You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
'रूस का गूगल' कहे जाने वाले यांडेक्स के बारे में जानते हैं आप
- Author, एनसतासिया ज़ैरियानोवा
- पदनाम, मॉस्को (रूस) से, बीबीसी फ़्यूचर के लिए
गूगल दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है. ये बात कमोबेश सब को पता है. आख़िर हिंदुस्तान में 'गूगल बाबा' इतने मशहूर जो हैं.
बहुत से लोगों को ये भी पता है कि गूगल के अलावा कई और सर्च इंजन भी हैं, जैसे माइक्रोसॉफ़्ट का बिंग, चीन का बायडू और शुरुआती सर्च वेबसाइटों में से एक याहू.
आज की तारीख़ में गूगल केवल सर्च वेबसाइट नहीं. गूगल ने अपना दायरा बहुत बढ़ा लिया है.
मगर, क्या आप को पता है कि गूगल जैसी ही एक और विशाल आईटी कंपनी है. ये जिस देश में है, उसके बाहर बहुत कम ही लोगों को उसका नाम मालूम है.
उस देश का नाम है रूस और सर्च इंजन का नाम है यांडेक्स.
यांडेक्स को रूस का गूगल कहा जाता है. गूगल की ही तरह यांडेक्स भी सर्च इंजन चलाने के अलावा बहुत से कारोबार करती है.
यांडेक्स की शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी (Yandex.ru) के तौर पर. आज की तारीख़ में यांडेक्स रूस की विशाल आईटी कंपनी बन चुकी है.
कंपनी के संस्थापक और प्रमुख आर्केडी वोलोज़ कहते हैं, "आप हमें सिर्फ़ रूस का गूगल न समझें. आप हमें रूस की यूबर कंपनी, रूस की स्पॉटिफ़ाई और साथ ही बहुत कुछ और भी कह सकते हैं."
रूस के बाज़ार पर पूरा ज़ोर
साल 2018 में 4 जीबी मेमोरी वाली एक यूएसबी फ़्लैश ड्राइव की क़ीमत महज़ कुछ डॉलर है.
लेकिन, जब यांडेक्स ने इतनी ही मेमोरी वाले सर्वर के साथ अपनी शुरुआत की थी, तो उसके लिए कंपनी को हज़ारों डॉलर ख़र्च करने पड़े थे.
आर्केडी वोलोज़ ने इसी की मदद से साल 1997 में यांडेक्स की शुरुआत की थी. शुरुआत में यांडेक्स, वोलोज़ की संचार कंपनी कॉम्पटेक वोलोज़ का एक प्रोजेक्ट मात्र थी.
इस संचार कंपनी की स्थापना वोलोज़ ने यांडेक्स से एक दशक पहले की थी. लेकिन, 2011 में जब कंपनी अपना आईपीओ लेकर आई, तो इसके ज़रिए उसने 1.3 अरब डॉलर का निवेश जुटाया था.
ये गूगल के आईपीओ से कुछ ही कम रक़म थी. गूगल ने अपने आईपीओ के ज़रिए 1.7 अरब डॉलर जुटाए थे.
कुछ हज़ार डॉलर ख़र्च कर के एक फ्लैश ड्राइव की मदद से शुरू हुई यांडेक्स आज इतनी बड़ी कंपनी कैसे बन गई?
आज की तारीख़ में भी यांडेक्स को रूस से बाहर बहुत कम ही लोग जानते हैं. मगर रूस में ये इतना बड़ा नाम है कि बहुत से विदेशी इस में काम करते हैं.
इनमें से कई तो गूगल और माइक्रोसॉफ़्ट में काम कर चुके हैं. यांडेक्स, गूगल को अपना सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी मानती है. लेकिन कंपनी की निवेशक ओल्गा मास्लिखोवा कहती हैं कि यांडेक्स ने तय किया है कि वो विश्व स्तर पर गूगल के मुक़ाबले में नहीं उतरेगी. इसके बजाय कंपनी ने अपना पूरा ज़ोर रूस के बाज़ार पर लगा रखा है.
