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मार्कस ट्रेस्कोथिक ने संन्यास लिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंग्लैंड के क्रिकेटर मार्कस ट्रेस्कोथिक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है. 32 वर्षीय ट्रेस्कोथिक पिछले कुछ वर्षों से तनाव संबंधित बीमारी से जूझ रहे हैं और इस कारण विदेश यात्रा में उन्हें काफ़ी परेशानी हो रही थी. इंग्लैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ ट्रेस्कोथिक ने 76 टेस्ट और 123 एक दिवसीय मैच खेले. टेस्ट मैचों में उनका औसत 43.79 रहा जबकि वनडे मैचों में उन्होंने 37.37 की औसत से बल्लेबाज़ी की. टेस्ट मैचों में उन्होंने 14 शतक लगाए और वनडे मैचों में 12. अपने संन्यास की घोषणा करते हुए ट्रेस्कोथिक ने बताया कि वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि इंग्लैंड की टीम अपने भविष्य को लेकर योजना बना सके. ट्रेस्कोथिक ने कहा, "सभी संबंधित लोगों के हित में यही है कि इस मामले को यही ख़त्म किया जाए ताकि इंग्लैंड की टीम अपना ध्यान केंद्रित करे और आगे बढ़े." ट्रेस्कोथिक ने अपना आख़िरी टेस्ट मैच पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ओवल के मैदान पर अगस्त 2006 में खेला था. वर्ष 2006 के आख़िर में ट्रेस्कोथिक को ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटना पड़ा था और इसके बाद से ही वे किसी विदेशी दौरे पर नहीं गए. फ़ैसला पिछले सप्ताह वे अपनी काउंटी टीम समरसेट के साथ दुबई जाने वाले थे लेकिन जब टीम हीथ्रो हवाई अड्डे पहुँची तो उन्होंने दुबई न जाने का फ़ैसला किया. एक बयान में ट्रेस्कोथिक ने कहा, "मैंने कई मौक़े पर ये कोशिश की कि मैं अंतरराष्ट्रीय मैचों में वापसी कर सकूँ लेकिन इसमें मुझे उम्मीद से ज़्यादा परेशानी हुई. मैं अपना क्रिकेट करियर जितना संभव हो सकेगा, जारी रखना चाहता हूँ. लेकिन इंग्लैंड टीम में वापसी की कोशिशों को लेकर मैं सवालों को विराम देना चाहता हूँ." इंग्लैंड की टेस्ट टीम के कप्तान और ट्रेस्कोथिक के सलामी जोड़ीदार रहे कप्तान माइकल वॉन ने कहा कि वे टीम के सभी खिलाड़ियों की ओर से ट्रेस्कोथिक को उनके योगदान के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ. वॉन ने कहा, "टेस्ट और वनडे दोनों में ट्रेस्कोथिक टीम के शानदार खिलाड़ी रहे हैं. उनके रहते टीम की कप्तानी करना शानदार अनुभव रहा है. ड्रेसिंग रूम में भी उनकी मौजूदगी प्रेरणादायक रही है. किसी भी खिलाड़ी के लिए संन्यास लेना बहुत मुश्किल फ़ैसला होता है लेकिन मेरा मानना है कि उन्होंने सही फ़ैसला किया है." टेस्ट मैचों में अपने देश के लिए 5825 रन बनाने वाले ट्रेस्कोथिक एक समय सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों में 11 वें स्थान तक पहुँच गए थे. ट्रेस्कोथिक ने कहा कि अपने देश के लिए खेलना उनके लिए गर्व की बात थी. उन्होंने स्वीकार किया कि विदेश दौरे पर जाना उनके लिए काफ़ी तनावपूर्ण साबित हो रहा था और अब वे अपना ध्यान काउंटी क्रिकेट पर देना चाहते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'न कोई सीनियर, न कोई जूनियर'22 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया दक्षिण अफ़्रीका की टीम चेन्नई पहुँची22 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया भारत का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया से22 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया श्रीलंका, बांग्लादेश पाकिस्तान में खेलेंगे21 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया धोनी को कप्तान बनाने में सचिन को 'रोल'21 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया नई सोच के साथ नई पारी खेलेंगे हेयर20 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया युवा ब्रिगेड ही चाहते थे धोनी20 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया प्रसाद-रॉबिन कोच बने रहेंगे, राजपूत हटे20 मार्च, 2008 | खेल की दुनिया इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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