भारत बनाम दक्षिण अफ़्रीका: हार्दिक, वरुण और बुमराह ने जगाई फिर से विश्व कप की उम्मीद

    • Author, मनोज चतुर्वेदी
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिन्दी के लिए

हार्दिक पांड्या की आक्रामक बल्लेबाज़ी, वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह की गेंदबाज़ी ने भारत को लगातार दसवीं टी-20 सिरीज़ और टूर्नामेंट जिता दिया है.

भारत ने पांचवें टी-20 मैच में दक्षिण अफ़्रीका को 30 रनों से हराकर 3-1 से सिरीज़ जीती है.

भारत पिछले टी-20 विश्व कप के बाद से किसी भी सिरीज़ में नहीं हारने से अगले साल फ़रवरी में शुरू होने वाले टी-20 विश्व कप में ऊंचे मनोबल के साथ उतरेगा.

इससे भारत के लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने का दावा भी मज़बूत हुआ है.

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इस मैच में भारतीय बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों ने जिस तरह से प्रदर्शन किया है, उससे भारतीय चयनकर्ताओं का शनिवार को विश्व कप टीम चुनने का काम थोड़ा आसान ज़रूर कर दिया है.

हार्दिक पांड्या की 25 गेंदों में 63 रनों की आक्रामक पारी ने ही मैच को दक्षिण अफ़्रीका की पकड़ से बाहर किया. भारतीय बल्लेबाज़ जिस तरह से खेल रहे थे, उससे टीम के 210 रन तक ही पहुंचने की उम्मीद लग रही थी.

लेकिन हार्दिक की तूफ़ानी पारी ने भारत को 231 रन तक पहुंचाकर, जो अतिरिक्त 21 रन बनाए, यही मैच में प्रमुख अंतर बना.

रिकॉर्ड बनाने से चूके हार्दिक पांड्या

भारत के संजू सैमसन और कप्तान सूर्यकुमार यादव के विकेट थोड़े अंतराल पर गिर जाने पर लग रहा था कि हार्दिक को विकेट पर थोड़ा रुकना पड़ेगा.

पर उन्होंने जिस तरह से आते ही पहली गेंद पर छक्का लगाया, उससे साफ़ हो गया कि वह क्या इरादा रखते हैं.

हार्दिक एक समय सबसे तेज़ अर्धशतक लगाने वाले युवराज सिंह का रिकॉर्ड तोड़ सकने की स्थिति में दिखे.

युवराज सिंह ने 2007 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ डरबन में टी-20 विश्व कप मुकाबले में 12 गेंदों में अर्धशतक जमाया था. यह वही मैच था, जिसमें युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड पर एक ओवर में छह छक्के लगाए थे.

हार्दिक ने पहली 7 गेंदों पर 31 रन बना लिए थे. उन्हें युवराज के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए चार गेंदों में 19 रन बनाने थे.

लेकिन यान्सन के अगले कसे ओवर की वजह से हार्दिक का अर्धशतक पूरा करने के लिए 16 गेंदें खेलनी पड़ीं.

अब वह भारत के लिए इस प्रारूप में दूसरा सबसे तेज अर्धशतक जमाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं.

हार्दिक ने 25 गेंदों में पांच छक्कों और पांच चौकों की मदद से 63 रन बनाए. इसके अलावा उन्होंने एक विकेट भी निकाला, इस कारण उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

हार्दिक ने प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड लेते समय कहा, "मैं टीम को मैच जिताने के लिए क्रिकेट खेलता हूं. जीत में अपना योगदान देकर अच्छा लगता है. आउट होकर लौटने पर ही पता चला कि मैंने भारत के लिए दूसरा सबसे तेज़ अर्धशतक जमा दिया है. इस पर मेरी प्रतिक्रिया थी कि सबसे तेज़ अर्धशतक लगाने से चूक गया."

स्टार स्पोर्ट्स के कमेंटेटर इरफ़ान पठान ने क्रिकेट लाइव कार्यक्रम में कहा, "हार्दिक पांड्या मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं. मेरे हिसाब से उनका पांचवें नंबर पर खेलना सही है. पर मैं चाहता हूं कि उन्हें कम से कम 10 ओवर खेलने का मौक़ा दे दिया जाए."

मैच बदलने वाली वरुण की गेंदबाज़ी

इस प्रारूप के नंबर एक गेंदबाज़ वरुण चक्रवर्ती ने एक बार फिर दिखाया कि दवाब में किस तरह वापसी की जाती है.

उन्होंने चार ओवरों में 53 रन ज़रूर दे दिए पर चार विकेट निकालकर मैच जिताने में सबसे अहम भूमिका निभाई.

वरुण ने सिरीज़ में सबसे ज़्यादा 10 विकेट लिए और इस प्रदर्शन पर उन्हें प्लेयर ऑफ़ द सिरीज़ चुना गया. उन्होंने कप्तान एडन मारक्रम और डोनोवान फरेरा के विकेट निकालकर मैच को भारत की तरफ़ मोड़ने का प्रयास किया.

