क्या 'रेड डायमंड' उम्र को मात दे सकते हैं ?

- Author, क्लेर टरेल
- पदनाम, बीबीसी ट्रैवल
उत्तर-पश्चिमी चीन में पीली नदी के किनारे और ल्यूपिन पहाड़ों की छांव में निंग्जिया इलाक़े के लोग उस बेरी को उगाते हैं जिनकी सदियों से एशिया में भारी मांग रही है.
इस छोटी अंडाकार बेरी को रेड डायमंड कहा जाता है. माना जाता है कि इसमें उम्र को मात देने की ताक़त है. दुनिया भर में अब इसे सुपर फ़ूड कहा जा रहा है.
चीन के लोग औषधि के रूप में तीसरी सदी से ही इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. उनके लिए यह 'गूज़ बेरी' या 'वुल्फबेरी' है.
ये बेरी यूं तो पूरे चीन में होती है, लेकिन निंग्जिया की आबोहवा में इसकी सबसे बढ़िया किस्म होती है.
ऑर्गेनिक बेरी फार्म निंग्जिया बैशी हेंग्जिंग फ़ूड टेक्नोलॉजी कंपनी के सेल्स मैनेजर इवान गुओ कहते हैं,"पहाड़ों की ठंडी हवा, खनिजों से भरी जमीन और पीली नदी के पानी से निंग्जिया की बेरी नायाब होती है."
निंग्जिया के किसान उसी तरीके से इसकी खेती करते हैं जैसे उनके पुरखे करते थे. हर साल जुलाई से सितंबर के बीच कमर तक ऊंची झाड़ियों में टमाटर के रंग की बेरी लद जाती है जिनको सावधानी से तोड़कर बांस की टोकरियों में रख लिया जाता है.

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औषधीय गुण
इस बेरी से चीन की मोहब्बत सदियों पुरानी है. चीन की पारंपरिक चिकित्सा (TCM) से इलाज करने वाले डॉक्टर मानते हैं कि इसमें औषधीय गुण होते हैं.
इसके सबसे पुराने रिकॉर्ड 16वीं सदी के मशहूर औषधि विशेषज्ञ ली शिज़ेन की लिखी "कॉम्पेंडियम ऑफ़ मैटेरिया मेडिका" में मिलती है.
यू यान सांग टीसीएम क्लीनिक (जिसकी शाखाएं चीन, मलेशिया और सिंगापुर में हैं) की टीसीएम डॉक्टर ज़ांग रुफ़ेन कहती हैं, "यह बहुत विस्तृत और मान्य रिकॉर्ड है जिसमें गोजी बेरी का जिक्र है."
"ली ने हर जड़ी-बूटी के बारे में बताया है कि वह कैसा दिखता है और उसका कैसे इस्तेमाल करना चाहिए."
चीन में गोजी बेरी को फल और औषधि दोनों माना जाता है. यह विटामिस सी, एंटी-ऑक्सीडेंट, एमिनो एसिड्स और खनिज-लवणों से भरी होती है.
टीसीएम चिकित्सक लिवर और किडनी की क्षमता बढ़ाने के लिए इसके सेवन की सलाह देते हैं.
बीजिंग में चीनी औषधियों की पढ़ाई करने वाली ज़ांग कहती हैं, "चीनी माताएं बच्चों से कह सकती हैं कि इसे खाओ. यह आंखों के लिए अच्छी है, क्योंकि इसमें कैरोटीन होता है."
"मैं किडनी और लिवर सिस्टम की क्षमता बढ़ाने के लिए इनको खाने की सलाह दूंगी. टीसीएम में आंखों को भी इसी का हिस्सा माना जाता है."

