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सिडनी में अच्छा प्रदर्शन करेंगेः कुंबले | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मेलबोर्न टेस्ट में शर्मनाक हार से सन्न भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान अनिल कुंबले ने कहा कि सिडनी में अच्छा खेलने के लिए मेहमान खिलाड़ियों को मानसिक तौर पर मज़बूत होना होगा. चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावसकर ट्रॉफ़ी टेस्ट सिरीज़ का दूसरा मैच अगले सप्ताह सिडनी में खेला जाना है. पहला टेस्ट मैच मेलबोर्न में खेला गया जिसमें मेज़बान ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम को 337 रनों से हरा दिया. रिकी पोंटिंग की अगुवाई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम सिरीज़ में 1-0 की बढ़त बना चुकी है. कुंबले ने कहा, "हम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके, यह न सिर्फ़ निजी तौर पर बल्कि टीम के स्तर पर भी दुखद है." उन्होंने कहा, "मैं कह सकता हूँ कि हम इस पर ध्यान देंगे और सिडनी में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे." भारतीय कप्तान ने कहा, "मनोदशा ही वह मुख्य बात है जिस पर हम सिडनी में ध्यान देंगे और वहाँ जीतने की हममें भूख़ हैं." कुंबले कहते हैं, "सिडनी में बस खुलकर बल्लेबाज़ी करने की बात है जो यहाँ की दोनों पारियों में हम नहीं कर सके." टीम में बदलाव की चर्चा कुंबले ने कहा कि सिडनी में पिच की हालत का जायज़ा लेने के बाद ही कोई फ़ैसला लेंगे. क्रम को लेकर उलझन राहुल द्रविड़ के निराशाजनक प्रदर्शन को देखते हुए टीम में सलामी बल्लेबाज़ी का सवाल चिंता पैदा कर रहा है. कुंबले ने कहा कि अग़र वीरेंद्र सहवाग और दिनेश कार्तिक फ़ॉर्म में होते तो उनके लिए फ़ैसला लेना आसान होता. कुंबले का कहना था कि उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि राहुल द्रविड़ और युवराज सिंह को किस क्रम पर बल्लेबाज़ी के लिए भेजा जाए.
मेलबोर्न में युवराज ने दोनों पारियों में शून्य और पाँच रन बनाए. द्रविड़ ने एक पारी में 66 गेंदों पर पाँच रन और दूसरी पारी में 114 गेंदों पर 16 रन जोड़े. कुंबले ने कहा, "द्रविड़ को अपनी बल्लेबाज़ी पर ध्यान देने की ज़रूरत है. उन्हें मैदान पर बल्लेबाज़ी का आनंद लेना चाहिए." हालांकि भारतीय कप्तान ने भरोसा जताया कि द्रविड़ उसी तरह खेल पाएँगे, जैसा वे अकसर खेलते हैं. कुंबले ने कहा, "हम क्षेत्ररक्षण की हालत नहीं बदल सकते हैं. मैं और मेरे कुछ खिलाड़ी 35 वर्ष से ऊपर के हैं इसलिए इसमें दिक्कत आ रही है." कुंबले ने कहा कि सिर्फ़ क्षेत्ररक्षण के दम पर कोई मैच नहीं जीता जा सकता. इसके लिए रन बनाने पड़ते हैं और विकेट भी लेने पड़ते हैं. उन्होंने कहा कि हम रन नहीं बना सके और इसको लेकर हम ज़्यादा चिंतित हैं. कुंबले कहते हैं सिडनी में जब टीम नए साल का पहला टेस्ट मैच खेल रही होगी तब ज़रूरत इस बात की होगी कि ज़्यादा रन जुटाकर ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाया जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें मेलबोर्न टेस्ट में भारत की शर्मनाक हार29 दिसंबर, 2007 | खेल की दुनिया भारत के सामने विशाल चुनौती28 दिसंबर, 2007 | खेल की दुनिया भारत की पारी 196 पर सिमटी26 दिसंबर, 2007 | खेल की दुनिया ऑस्ट्रेलिया के नौ विकेट पर 337 रन25 दिसंबर, 2007 | खेल की दुनिया भारतीय टीम के लिए सुनहरा अवसर25 दिसंबर, 2007 | खेल की दुनिया ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ लक्ष्मण का फ़ॉर्मूला24 दिसंबर, 2007 | खेल की दुनिया 'शब्दबाण से ना खेली जाए टेस्ट सिरीज़'24 दिसंबर, 2007 | खेल की दुनिया 'घरेलू मैदान पर हराना ख़ास होगा'23 दिसंबर, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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