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तीसरा मैच ड्रॉ, सिरीज़ पर भारत का क़ब्ज़ा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बंगलौर टेस्ट- ड्रॉ भारत( दूसरी पारी)-284/6 पारी घोषित, पहली पारी-626: पाकिस्तान( दूसरी पारी)-162/7(36 ओवर), पहली पारी- 537 मैन ऑफ़ द सिरीज़-सौरभ गांगुली भारत-पाकिस्तान के बीच तीसरा टेस्ट मैच ड्रॉ हो गया है लेकिन भारत ने 27 साल बाद अपनी धरती पर पाकिस्तान से टेस्ट सिरीज़ 1-0 से जीत ली है. पूरी सिरीज़ में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सौरभ गांगुली को मैन ऑफ़ द सिरीज़ चुना गया. बंगलौर टेस्ट अंतिम दिन काफ़ी दिलचस्प मोड़ पर पहुँच गया था जहाँ से भारत को जीत दिखाई दे रही थी. लेकिन खराब रोशनी के कारण मैच रोक देना पड़ा और भारत तीसरा टेस्ट मैच जीतने से वंचित रह गया. आख़िरी दिन जीत के लिए पाकिस्तान के सामने 374 रनों का लक्ष्य था. भारत ने 162 के स्कोर पर पाकिस्तान के सात विकेट चटकाए लिए थे. भारत को जीत के लिए केवल तीन विकेट की दरकार थी लेकिन इसके बाद खराब रोशनी ने मैच में ऐसी बाधा डाली कि मैच दोबारा शुरु ही नहीं हो सका और ड्रॉ घोषित कर दिया गया. जीत के 'करीब'...
पाँचवे दिन भारत ने अपनी दूसरी पारी 284 पर घोषित कर दी थी. बदले में पाकिस्तानी पारी की शुरुआत ख़राब रही. पाकिस्तानी पारी को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुँचाया भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने जिन्होंने पाँच विकेट लिए. 44 रन के कुल स्कोर पर पाकिस्तान ने यासिर हामिद और यूनिस खान के विकेट गंवाए. विकेट कुंबले के खाते में गए. लेकिन कुंबले यहीं नहीं रुके. इसके बाद सलमान बट, फ़ैसल इक़बाल (51रन) और कामरान अकमल भी भारतीय कप्तान का शिकार बने. कुंबले अगर ज़बरदस्त फ़ॉर्म में थे तो युवराज सिंह ने उनका ख़ूब सहयोग किया. छठा और सातवां विकेट उन्हीं के नाम रहे. जिस मैच के ड्रॉ होने के आसार जताए जा रहे थे वहाँ भारत को जीत दिखाई देने लगी. लेकिन खराब रोशनी ने जीत की किसी भी संभावना पर पानी फेर दिया और भारत को ड्रॉ से ही संतोष करना पड़ा. गांगुली ने चमकाई भारतीय पारी
पाँचवे दिन भारत ने दूसरी पारी में दो विकेट पर 131 रन से आगे खेलना शुरू किया. द्रविड़ जल्द ही 42 रन बनाकर आउट हो गए. सिरीज़ में ग़ज़ब की फ़ॉर्म में रहे सौरभ गांगुली ने कुछ बेहतरीन शॉट लगाए और 91 रन ठोके. वे दुर्भाग्यशाली रहे कि पहली पारी की तरह दूसरी पारी में भी शतक लगाने से चूक गए. दिनेश कार्तिक ने 67 गेंदों पर आठ चौकों और एक छक्के की मदद से 52 रनों की आक्रामक पारी खेली. बर्थडे बॉय युवराज सिंह दो रन ही बना पाए. इसके साथ ही भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने दूसरी पारी समाप्त घोषित कर दी. ये सिरीज़ भारत के लिए कई मायनों मे महत्वपूर्ण साबित हुई. भारत ने अपनी धरती पर टेस्ट सिरीज़ में पाकिस्तान से हारने के क्रम को आख़िरकर तोड़ा ही दिया. भारत की ओर से सौरभ गांगुली के लिए पाकिस्तान सिरीज़ बेहद सफल रही. उन्होंने कोलकाता टेस्ट में शतक जड़ा और वहाँ इससे पहले शतक न लगा पाने के क्रम को तोड़ा. फिर बंगलौर टेस्ट में तो उन्होंने दोहरा शतक लगा डाला (239 रन). बतौर कप्तान अनिल कुंबले की ये पहली टेस्ट सिरीज़ थी और पहली ही सिरीज़ में उन्होंने क़िला फ़तह कर लिया. |
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