जसप्रीत बुमराहः जादुई गेंदबाज़ी से मैच पलटने वाला भारतीय क्रिकेट टीम का 'सितारा'

    • Author, संजय किशोर
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप में एक रोमांचक वाक़या हुआ. टी-20 में भारत अपने सबसे छोटे स्कोर के बावजूद जीत गया. वहीं पाकिस्तान सबसे छोटे लक्ष्य का पीछा नहीं कर पायी.

22 गज की छलिया पिच पर 22 खिलाड़ियों के बीच इस करिश्माई जीत और अप्रत्याशित हार के लिए कोई एक शख़्स ज़िम्मेदार था तो वह था जसप्रीत बुमराह.

बुमराह ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 4 ओवर में 14 रन दिए और 3 बड़े विकेट लेकर पाकिस्तानी टीम की कब्र खोद दी.

ख़ौफ़ इतना था कि पाकिस्तान के बल्लेबाज़ों ने बुमराह की 24 गेंदों में से 15 गेंदें डॉट खेलीं.

क्रिकेट के सबसे छोटे स्वरूप में इन डॉट गेंद की क़ीमत विकेट से कम नहीं होती इसको रविचंद्रन अश्विन से बेहतर कोई नहीं समझा सकता.

दरअसल मैच के बाद रविचंद्रन अश्विन ने लंबा ट्वीट किया जिसमें लिखा था-“टी-20 में विकेट लेना हौवा है. जब भी मैं ऐसा कहता हूँ तो लोग मेरा मज़ाक़ उड़ाने लगते हैं. टी-20 में आपको विकेट मिलते हैं. ये गेंदबाज़ के एंट्री प्वाइंट और उसकी खुद की क़ाबलियत पर निर्भर करता है, जैसा कि बुमराह ने किया."

उन्होंने कहा, "अमूमन गेंदबाज़ ग़लत समय पर आक्रामकता दिखा कर विकेट लेने की कोशिश करते हैं और अगले ओवर में अपने साथी गेंदबाज़ों के लिए दबाव नहीं तैयार कर पाते. धीरे-धीरे ही सही, निःस्वार्थ गेंदबाज़ों के कारण मैच का रुख़ तय होगा.”

विकेट हासिल करना अंतिम लक्ष्य नहीं

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जसप्रीत बुमराह की बातों में अश्विन के बयान की गूंज थी. साथ ही यह भी पता चलता है कि बुमराह कितनी परिपक्व सोच रखते हैं और कितनी रणनीति बनाकर गेंदबाज़ी करते हैं.

उन्होंने कहा, "विकेट से मदद मिलने पर आप उतावले हो सकते हैं. आप पूरी ताकत लगाकर अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंद डालने की कोशिश करते हैं. मैंने ऐसा नहीं करने की कोशिश की. जब हम आए तो स्विंग और सीम कम हो गई थी.

ऐसी परिस्थिति में हमें सटीक रहना चाहिए. क्योंकि अगर हम जादुई डिलीवरी के लिए जाते हैं और बहुत अधिक उतावलापन दिखाते हैं, तो रन बनाना आसान हो जाता है और वे लक्ष्य के हिसाब से बल्लेबाज़ी कर सकते हैं. इसलिए, हमें बहुत कुछ न करने के प्रति सचेत रहना होता है और हाँ, दबाव बढ़ाना होगा, बड़ी सीमा रेखा का फ़ायदा उठाना होता है. अपने लाभ के लिए चीज़ों का उपयोग करने का प्रयास करना होता है. हम यही कर रहे थे. इसलिए, इसमें हमने दबाव बनाया और सभी को विकेट मिले.”

न्यूयार्क की पिच है मुश्किल

न्यूयॉर्क के नसाउ काउंटी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच बेहद मुश्किल और चौंकाने वाली थी. पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया. बारिश से प्रभावित मैच में भारत 19 ओवर में 119 रन बना पाया.

ऋषभ पंत ने 42, अक्षर पटेल ने 20 और रोहित शर्मा ने 13 रनों का योगदान दिया. नसीम शाह और हारिस रऊफ़ ने पाकिस्तान के लिए 3-3 विकेट लिए. मोहम्मद आमिर ने 2 और शाहीन आफ़रीदी ने एक विकेट लिया.

