दुनिया के सबसे महंगे गोश्त की कहानी

गोश्त

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    • Author, मैक्स डंकन
    • पदनाम, बीबीसी ट्रैवेल

पश्चिमी देशों में सुअर का मांस बहुत चाव से खाया जाता है. ख़ास तौर से सुअर के पुट्ठों का मांस बहुत ही लोकप्रिय है. इसे अंग्रेज़ी में हैम कहते हैं.

क्या आपको पता है कि दुनिया का सबसे महंगा हैम कहां होता है?

अगर नहीं, तो चलिए आज आप को उस जगह की सैर कराते हैं.

दक्षिणी यूरोप के आइबेरियन प्रायद्वीप पर दो देश आबाद हैं. पुर्तगाल और स्पेन. ये दोनों ही देश अपनी अलग तहज़ीब के लिए जाने जाते हैं.

एक दौर था, जब इन दोनों ही देशों ने पूरी दुनिया में विशाल साम्राज्य क़ायम किया हुआ था. स्पेन की हुकूमत दक्षिणी अमरीका के ज़्यादातर देशों में थी. मेक्सिको भी उसका ग़ुलाम था. वहीं, पुर्तगाल के लोगों ने फ़िलीपींस से लेकर ब्राज़ील तक अपना साम्राज्य स्थापित किया हुआ था.

ख़ैर, आज बात इनके साम्राज्य की नहीं, बल्कि स्पेन में तैयार किए जाने वाले दुनिया के सबसे महंगे सुअर के गोश्त यानी हैम की.

ये इतना महंगा है कि दाम सुनेंगे तो आप के होश उड़ जाएंगे. सुअर की एक टांग क़रीब सवा तीन लाख रुपए की बिकती है.

पर, इन्हें तैयार किस तरह से किया जाता है, वो जानने के बाद आपको ये क़ीमत वाजिब लगेगी.

तो, चलिए चलते हैं स्पेन की सैर पर.

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आख़िर इतना महंगा क्यों है ये गोश्त

हैम को स्पेनिश ज़ुबान में हमोन कहते हैं.

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आइबेरियन प्रायद्वीप में पिछले दो हज़ार साल से भी ज़्यादा पहले से सुअर का गोश्त बड़े चाव से खाया जाता रहा है.

रोम के कवि मार्शल ने पहली सदी ईस्वी में आज के स्पेन में सुअर का मांस खाने का ज़िक्र अपनी किताब में किया था.

तब से लेकर आज तक स्पेन के ग्रामीण इलाक़ों में हर जश्न में सुअर की बलि देने का रिवाज है.

बलि देने के बाद बाक़ी गोश्त तो तुरंत पकाकर खा लिया जाता है. पर, उसके पिछले पैरों और ख़ास तौर से पुट्ठों को रख लिया जाता है.

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इन्हें सुखाकर ही हैम तैयार होता है. जमोन या हैम, स्पेन की संस्कृति का अहम हिस्सा है. छोटे गांव हों या बड़े शहर, स्पेन में हर जगह सुअर के गोश्त की बड़ी अहमियत है.

स्पेन के लोग हर साल क़रीब एक लाख साठ हज़ार टन सुअर का मांस चट कर जाते हैं. दुनिया के किसी और देश में सुअर का मांस इतनी तादाद में नहीं खाया जाता.

हैम यूं तो हर सुअर के पुट्ठे से तैयार हो सकता है. मगर स्पेन की ख़ास काली नस्ल की सुअरों के हैम को सबसे स्वादिष्ट माना जाता है.

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ख़ास सुअर का ख़ास मांस

इसका स्वाद ही अलग होता है. जैसे, फ्रांस में वाइन को किसी ख़ास इलाक़े की पहचान माना जाता है. वैसे ही स्पेन के जबुगो इलाक़े में जो सुअर पाला जाता है, उनका हैम सबसे स्वादिष्ट माना जाता है.

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ये अंडालुसिया नाम के छोटे से क़स्बे के क़रीब के इलाक़ों में पाली जाती हैं. स्पेनिश भाषा में इन ख़ास नस्ल के सुअरों से बने हैम को हमोन आइबेरिको डे बेलोटा के नाम से जाना जाता है.

असल में ये इलाक़ा घास के मैदानों वाला है. इसे डेहेसा कहते हैं. मध्य और दक्षिणी स्पेन के अलावा पड़ोसी देश पुर्तगाल में फैले इस इलाक़े में खेती भी होती है, जंगल भी हैं और चारागाह भी.

यहां का इकोसिस्टम, कम शोषण की वजह से बचा हुआ है. यहां ख़ास तरह के ओक यानी शाहबलूत के पेड़ मिलते हैं. इनके फल खाकर ही भेड़ें अपना पेट भरती हैं.

स्पेन के इस इलाक़े में रहते हैं एदुआर्दो डोनाटो. वो कभी शहर में रहा करते थे. मगर बेहतर ज़िंदगी की तलाश में एदुआर्दो 1989 में जबुगो आकर बस गए. वो क़ुदरत के क़रीब वक़्त गुज़ारना चाहते थे.

