चैंपियंस ट्रॉफ़ी में भारत के रुख़ की क्यों कुछ क्रिकेट विशेषज्ञ कर रहे हैं आलोचना और उठा रहे हैं सवाल

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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफ़ी की इस बार मेज़बानी कर रहा है लेकिन भारत से मैच खेलने के लिए दुबई जाना पड़ रहा है

चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2025 की पाकिस्तान मेज़बानी कर रहा है लेकिन भारत ने पाकिस्तान जाकर मैच खेलने से इनकार कर दिया था, इसलिए भारत से होने वाले मैच दुबई में शिफ़्ट करने पड़े.

भारत अपना सारा मैच दुबई में खेल रहा है. कई पूर्व क्रिकेटरों का कहना है कि भारत को सभी मैच दुबई में खेलने का फ़ायदा मिल रहा है. वहीं भारत के अलावा दूसरी टीमों को पाकिस्तान के तीन शहरों और भारत के साथ खेलने के लिए दुबई जाना पड़ रहा है.

भारत ने सुरक्षा चिंताओं और राजनीतिक तनाव के कारण पाकिस्तान में खेलने से इनकार कर दिया था. ऐसे में भारत अपना सारा मैच यूएई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेल रहा है. भारत के पाकिस्तान में नहीं खेलने को लेकर एक महीने से ज़्यादा समय तक अकटलों का बाज़ार गर्म रहा कि इस बार चैंपियंस ट्रॉफ़ी टूर्नामेंट होगा या नहीं.

बाद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी के साथ इस बात पर सहमति बनी थी कि 2027 तक भारत में आईसीसी का कोई भी टूर्नामेंट होता है तो पाकिस्तान भारत में खेलने की बजाय किसी तीसरे देश में खेलेगा. उसी तरह भारत भी पाकिस्तान के बदले किसी तीसरे देश में खेलेगा.

इसी साल अगस्त और सितंबर महीने में भारत महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप की मेज़बानी करेगा और अगले साल टी-20 वर्ल्ड कप का आयोजन भी भारत और श्रीलंका में होने जा रहा है.

इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट क्रिकेट खिलाड़ी और कमंटेटर जोनाथन एगन्यू ने ऑस्ट्रेलियाई प्रसारक एबीसी स्पोर्ट्स से कहा है कि भारत ने पूरे चैंपियंस ट्रॉफी को जिस तरह से हैंडल किया है, उसे लेकर वह बहुत असहज हैं.

जोनाथन एगन्यू ने कहा, ''यह ग़लत है. अगर आप इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेलने जा रहे हैं तो मैच कहाँ खेलेंगे और कहाँ नहीं खेलेंगे, इसका चुनाव आप नहीं कर सकते हैं. मुझे नहीं पता कि ऐसा कब तक होगा? इस तरह के रुख़ से पूरे टूर्नामेंट का मज़ाक बन जाता है.''

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इमेज कैप्शन, दुबई में भारत ने दो मैच खेले हैं और दोनों में जीत मिली है

भारत के रुख़ पर सवाल

क्रिकेट विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान में कराची, लाहौर, रावलपिंडी और दुबई के पिच में बहुत फ़र्क़ है. खेलने की स्थिति भी बिल्कुल अलग है. दुबई में ओस नहीं होती है और भारत ने शुरुआत के दोनों मैच यहाँ जीते हैं.

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इस चैंपियन ट्रॉफी में भारत ने पाकिस्तान के साथ खेलते हुए दुबई में सबसे ज़्यादा 244 रन बनाए थे.

लेकिन पाकिस्तान के स्टेडियम में रन ख़ूब बन रहे हैं. लाहौर के गद्दाफ़ी स्टेडियम में इंग्लैंड के 352 रन का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की थी. ऑस्ट्रेलिया के जोश इंग्लिस ने इस पिच पर 120 रन की पारी खेली थी. पाकिस्तान की तुलना में दुबई की पिच धीमी है.

पाकिस्तान ने अपना पहला मैच 19 फ़रवरी को कराची में न्यूज़ीलैंड के साथ खेला था और 60 रनों से हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद पाकिस्तान को भारत के साथ मैच खेलने दुबई जाना पड़ा और फिर गुरुवार को बांग्लादेश से खेलने के लिए रावलपिंडी आना पड़ा. ऑस्ट्रेलिया तीनों ग्रुप मैच लाहौर, रावलपिंडी और कराची में खेल रहा है जबकि भारत दुबई में ही है. भारत ने पहले मैच में बांग्लादेश को छह विकेट से हराया था.

एगन्यू ने एबीसी से कहा, ''मेज़बान टीम लंबे समय बाद कोई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का आयोजन कर रही है लेकिन बड़े मैच अपने देश से बाहर खेलने पर मजबूर है. क्या ये सही है?

पाकिस्तान और भारत के बीच राजनीतिक तनाव का असर क्रिकेट के पिच पर अक्सर दिखता है. 2009 में श्रीलंका की टीम पाकिस्तान गई थी और उस पर चरमपंथी हमला हुआ था.