गूगल से बेहतर अनुवाद
ओल्गा कहती हैं कि, "यांडेक्स एक सार्वजनिक कंपनी है. इसे अपनी क़ीमत बढ़ानी है. इसे इस बात का चुनाव करना है कि वो अपने नए उत्पाद को अपने मौजूदा बाज़ार में उतारे, या नए बाज़ारों में मज़बूत ब्रैंड वाले उत्पादों की मार्केटिंग करे. रूस के आर्थिक हालात को देखते हुए, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार फिलहाल मुश्किल लग रहा है. इसीलिए यांडेक्स ने तय किया है कि वो रूस में ही अपने कारोबार का विस्तार करेगी."
लेकिन, इसके लिए कंपनी सिर्फ़ रूस के कर्मचारियों पर निर्भर नहीं रहना चाहती.
आज गूगल की भाषाओं के रिसर्चर डेविड टालबोट यांडेक्स की अनुवाद सेवा के प्रमुख हैं. टालबोट मिखाइल बिलेंको की टीम का हिस्सा हैं.
मिखाइल बिलेंको ने पहले माइक्रोसॉफ़्ट के लिए मशीन से सीखने के एक प्लेटफॉर्म को विकसित किया था. आज मिखाइल, यांडेक्स की मशीन इंटेलिजेंस यूनिट के चीफ़ हैं.
जब टालबोट ने यांडेक्स में काम करना शुरू किया था, तो काफ़ी विवाद हुआ था. क्योंकि यांडेक्स ने ऑनलाइन ट्रांसलेशन के एक ऐसे सिस्टम का इस्तेमाल करना शुरू किया था, जिसका कुछ दिन पहले ही गूगल ने इस्तेमाल शुरू किया था.
लेकिन डेविड टालबोट ने बीबीसी को बताया था कि दोनों की बनावट अलग थी. इसका ये मतलब है कि यांडेक्स का सिस्टम गूगल से बेहतर तरीक़े से अंग्रेज़ी से रूसी भाषा में अनुवाद कर सकता था.
मशीन लर्निगं लाइब्रेरी
डेविड टालबोट कहते हैं कि, "आज बहुत से लोग अपनी तकनीक को खुले बाज़ार में उतारते हैं. वो इसे छुपा कर नहीं रखते. दूसरे लोग इस तकनीक को इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी कमियां बताते हैं. जिससे नई तकनीक में सुधार जल्दी हो जाता है. जो लोग अपने ईजाद किए हुए सिस्टम को छुपा कर रखते हैं, उनमें सुधार की गुंजाइश कम हो जाती है."
पिछले साल ही यांडेक्स ने मशीन लर्निगं लाइब्रेरी को लॉन्च किया था. हाल ही में यांडेक्स ने क्लाउड सर्विस शुरू की है.
इसकी मदद से दूसरी कंपनियाँ अपने टेक उत्पाद विकसित कर सकती हैं. जल्द ही यांडेक्स की अपनी भाषा पहचानने वाली तकनीक भी सार्वजनिक बाज़ार में उतारने वाली है.
रूस में यांडेक्स ख़ुद से चलने वाली कारों के कारोबार में भी सबसे आगे है. हाल ही में कंपनी ने ख़ुद से चलने वाली टैक्सी सेवा को रूस के तातारिस्तान इलाक़े में लॉन्च किया है.
तातारिस्तान की राजधानी कज़ान के उप-नगरीय इलाक़े इनोपोलिस में शुरू की गई इस सेवा का इस्तेमाल लोग बिना कार की स्टीयरिंग पर हाथ रखे कर सकते हैं.
ये गूगल की वेमो सेवा जैसी ही है. बस ये रूस में शुरू की गई है.
गूगल जैसी कई सेवाएं
यांडेक्स में रूस के सबसे क़ाबिल आईटी एक्सपर्ट काम करते हैं. लेकिन ओल्गा मस्लिखोवा का कहना है कि रूस के शिक्षा संस्थानों से बहुत क़ाबिल लोग नहीं मिल पाते हैं. इसीलिए कंपनी अपने भविष्य के कर्मचारियों को ख़ुद की ट्रेनिंग दे रही है.
यांडेक्स ख़ुद के शिक्षण संस्थान चलाती है, जो बच्चों को बेसिक प्रोग्रामिंग सिखाते हैं. यांडेक्स स्कूल ऑफ़ डेटा एनालिसिस, सीनियर छात्रों और युवाओं को 2007 से ही मुफ़्त ट्रेनिंग देती है.
