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बजट में लक्षद्वीप के लिए नई घोषणाएं, मालदीव को मदद घटाई
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को मौजूदा सरकार का आख़िरी बजट पेश किया. इसमें टूरिज़्म इंडस्ट्री के लिए बजट को दो फ़ीसदी बढ़ा गया.
इस अंतरिम बजट भाषण के दौरान निर्मला सीतारमण ने कहा, "भारत घरेलू पर्यटन के प्रति बढ़ी रुचि को देखते हुए लक्षद्वीप सहित अपने सभी द्वीपों पर नए आधारभूत ढांचे और पोर्ट कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट शुरू करेगा."
पर्यटन क्षेत्र के लिए दो फ़ीसदी बजट बढ़ाने की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि जो राज्य प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों का विकास करेंगे और उनकी ब्रांडिंग-मार्केटिंग वैश्विक स्तर पर करेंगे उन्हें केंद्र सरकार की ओर से प्रोत्साहित किया जाएगा. साथ ही केंद्र सरकार इस विकास के लिए राज्यों को लंबी समयावधि के लिए ब्याज़ मुक्त कर्ज़ भी मुहैया कराएगी.
बजट की घोषणा के बाद एक बार फिर से मालदीव और लक्षद्वीप की चर्चा तेज़ हो गई.
वजह ये भी थी कि भारत के अंतरिम बजट में मालदीव को दी जाने वाली सहायता पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 22 फ़ीसदी घटा दी गई है.
वहीं, वित्त मंत्री के भाषण में लक्षद्वीप का ज़िक्र इसलिए अहम माना गया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार जनवरी को इस क्षेत्र का दौरा किया. उन्होंने यहां पर स्नोर्कलिंग का आनंद लिया और उन लोगों से लक्षद्वीप जाने की अपील की जो एडवेंचर पसंद करते हैं.
लेकिन मोदी के दौरे के बाद सोशल मीडिया पर उस समय विवाद खड़ा हो गया जब मालदीव की एक मंत्री और दूसरे नेताओं ने पीएम मोदी के लिए आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल की.
विवाद यहीं नहीं थमा. कई भारतीयों और टूर ऑपरेटरों ने मालदीव घूमने की योजनाएं कैंसिल कर दीं.
बीते नवंबर में मालदीव में मोहम्मद मुइज्ज़ू के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही भारत के साथ तनावपूर्ण संबंध बने हुए हैं. मुइज़्ज़ू को चीन के प्रति झुकाव रखने वाला नेता माना जाता है और उन्होंने अपने चुनावी अभियान में 'इंडिया आउट' का नारा भी दिया था.
निर्मला सीतारमण ने क्या कहा?
केंद्रीय वित्त मंत्री ने भाषण में कहा कि भारत का मध्यम वर्ग भी अब 'घूमने और नई-नई खोज' की इच्छा रखता है. धार्मिक सहित हर तरह के पर्यटन में लोकल आंत्रप्रन्योरशिप के लिए प्रबल संभावनाएं हैं.
"अपने महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्रों के व्यापक विकास, उनकी वैश्विक स्तरीय ब्रांडिंग और मार्केटिंग करने के लिए राज्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा. इन पर्यटन केंद्रों में मौजूद सुविधाओं की गुणवत्ता के आधार इन्हें रेटिंग देने के लिए एक फ़्रेमवर्क तैयार किया जाएगा."
उन्होंने कहा कि इस तरह की विकास परियोजनाओं को फ़ाइनेंस करने के लिए राज्यों को केंद्र सरकार की ओर से लंबी अवधि के लिए ब्याज़ मुक्त कर्ज़ दिया जाएगा.
"घरेलू पर्यटन के प्रति बढ़ती रुचि के मद्देनज़र बंदरगाहों की कनेक्टिविटी की परियोजनाएं, टूरिज़म इन्फ़्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं अब लक्षद्वीप सहित हमारे सभी द्वीपों तक पहुंचेंगे. इससे रोज़गार पैदा करने में भी मदद होगी."
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2024-2025 के लिए अनुमानित बजट 2,449.62 करोड़ रुपये हैं. ये 2023-24 में 2400 करोड़ रुपये था. लेकिन 2023-24 का संशोधित अनुमान 1692.10 करोड़ रुपये हो गया.
मालदीव की मदद में कटौती
ख़ास बात ये है कि मालदीव की ओर से लगातार तीखे रवैये के बीच भारत ने अपने बजट में इस छोटे से द्वीपीय मुल्क़ के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.
ये मदद विदेश मंत्रालय के ज़रिए विभिन्न स्कीमों के तहत मालदीव तक पहुंचेगी.
हालांकि, इस वित्त 2024-25 में मालदीव को दी जाने वाली सहायता राशि को कम ज़रूर कर दिया गया है.
अंतरिम बजट में इस साल 600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कि सरकार द्वारा किसी अन्य देश को दी जाने वाली तीसरी सबसे अधिक राशि है. हालांकि, साल 2023-24 में ये राशी 770.90 करोड़ रुपये थी. वहीं, वित्त वर्ष 2022-23 में ये सिर्फ़ 183.16 करोड़ रुपये थी.
लक्षद्वीप का ज़िक्र क्यों अहम?