पाकिस्तान की टीम भारत के दौरे पर 2012-13 में आई थी जबकि भारत ने पाकिस्तान का आख़िरी दौरा एशिया कप के लिए 2008 में किया था. 2023 में पाकिस्तान ने एशिया कप की मेज़बानी की थी लेकिन भारत ने अपने सारे मैच श्रीलंका में खेले थे.

एगन्यू ने कहा कि हम इसे लगातार नहीं होने दे सकते. उन्होंने कहा, ''दो मुख्य टीमों के बीच विशुद्ध राजनीति हो रही है और यह शर्मनाक है.''

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इमेज कैप्शन, दुबई में मैच जीतने के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ी हैरिस रऊफ़ को सांत्वना देते विराट कोहली

भारत को कितना फ़ायदा मिल रहा है?

पाकिस्तान और भारत एक दूसरे के ख़िलाफ़ केवल ग्लोबल आईसीसी टूर्नामेंट ही खेल रहे हैं.

2023 में पाकिस्तान की टीम भारत में वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप खेलने गई थी और दोनों टीमों का सामना अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुआ था. पाकिस्तान ने इस मैच को लेकर आईसीसी से शिकायत की थी कि पाकिस्तानी दल के साथ भीड़ का व्यवहार ठीक नहीं था.

भारत से खेलने के लिए पाकिस्तानी टीम के दुबई जाने से पहले पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर सक़लैन मुश्ताक़ ने कहा था, ''मुझे उम्मीद है कि उन्हें ठीक से सबक सिखाएंगे.''

मुश्ताक़ ने पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल 24 डिजिटल से कहा था, ''बीसीसीआई का ड्रामा यहीं ख़त्म नहीं होने वाला है. पाकिस्तान के बच्चे चाहते हैं कि यहाँ विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह खेलने आएं. सभी बच्चे इन्हें यहाँ खेलते हुए देखना चाहते हैं लेकिन उनका नाटक ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा है. मुझे नहीं पता कि ये किस दुनिया में रह रहे है और क्या हासिल करना चाहते हैं.''

पाकिस्तान ने 1996 के वर्ल्ड कप की भारत और श्रीलंका के साथ मेज़बानी की थी. इतने लंबे समय बाद पाकिस्तान 2025 के चैंपियंस ट्रॉफी की मेज़बानी कर रहा है.

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथर्टन ने स्काई स्पोर्ट्स पोडकास्ट में नासीर हुसैन से कहा, ''केवल दुबई में खेलने का भारत को क्या फ़ायदा मिल रहा है? मेरे लिए फ़ायदे का आकलन करना मुश्किल है लेकिन इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि फ़ायदा हो रहा है."

"भारत सारे मैच एक ही जगह खेल रहा है. ऐसे में खिलाड़ियों के चयन दुबई की स्थिति के हिसाब से किया जा सकता है. भारत को ये भी पता है कि कहां सेमीफ़ाइनल खेलने जा रहा है. ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि भारत को फ़ायदा मिल रहा है. लेकिन इसका आकलन करना मुश्किल है कि कितना बड़ा फ़ायदा हो रहा है.''

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इमेज कैप्शन, इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर

बटलर ने नहीं दी अहमियत

भारत ने बांग्लादेश और पाकिस्तान के साथ यहाँ दो मैच खेले और दोनों में बाद में बल्लेबाज़ी की लेकिन ओस बिल्कुल नहीं थी. भारत ने दोनों मैच आसानी से जीत लिए. जो भी टीम दुबई में सेमीफ़ाइनल खेलने जाएगी, उसके पास महज एक दिन पिच की स्थिति को समझने के लिए होगा.

उस टीम को पाकिस्तान से आने के बाद दुबई में पूरी रणनीति बदलनी होगी.

रविवार को भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आख़िरी ग्रुप मैच है. चार मार्च को भारत दुबई में ही चैंपियंस ट्रॉफ़ी का सेमीफ़ाइनल खेलेगा. ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस आठ देशों वाले इस टूर्नामेंट में अपनी टीम को लीड नहीं कर रहे हैं. कमिंस एंकल इंजरी से जूझ रहे हैं. इसके बावजूद वह इस बहस में शामिल हो गए हैं.

कमिंस ने याहू ऑस्ट्रेलिया से कहा, ''ज़ाहिर है कि भारत को एक ही ग्राउंड में खेलने का बड़ा फ़ायदा मिल रहा है. पहले से ही भारत ने अपनी स्थिति मज़बूत बना ली है.''

हालांकि इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने पूरे विवाद को बहुत तूल नहीं दिया. जोस बटलर ने कहा कि भारत को इससे कोई ख़ास फ़ायदा नहीं होगा.

बटलर ने कहा, ''मुझे लगता है कि पहले से ही यह ख़ास टूर्नामेंट है क्योंकि आयोजन कहीं और हुआ है और मैच कहीं और हो रहा है. लेकिन मैं इसे लेकर बहुत निराश नहीं हूँ. ''

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