रूस की कई यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर भी यांडेक्स शिक्षा सेवाएं संचालित करती है.
यांडेक्स केवल युवाओं को आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और आंकड़ों को समझने की ट्रेनिंग नहीं देती. ये आम लोगों को भी इनके इस्तेमाल और फ़ायदे सिखाती है.
यांडेक्स का टोलोका प्लेटफॉर्म लोगों को आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के साथ-साथ पैसे कमाने का मौक़ा भी देता है. इसकी वेबसाइट पर आप सैकड़ों काम कर सकते हैं.
लोग अपनी क़ाबिलियत के हिसाब से कमाई भी कर लेते हैं. इसके लिए किसी डिप्लोमा की भी ज़रूरत नहीं होती.
जनता से यांडेक्स के सरोकार यहीं तक सीमित नहीं हैं. इसी साल यांडेक्स ने एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है. इसका नाम है नरोडनाया कार्टा.
इसका मतलब है जनता का नक़्शा. गूगल की ही तरह यांडेक्स की मैप सर्विस है. ये नरोडनाया कार्टा, इसी नक़्शे की एडिटिंग सर्विस है. इसकी मदद से लोग अपनी लोकेशन और इलाक़े के बारे में नई जानकारी डाल सकते हैं और यांडेक्स को अपनी मैप सेवा बेहतर करने में मदद कर सकते हैं. यानी ये जनता की मदद से नक़्शा बनाने का काम है.
रूस की क्रांति की 100वीं सालगिरह
गूगल और एप्पल के पर्सनल असिस्टेंट की तरह ही यांडेक्स का भी एक आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस वाला पर्सनल असिस्टेंट है. इसका नाम है एलिसा.
आप को अगर पिज़्ज़ा ऑर्डर करना है तो स्मार्टफ़ोन का एक बटन दबाकर बस उसमें अपनी ख़्वाहिश जतानी होगी. पापा जॉन नाम की पिज़्ज़ा चेन ने इसके लिए यांडेक्स के साथ समझौता किया है.
मई 2018 में कंपनी ने यांडेक्स डायलॉग्स नाम की सेवा शुरू की है. इस में कोई भी आकर नए हुनर जोड़ कर एलिसा को बेहतर बनाने की कोशिश कर सकता है.
कंपनी की मैप सर्विस में कोई भी किसी भी जगह के साथ इमोजी डाल सकता है. इसके बड़े मज़ेदार नतीजे निकले. बहुत से लोगों ने राजधानी मॉस्को के हर इलाक़े के साथ 'पू' इमोजी डाल दी.
हाल ही में यांडेक्स ने यांडेक्स.ऑटोपोएट नाम की सेवा शुरू की है. ये एआई सर्विस मशहूर कवियों की तर्ज पर कविताएं लिखता है.
कंपनी ने इमोजी के अनुवाद की सेवा भी शुरू की है. इसमें मशहूर हॉलीवुड फ़िल्म लॉर्ड ऑफ़ द रिंग्स से चर्चित हुई एल्विश ज़बान का अनुवाद भी शामिल है.
यांडेक्स की एआई सर्विस संगीत की धुनें भी तैयार कर सकती है. 2017 में एक क़ॉन्फ़्रेंस में एलेक्ज़ेंडर स्क्रियाबिन जैसा ही ऑर्केस्ट्रा यांडेक्स के एआई ने पेश किया था. ये मशहूर संगीतकार स्क्रियाबिन की सालगिरह पर आयोजित कार्यक्रम का हिस्सा था.
कंपनी ने '1917-फ्री हिस्ट्री' नाम के एक सोशल मीडिया अभियान की भी मदद की है. इस प्रोजेक्ट ने रूस की क्रांति की 100वीं सालगिरह पर उस वक़्त के हालात लोगों को बताने की कोशिश की है.
यांडेक्स.मैप पर लोग एवरेस्ट से भी फोटो अपलोड कर सकते हैं. हाल ही में आर्केडी वोलोज़ ने कहा कि हमें एक पागल इंसान की फ़ौरन ज़रूरत है, जो हमारे पागलपन वाले प्रोजेक्ट्स की अगुवाई करे.
वो शायद ये बात मज़ाक़ में कर रहे थे. मगर उसमें भी एक क़िस्म की गंभीरता थी.