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सूप और चाय में बेरी
धीमी आंच पर पकाए जाने वाले ओल्ड फ़ायर सिमर सूप में चिकन, लाल खजूर और अदरक के साथ विटामिन बढ़ाने के लिए सूखी गोजी बेरी डाली जाती है. इसे गुलदाऊदी चाय के फ्लास्क में भी डाला जा सकता है.
ज़ांग अपने मरीजों को आम तौर पर दूसरी औषधियों के साथ गोजी बेरी खाने की सलाह देती हैं.
वह कहती हैं, "इलाज के लिए हम आम तौर पर एक दवा का इस्तेमाल नहीं करते. यह मिश्रण का हिस्सा होता है."
यदि किसी मरीज को बुखार, जलन या गले की खराश हो तो उसमें गोजी बेरी खाने की सलाह नहीं दी जाती.
इसी तरह, डायरिया के मरीजों को या प्लीहा की कमी वाले लोगों को गोजी बेरी खाने को नहीं कहा जाता. लेकिन यदि आप बिल्कुल स्वस्थ हैं तो गोजी बेरी सही है.

बेरी के किस्से
किस्सा है कि 2,000 साल पहले एक डॉक्टर चीन के एक ऐसे गांव में गया था जहां सभी लोग 100 साल से ज़्यादा उम्र के थे.
उन्होंने देखा कि वे सभी जिस कुएं का पानी पीते थे उसके चारों ओर गोजी बेरी के पौधे थे. उसके फल पकने के बाद कुएं में गिरते थे और उसके विटामिन पानी में घुल जाते थे.
ऐसी भी कहानियां हैं कि 17वीं सदी के औषधि विशेषज्ञ ली क्विंग युन हर रोज गोजी बेरी खाते थे और 252 साल तक जीवित रहे थे.
चीनी माताएं अपने बच्चों को यह भी कह सकती हैं कि गोजी बेरी खाने से चश्मा नहीं लगाना पड़ेगा.
लेकिन इस बेरी के लिए समय बदल रहा है. पुरानी गोजी बेरी को अब चीन और उसके बाहर भी सुपर फ़ूड माना जा रहा है.

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नया जमाना नया जायका
एशिया की युवा पीढ़ी इस बेरी को अपना ट्विस्ट दे रही है. मिसाल के लिए, जेनरेशन ज़ेड के सदस्य अब गोजी बेरी चाय बनाने के लिए वेलनेस केटल खरीद रहे हैं.
ये पारंपरिक सूप केटल जैसे ही हैं, लेकिन बायडीम जैसे ब्रांड्स ने उनकी रीपैकेजिंग कर दी है और सुंदर गुलाबी रंग दे दिया है.
चीन के जेनरेशन ज़ेड के बारे में 2019 के एक शोध से पता चलता है कि यह पीढ़ी सेहत को पैसे, करियर, निजी ख़ुशी और परिवार से भी ज़्यादा अहमियत देती है.
अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं के बीच भी यह बेरी लोकप्रिय हो गई है. "सुपर फ़ूड" से आकर्षित होकर पश्चिमी देशों में लोग इसके एक पैकेट के लिए 10 अमरीकी डॉलर तक चुका रहे हैं. एशिया के मुक़ाबले यह कीमत तीन गुनी ज़्यादा है.
सुपर फ़ूड की कीमत किसानों को प्रेरित करती है कि वे अपनी फसल ज़ल्द से ज़ल्द सुपर मार्केट तक पहुंचा दें.
निंग्जिया में किसान सालाना 1,80,000 टन ताज़ी बेरी तोड़ते हैं. वे इनको सुखाकर बेचते हैं, क्योंकि ताज़ी बेरी को ज़्यादा दिनों तक स्टोर करके नहीं रखा जा सकता.
बेरी सूरज की गर्मी से ज़ल्दी पक जाती है यानी गर्मियों में किसानों को फसल जमा करने के लिए तेज़ी से काम करना पड़ता है.
सूखने के लिए उन्हें बड़ी-बड़ी ट्रे में फैलाकर धूप में रखा जाता है, हालांकि नई तकनीक से इस प्रक्रिया में तेज़ी लाई जा सकती है.
निंग्जिया बैशी हेंग्जिंग के मालिक आन वेइजुन, जो गोजी बेरी किसान के घर पैदा हुए थे, ने आठ साल पहले ऑर्गेनिक फार्म शुरू किया था.
उन्होंने एक आधुनिक लैबोरेट्री भी बनाई है जहां उनकी टीम बेरी और दूसरे ऑर्गेनिक उत्पादों को कुछ ही समय में सुखा सकती है.

