You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
यूक्रेन की मदद करने में किस तरह अमेरिका से आगे है ये देश
- Author, एंथनी जर्चर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
यूक्रेन पर रूसी हमले को विफल करने के लिए अमेरिका अब तक 100 अरब डॉलर से अधिक खर्च कर चुका है. उसने किसी भी अन्य देश से कहीं अधिक खर्च किया है.
इसके बाद भी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और अधिक की सहायता मांगने अमेरिका आए थे. वहीं युद्ध के लिए आर्थिक मदद को लेकर रिपब्लिकन पार्टी में संदेह बढ़ रहा है.
हालांकि, तुलना करें तो नॉर्वे एक मायने में अमेरिका की ज़्यादा मदद कर रहा है. वो पैमाना क्या है, इसके बारे में आप आगे पढ़ेंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में दिए अपने भाषण में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भावुक अपील की थी कि वो यूक्रेन की ओर पीठ न मोड़ें.
उन्होंने कहा था, ''रूस का मानना है कि दुनिया थक जाएगी और कोई नतीजा निकाले बिना कोई उसे यूक्रेन पर क्रूरता करने की इजाजत देगा. लेकिन मैं आपसे यह पूछता हूं कि अगर हम एक आक्रांता को खुश करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के मूल सिद्धांतों को छोड़ देते हैं, तो क्या इस संगठन का कोई भी सदस्य देश इस बात को लेकर आश्वस्त होगा कि वह सुरक्षित है.''
अमेरिका ने किस रूप में दी है कितनी सहायता
अमेरिकी कांग्रेस ने यूक्रेन के लिए 110 अरब डॉलर से अधिक की सहायता को मंजूरी दे दी है. इसमें शामिल है...
- 49.6 अरब डॉलर की सैन्य सहायात
- 28.5 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता
- 13.2 अरब डॉलर की मानवीय सहायता
- 18.4 अरब डॉलर की अमेरिकी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने वाली मदद
व्हाइट हाउस ने कहा था कि नौ अगस्त तक आवंटित धनराशि का 91 फीसदी खर्च कर दिया गया है. सरकार ने कांग्रेस से 24 अरब डॉलर की अतिरिक्त सहायता की मांग की है. इसमें 14 अरब डॉलर की सैन्य सहायता भी शामिल है.
इस बीच सर्वेक्षणों से पता चला है कि यूक्रेन पर और खर्च का समर्थन करने वाले अमेरिकियों की संख्या में गिरावट आई है, खासकर रूढ़िवादियों के बीच.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अपना पक्ष रखने के लिए अमेरिका का दौरा किया तो आइए हम उन आंकड़ों पर नजर डालते हैं, जिनसे पता चलता है कि यूक्रेन का सबसे बड़ा सहयोगी अमेरिका नहीं बल्कि नार्वे है.
यूक्रेन को अमेरिकी मदद की तुलना कैसे की जाए?
यूक्रेन को अलग-अलग देशों से मिली मदद के आंकड़े जुलाई के अंत के हैं, उनसे ही तुलना करेंगे. उस समय तक अमेरिका ने यूक्रेन पर करीब 80 अरब डॉलर खर्च किए थे.
यह अब तक किसी भी अन्य देश के खर्च से अधिक था, हालांकि यह यूरोपीय संघ के संस्थानों से मिलने वाली सहायता से कम है.
एलिसा डेमस रैंड कॉर्पोरेशन में अंतरराष्ट्रीय रक्षा मामलों की शोधकर्ता हैं. वो कहती हैं कि इस अतिरिक्त सहायता के बिना इस गर्मी की शुरुआत में हुआ यूक्रेन का जवाबी हमला कुछ हफ्तों में ही रुक सकता था. जब यूक्रेन युद्ध के मैदान में अपेक्षाकृत कुछ महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर रहा है, वैसे समय में ये नकारात्मक संदेश देता.
वो कहती हैं कि सर्दियां शुरू होने के बाद यूक्रेन अपने सैन्य अभियानों को कम कर देगा, भले ही अमेरिकी सहायता मिल रही हो या नहीं. वो आगे कहती हैं कि अमेरिका का नया सहायता पैकेज युद्ध मैदान से परे युद्ध पर प्रभाव डालेगा.
वह कहती हैं, '' अमेरिका ऐसा माहौल तैयार करता कि दूसरे देश भी मदद करें. अमेरिका की ओर से नई सहायता देने में कमी यूरोपीय सहयोगियों और भागीदारों को उनके अपने सहायता पैकेजों पर पुनर्विचार की संभावना में बाधा बन सकती है."
जबकि अमेरिका किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक सैन्य सहायता देता है. यूरोपीय देशों का संयुक्त योगदान महत्वपूर्ण है- इसमें टैंक और लड़ाकू विमानों जैसी उन्नत तकनीकी शामिल है.
खर्च कम करने के लिए बढ़ता रिपब्लिकन पार्टी का दबाव
बाइडन प्रशासन का कहना है कि अतिरिक्त सैन्य सहायता जरूरी है. अमेरिकी नेताओं खासकर रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े नेताओं ने बाइडन प्रशासन के यूक्रेन सहायता पैकेजों की आलोचना की है.
