को उतारने की तैयारी में - प्रेस रिव्यू

बीजेपी की रैली

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बीजेपी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से कहा है कि वो आगामी लोकसभा चुनावों के लिए कमर कस लें, इनमें ख़ासकर वो नेता भी शामिल हैं जो तीसरी बार राज्यसभा सांसद हैं.

अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक ख़बर के अनुसार इनमें वो नेता भी हैं जो फिलहाल केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री हैं.

सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि ये नेता किन सीटों से उम्मीदवार होंगे, ये फ़ैसला उन्हीं पर छोड़ दिया गया है.

पार्टी के एक सूत्र ने अख़बार को बताया, "बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की एक बैठक हुई जिसमें ये फ़ैसला लिया गया है. एक या दो अपवाद को छोड़ दिया जाए तो ये सभी नेताओं पर लागू होगा."

अख़बार लिखता है कि हाल में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 18 सांसदों को मैदान में उतारा था, इनमें चार केंद्रीय मंत्री थे. इसके अच्छे नतीजे आए थे.

नेता ने अख़बार को बताया, "पार्टी के कम से कम दो बड़े नेता जिनमें एक केंद्रीय मंत्री भी हैं, उन्हें दिल्ली में उतारा जा सकता है."

केंद्रीय मंत्री जो, राज्यसभा सांसद भी हैं उनमें हैं- राजीव चंद्रशेखर, पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण, एस जयशंकर, धर्मेंन्द प्रधान, भूपेन्द्र यादव, हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मांडविया, पुरुषोत्तम रुपाला, अश्विनी वैश्णव, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नारायण राणे.

राजीव चंद्रशेखर, पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण और पुरुषोत्तम रुपाला उन नौ नेताओं में शुमार हैं जो राज्य सभा का अपना तीसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं. इस लिस्ट में प्रकाश जावड़ेकर भी हैं.

एनएसओ ने लगाया 7.3 फीसदी जीडीपी वृद्धि का अनुमान

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भारत की नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफ़िस ने चालू वित्त वर्ष (2023-24) में देश की अर्थव्यवस्था के 7.3 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है.

अख़बार बिज़नेस स्टैंडर्ड के अनुसार ये भारतीय रिजर्व बैंक के 7 फीसदी वृद्धि के अनुमान से ज़्यादा है.

एनएसओ का अनुमान है कि दुनिया की पांचवीं बड़ी भारतीय अर्थव्यव्स्था में निवेश के कारण जीडीपी में वृद्धि होगी.

अख़बार लिखता है कि अधिकतर अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष जीडीपी के 6.5 फीसदी से 6.7 फीसदी के बीत रहने का अनुमान लगाया है.

नवंबर 30 को भारतीय अर्थव्यवस्ता की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर) तक के आंकड़े जारी किए गए थे, जिसके अनुसार अर्थव्यवस्था 7.7 फीसदी की गति से आगे बढ़ी है.

शुक्रवार को एनएसओ ने जीडीपी वृद्धि से जुड़ा फर्स्ट एडवांस एस्टिमेस जारी किया है जिसमें अक्तूबर के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों के साथ-साथ नवंबर और दिसंबर के कुछ संकेतकों को भी आधार बनाया गया है.

अख़बार लिखता है कि इस आधार पर उसने चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.95 फीसदी रहने की उम्मीद जताई है.

डिजिटल डिवाइस ज़ब्त करने के दिशानिर्देश हों- सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली पुलिस

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निजी डिजिटल डिवाइस ज़ब्त करने में पारदर्शिता की कमी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पांच नवंबर को दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ऑनलाइन न्यूज़पोर्टल न्यूज़क्लिक मामले की सुनवाई कर रही थी.

द हिंदू में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार न्यूज़क्लिक की तरफ से पेश हुए वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ के घर पर हुए छापे के दौरान "न तो किसी क़ानून का पालन किया गया और न ही कोई दस्तावेज़ दिया गया."

बीते साल अक्तूबर में प्रबीर पुरकायस्थ को यूएपीए (गै़र-क़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम) के तहत गिरफ्तार किया गया था.

कपिल सिब्बल से जब जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने पूछा कि इस मामले पर सीधे कोर्ट आने की वजह क्या है, तो सिब्बल ने कहा कि कोर्ट के सामने कई याचिकाएं पहले से ही लंबित हैं जिनमें निजी डिजिटल डिवाइस या इलेक्ट्रोनिक डिवाइस ज़ब्त करने से संबंधित दिशानिर्देश बनाने की मांग की गई है.

ये याचिकाएं फाइंडेशन ऑफ़ मीडिया प्रोफ़ेशनल्स और पांच अकादमिकों ने दायर की हैं.

कोर्ट ने न्यूज़क्लिक का मामला भी इन याचिकाओं के साथ जोड़ दिया.

अख़बार लिखता है कि दिसंबर 14 को याचिकाओं की सुनवाई कर रही कोर्ट की अन्य बेंच ने केंद्र सरकार से कहा था कि वो छापों में ज़ब्त किए गए (ख़ासकर अकादमिकों और मीडिया से जुड़े लोगों के मामलों में) निजी डेटा की संपूर्णता बनाए रखे और इसके लिए सीबीआई मैनुअल में दिए नियमों का पालन करे.

तेज़ी से फैल रहे हैं तीन वायरस

कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के प्रति जागरूकता लाने के लिए मुंबई में चित्र बनाता कलाकार

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इमेज कैप्शन, कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के प्रति जागरूकता लाने के लिए मुंबई में चित्र बनाता कलाकार

डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों के दिनों में केवल कोविड वायरस को लेकर नहीं, बल्कि रेस्पिरेटरी सिंक्टिकल वायरस (आरएसवी) और मौसमी फ्लू को लेकर भी चिंता जताई जा रही है.

अख़बार द इकोनॉमिक्स टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार कोविड वायरस, आरएसवी और फ्लू संक्रमण के लक्षण एक जैसे होते हैं ऐसे में बिना टेस्टिंग के संक्रमण की पहचान करना मुश्किल है.

अख़बार ने मैक्स हेल्थकेयर के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर संदीप बुद्धिराजा के हवाले से लिखा है, "फ्लू, कोविड और आरएसवी के लक्षण एक जैसे हैं, तीनों वायरस के संक्रमण के मामलों में मरीज़ में बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत पेश आती है. ये तीनों वायरस सांस की नली को ही प्रभावित करते हैं इसलिए इन वायरस की क्लीनिकल पहचान मुश्किल होती है. इनकी सही पहचान और इलाज के लिए ज़रूरी है कि मरीज़ टेस्टिंग कराएं."

अख़बार लिखता है कि सर्दियों में खांसी और बुखार के मामले बढ़ रहे हैं. वहीं कोविड संक्रमण के मामलों में भी इज़ाफ़ा देखा जा रहा है.

शुक्रवार को देश में कोविड संक्रमण के 761 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि इससे 12 लोगों की मौत हुई है. वहीं संक्रमण के कुल मामले 4,300 से अधिक हैं.

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