बुमराह को नहीं थी छोटे स्कोर की परवाह

जसप्रीत बुमराह कहते हैं कि उन्हें बचपन से ही गेंदबाज़ी पसंद रही है. जब गेंदबाज़ अच्छा करते हैं तो उन्हें अंदर से खुशी होती है.

पाकिस्तान के लिए लक्ष्य 120 रन का ही था मगर बुमराह के इरादों पर मानो इसका कोई असर नहीं था.

पाकिस्तान ने 17 रन बनाए थे कि बुमराह की गेंद पर रिजवान का फ़ाइन लेग पर शिवम दुबे ने एक आसान कैच छोड़ दिया. तब रिज़वान सात रन पर ही थे. बुमराह ने पांचवें ओवर में पाकिस्तानी टीम के कप्तान बाबर आज़म (13) को आउट कर पहली सफलता दिलाई. 10 ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर था एक विकेट पर 57 रन. 13वें ओवर तक 73 रन बन चुके थे और तीन ही विकेट गिरे थे.

रिज़वान का विकेट टर्निंग प्वाइंट

मोहम्मद रिज़वान एक छोर से डटे हुए थे. उन्होंने 43 गेंदों में 31 रन बना लिए थे और मैच पाकिस्तान के पाले में जाता नज़र आ रहा था. मगर 15वें ओवर में जसप्रीत बुमराह गेंदबाज़ी करने आए.

बुमराह की पहली गेंद गुड लेंथ पर गिरी. बॉल टप्पा खाते ही रिज़वान को चकमा देती हुई विकेट से जा टकराई. रिज़वान के आउट होते ही मैच का पासा पलट गया.

आख़िर में 18 गेंद में पाकिस्तान को 30 रन चाहिए थे. इमाद और इफ्तिखार ने सिराज के ओवर में नौ रन बटोर लक्ष्य 12 गेंद में 21 रन कर दिया, लेकिन बुमराह ने 19वें ओवर की अंतिम गेंद पर न सिर्फ इफ्तिखार (5) को आउट किया बल्कि सिर्फ तीन रन देकर अंतिम ओवर में लक्ष्य 18 रन कर दिया. पाकिस्तान 6 रन से मैच हार गया.

गेंद और बल्ले का संतुलन ज़रूरी

भारत की पाकिस्तान पर हैरतअंगेज़ जीत के बाद मेरे एक सीनियर का व्हाट्सऐप ग्रुप में संदेश आया-“चलो बहुत दिनों के बाद बल्ले और गेंद के बीच मुक़ाबला देखने को मिला. आईपीएल में बल्लेबाज़ों के पक्ष में नियमों से मैच में संतुलन बिगड़ गया है.”

मैच के बाद जसप्रीत बुमराह ने कुछ ऐसा ही ट्वीट किया, “मैच में मेरी दिलचस्पी तभी होती है जब गेंद और बल्ले के बीच कड़ा मुक़ाबला हो रहा हो. अगर सिर्फ़ बल्लेबाज़ छाए रहते हैं तो मैं टीवी बंद कर देना पसंद करता हूँ.”

पूर्व क्रिकेटर ने कहा शाबाश

बुमराह को अपने बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पूर्व खिलाड़ियों से भी तारीफ़ें मिल रही हैं.

संजय मांजरेकर ने ट्वीट किया, “भारतीय मीडिया विराट कोहली एंड कंपनी से आसक्त है. वह लगातार बल्लेबाज़ों के ही गुणगान में लगी रही. जसप्रीत बुमराह ने बिना किसी शोर-शराबे के अपने दम पर मैच में जीत दिला दी. बुमराह भारतीय टीम के फिलहाल सबसे शानदार खिलाड़ी हैं.”

मोहम्मद कैफ़ ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट एक्स पर लिखा, "जसप्रीत बुमराह बड़े मैच विनर खिलाड़ी हैं-किसी भी स्वरूप, किसी भी परिस्थिति और दुनिया में कहीं भी."

वहीं वीरेंद्र सहवाग ने कहा, "हार से जीताने वाले को बुमराह कहते हैं. क्या ज़बरदस्त स्पेल रहा और न्यूयार्क में जीत ख़ास रही.”

