ग़ज़ा कॉल करने वाले फ़लस्तीनियों के साथ क्या सख़्ती बरत रही ये कंपनी?
- Author, मोहम्मद शालाबी और जो टाइडी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता

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स्काइप के ज़रिए ग़ज़ा में मौजूद अपने नाते-रिश्तेदारों को कॉल करने वाले कई फ़लस्तीनी नागरिकों की डिजिटल ज़िंदगी उथल-पुथल से गुज़र रही है.
दूसरे मुल्कों में रहने वाले कई फ़लस्तीनी नागरिकों ने कहा है कि तकनीकी कंपनी माइक्रोसॉफ़्ट ने बिना किसी चेतावनी दिए उनके ईमेल अकाउंट को बंद कर दिया है, जिस कारण उनका डिजिटल जीवन प्रभावित हुआ है.
वहीं माइक्रोसॉफ़्ट ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि इन लोगों ने इस्तेमाल की शर्तों का उल्लंघन किया है.
सात अक्तूबर को हमास के लड़ाकों ने इसराइल पर हमला किया था. इसके बाद इसराइल ने जवाबी हमले शुरू किए, जिसके बाद से ग़ज़ा में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
यहां स्टैंडर्ड इंटरनेशनल कॉल करना काफी महंगा पड़ता है. ऐसे में स्काइप के पेड सब्सक्रिप्शन के साथ ग़ज़ा में सस्ते में मोबाइल कॉल करना संभव है.
जब इंटरनेट धीमा या बंद हो जाता तब कई फ़लस्तीनियों के लिए ये एक लाइफ़लाइन की तरह है.

क्या है ताज़ा मामला?
इस बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए बीबीसी ने विदेशों में रहने वाले 20 फ़लस्तीनियों से बात की है.
उन्होंने बताया कि वॉइस और वीडियो चैट ऐप स्काइप की मालिक कंपनी माइक्रोसॉफ़्ट ने उनके अकाउंट को ब्लॉक कर दिया है जिसके बाद वो एक तरह से अपने अकाउंट से बाहर कर दिए गए हैं.
हालाँकि इससे प्रभावित होने वालों की तादाद काफ़ी ज़्यादा हो सकती है.
यहाँ तक कि बंद किए गए कई सारे ईमेल अकाउंट्स 15 साल से भी ज़्यादा पुराने थे और इन यूज़र्स के पास अब अपने ईमेल, कॉन्टैक्ट्स और मेमोरी को दोबारा हासिल करने का कोई भी ज़रिया नहीं है.

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घर बात करने के लिए होता था स्काइप का इस्तेमाल
ग़ज़ा के नागरिकों का कहना है कि फ़लस्तीनी संगठन हमास के साथ उनका कोई भी संबंध नहीं है. हमास को अमेरिका, जहां माइक्रोसॉफ़्ट कंपनी का मुख्यालय है, और कुछ पश्चिमी देशों ने चरमपंथी संगठन नामित किया है.
ग़ज़ा के लोगों का कहना है, "तकनीकी दुनिया की दिग्गज़ और दुनिया की सबसे समृद्ध कंपनियों में से एक उनको ग़लत तरीके से परेशान कर रही है."
सऊदी अरब में रहने वाले ईयाद हामेटो कहते हैं, "उन्होंने मेरी ऑनलाइन ज़िंदगी बर्बाद कर दी."
उनका कहना है, "उन्होंने मेरा ईमेल अकाउंट सस्पेंड कर दिया है, मैं 20 साल से इसका इस्तेमाल कर रहा था. मेरा सारा काम इसी अकाउंट के ज़रिए होता था."
उन्होंने कहा, "हम आम लोग हैं, हमारी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है और हम केवल अपने परिवारों के साथ संपर्क करना चाहते हैं."
विदेशों में रहने वाले कई और फ़लस्तीनियों की तरह अमेरिका में रहने वाले सालाह एल्सादी भी ग़ज़ा में अपनी पत्नी, बच्चों और माता-पिता से संपर्क करने के लिए स्काइप का इस्तेमाल करते थे.
लेकिन अप्रैल में एल्सादी को भी कई दूसरे यूज़र्स की तरह ही उनके अकाउंट और सारी सेवाओं के बाहर निकाल दिया गया. ये सेवाएं उनके माइक्रोसॉफ़्ट हॉटमेल अकाउंट से जुड़ीं थीं.
इसकी वजह से उन्हें कई जॉब ऑफ़र्स से हाथ धोना पड़ा और अब वे हॉटमेल से जुड़े अपने बैंक खातों का भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं.

माइक्रोसॉफ़्ट का दावा
एल्सादी का कहना है, "मैं पिछले 15 साल से इस हॉटमेल अकाउंट का इस्तेमाल कर रहा था. उन्होंने मुझे बिना किसी वजह के प्रतिबंधित कर दिया. उनका आरोप है कि मैंने उनकी शर्तों का उल्लंघन किया है."
एल्सादी की शिकायत है, "कौन-सी शर्तें मुझे बताइये? मैंने लगभग 50 बार आवेदन किया और उनको कई बार कॉल भी किए."
इसी तरह की मुश्किल से जूझ रहे कुछ और लोगों ने भी सोशल मीडिया पर इस बारे में लिखा है. कुछ लोगों को यह डर भी है कि उन पर हमास के साथ जुड़े होने का ग़लत आरोप लगाया जा रहा है.
माइक्रोसॉफ़्ट ने सस्पेंड किए गए अकाउंट्स के यूज़र्स का नाता या संपर्क हमास से होने के आरोपों का सीधे तौर पर जवाब नहीं दिया.
लेकिन कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, हमने किसी इलाक़े के आधार पर कॉल को ब्लॉक नहीं किया है.
इस मामले पर माइक्रोसॉफ़्ट ने अधिक विस्तार से कुछ नहीं कहा, हालांकि कहा, "स्काइप में संदेहास्पद गतिविधि के कारण अकाउंट ब्लॉक हो सकता है, इसे लेकर यूज़र्स अपील भी कर सकते हैं."
हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया कि इसका आधार क्या है और क्या ये उनका आख़िरी फ़ैसला है.

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लोगों का क्या कहना है
बीबीसी ने जिन लोगों से बात की है उनका यही कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत और अपील करने की कोशिश की लेकिन हर बार उन्हें एक ही तरह का जवाब मिला है.
ख़ालिद ओबैद नाम के एक शख़्स का कहना है कि उन्होंने माइक्रोसॉफ़्ट पर भरोसा खो दिया है.
उन्होंने कहा, "मैंने फ़ोन कॉल के लिए एक पैकेज ख़रीदा था. फिर 10 दिनों के बाद बिना किसी वजह के मुझे प्रतिबंधित कर दिया गया."
"उन्होंने कभी इसके लिए कोई कारण नहीं बताया. इसका मतलब यह है कि प्रतिबंध केवल इसलिए लगाया गया क्योंकि मैं एक फ़लस्तीनी हूं और ग़ज़ा कॉल कर रहा हूं."