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ऑर्गेनिक अंदाज़ में पालन-पोषण

उन्होंने थोड़ी सी ज़मीन ख़रीदी और 1995 में सुअर पालने का धंधा शुरू किया. हैम की पहली क़िस्त उन्होंने क़रीब दस साल बाद यानी 2005 में तैयार की.

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वो अपने सुअरों को पालने में केमिकल का ज़रा भी इस्तेमाल नहीं करते. न ही उन्हें हॉरमोन के इंजेक्शन देते हैं.

वो सुअरों को काटने से पहले उन्हें क़ुदरती तौर पर बढ़ने देते हैं. यही वजह है कि उनके फ़ार्म में तैयार हैम, दुनिया का सबसे महंगा है. क्योंकि इसकी लागत भी ज़्यादा है.

क़रीब 3 लाख 28 हज़ार रुपए क़ीमत की सुअर की एक टांग बेचने वाले एदुआर्दो के हैम को गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी जगह मिली है.

सुअर पालने वाले एदुआर्दो

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इमेज कैप्शन, गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह पाने वाले एदुआर्दो

एदुआर्दो का सुअर फ़ार्म के पास ही एक नेशनल पार्क है. ये संरक्षित इलाक़ा है. यहां पेड़ों की कटाई नहीं होती. नतीजा ये कि उनकी सुअरों को साल भर प्राकृतिक तौर पर खाना उपलब्ध रहता है.

वो एक्रोन यानी ओक के पेड़ के फल खाकर पेट भरते हैं. यही वजह है कि इन सुअरों का मांस अलग ही तरह का स्वाद देता है.

जो फल और बीज यहां मिलते हैं, वो सेहत के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं. ये बात ख़ुद अमरीका का नेशनल सेंटर फ़ॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फ़ार्मेशन कहता है.

यहां पर शाहबलूत के पेड़ों की कई नस्लें मिलती हैं, जो अलग-अलग वक़्त पर फल देती हैं. सो सुअरों के लिए साल भर खाने का इंतज़ाम होता है.

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इसके अलावा एदुआर्दो उन्हें ज़ैतून, सूखे मेवे और पौधों की जड़ें भी खिलाते हैं. साथ ही वो अपनी सुअरों को दालें और ऑर्गेनिक अनाज भी खिलाते हैं.

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कैसे तैयार होता है ये मांस

आइबेरिया की सुअरें आम तौर पर काले रंग की होती हैं. मगर, एदुआर्दो की भेड़ों का रंग सुनहरा भूरा होता है. इनके शरीर पर चकत्ते होते हैं.

ये नस्ल काली सुअरों की ज़्यादा मांग की वजह से कमोबेश ख़त्म हो चली थी. मगर आज एदुआर्दो के फ़ार्म में ये आबाद हैं.

इस नस्ल के सुअर को काटने से पहले क़रीब तीन साल तक पाला-पोसा जाता है. तभी इनका हैम अच्छा तैयार होता है.

सही वज़न होने पर सुअरों को काट कर उसके पिछले पैर अलग कर लिए जाते हैं. बाक़ी मांस को तो तुरंत इस्तेमाल किया जाता है.

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मगर इन्हीं पिछले पैरों से तैयार होता है विश्व का सबसे महंगा हैम. एदुआर्दो इन टांगों को सात साल तक सुखाने के बाद बाज़ार में बेचते हैं.

सबसे पहले इन पैरों को नमक के ढेर में सात दिन तक रखा जाता है. फिर इन्हें धोकर खुले, हवादार कमरे में टांग दिया जाता है. यहां ये क़रीब तीन महीने तक टंगे रहते हैं. फिर इन्हें इमारत के तहख़ाने में ले जाकर संरक्षित किया जाता है.

तहख़ाने में सुअर की टांगें क़रीब पांच साल तक सुखाया जाता है. फिर इन्हें साफ़ और पैक कर के बाज़ार में बेचा जाता है.

पहले तो स्पेन के लोग काले सुअरों के पुट्ठों के मांस के ही शौक़ीन थे. मगर, 2016 में एदुआर्दो के हमोन के बाज़ार में आने के बाद यही सबसे बेहतरीन हैम माना गया.

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इस हैम को स्लाइस करने यानी पतली परत में काटने का हुनर भी अलग होता है. इसके लिए भी हुनरमंद लोग ही बुलाए जाते हैं.

वो काट कर चखने वालों के सामने हैम के टुकड़े रखते जाते हैं. ऊपरी हिस्से के मांस का अलग स्वाद होता है. वहीं खुरों के पास के टुकड़ों का स्वाद अलग तरह का होता है.

स्पेन के बड़े और मशहूर रेस्टोरेंट में हैम को काटने के बड़े आयोजन हुआ करते हैं. इन्हें सामान्य तापमान पर काटकर तुरंत परोसा जाता है, ताकि स्वाद न बिगड़े.

एदुआर्दो कहते हैं कि, 'हम पैसे कमाते हैं जीने के लिए. न कि पैसे कमाने के लिए जी रहे हैं.'

तभी तो, वो दुनिया का सबसे महंगा हैम तैयार कर रहे हैं.

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