मां बनते ही यहाँ होटल में क्यों भेज दी जाती हैं महिलाएं

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    • Author, एंटोनेटा रॉसी और मैट्टियो लोनार्डी
    • पदनाम, बीबीसी कैपिटल

डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन. यहां के बेबी होटल की गलियारों से गुज़रते वक़्त बच्चों की किलकारियां और रोने की आवाज़ें सुनाई देती रहती हैं.

उन गलियारों में बच्चों की देखभाल करने वाली नर्सेज़ दिखती हैं तो यह समझना मुश्किल होता है कि यह मैटर्निटी वार्ड है या बेबी होटल.

हेड नर्स टीना होम निल्सन इस पहेली को सुलझा देती हैं. वो बताती हैं, "वे सभी महिलाएं जिन्होंने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया है, वे दो दिनों के लिए यहां रुक सकती हैं."

"यदि मां या बच्चे को कोई समस्या है तो वे यहां तब तक रुक सकते हैं जब तक कि उन्हें हमारी सहायता की ज़रूरत है."

डेनमार्क का यह मैटर्निटी होटल प्रोग्राम सरकारी फंड से चलता है. यह सभी बच्चों को उनकी ज़िंदगी के पहले दिन बराबरी का अधिकार और समान देखभाल का अवसर देता है.

बच्चे के माता-पिता चाहे किसी किसी भी सामाजिक या आर्थिक वर्ग के हों, वे अमीर हों या गरीब, उनको यहां बराबरी का अधिकार मिलता है.

पहली बार मां

होटल जैसा अस्पताल

यह पब्लिक प्रोग्राम कोपेनहेगन के ह्विदोव्रे अस्पताल में चलता है और यह डेनमार्क के उदार चाइल्डकेयर नीतियों का हिस्सा है.

डेनमार्क सरकार का यह प्रोग्राम सभी माताओं को अधिकार देता है कि वे अपने नवजात बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य और उसे ज़िंदगी के लिए तैयार करने के लिए पहले दो दिन सबसे बेहतर केयर हासिल करें.

पहली बार मां बनी महिलाएं अस्पताल के मैटर्निटी वार्ड या "होटल" में मुफ्त रुक सकती हैं. यहां की नर्सेज़ उनकी देखरेख करती हैं और कोई सवाल हो तो उनका जवाब देती हैं.

हेड नर्स टीना कहती हैं, "डेनमार्क में इस तरह की सेवा के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता."

यूरोप के ज्यादातर देशों की तरह डेनमार्क में भी आबादी बूढ़ी हो रही है. सरकार महिलाओं को मां बनने के लिए प्रोत्साहित करती है. इसके लिए पहले बच्चे के लिए फ्री-विट्रो फर्टिलाइजेशन जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं.

ह्विद्रोवे अस्पताल में अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली सारा वांग इप्सेन कहती हैं, "यह मेरा पहला बच्चा है. यह नन्हा सा लड़का है."

पहली बार मां

बच्चे को अकेले कैसे संभालती

सारा कहती हैं, "मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे यहां अस्पताल में कुछ दिन रहने का मौका मिला है. मैं अकेली हूं इसलिए उसके जन्म के चार घंटे बाद ही उसे लेकर घर जाने में बड़ी दिक्कत हो जाती. मुझसे अकेले उसकी देख-रेख नहीं हो पाती."

सारा कहती हैं, "हो सकता है कि मैं उसे संभाल भी लेती लेकिन मुझे लगता है कि यहां रहना उसके लिए एकदम सही शुरुआत है."

कोपेनहेगन के इस हॉस्पिटल-कम-होटल में खाने-पीने की सभी चीजें उपलब्ध हैं. इप्सेन कहती हैं, "यहां मेन्यू में सभी तरह के आइटम हैं और 60 से 90 फ़ीसदी चीजें ऑर्गेनिक है. मैं फोन करके खाने का ऑर्डर दे सकती हूं."

ह्विदोव्रे अस्पताल में आने वाले नये मां-बाप को साझा तौर पर 52 हफ्तों की छुट्टी ऑफर की जाती है. इस छुट्टी के दौरान माताओं को 18 हफ्ते की पूरी सैलरी की गारंटी दी जाती है.

पहली बार मां

कैसांद्रा ग्रेना लुट्जॉफ़ ने भी यहां अपने पहले बच्चे को जन्म दिया है. मैटर्निटी होम के बेड पर लेटकर वह अपने नवजात बच्चे को दूध पिला रही हैं.

कैसांद्रा कहती हैं, "यहां डेनमार्क में हम बहुत लकी हैं कि अगर हमारे बड़े परिवार नहीं है या परिवार किसी वजह से मदद करने योग्य नहीं है तो हमारे पास सरकार है जो हमारी सहायता कर सकती है. यह बहुत-बहुत फ़ायदेमंद है."

कैसांद्रा का बच्चा अपनी मां की पेट पर ही सो गया है. उसके चेहरे पर निश्चिंतता का भाव है.

वह कहती हैं, "टैक्स पेयर्स के रूप में हम खुशी-खुशी अपना टैक्स भरते हैं. हम खुशनसीब हैं कि हम यहां देख सकते हैं कि हमारा पैसा कहां जा कहा है."

कैसांद्रा के पति पहले दिन से उसके साथ हैं. बेबी होटल में उनके लिए भी व्यवस्था है. यहां की दीवारों पर बच्चों की हंसती-मुस्कुराती तस्वीरें लगाई गई हैं ताकि मां-बाप के चेहरे पर खुशियां छाई रहे.

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बराबरी की सुविधा

ह्विदोव्रे अस्पताल की नर्स डिजाइरी विंथर हैनसेन कहती हैं, "यह पूरे परिवार के लिए बहुत अच्छा है. वे यहां इस तरह के अस्पताल में रहकर ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं."

डिजाइरी एक और वजह बताती हैं जो उनकी नज़र में महत्वपूर्ण है.

वह कहती हैं, "मैं स्तनपान कराने के फ़ायदे के बारे में भी सोचती हूं. जब मां बच्चे को अपना दूध पिलाती है तो एक इंफेक्शन होने का ख़तरा रहता है. यहां हम उसे भी रोक सकते हैं."

सारा वांग इप्सेन कहती हैं, "हो सकता है कि दूसरे देशों में कई मां-बाप के पास इतने पैसे न हों कि वे बच्चे के जन्म के समय बेहतरीन बर्थ-केयर हासिल कर पाएं. हो सकता है कि उनके बच्चों को जीवन की शुरुआत में ऐसा समान अवसर नहीं मिलता हो."

"बच्चे के जन्म के पहले दिन की गैर-बराबरी समाज को बांटती है, जबकि यहां यह सुविधा सभी के लिए है."

(मूल लेख अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी कैपिटल पर उपलब्ध है.)

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