अश्लील फोटो विवाद में घिरे स्टार एंकर ह्यू एडवर्ड्स की कहानी

अश्लील फोटो विवाद में घिरे बीबीसी के न्यूज़ प्रेजेंटर ह्यू एडवर्ड्स आजकल खुद सुर्खियों में हैं.
एडवर्ड्स ब्रिटेन के सबसे हाई-प्रोफ़ाइल टीवी प्रेजेंटर्स में से एक हैं. वे मशहूर ब्रॉडकास्टर हैं.
वो प्रमुख राष्ट्रीय घटनाओं को टीवी पर पेश करने वाले बीबीसी के पसंदीदा ब्रॉडकास्टर भी हैं.
इससे पता चलता है कि बीबीसी उन्हें कितनी तवज्जो देता है.
बीबीसी के दर्शकों के बीच वे काफी भरोसेमंद नाम माने जाते हैं. टीवी स्क्रीन पर शांत और विश्वसनीय तरीके से ख़बरें पेश कर उन्होंने ये भरोसा खुद पैदा किया है.
पिछले बुधवार बीबीसी न्यूज़ में उनका आखिरी दिन माना गया था.
इस स्कैंडल के सामने आने से पहले तक वो एडिनबरा से ब्रॉडकास्टिंग में व्यस्त थे.

ट्रेनी से शुरुआत कर बुलंदियों पर पहुंचे
वो स्कॉटलैंड में किंग चार्ल्स के स्वागत की तैयारियों के बारे में रिपोर्टिंग कर रहे थे.
लेकिन इसके एक हफ्ते बाद ही 61 साल के इस जाने-माने ब्रॉडकास्टर का करियर भारी दबाव में आ गया.
दरअसल उनकी पत्नी ने बयान देकर बताया कि एडवर्ड्स ही वो बीबीसी प्रजेंटर थे जो इसे स्कैंडल से जुड़े गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं.
एडवर्ड्स ने बीबीसी में बतौर ट्रेनी अपने करियर की शुरुआत 1984 में की थी.
फिर वो बीबीसी वेल्स में राजनीतिक संवाददाता हो गए.
दो साल बाद ही बीबीसी वेल्स के लिए संसद को कवर करने लगे.

1990 के दशक की शुरुआत में वो वेस्टमिंस्टर में प्रमुख राजनीतिक संवाददाता हो गए.
1997 में ‘बीबीसी न्यूज़ 24’ शुरू होने के बाद वो इसमें ख़बरें पेश करने वाले नियमित चेहरा बन गए.
बाद में ‘बीबीसी न्यूज़ 24’ का नाम बीबीसी न्यूज़ चैनल हो गया.
शुरुआती दिनों में ये चैनल कई तकनीकी दिक्कतों से जूझता रहा था.
लेकिन एडवर्ड्स ने उन चुनौतीपूर्ण हालातों में भी शानदार काम किया.
कहा जाता है उनकी इस क्षमता से बीबीसी में उनके सभी बॉस काफी प्रभावित थे.

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इसी बीच, एडवर्ड्स कभी-कभार बीबीसी वन के ‘सिक्स ओ क्लॉक’ न्यूज़ पर प्रमुख प्रेजेंटेटर के तौर पर पेश होते थे.
ब्रिटेन में ये सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला टीवी न्यूज़ बुलेटिन है. 1999 में वो इसके सबसे प्रमुख एंकरों में शामिल हो गए.
चार साल बाद वो ‘टेन ओ क्लॉक’ न्यूज़ में प्रमोट कर दिए गए. इसे बीबीसी का फ्लैगशिप बुलेटिन माना जाता है.
उन्हें अब बीबीसी के लिए प्रमुख राष्ट्रीय घटनाओं पर बुलेटिन पेश करने और उन पर टिप्पणी करने के लिए कहा जाने लगा.

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सबसे अहम घटनाओं की कवरेज से हुए मशहूर
इनमें 2011 में कैंब्रिज के ड्यूक और डचेज की शादी, 2021 में ड्यूक ऑफ एडिनबरा के अंत्येष्टि, क्वीन की डायमंड और प्लेटिन जुबिली ( 2012 और 2022) और 2023 में किंग चार्ल्स के राज्याभिषेक समारोह जैसी अहम घटनाओं को एडवर्ड्स ने ही कवर किया.
2013 में उन्होंने नेल्सन के निधन से जुड़े कार्यक्रम को भी पेश किया था.
2016 में ब्रेग्जिट रेफ़रेंडम को उन्होंने को-होस्ट के तौर पर पेश किया था.
लेकिन एडवर्ड्स के करियर का सबसे बड़ा मौका पिछले साल सितंबर में आया जब उन्होंने क्वीन एलिज़ाबेथ द्वितीय के निधन की सूचना दी.
उस दिन क्वीन के निधन की अफवाहों के बीच एडवर्ड्स की शिफ्ट की शुरुआत सुबह काफी जल्द हो गई थी.

