दूसरे दिन टीम इंडिया की ग़लतियों का इंग्लैंड ने इस तरह से फ़ायदा उठाया

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- Author, संजय किशोर
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
इंग्लैंड के लीड्स में शनिवार का दिन टेस्ट क्रिकेट के लिहाज़ से बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा. ऊपर आसमान में मौसम रंग बदल रहा था और नीचे मैदान पर मैच का मिज़ाज लगातार करवट ले रहा था.
भारत ने दिन की शुरुआत मज़बूत स्थिति में की. ऋषभ पंत ने आक्रामक और आत्मविश्वास से भरपूर अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए 134 रन की शानदार पारी खेली. लेकिन जैसे ही पंत आउट हुए, भारतीय पारी लड़खड़ाई. आख़िरी सात विकेट सिर्फ़ 41 रन के अंदर गिर गए और पूरी टीम 471 रन पर ऑलआउट हो गई.
इंग्लैंड की पारी शुरू हुई तो भारतीय फ़ील्डिंग धूप-छांव में भटकी सी नज़र आई. कैच छूटे, मौक़े हाथ से निकले और इंग्लिश बल्लेबाज़ों ने हर चूक का भरपूर फ़ायदा उठाया. ऑली पोप 100 रन बनाकर एक छोर पर मज़बूती से जमे रहे.
दिन का अंत इंग्लैंड के 209/3 के स्कोर पर हुआ. इंग्लैंड अब भारत से 262 रन पीछे है और मुक़ाबला बेहद रोचक मोड़ पर पहुंच गया है.

तीसरा दिन निर्णायक हो सकता है
भारत को मैच में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए अब गेंदबाज़ी में धार और फ़ील्डिंग में फ़ुर्ती की ज़रूरत है. निगाहें जसप्रीत बुमराह पर टिकी हैं लेकिन उन्हें दूसरे गेंदबाज़ों का भी भरपूर साथ चाहिए.
फ़ील्डिंग में कसावट नहीं आई, तो यह बढ़त भी हाथ से फिसल सकती है.
भारत की पहली पारी की शुरुआत किसी सपने जैसी रही. भारत की पारी एक बेहतरीन कविता की तरह शुरू हुई- लय, भाव और शक्ति से भरपूर.
लेकिन अंत आते-आते यह कविता अधूरी रह गई. शीर्ष पांच बल्लेबाज़ों में से तीन ने शतक लगाए और अंतिम सात विकेट 41 रन के अंदर गिर गए.
धोनी से आगे निकले पंत
मैच के दूसरे दिन सुबह के सेशन में ऋषभ पंत ने अपना सातवां टेस्ट शतक जड़ते हुए महेंद्र सिंह धोनी को पीछे छोड़ दिया और टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा शतक लगाने वाले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज़ बन गए.
पंत ने इंग्लिश गेंदबाज़ों की जमकर ख़बर ली और 178 गेंदों में 134 रन ठोके, जिसमें 12 चौके और 6 छक्के शामिल थे. उनका अंदाज़ एकदम बेख़ौफ़ था.
शतक के बाद पंत ने समरसॉल्ट करके जश्न मनाया, जिस पर सुनील गावस्कर ने हँसते हुए कहा, "इसके बाद तो स्ट्रेचर और एम्बुलेंस तैयार रखनी पड़ेगी!"

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स्टुपिड से सुपर्ब!
छह महीने पहले भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट के दौरान ऋषभ पंत के एक लापरवाह स्कूप पर कमेंट्री बॉक्स से सुनील गावस्कर का ग़ुस्सा फूट पड़ा था,
"Stupid, Stupid, Stupid!"
अब हेडिंग्ले में वही पंत थे लेकिन इस बार शॉट में कोई ग़लती नहीं थी. उन्होंने शोएब बशीर की गेंद को लॉन्ग ऑन के ऊपर से छक्का जड़ा और शतक पूरा किया. गावस्कर भी इस बार तारीफ़ करते हुए बोले,
"Superb, Superb, Superb!"
इंग्लैंड की धरती पर उनका यह तीसरा शतक था. यह उनके टेस्ट करियर में 14वीं बार था जब ऋषभ पंत 90 के पार पहुँचे. इससे पहले 7 बार वह नर्वस नाइंटीज़ में ही आउट हो चुके थे. लेकिन इस बार, उन्होंने न सिर्फ़ उस मानसिक बाधा को पार किया, बल्कि अपने अंदाज़ में छक्का लगाकर शतक पूरा किया, जैसे वो अपने ही अंदाज़ में इतिहास को चैलेंज कर रहे हों.
भारत के पूर्व खिलाड़ी संजय मांजरेकर ने पंत की शानदार शतकीय पारी की जमकर तारीफ़ की.
उन्होंने कहा, "ऋषभ पंत, अब तक के भारत के सबसे बेहतरीन टेस्ट विकेटकीपर-बल्लेबाज़! जब वह 90 के पार थे, तब मुझे चिंता हो रही थी कि कहीं वह अपने करियर का 8वां नर्वस नाइंटीज़ स्कोर न कर बैठें. यह हैरान कर देने वाली बात है कि उनके इतने सारे 90+ के स्कोर हैं! लेकिन वह एक ताज़ी हवा के झोंके की तरह हैं."

