रिटायर्ड आउट हुए ऋषभ पंत, क्रिकेट में किन 11 तरीकों से होता है आउट

टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का रिटायर्ड आउट होना चर्चा का विषय बना हुआ है.

बांग्लादेश के ख़िलाफ़ शनिवार को खेले गए प्रैक्टिस मैच में ऋषभ पंत रिटायर्ड आउट हुए.

हालांकि प्रैक्टिस मैचों में खिलाड़ियों का रिटायर्ड होना कोई नई बात नहीं है. लेकिन ऋषभ पंत के मामले में इसे रिटायर्ड आउट कहा गया.

रिटायर्ड आउट होना क्या होता है ये तो हम आपको बताएंगे ही, साथ ही हम आपको क्रिकेट में आउट होने के 11 तरीकों के बारे में जानकारी देंगे.

इन 11 में से पांच प्रकार के आउट कॉमन हैं. लेकिन पांच तरीके ऐसे हैं जिनकी वजह से बल्लेबाज बहुत कम ही आउट हो पाता है.

इन 11 तरीकों से बल्लेबाज होता है आउट

1. क्लीन बोल्ड: जब गेंदबाज बल्लेबाज के डिफेंस को मात देते हुए विकेट पर गेंद को हिट करता है और स्टंप गिर जाते हैं तो उसे क्लीन बोल्ड कहा जाता है.

2. कैच आउट: बल्लेबाज के शॉट से गेंद जब हवा में जाती है और फील्डर उसे सीधे पकड़ने में कामयाब हो जाता है तो उसे कैच आउट बोला जाता है.

3. लेग बिफोर विकेट (एलबीडब्ल्यू): जब गेंद सीधे स्टंप की तरफ़ आ रही होती है और वो बल्लेबाज के बल्ले से टकराए बिना पैड पर लग जाए तो उसे एलबीडब्ल्यू कहा जाता है.

4. स्टंप आउट: अगर कोई बल्लेबाज क्रीज से बाहर निकलकर शॉट लगाने की कोशिश करता है, लेकिन वो चूक जाए और विकेटकीपर गेंद को पकड़कर बल्लेबाज के दोबारा क्रीज में पहुंचने से पहले स्टंप उड़ा दे तो उसे स्टंप आउट कहा जाता है.

5. रन आउट: अगर फील्डर बल्लेबाज के रन पूरा करने से पहले स्टंप्स पर गेंद मार दे तो बल्लेबाज को रन आउट करार दिया जाता है.

6. मांकडिंग: यह एक तरह से रन आउट ही होता है. अगर गेंदबाज के गेंद डालने से नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़ा बल्लेबाज क्रीज से बाहर निकल जाए और बॉलर स्टंप पर गेंद मार दे तो उसे मांकडिंग कहा जाता है.

हालांकि ऐसा करते हुए गेंदबाज स्टंप नहीं उड़ा पाए तो उसे डेड बॉल करार दिया जाता है. इस तरह से आउट होने के तरीके का नाम भारत के पूर्व क्रिकेटर वीनू मांकडिंग के नाम पर रखा गया था.

1947 में भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था. उस वक्त वीनू मांकड ने इस तरीके से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बिल बाउन को आउट किया था. उस वक्त ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने आउट होने के इस तरीके को मांकडिंग नाम दिया.

हालांकि कई मामलों में इस तरीके से आउट होने वाले खिलाड़ी के ख़िलाफ़ विरोधी टीम अपील वापस भी ले लेती है.

2023 वनडे वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के बीच वनडे सिरीज खेली गई थी. इस सिरीज में बांग्लादेश के लिटन दास ने न्यूजीलैंड के ईश सोढ़ी को आउट किया था, लेकिन दास ने बाद में अपील वापस ले ली थी.

7. हिट विकेट: अगर बल्लेबाजी करते हुए बल्लेबाज के शरीर का कोई अंग स्टंप से टकरा जाता है और बैल्स गिर जाते हैं तो बल्लेबाज को हिट विकेट करार दिया जाता है.

