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पाकिस्तान का कबड्डी प्लेयर 'भारत' की तरफ़ से खेला और झंडा भी लहराया, अब करियर पर लटकी तलवार
- Author, बीबीसी उर्दू
- पदनाम,
पाकिस्तानी खिलाड़ी ओबैदुल्लाह राजपूत को बहरीन में एक कबड्डी टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.
पाकिस्तान कबड्डी महासंघ ने इस मामले की जाँच की घोषणा की है.
इस सप्ताह मंगलवार को बहरीन में जीसीसी कप नाम का एक निजी कबड्डी टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था.
इसमें कई टीमों ने हिस्सा लिया. इस टूर्नामेंट में 'पाकिस्तान' और 'भारत' नाम की टीमों के बीच एक मैच भी खेला गया.
इस मैच के बाद पाकिस्तानी कबड्डी खिलाड़ी ओबैदुल्लाह राजपूत की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.
इस तस्वीर में वह भारतीय झंडा पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं.
बाद में, ओबैदुल्लाह राजपूत ने अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर स्पष्टीकरण देते हुए वीडियो जारी किया.
इस वीडियो में उन्होंने कहा कि बहरीन कप हर साल आयोजित होता है और वह पहले भी इस कप में खेल चुके हैं.
पाकिस्तान कबड्डी महासंघ ने इस मामले का संज्ञान लिया है. महासंघ ने इस मामले पर एक आपातकालीन बैठक बुलाई है और जाँच की घोषणा भी की है.
पाकिस्तान कबड्डी महासंघ के महासचिव राणा सरवर का कहना है कि बहरीन में आयोजित टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीम पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम नहीं है, और न ही उन्होंने इसके लिए सरकार और राष्ट्रीय खेल महासंघ से अनुमति ली थी.
उन्होंने कहा, "हमें यह भी नहीं पता कि वे कब गए और कब लौटे."
उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं है कि खिलाड़ी बिना एनओसी (आवेदन प्रमाण पत्र) के किसी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए विदेश गए हैं.
राणा सरवर ने दावा किया कि कई देशों के खिलाड़ियों को उनकी सरकार और संबंधित महासंघ से एनओसी लिए बिना ही आमंत्रित किया जाता है.
उन्होंने कहा, "इन प्रतियोगिताओं के आयोजक अव्यवस्थित लोग हैं और वे खेल को बर्बाद कर देंगे."
जब उनसे पूछा गया कि क्या ये खिलाड़ी किसी केंद्रीय अनुबंध का हिस्सा हैं और उन्हें दूसरे देश में खेलने के लिए अनुमति की आवश्यकता है, तो उन्होंने कहा कि कबड्डी महासंघ का एक संविधान है और सभी खिलाड़ियों को उसका पालन करना होगा.
सरवर राणा ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का निमंत्रण वास्तव में महासंघ की ओर से आता है.
लेकिन इन बच्चों ने सीधे टिकट ख़रीदे और वहाँ पहुँच गए.
दूसरी ओर अपने वीडियो बयान में ओबैदुल्लाह राजपूत ने कहा, "ऐसा हुआ कि मेरे भाइयों ने मुझे नहीं बुलाया, इसलिए मैं दूसरी टीम के साथ खेला."
हालांकि, उन्होंने दावा किया कि उन्हें नहीं पता था कि टीमों के नाम 'भारत' और 'पाकिस्तान' रखे गए हैं.
उन्होंने कहा, "जब मैं मैदान में दाख़िल हुआ, तो कुछ भाइयों ने चिल्लाकर कहा कि राजपूत होने के बावजूद मैं भारत के लिए खेल रहा हूँ."
ओबैदुल्लाह ने अपने वीडियो में कहा कि वह नियमित रूप से जाकर कमेंटेटर से कहते थे, "आपको यह घोषणा करनी चाहिए कि यह भारत-पाकिस्तान का मैच नहीं है, यह एक स्थानीय कप है जो हर साल आयोजित होता है."
उनका दावा है कि उनके अनुरोध पर औपचारिक रूप से इसकी घोषणा की गई थी, लेकिन इसके बावजूद वहाँ झंडे फहराए गए और पाकिस्तान और भारत के नारे लगने शुरू हो गए.
ओबैदुल्लाह ने कहा कि उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था कि इस तरह के झंडे फहराए जाएँगे या नारे लगाए जाएँगे.
उन्होंने कहा, "अगर मुझे पता होता कि ऐसा कुछ होगा, तो मैं पाकिस्तान के लिए खेलता. अगर विश्व कप होता, तो मैं पाकिस्तान के लिए खेलता. इस स्थानीय कप को एक कप ही रहने दीजिए, इसे विश्व कप मत बनाइए."
उन्होंने इस मामले को लेकर फ़ेडरेशन और कोच से माफ़ी भी मांगी है.
पाकिस्तान कबड्डी महासंघ के महासचिव राणा सरवर का कहना है कि महासंघ इस मामले की जाँच कर रहा है और इन खिलाड़ियों पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है.
राणा सरवर का कहना है कि वह खिलाड़ियों की सूची इमिग्रेशन अधिकारियों को भेजेंगे ताकि उन्हें सरकार और महासंघ की अनुमति के बिना विदेश जाने की अनुमति न दी जाए.
उन्होंने दावा किया कि इसी तरह की एक प्रतियोगिता सात दिसंबर को न्यूजीलैंड में आयोजित की गई थी.
उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में भी भारतीय लड़कों ने भाग लिया था, किसी और देश के लड़कों ने भी भाग लिया था.
उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रतियोगिताओं के आयोजकों का असली मक़सद पैसा कमाना है, वे खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम नहीं कर रहे हैं. वे वहाँ टिकट बेचते हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.