केंटकी के सिनेटर रैंड पॉल का कहना है, '' यूक्रेन में हमारा कोई सुरक्षा हित नही हैं और अगर ऐसा होता भी तो इस तथ्य को नकार दिया जाता कि हमारे पास पैसे नहीं हैं."
बंद कमरे में हुई ब्रीफिंग में भाग लेने के बाद मिसौरी के सीनेटर जोश हॉले ने कहा कि वह यह कहकर थक गए थे कि 'आप अपनी कमर कस लें और अपनी चेकबुक निकाल लें.' उन्होंने कहा कि क्या 'यह हमारा पैसा नहीं है. भगवान के लिए...यह अमेरिकी लोगों का पैसा है.'
ल्यूक कॉफ़ी, रूढ़िवादी थिंक टैंक माने जाने वाले हडसन इंस्टीट्यूट के फेलो हैं. उनके अनुसार यूक्रेन को अमेरिकी मदद कुछ रिपब्लिकन नेताओं के लिए नापसंद करने वाला एक आसान मुद्दा है. डोनाल्ड ट्रंप पर चले पहले महाभियोग और हंटर बाइडेन के यूक्रेन की ऊर्जा कंपनी के साथ संदिग्ध संबंधों को देखते हुए.
वो कहते हैं, ''भले ही ये दोनों मुद्दे किसी भी तरह से युद्ध से जुड़े नहीं हैं, अगर आप दलगत राजनीति कर रहे हैं तो आप जल्दी से एक यूक्रेन विरोधी कहानी बना सकते हैं, जिसकी आवाज़ रूढ़िवादी आंदोलन के एक हिस्से की तरह लगती है.''
अन्य देशों की अमेरिका ने कितनी मदद की
यूक्रेन को की गई मदद की तुलना अगर आप 2022 के 751 अरब डॉलर के अमेरिकी रक्षा बजट या 1.2 ट्रिलियन की सामाजिक सुरक्षा सेवानिवृत्ति के लाभ से करेंगे तो वह काफी फीकी नजर आएगी. हालांकि यह वित्त वर्ष 2022 में कुल अमेरिकी खर्च का सिर्फ 1.8 फीसदी है.
वहीं दूसरी ओर जुलाई के अंत तक यूक्रेन को दी गई 80 अरब डॉलर की सहायता कई संघीय एजेंसियों के वार्षिक बजट से भी अधिक है.
यूक्रेन को की गई यह सहायता अमेरिका की ओर से दूसरे देशों को दी गई प्रमुख अमेरिकी प्रतिबद्धताओं से कहीं अधिक है. काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस की ओर से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक जुलाई तक यूक्रेन को अमेरिकी सहायता देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.33 फीसदी थी. यह 1970 में इजराइल को दी अमेरिकी सहायता 0.18 फीसदी, 1964 में लैटिन अमेरिका को दी गई 0.15 फीसदी और 1962 में पाकिस्तान को दी गई 0.08 फीसदी की सहयता से कहीं अधिक है.
हालांकि आधुनिक मानकों के अनुसार यूक्रेन पैकेज अमेरिका की ओर से दूसरे देशों को दी गई राशि को बौना बना देती है. अमेरिका ने 2020 में अफगानिस्तान को चार अरब डॉलर, इजराइल को 3.3 अरब डॉलर और इराक को 1.2 अरब डॉलर की सहायता दी थी.
कैसे अमेरिका से आगे है नॉर्वे
विदेशी सहायता के अन्य रूपों की तरह, आलोचकों ने अमेरिकी सहयोगियों से युद्ध की लागत का बड़े हिस्से का भार उठाने की अपील की है.
फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने पिछले महीने विस्कॉन्सिन में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर हुई बहस में कहा था, "यूरोप को आगे आने की जरूरत है. हमारा समर्थन उनके ऐसा करने पर निर्भर होना चाहिए."
अमेरिका अपने सहयोगियों की तुलना में यूक्रेन को अधिक सैन्य सहायता देता है, कुल सहायता के रूप में यूरोपीय देशों ने व्यक्तिगत रूप से और यूरोपीय संघ के तत्वावधान में यूक्रेन को 140 अरब डॉलर की मदद देने का आश्वासन दिया है. यह अमेरिका मदद से अधिक है.
ल्यूक कॉफी कहते हैं कि डॉलर की मात्रा की तुलना करने पर यह अमेरिका के सहयोगी देशों की मदद के स्तर से भी कम हो जाता है. वो कहते हैं, '' अमेरिका यूक्रेन में क्या कर रहा है, उसकी तुलना वहां एस्टोनिया क्या कर रहा है, इससे नहीं कर सकते हैं. एस्टोनिया की अर्थव्यवस्था अमेरिकी राज्य वर्मोंट के आकार की है.''
वो कहते हैं, इसकी तुलना करने का एक बेहतर तरीका यह है कि सहायता की तुलना उस देश देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के हिस्से के रूप में की जाए.
कील इंस्टीट्यूट फॉर द वर्ल्ड इकोनॉमी की ओर से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक जुलाई के अंत तक नॉर्वे ने सबसे अधिक यानी जीडीपी के 1.71 फीसदी की मदद दी थी. एस्टोनिया और रूस की सीमा से लगे दो अन्य बाल्टिक देशों ने भी अपने जीडीपी के एक फीसदी से अधिक की सहायता की है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)