आलोचकों को करारा जवाब

जसप्रीत बुमराह ने उन आलोचकों का मुंह बंद कर दिया है जो एक साल पहले उनके भविष्य को लेकर सवाल उठा रहे थे जब वह पीठ की चोट से उबर रहे थे. पीठ की सर्जरी के कारण वह 2022 टी-20 विश्व कप और 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फ़ाइनल सहित कई अहम मुक़ाबले से बाहर रहे.

उन्होंने पिछले साल आयरलैंड दौरे से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की और एशिया कप और वनडे विश्व कप 2024 में अच्छा प्रदर्शन किया.

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बुमराह ने कहा, “देखिए एक साल पहले यही लोग कह रहे थे कि मैं दोबारा नहीं खेल पाऊंगा और मेरा करियर खत्म हो जाएगा और फिर अब सवाल बदल गया है.”

जसप्रीत बुमराह को उनकी शानदार परफॉर्मेंस के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' घोषित किया गया.

कप्तान रोहित शर्मा ने बुमराह की जमकर तारीफ़ की, "बुमराह लगातार बेहतर होते जा रहे हैं. हमने कई वर्षों से देखा है कि वह क्या कर सकते हैं, मैं उसके बारे में ज्यादा बात नहीं करने जा रहा हूं.. हम चाहते हैं कि विश्व कप के अंत तक वह इसी आत्मविश्वास के साथ रहें. वह गेंद के साथ प्रतिभाशाली हैं, यह हम जानते हैं.”

कम समय में बड़ी उपलब्धियां

जसप्रीत बुमराह ने कम समय में बड़ी उपलब्धियां हासिल की है. बुमराह टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज़ 150 विकेट लेने वाले भारतीय तेज़ गेंदबाज़ हैं और एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (वनडे) क्रिकेट में 100 विकेट तक पहुंचने वाले दूसरे सबसे तेज़ भारतीय गेंदबाज़.

वह खेल के तीनों प्रारूपों में आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक तक पहुँचने वाले पहले गेंदबाज़ हैं.

बुमराह ने साल 2013 में इंडियन प्रीमयर लीग में मुंबई इंडियंस के साथ आईपीएल सफर की शुरुआत की और पाँच बार टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई. साल 2019 में उन्हें आईसीसी वनडे प्लेयर ऑफ़ द ईयर चुना गया.

बुमराह ने अपने पहले आईपीएल मैच में विराट कोहली को, पहले वनडे में स्टीव स्मिथ को, पहले टी-20 में डेविड वॉर्नर और पहले टेस्ट में एबी डीविलियर्स को अपना शिकार बनाया था.

ख़तरनाक है एक्शन

अपनी अपरंपरागत एक्शन और कौशल से 30 साल के जसप्रीत बुमराह दुनिया के सबसे ख़तरनाक गेंदबाज़ों में गिने जाते हैं.

गेंद जब उनके हाथ से छूटती है तो बल्लेबाज़ों के लिए उसे पढ़ पाना मुश्किल होता है. आईपीएल के दौरान लासिथ मलिंगा से सटीक यॉर्कर डालने में पारंगत बन गए. डेथ ओवर में उनको खेल पाना किसी भी बल्लेबाज़ के लिए आसान नहीं होता.

उनके अनोखे एक्शन से बल्लेबाज़ों को भ्रम हो जाता है कि डिलीवरी बहुत तेज़ आ रही है जबकि वास्तव में उतनी तेज़ होती नहीं.

ऑलराउंडर बेन कटिंग ने एक वेबसाइट से कहा था कि गेंद की रफ़्तार को परखना बल्लेबाज़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. जो चीज़ महान खिलाड़ियों को बाकियों से अलग करती है वह है जल्दबाज़ी न करने की उनकी क्षमता.

जानकार रोहित शर्मा या एबी डिविलियर्स के पास उस अतिरिक्त सेकेंड और हाफ़ होने के बारे में बात करते हैं. बुमराह ने वो समय चुरा लिया. बल्लेबाज़ को उनकी वास्तविक रफ़्तार से गेंद ज़्यादा तेज़ नज़र आती है.

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