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रिकॉर्ड बिक्री
चीन में हाल के सिंगल डे सेल्स (ब्लैक फ्राइडे का चीनी संस्करण) में 179 टन बेरी की रिकॉर्ड बिक्री हुई.
एजिलिटी रिसर्च एंड स्ट्रैटजी की मैनेजिंग डायरेक्टर अमृता बंता को लगता है कि एशिया के युवा जीवन के स्वस्थ तरीके को अपना रहे हैं.
वह कहती हैं, "चीनी उपभोक्ता कई साल तक चीन में बने उत्पादों को पुराना और अवैज्ञानिक कहकर खारिज कर देते थे, लेकिन अब चीन के कई पारंपरिक उत्पादों और प्रथाओं को लेकर गर्व का भाव आया है."
"फिर भी, इस बेरी की लोकप्रियता इसकी खूबियों के बारे में वैश्विक जागरुकता से बढ़ी है. आज चीन के युवा इसे सुपरफ़ूड समझकर खाते हैं, न कि वे टीसीएम की सलाह पर यकीन करते हैं. यह देखकर हैरानी होती है कि चीन को अपने अतीत पर इतना गर्व है फिर भी वह पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ है."
एशिया के युवा शेफ़ भी अपने व्यंजनों में स्थानीय जायका बढ़ाने के लिए इस बेरी का प्रयोग करते हैं.
शेफ़ की पसंद
शेफ़ एना लिम को फ़ास्ट फ़ूड जायंट मैकडोनल्ड्स ने ब्रेकफास्ट डिश का एक लिमिटेड-एडिशन बनाने के लिए आमंत्रित किया तो उन्होंने भी बेरी का इस्तेमाल किया.
एना लिम दि सूप स्पून की मालकिन हैं. उन्होंने बेरी के साथ एक जायकेदार दलिया तैयार किया तो सिंगापुर में यह इतना लोकप्रिय हो गया कि इसे स्थायी मेन्यू में जोड़ना पड़ा.
लिम कहती हैं, "बेरी मिलाने से दलिये में एक प्राकृतिक मिठास आती है. हरा धनिया, सफ़ेद टोफ़ू और लाल गोजी बेरी मिलकर चावल के साधारण दलिये को पौष्टिक और सेहतमंद खाना बना देते हैं."
ग्रैंड हयात हांगकांग होटल के वन हार्बर रोड रेस्तरां के शेफ़ चांग हॉन चियोंग अपने मेहमानों को एकदम घर जैसा खाने का आनंद लेने का मौका देते हैं.
उन्होंने मेन्यू का एक पूरा पन्ना हर्बल टॉनिक सूप के लिए रखा है, जिनकी पारंपरिक सामग्रियों में बेरी भी शामिल है.
चांग मेहमानों को डबल बॉयल सूप परोसते हैं, जिसे वह टीसीएम को ध्यान रखकर बनाते हैं.
उनकी टीम रोजाना सूप की सामग्रियों को बताए गए तरीके से काटती है और उनको चीनी मिट्टी के बर्तन में रखती है. फिर उस बर्तन को उबलते पानी की बड़ी हांडी में डाल दिया जाता है.
चांग कहते हैं, "दो बार उबालना सूप बनाने की एक धीमी और नाजुक प्रक्रिया है. दोहरे उबाल से मैं सामग्रियों के पोषक तत्व और उनके जायके को पूरी तरह सूप में ला सकता हूं."
सेहत के प्रति जागरुक उपभोक्ता इस सुपर फ़ूड को अपना रहे हैं जैसे एशियाई परिवार पीढ़ियों से करते आ रहे हैं.
वे सूप या चाय में कुछ बेरी डाल सकते हैं और किशमिश की तरह के इस सुपर फ़ूड की मिठास का मज़ा ले सकते हैं, जो एशिया को जवान दिखने और जवान महसूस करने में मदद कर रहा है.
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