कमेंटेटर इरफ़ान पठान ने मैच के बाद स्टार स्पोर्ट्स के क्रिकेट लाइव कार्यक्रम में कहा, "वरुण में वापसी करने की क्षमता है. वह बल्लेबाज़ की आईलाइन में रहकर गेंदबाजी करते हैं."

"वह बार-बार कोण बदलकर बल्लेबाज़ को लगातार हैरत में डालने का प्रयास करते हैं. सही मायने में यह बहुत ही स्पेशल गेंदबाज़ है."

वरुण चक्रवर्ती ने 'प्लेयर ऑफ़ द सिरीज़' का अवॉर्ड लेने पर कहा, "यह सिरीज़ का सबसे दिलचस्प मैच था. मुझे विकेट निकालने ज़िम्मेदारी दी गई है."

"इसके लिए मैं लगातार साथी खिलाड़ियों से बात करता हूँ ताकि हर बार कुछ नया कर सकूं. अगर किसी सिरीज़ में सफल नहीं रहता हूं तो अभ्यास करके सुधार करता हूँ."

बुमराह ने दिखाया क्यों हैं वो स्पेशल

दक्षिण अफ़्रीका के लिए क्विंटन डिकॉक ने जिस तरह से पारी की शुरुआत की, उससे लग रहा था कि मैच भारत के हाथ से निकल रहा है.

उन्होंने पहले रीजा हैंड्रिक्स और फिर डेवाल्ड ब्रेविस के साथ 10.2 ओवरों में 120 रन बना लिए. भारत का कोई भी गेंदबाज़ उनके सामने टिक नहीं पा रहा था.

बुमराह ने तूफान की तरह पारी को आगे बढ़ा रहे क्विंटन डिकॉक को अपनी गेंद पर कैच करके ऐसा झटका दिया, जिससे भारत की फिर से जीतने की संभावनाएं बनीं.

बाद में यान्सन ने आते ही दो छक्के लगाकर दिखाया कि मैच में अभी दक्षिण अफ़्रीका की पकड़ बनी हुई है. लेकिन बुमराह ने यान्सन को विकेट के पीछे कैच करा दिया.

इस झटके के बाद भारत की जीत पक्की हो गई.

भारत के जब सभी गेंदबाज़ खर्चीले साबित हो रहे थे, तब बुमराह को खेलना सभी बल्लेबाज़ों के लिए ख़ासा मुश्किल हो रहा था. उन्होंने चार ओवरों में सिर्फ 17 रन दिए और दो महत्वपूर्ण विकेट निकाले.

संजू सैमसन ने मिले मौक़े को भुनाया

संजू सैमसन ने काफ़ी समय तक ओपनर की ज़िम्मेदारी निभाते हुए अपनी धाक जमाई थी.

लेकिन शुभमन गिल के इस प्रारूप में आने से वह अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने से संजू प्लेइंग इलेवन से बाहर हो गए.

पर गिल के अनफिट होने से संजू को लंबे समय बाद खेलने का मौक़ा मिला.

संजू ने पहले अभिषेक के साथ और फिर तिलक वर्मा के साथ अच्छी साझेदारी बनाकर दिखाया कि वह टीम के लिए महत्वपूर्ण हैं.

अब चयनकर्ताओं को फै़सला करना है कि विश्व कप में ख़राब फॉर्म में चल रहे गिल के साथ जाना है या लय में खेल रहे संजू सैमसन के साथ.

संजू ने 22 गेंदों में चार चौकों और दो छक्कों की मदद से 37 रन बनाए. वह इस पारी के दौरान पूरे टच में दिखे. इसके अलावा विकेटकीपिंग में भी अच्छा प्रदर्शन किया.

तिलक में है पारी संभालने का माद्दा

तिलक वर्मा जिस तरह से तीसरे नंबर पर खेले हैं, उससे लगता है कि टीम प्रबंधन की तीसरे नंबर की खोज पूरी हो गई है.

उन्होंने अपनी 73 रनों की पारी के दौरान 10 चौके और एक छक्का लगाकर रन भी तेज़ी से बनाए हैं.

स्टार स्पोर्ट्स के कमेंटेटर इरफ़ान पठान ने कमेंटरी के दौरान कहा, "तिलक वर्मा बिलकुल मक्खन की तरह बल्लेबाज़ी करते हैं. उनके पास शॉट्स की लंबी रेंज है."

"वह अपने खेल में लगातार सुधार कर रहे हैं. पहले वह स्पिनरों को सीधे नहीं खेलते थे पर अब वह स्पिनरों को सीधे खेल रहे हैं. उनके खेल में बहुत परिपक्वता आई है. मेरे हिसाब से तो वह सभी प्रारूप के खिलाड़ी हैं."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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