बजट भाषण में लक्षद्वीप के ज़िक्र को बीते महीने पीएम मोदी के इस क्षेत्र के दौरे और फिर उस पर मालदीव के नेताओं की आपत्तिजनक टिप्पणी से उपजे विवाद से जोड़ा जा रहा है.
पीएम मोदी और भारत पर विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्रियों को मालदीव सरकार ने निलंबित कर दिया.
मालदीव के तीन डिप्टी मंत्रियों ने पीएम मोदी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की, जिसने विवाद को जन्म दिया और भारत में सोशल मीडिया पर इसका जमकर विरोध हुआ. कई लोगों ने इस पर ज़ोर दिया कि मालदीव के विकल्प के तौर पर लक्षद्वीप बेहतर पर्यटन स्थल हो सकता है.
अक्षय कुमार, सलमान ख़ान, सचिन तेंदुलकर जैसी कई हस्तियों ने घूमने के दौरान भारतीय तटों और द्वीपों को तरजीह दिए जाने की बात की.
सोशल मीडिया पर एक तबका ये कहने लगा कि अब छुट्टी मनाने मालदीव नहीं, लक्षद्वीप जाएं.
इस विवाद के बाद लक्षद्वीप के लिए बुकिंग करने वालों की संख्या बढ़ी. गूगल पर कभी भी बड़ी संख्या में सर्च न किए जाने वाले लक्षद्वीप के बारे में लोगों ने इतनी जानकारी जुटानी चाही कि ये सबसे अधिक सर्च किए जाने वाली जगहों में आ गया.
भारत की सबसे बड़ी ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी मेकमाईट्रिप ने कहा कि मोदी के दौरे के बाद उसके प्लेटफॉर्म पर लक्षद्वीप को सर्च करने वालों में 3400 फ़ीसदी बढ़ोतरी हुई.
मालदीव यानी दीपों की माला. इस देश की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर टिकी हुई है. यहां के द्वीपों की अर्थव्यवस्था भी पर्यटन पर निर्भर करती है. मालदीव की अर्थव्यवस्था में राष्ट्रीय आय का एक चौथाई से ज़्यादा हिस्सा पर्यटन से आता है.
मालदीव और भारत के बीच तनाव
आठ जनवरी 2024 को मोहम्मद मुइज़्ज़ू पांच दिन के चीन दौरे पर गए थे.
अब तक मालदीव के किसी भी राष्ट्रपति का पहला आधिकारिक दौरा भारत का होता था. मगर मोहम्मद मुइज़्ज़ू पहले तुर्की, सऊदी अरब गए और फिर अपने पहले आधिकारिक दौरे पर चीन गए.
चीन से लौटने के बाद मुइज़्ज़ू ने दवाओं के मामले में भारत पर निर्भरता कम करने की बात कही. उन्होंने ये भी बयान दिया कि हम छोटे देश हैं इसलिए किसी को हमें धौंस दिखाने का कोई अधिकार नहीं है. इस बयान को भारत से जोड़ा गया.
फिर मालदीव ने भारतीय सैनिकों को देश छोड़ने के लिए 15 मार्च की डेडलाइन भी दी.
भारत के प्रति इस रुख के लिए मोहम्मद मुइज़्ज़ू को अपने ही देश में विरोध भी झेलना पड़ रहा है.
मालदीव का विपक्ष मोहम्मद मुइज़्ज़ू के भारत को लेकर रवैये से ख़फ़ा है और महाभियोग लाने की तैयारी हो रही है.
विपक्षी दल के नेता ने राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू से पीएम मोदी और भारत से माफ़ी मांगने के लिए भी कहा है.
मालदीव के विपक्षी दल जम्हूरी पार्टी के नेता गासिम इब्राहिम ने राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू से अपील की है कि वो औपचारिक तौर पर भारत और पीएम मोदी से माफ़ी मांगें.
मालदीव में घटी भारतीय पर्यटकों की संख्या
मालदीव भारत के दक्षिण पश्चिम में स्थित है. भारत के शहर कोच्चि से मालदीव की दूरी क़रीब एक हज़ार किलोमीटर है
मालदीव जाने वालों में सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की रहती आई है. बीते साल भारत से मालदीव क़रीब दो लाख लोग गए थे. 2021 में क़रीब तीन लाख और 2022 में ये संख्या क़रीब ढाई लाख थी.
मालदीव के मीडिया संस्थान एवीएएस के मुताबिक़, मालदीव आने वाले सबसे ज़्यादा पर्यटक भारतीय हैं.
हालांकि, ताज़ा आंकड़े अब कुछ और बयां करते हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार इस साल 28 जनवरी तक मालदीव में कुल 1.74 लाख पर्यटक पहुंचे, जिनमें से केवल 13 हज़ार 989 भारतीय थे.
वहीं, मालदीव जाने वालों में रूस के पर्यटक अव्वल रहे. इसके बाद इटली, चीन और ब्रिटेन थे. भारत पाँचवें नंबर पर रहा.
वहीं, साल 2023 में 17 लाख पर्यटक मालदीव घूमने गए, जिनमें से सबसे अधिक 2 लाख 9 हज़ार 198 भारतीय थे. इसके बाद रूस और चीन का नंबर था.
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