|
आईपीएल: खेल नहीं, विवाद बनीं सुर्खियाँ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मनोरंजन और रोमांच से भरपूर खेल के मैदान पर आपका स्वागत है. यहाँ खिलाड़ी न सिर्फ़ छक्के-चौके उड़ाता है, बल्कि इस कोशिश में कभी आउट भी हो जाता है. और हाँ, ये मत भूलिए कि गेंदबाज़ भी विकेट झपटता है. ये ऐसी जगह है जहाँ हज़ारों की तादाद में पसीने से लथपथ दर्शकों की निगाहें बल्ले, हवा में लहराती गेंद और मैदान में गजब की फुर्ती से मैदान पर फिसलते खिलाड़ियों पर टिकी रहती हैं. स्टेडियम में मौजूद दर्शक इस कदर चीख-चिल्ला रहे हैं कि साढ़े तीन घंटे बाद उनके गले बैठ जाते हैं. हालाँकि उनकी आंखों में अब भी अपने पसंदीदा फ़िल्म और क्रिकेट स्टार की एक झलक पाने की चाहत झलक रही होती है. आप इस रोमांच को एक लम्हे के लिए भी नहीं छोड़ सकते और अगर आप ऐसा कर रहे हैं तो आपने अपनी ज़िदगी नहीं जी रहे हैं. मोदी की माया आइए मिलकर क्रिकेट की इस नई कलाकृति आईपीएल की सराहना करें. उस शख्स को भी सलाम जिसने इन लम्हों को साकार किया है. वह शख्स कोई और नहीं बल्कि तकरीबन रोजाना टेलीविज़न स्क्रीन पर नज़र आने वाले ललित मोदी हैं. टूर्नामेंट की शुरुआत में वह दावा कर रहे थे कि उनकी टक्कर प्राइम टाइम पर एकता कपूर के सीरियलों से है, लेकिन अब नज़ारा कुछ बदला सा है.
वह टेलीविज़न स्क्रीन पर ये बताने आते हैं कि मीडिया को अपनी सुर्खियां क्या बनानी हैं. मैदान पर किसने किसे मारा और किस खिलाड़ी ने किसे गाली दी. और इसके लिए किस खिलाड़ी पर कितना जुर्माना या प्रतिबंध लगाया गया है. नया खेल जनाब. अगर आप सोच रहे हैं कि ये क्रिकेट है तो आप ग़लत हैं. वो ज़माना गया जब खिलाड़ी चौका या छक्का मारने या फिर विकेट झटकने के बाद विपक्षी खिलाड़ी को ‘सॉरी’ बोलता था. ये नया खेल है जो अपने लिए नया शब्दकोश तलाश रहा है. यहां भावनाएं उफान पर हैं और हर कोई इतना जज्बाती है कि उसे खेल के प्रति अपना समर्पण साबित करने के लिए विपक्षी खिलाड़ी को पीटना ज़रूरी हो जाता है. जब हरभजन से श्रीसंत को पीटा, तो हम सभी को ये मलाल रहा कि ये घटना खेल के दौरान क्यों नहीं हुई? ये धोखा है और असली एक्शन से हज़ारों लाखों दर्शकों को वंचित रखा गया.
अनुशासन के मामले में तो आईपीएल नई ऊंचाइयों को छू गया है. खिलाड़ियों के साथ-साथ अंपायरों पर प्रतिबंध लगाना अब रोजमर्रा की सी बात हो गई है. सिर्फ़ समझदार व्यक्ति ही अपने फायदे के लिए नियम क़ानूनों का हवाला देता है और यही वजह है कि पिछले दिनों लगे प्रतिबंध और जुर्माने को सही ठहराने के लिए आईसीसी की आचार संहिता का हवाला दिया गया. विवाद हैं हिट आईपीएल में लिए गए कई अहम फ़ैसलों में अंपायर को बिठा देना. भारत के सर्वश्रेष्ठ अंपायर अमीष साहेबा को दो मैचों के लिए बाहर कर दिया गया. उन्हें सजा ठीक ही मिली है. उन्हें श्रीसंत को उनके उग्र व्यवहार के लिए दो बार टोकने की क्या ज़रूरत थी. और फिर उन्होंने इसकी शिकायत मैच रेफरी फ़ारुख़ इंजीनियर से न कर अख़बारवालों को रेबड़ियां बांट दीं. बताया जा रहा है कि टीम जर्सी पहनने और एक ख़ास टीम का समर्थन करने लिए मोदी अब इंजीनियर को भी टांगने के मूड में हैं. मुझे लगता है कि मोदी को अपनी टीम और बड़ी करनी चाहिए और एक अनुशासन समिति बनानी चाहिए. मेरी सलाह है कि सभी मामलों की सुनवाई का सीधा प्रसारण होना चाहिए ताकि आईपीएल की टीआरपी को चार चांद लग सकें. आईपीएल ने एक अन्य अंपायर प्रताप कुमार पर नियम न जानने के लिए प्रतिबंध लगाया. इस तरह भारत ने आईसीसी को सही साबित किया कि क्यों उसके एलीट पैनल में एक भी भारतीय अंपायर नहीं है. यह आईपीएल की ‘ईमानदारी’ का एक और सबूत है जहाँ देश के साथ वफादारी के लिए कोई जगह नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें सौरभ गांगुली और वॉर्न पर जुर्माना02 मई, 2008 | खेल की दुनिया शोएब नहीं खेल सकेंगे आईपीएल में01 मई, 2008 | खेल की दुनिया प्रतिबंध मामले में शोएब अपील हारे30 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया 'आईपीएल पर अपनी छाप छोड़ना चाहता हूँ'28 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया भज्जी के आईपीएल में खेलने पर पाबंदी28 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया हरभजन आईपीएल से 'निलंबित'26 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया महंगे मुंबई इंडियंस की शर्मनाक हार27 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया क्या होगा हरभजन का?27 अप्रैल, 2008 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||