पाकिस्तान में शादियों का जश्न कितना बदल गया है?

- Author, ज़ियाद ज़फ़र
- पदनाम, बीबीसी कैप्टिल
पाकिस्तान में शादियों का सीज़न चल रहा है. हर दिन हजारों युवाओं की जोड़ियां बन रही हैं और वो अपनी शादी की खुशी मनाने के नये-नये तरीके खोज रहे हैं.
अगर आप पाकिस्तान को दकियानूसी या पुरानी सोच का देश समझते हैं तो एक बार फिर सोच लीजिए.
हो सकता है कि शादियों में डांस फ्लोर पर नाचते-गाते और सेल्फी लेते युवाओं को देखकर आपके विचार बदल जाएं.
पाकिस्तान में किसी भी शादी में 500 से कम मेहमान नहीं हो सकते. यहां शादी में 500 से 1,000 मेहमानों का होना आम बात है.
मध्यवर्ग के परिवारों में शादी हो तो 1,500 मेहमानों का आना भी कोई बड़ी बात नहीं.

मस्ती से भरी शादी
पाकिस्तान की नई पीढ़ी मौज-मस्ती के साथ शादी करना चाहती है. शादी समारोहों में जश्न के तरीके के बारे में मां-बाप क्या चाहते हैं, यह अब बहुत मायने नहीं रखता.
पाकिस्तान की सेलिब्रिटी वेडिंग प्लानर फ्रीहा अल्ताफ कहती हैं, "शादी के दिन लड़की के परिवार वाले अपनी मर्ज़ी ज़्यादा चलाना चाहते हैं."
"वो दूल्हे के परिवारवालों को दिखाना चाहते हैं कि देखो तुम हमारी बेटी का अच्छे से ख़याल रखना क्योंकि हमारा यह रुतबा है. देखो, हम अपनी बेटी को क्या-क्या दे सकते हैं."
अल्ताफ का कहना है कि इस रुतबे को दिखाने के लिए ही लोग शादियों को आलीशान बनाना चाहते हैं.
फ़ैज़ा सलीम पाकिस्तान की जानी-मानी कॉमेडियन हैं. उनकी शादी होने वाली है. दोनों ही पक्ष इसकी तैयारियों में जुटे हैं.
फ़ैज़ा की शादी में आठ अलग-अलग कार्यक्रम रखे गए हैं. ये कार्यक्रम उन्होंने अपनी मां और दोस्तों के साथ मिलकर बनाए हैं.
शादी से पहले के समारोहों के दौरान एक दिन उनके दोस्तों ने कॉमेडी नाइट का भी प्रोग्राम रखा, जिसमें फ़ैजा सलीम को उनके होने वाले दूल्हे मियां के साथ बिठाकर हंसी-ठिठोली की गई.
वह कहती हैं, "इन दिनों शादियों में बहुत सी रस्में करने की रवायत नहीं रही है."

आलीशान शादी
फ़ैज़ा की मां शाहीन सलीम का कहना है कि जब उनकी शादी हुई थी तब से अब तक शादियों के रीति-रिवाज बहुत बदल गए हैं.
फ़ैज़ा कहती हैं, "मुझे लगता है कि मेरी मां शादी का बड़ा आयोजन चाहती हैं. उससे भी बड़ा जितना मैं चाहती हूं. हां, ऐसा ही है." शाहीन सलीम इससे सहमति जताती हैं.
फ़ैज़ा कहती हैं, "मेरी परवरिश उनकी परवरिश से थोड़ी अलग हुई है. मैं उनसे थोड़ी अलग हूं. वह कुछ चीजें पसंद करती हैं. मैं उनको अलग तरीके से देखती हूं."
"हालांकि मेरी मां की पसंद बहुत अच्छी है. फिर भी मुझे लगता है कि हम दोनों की पसंद बिल्कुल एक जैसी नहीं है."
वैसे तो दुनिया भर में युवाओं के लिए शादी एक बड़ा मौका होता है. लेकिन पाकिस्तान की युवा जोड़ियों के लिए यह उनकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा मौका है.
शादी का आलीशान जोड़ा हजारों डॉलर तक का हो सकता है. लोगों से खचाखच भरे डांस फ्लोर, स्मोकिंग मशीन, डिस्को बॉल होना अब हैरान नहीं करता.

दुल्हन के कपड़े
पाकिस्तान के जाने-माने ब्राइडल वेयर डिज़ाइनर अनस अबरार कहते हैं, "हमारे यहां मिडिल क्लास बढ़ रहा है. हालांकि यह बताना मुश्किल है कि उनकी सही-सही तादाद क्या है."
अबरार के मुताबिक़ पाकिस्तान में ब्राइडल वेयर कारोबार क़रीब 20 करोड़ डॉलर का है. पाकिस्तानी रुपये में यह करीब 2800 करोड़ रुपये के बराबर होगा.
अबरार दुल्हन के लिए रेडीमेड गाउन नहीं बनाते. वह हर ग्राहक की नाप के हिसाब से ब्राइडल ड्रेस तैयार करते हैं. उनके बनाए एक गाउन की कीमत 8,000 डॉलर से लेकर 18,000 डॉलर तक हो सकती है.
फ़ैज़ा सलीम भी अपनी शादी का जोड़ा बनवाने के लिए अबरार के शोरूम में आई हैं.
अबरार ने उनके लिए गहरे लाल रंग के दुपट्टे के साथ काले रंग का गाउन तैयार किया है. उस पर सुनहरी धारियों से डिज़ाइन बनी है.
गाउन की डिज़ाइन और उसका साइज़ दोनों फ़ैज़ा को पसंद आ गया है. वह कहती हैं, "मुझे यह अच्छा लगा. मुझे लगता है कि यह मुझ पर फब रहा है."
फ़ैज़ा के होने वाले शौहर अबुज़ार कामरान भी खरीदारी करने में उनकी मदद कर रहे हैं.

शादी की खरीदारी
फ़ैज़ा कहती हैं, "आम तौर पर महिलाएं ही शादी की तैयारियां करती हैं, मर्द नहीं." हालांकि खुद उनके साथ ऐसा नहीं हो रहा.
फ़ैज़ा के मंगेतर कामरान कहते हैं, "शादी के दिन परफेक्ट लुक पाने के लिए फ़ैज़ा शहर भर में घूम रही हैं. मैं उनको कहता हूं कि वह जो भी पहनती हैं उसमें खूबसूरत लगती हैं."
कामरान की इस बात पर फ़ैज़ा के चेहरे की खुशी चौगुनी हो जाती है. फ़ैज़ा ने शादी के अलग-अलग मौकों पर पहनने के लिए कुल मिलाकर आठ ड्रेसेज़ तैयार कराए हैं.
उनकी शादी से पहले 20 पॉपुलर गानों पर डांस का प्रोग्राम रखा गया, जिन पर दूल्हे और दुल्हन ने भी मेहमानों के साथ डांस किया.
फ़ैज़ा की मां शाहीन सलीम कहती हैं, "असल में हम जो भी कर रहे हैं वह अपनी खुशी के लिए कर रहे हैं."
"लोग चाहे जो कहें या जो सोचें, हमें उससे फर्क नहीं पड़ता."
(मूल लेख अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी कैप्टिल पर उपलब्ध है.)
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