रूस के बाहर कारोबार का विस्तार नहीं
आज की तारीख़ में यांडेक्स ट्रांसलेशन, मैप सर्विस और दूसरी सेवाएं तो दे ही रही है. इसके अलावा ये आप के लिए खाना मंगा सकती है. टैक्सी मंगा सकती है. घर पर सिनेमा का लुत्फ़ लेने में मदद कर सकती है. आप को पढ़ने में मदद कर सकती है और ट्रेन पकड़ने में भी मददगार हो सकती है.
यानी आज यांडेक्स, रूस के लोगों की ज़िंदगी के हर क़दम की साथी बनने की कोशिश कर रही है.
हम में से बहुत से लोग ऐसे हैं जो ये मानते हैं कि हमें, अपने प्रियजनों से ज़्यादा हमारे स्मार्टफ़ोन बेहतर जानते हैं. आज रूसी लोग बहुत ज़्यादा वक़्त ऑनलाइन दुनिया में बिताते हैं. यानी यांडेक्स के पास भारी तादाद में डेटा है, जो लोगों के बर्ताव की चुगली करता है.
इस डेटा की मदद से यांडेक्स की आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस सेवा अपना विस्तार करती जा रही है.
तो क्या एक वक़्त ऐसा आएगा जब रूस में सिर्फ़ यांडेक्स का राज होगा? निवेशक इस्कंदर गिनियाटुल्लिन ऐसा नहीं मानते.
वो कहते हैं कि तगड़े मुक़ाबले के बाद हो सकता है कि यूबर और यांडेक्स की टैक्सी सेवाएं एक हो जाएं. मगर, यांडेक्स दिन-ब-दिन नए नए क्षेत्रों में विस्तार कर रही है.
ये वो सेक्टर हैं जिन्हें लेकर आईटी दुनिया में बहुत उम्मीदें जगाई गई हैं.
यांडेक्स के इंटरनेशनल डेवेलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़े रहे एलेक्ज़ेंडर लारियानोवस्की कहते हैं कि, "दुनिया में हर जगह हम ने आईटी कंपनियों का ऐसा विस्तार होता देखा है. या तो आप अपने कारोबार का विस्तार करते जाते हैं. या फिर कटौती करते हैं."
कुछ महीनों पहले ही यांडेक्स ने रूस के पड़ोसी देश लिथुआनिया में टैक्सी सेवाएं शुरू की हैं. इससे पहले इसने दूसरे बाल्टिक देशों लैटविया और एस्तोनिया में भी टैक्सी सेवाएं शुरू की थीं. यांडेक्स उन इलाक़ों में विस्तार कर रही है, जो कभी सोवियत संघ का हिस्सा थे.
मज़े की बात ये है कि यांडेक्स, तुर्की में भी कारोबार का विस्तार कर रही है, जबकि तुर्की और रूस के रिश्तों में उठापटक होती रहती है.
लारियानोवस्की कहते हैं कि उन लोगों को बचपन में पढ़ाया गया था कि नए सोवियत संघ ने पहले विश्व युद्ध के बाद के तुर्की की मदद की थी. यानी रूस और तुर्की एक दूसरे को दुश्मन नहीं, ऐतिहासिक रूप से दोस्त मानते आए हैं.
यांडेक्स ने तुर्की के बाज़ार में उस वक़्त क़दम रखा था, जब उसका झुकाव पश्चिमी देशों की तरफ़ था. लेकिन, इसका ये मतलब नहीं था कि रूसी कंपनी, तुर्की का इस्तेमाल पश्चिमी देशों तक पहुंच बनाने के लिए कर रही थी.
आर्केडी वोलोज़ कहते हैं कि उनकी कंपनी, दूसरे सर्च इंजनों से मुक़ाबला करने की सोचती भी नहीं. उनका मानना है कि जब तक कारोबार के नियमों में बदलाव नहीं आता, वो रूस के बाहर कारोबार का विस्तार नहीं करेंगे.
लेकिन, इसका ये मतलब कतई नहीं कि यांडेक्स नए-नए प्रयोग नहीं करेगी.
ये भी पढ़ें:
(मूल लेख अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिककरें, जो बीबीसी फ़्यूचर पर उपलब्ध है.)
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)