उस दिन वो दोपहर दो बजे से लेकर महारानी के निधन की पुष्टि तक ख़बरें पेश करते रहे.
शाम को वो जब उन्होंने काली टाई पहन कर स्क्रीन पर आए तो ये साफ हो गया कि क्वीन का निधन हो चुका है.
फिर उन्होंने महारानी के अंतिम-संस्कार को कवर किया. दर्शकों ने उनकी कवरेज की तारीफ की.
इस कवरेज के लिए एडवर्ड्स और साथ काम करने वालों को पिछले महीने टीआरआईसी अवार्ड दिया गया.
राजपरिवार की अहम घटनाओं को कवर करने के साथ ही एडवर्ड्स हाल में आम चुनाव के बीबीसी कवरेज का चेहरा बन कर भी उभरे.

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कितना था वेतन?
एडवर्ड्स बीबीसी में सबसे ज़्यादा वेतन पाने वाले लोगों में शामिल थे.
2017 में पहली बार संसद ने बीबीसी से अपने चोटी के प्रजेंटर्स की सैलरी के बारे में बताने को कहा था.
इससे पता चला कि एडवर्ड्स की सैलरी 5.50 लाख डॉलर थी. उस समय बड़ा हंगामा खड़ा हुआ.
बीबीसी अपने शीर्ष प्रतिभाओं पर जितना पैसा खर्च कर रहा था उसे लेकर काफी रोष था.
उनके और दूसरे पुरुष, महिला स्टार एंकरों में वेतन का अंतर भी काफ़ी ज़्यादा था.
उस वक्त एडवर्ड्स ने अपने वेतन में कटौती मंजूर कर ली. इस समय उनकी सैलरी 4.35 लाख डॉलर थी.

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जेम्स बॉन्ड की फिल्म में एक्टिंग
एडवर्ड्स ने 2012 में जेम्स बॉन्ड की फिल्म स्काईफाल में केमियो रोल किया था.
इस फिल्म में दिखाया गया था कि ब्रिटिश इंटेलिजेंस सर्विस एम16 पर हमला हुआ है और एडवर्ड्स बीबीसी पर न्यूज़ रिपोर्ट पेश कर रहे हैं.
2021 में बीबीसी केमरी को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वो बीबीसी के प्रमुख न्यूज़ एंकर के तौर पर और कितने वक्त़ काम कर पाएंगे, कहना मुश्किल है क्योंकि ये भूमिका बहुत ‘डिमांडिंग’ है.
इसी साल एडवर्ड्स ने अपने करियर पर वेल्स भाषा में एक डॉक्युमेंट्री बनाई थी.
उसमें उन्होंने कहा था कि वो पिछले 20 साल से डिप्रेशन के दौरों से गुजरते रहे हैं. कई बार अपने खराब़ मानसिक स्वास्थ्य से जद्दोजहद की वजह से उन्हें बिस्तर पर भी रहना पड़ा है.
लेकिन एक बेहतरीन पारी के बाद अब एडवर्ड्स के करियर को ग्रहण लगता दिख रहा है.
उनके करियर पर अब गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं.

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टेबलॉयड सन का 'स्कूप'
टेबलॉयड ‘सन’ ने पिछले शुक्रवार को एक सनसनीखेज़ स्कूप में कहा था कि बीबीसी के एक प्रजेंटर ने किसी को उसकी अश्लील तस्वीर के लिए बड़ी रकम दी है.
उसी समय से ये अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि ये प्रजेंटर कौन हो सकता है.
इसके कुछ दिनों के बाद पहले सन और फिर बीबीसी न्यूज ने इन आरोपों के बारे में खबर देना जारी रखा. और इस तरह ये ख़बर सुर्खियों में बनी रही.
आख़िरकार उनकी पत्नी विकी फ्लिंड ने पुष्टि की कि एड्वर्ड्स ही वो शख्स हैं जिन्होंने अश्लील तस्वीर के लिए पैसे दिए.
उन्होंने कहा कि उन्होंने एडवर्ड्स के स्वास्थ्य को ध्यान में रख कर और अपने पांच बच्चों की चिंताओं को देखते हुए ये बात बताई.
उन्होंने कहा, "एडवर्ड्स मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं. पिछले दिनों के घटनाक्रमों से हालत और खराब हो गई है और अब वो अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं. फिलहाल वो वहीं रहेंगे."
"ठीक होने पर वो अपने बार में छपी ख़बरों पर जवाब दे सकते हैं."
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