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युवी का जवाब: पीटरसन बेकार बल्लेबाज़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंग्लैंड के कप्तान केविन पीटरसन की टिप्पणी पर युवराज सिंह ने कहा है कि अगर वो 'बेकार गेंदबाज़' हैं तो पीटरसन एक अनुपयोगी बल्लेबाज़ हैं. पहले टेस्ट में सचिन के साथ शानदार साझीदारी कर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज और इंग्लैंड के खिलाड़ियों के बीच ट्वेंटी-ट्वेंटी विश्व कप के बाद से ही लगातार टीका टिप्पणी होती रही है. उस विश्व कप में युवराज और एंड्र्यू फ़्लिंटॉफ़ के बीच मैदान में ही कुछ कहासुनी हुई थी और ठीक उसके बाद स्टुअर्ट ब्रोड के ओवर में युवी ने छह छक्के लगाए थे. ताज़ा घटना मोहाली में चल रहे दूसरे टेस्ट मैच की है. खेल के तीसरे दिन जब पीटरसन बल्लेबाज़ी कर रहे थे तब युवराज के साथ टीका टिप्पणी हुई थी. खेल के बाद प्रेस कॉंफ़्रेंस में पीटरसन ने युवराज को 'पाई चकर' यानी अनुपयोगी गेंदबाज़ कहा था. 'पाई चकर' युवराज ने कहा, "मैं सुबह उठा तो मैंने अखबार में इसके बारे में पढ़ा और सोचता रहा कि इसके मायने क्या हैं. बाद में पता चला कि इसका मतलब बेकार गेंदबाज़ होता है." फिर उनका कहना था, "वह मेरी गेंद पर आउट हो गए. यदि कोई फालतू गेंदबाज किसी बल्लेबाज को पाँच बार आउट कर सकता है, तो इसका मतलब हैं कि वह बल्लेबाज़ बेकार है." पीटरसन की इस टिप्पणी का जवाब देने के बाद उन्होंने कहा कि वो उनका सम्मान करते हैं. उनका कहना था, "वह चैंपियन बल्लेबाज़ हैं. उन्होंने 45 टेस्ट में 15 सेंचुरी जमाई हैं. लेकिन मुझे सार्वजनिक छींटाकशी पसंद नहीं है." एक गेंदबाज़ के तौर पर पीटरसन के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, "मेरा ऐक्शन उनसे बेहतर है. उनका ऐक्शन बेकार है. यदि वह मेहनत करें तो अच्छे गेंदबाज़ बन सकते हैं. मैं उन्हें कुछ टिप्स दे सकता हूं." | इससे जुड़ी ख़बरें भारत को 285 रनों की बढ़त मिली22 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया पीटरसन-फ़्लिंटॉफ़ ने स्थिति संभाली21 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया द्रविड़ ने शतक से दिया आलोचकों को जवाब20 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया द्रविड़ और गंभीर की रिकॉर्ड साझेदारी20 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया पहले दिन भारत एक विकेट पर 17919 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया भारतीय टीम का पाकिस्तान दौरा रद्द18 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया 'अब तक की सबसे संघर्षपूर्ण जीत'15 दिसंबर, 2008 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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