8. डबल हिट: अगर बल्लेबाज एक ही गेंद को दो बार बल्ले से हिट करता है तो फिर उसे डबल हिट आउट करार दिया जाता है. अगस्त 2023 में माल्टा और रोमानिया के बीच खेले गए मुकाबले में माल्टा के ओपनर फाह्यान इस तरीके से आउट हुए.

9. ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड: अगर कोई बल्लेबाज विपक्षी टीम के फील्डर के काम में बाधा पहुंचाता है तो उसे ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड नियम के आधार पर आउट करार दिया जा सकता है.

10. टाइम आउट: किसी खिलाड़ी के आउट होने के बाद नए बल्लेबाज को निश्चित समय के अंदर क्रीज पर पहुंचना होता है. अगर नया बल्लेबाज दो मिनट के अंदर क्रीज पर नहीं पहुंच पाता है तो उसे आउट करार दिया जा सकता है.

2023 के वनडे वर्ल्ड कप में बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेले गए मुकाबले में यह नियम चर्चा में आया. श्रीलंका के खिलाड़ी मैथ्यूज 146 साल के क्रिकेट इतिहास में इस नियम के तहत आउट होने वाले पहले खिलाड़ी बने.

रिटायर्ड आउट क्या होता है

अब बात रिटायर्ड आउट की करते हैं. क्योंकि यह टर्म ऋषभ पंत के रिटायर्ड आउट होने के बाद चर्चा में आई है. अगर कोई बल्लेबाज दोबारा बल्लेबाजी नहीं करने के इरादे से पवेलियन वापस लौट जाता है तो उसे रिटायर्ड आउट करार दिया जाता है. बल्लेबाज किसी भी वक्त अंपायर को बताकर पवेलियन वापस लौट सकता है और उसे रिटायर्ड आउट करार दिया जाएगा.

हालांकि रिटायर्ड आउट, रिटायर्ड हर्ट से अलग है. रिटायर्ड हर्ट तब होता है जब कोई बल्लेबाज चोटिल होकर पवेलियन वापस लौटता है. रिटायर्ड हर्ट के मामले में हालांकि बल्लेबाज टीम के ऑल आउट होने से पहले दोबारा बल्लेबाजी पर वापस लौट सकता है. उसे रिटायर्ड आउट नहीं कहा जाता है.

प्रैक्टिस मैचों में अक्सर देखा गया है कि दूसरे खिलाड़ियों को मौका देने के लिए बल्लेबाज बिना आउट हुए पवेलियन वापस लौट जाते हैं.

हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बार ही ऐसा हुआ है. 2001 में श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेले गए टेस्ट में दो खिलाड़ी रिटायर्ड हुए थे. श्रीलंका के मार्वन अटापट्टू और महेला जयवर्धने को रिटायर्ड आउट करार दिया गया था. हालांकि उस वक्त इसे खेल भावना के ख़िलाफ़ भी करार दिया गया था.

अगर कोई बल्लेबाज चोटिल होने के बजाए और किसी वजह से पवेलियन वापस जाना चुनता है तो विरोधी टीम के कप्तान उनके वापस क्रीज पर आने के फैसले पर सहमत नहीं होते हैं तो बल्लेबाज को रिटायर्ड आउट करार दिया जाता है.

हालांकि इस मामले में एक अपवाद भी है. 1982 में भारतीय क्रिकेट टीम वेस्टइंडीज के दौरे पर थी. पांचवें टेस्ट के दौरान दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज के बल्लेबाज गॉर्डन ग्रीनिज 154 रन बनाकर नॉटआउट थे.

लेकिन उनकी दो साल की बेटी बीमार हो गई और वो फ्लाइट लेकर उसके पास चले गए. दो दिन के बाद गार्डन की बेटी का निधन हो गया. गार्डन की बेटी को श्रद्धांजलि के लिए स्कोरबोर्ड पर गार्डन के स्कोर के आगे रिटायर्ड नॉट आउट लिखा गया था.

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