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अंत में ढह गई पारी
शुभमन गिल ने भी 147 रन की पारी खेलकर अपनी क्लास और संयम का परिचय दिया. चौथे विकेट के लिए इन दोनों ने 209 रन की साझेदारी कर टीम को मज़बूत स्थिति में पहुँचा दिया था.
स्कोरबोर्ड 430/3 पर चमक रहा था. दर्शक और एक्सपर्ट, सभी को उम्मीद थी कि भारत 550 या उससे ऊपर का स्कोर खड़ा करेगा. लेकिन लंच से पहले ही कहानी बदल गई.
लंच के पहले और उसके बाद जो हुआ, वह भारतीय क्रिकेट के उन क्षणों में से था, जो आत्मावलोकन की ज़रूरत जताते हैं. 430/3 से 471 ऑलआउट- इसका मतलब है कि अंतिम 7 विकेट महज़ 41 रन में गिर गए. यह प्रदर्शन मानसिक रूप से अस्थिरता और साझेदारी की कमी को दर्शाता है.
जोश टंग, जो अब तक संघर्ष कर रहे थे, उन्होंने 4 विकेट झटककर पूरे समीकरण को बदल दिया. कप्तान बेन स्टोक्स ने भी लीडरशिप का बेहतरीन उदाहरण पेश किया और 4/66 की शानदार गेंदबाज़ी की. उन्होंने गेंद और रणनीति-दोनों से दबाव बनाया.
स्काई स्पोर्ट्स पर बात करते हुए इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथरटन ने कहा कि थ्री लायंस (इंग्लैंड की टीम) मेहमान टीम को 471 रन पर रोककर संतुष्ट होगी.
उन्होंने कहा, "एक घंटे पहले तक टंग के आंकड़े अच्छे नहीं लग रहे थे, लेकिन अब वह एक मुस्कान के साथ चार विकेट लेकर लौटे हैं. भारत ने काफ़ी अच्छा खेला है, लेकिन 471 इंग्लैंड के लिए उतना बुरा नहीं है जितना हो सकता था."

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ओली पोप का शतक, भारत की चूक का फ़ायदा
बड़े स्कोर और बादलों से घिरे माहौल में इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही. जसप्रीत बुमराह ने अपने पहले ओवर में ही जैक क्रावली को आउट किया. लेकिन इसके बाद बेन डकेट और ओली पोप ने मोर्चा संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए 122 रन की साझेदारी कर डाली.
डकेट ने कुछ मौक़े ज़रूर दिए- ख़ासकर जब जडेजा ने उन्हें 15 रन पर जीवनदान दिया लेकिन उन्होंने आक्रामक रुख़ अपनाते हुए तेज़ी से रन बनाए. आख़िरकार बुमराह ने उन्हें इनसाइड एज पर बोल्ड कर दिया, जो उनके शानदार स्पेल का इनाम था.
डकेट ने 62 रन बनाए, लेकिन ओली पोप, जिन्होंने हाल ही में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ 171 रनों की पारी खेली थी, ने लगातार दूसरा टेस्ट शतक (100*) जड़ दिया. पोप का यह नौवाँ टेस्ट शतक है. यह उनके करियर की एक जुझारू मगर क़िस्मत से भरपूर पारी थी.
उन्हें शुरुआत में कई जीवनदान मिले- 10 और 48 रनों पर गेंदें स्लिप में गईं, लेकिन फ़ील्डर मौजूद नहीं थे. बाद में यशस्वी जायसवाल ने तीसरी स्लिप पर उनका कैच भी टपका दिया, जब पोप 60 पर थे. तीनों मौक़े जसप्रीत बुमराह की गेंदों पर आए.

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नो-बॉल पर मिला ब्रुक को जीवनदान
दिन का अंत बुमराह के लिए कड़वाहट भरा रहा. आख़िरी ओवर में उन्होंने हैरी ब्रुक को पुल शॉट पर मिडविकेट में कैच करवा लिया, लेकिन यह उनकी तीसरी नो-बॉल थी.
ब्रुक को शून्य पर जीवनदान मिल गया. यह पल भारत के लिए बड़ा झटका था- एक और विकेट मिल सकता था.
अगर पोप टिके रहते हैं और ब्रुक या बेन स्टोक्स में से कोई लंबा खेलता है, तो इंग्लैंड बराबरी तक पहुँच सकता है. भारत को जल्दी विकेट निकालने होंगे, वरना इंग्लैंड पूरी तरह मुक़ाबले में लौट आएगा.
भारत अभी भी थोड़े दबाव में सही, लेकिन ड्राइविंग सीट पर है- बशर्ते कि गेंदबाज़ी में बुमराह का साथ कोई और दे.

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मैच की स्थिति- दूसरे दिन तक
भारत: 471 ऑलआउट (ऋषभ पंत 134, स्टोक्स 4/66)
इंग्लैंड: 209/3 (पोप 100*, डकेट 62, बुमराह 3 विकेट)
मौसम फिर से बाधा बन सकता है, लेकिन फ़िलहाल भारत की चमकदार शुरुआत को इंग्लैंड ने दबदबे में बदलने नहीं दिया.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित















