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कार्तिकेयन बने ए-1 ग्रां प्री चैंपियन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के फ़ॉर्मूला-1 कार रेसर नारायण कार्तिकेयन ने रविवार को चीन के जोकाई इंटरनेशनल सर्किट में आयोजित ए-1 ग्रां प्री कार रेसिंग प्रतियोगिता जीतकर इतिहास रच दिया है. इस जीत के साथ ही भारत अब ए-1 ग्रां प्री कार रेस जीतने वाला 14 वां देश बन गया है. कार्तिकेयन के अब तक के करियर का ये बेहतरीन प्रदर्शन है. ए-1 कार रेसिंग का कार्तिकेयन का ये पहला साल है. मुक़ाबले में कार्तिकेयन को न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका से कड़ी चुनौती मिली. लेकिन कार्तिकेयन ने अंत में तेज़ी दिखाते हुए दोनों को पीछे छोड़ दिया. उन्हें न्यूज़ीलैंड के जॉनी रीड से आख़िरी 15 लैप में तगड़ी चुनौती मिली लेकिन कार्तिकेयन 0.5 सेकेंड से ये रेस जीत गए. शुरुआत में कार्तिकेयन तीसरे स्थान पर पिछड़ रहे थे लेकिन बाद में उन्होंने गति पर नियंत्रण जमा लिया. दक्षिण अफ्रीका के एड्रियान जॉग तीसरे स्थान पर रहे. कार्तिकेयन की इस जीत के साथ भारतीय टीम अब फ़्यूचर रेस में तीसरे और स्प्रिंट रेस में नवें स्थान के लिए क्वालीफ़ाई कर गई है. ये प्रतियोगिताएं भी रविवार को आयोजित होनी हैं. हालांकि इसी हफ़्ते कार्तिकेयन को एक नाकामयाबी भी हाथ लगी थी. उन्होंने एक हार से फ़ार्मूला-1 विलियम्स टीम के टेस्ट ड्राइवर का दर्जा खो दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें नारायण कार्तिकेयन ने उम्मीदें जगाईं03 फ़रवरी, 2005 | खेल की दुनिया कार्तिकेयनः फ़ॉर्मूला वन में पहले भारतीय05 मार्च, 2005 | खेल की दुनिया कार्तिकेयन 15वें नंबर पर रहे06 मार्च, 2005 | खेल की दुनिया स्पैनिश ग्रां प्री में पिछड़े कार्तिकेयन08 मई, 2005 | खेल की दुनिया कार्तिकेयन से प्रदर्शन सुधारने को कहा11 जून, 2005 | खेल की दुनिया 'कार्तिकेयन स्थिर होकर गाड़ी चलाएँ'15 अगस्त, 2005 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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