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तेंदुलकर के संन्यास की ख़बरों का खंडन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उन ख़बरों का खंडन किया है जिनमें सचिन तेंदुलकर के एक दिवसीय क्रिकेट से संन्यास की बात कही गई है. कुछ अख़बारों में ऐसी ख़बरें आईं हैं कि सचिन अपने टेस्ट करियर को लंबा चलाने के लिए एक दिवसीय मैचों से संन्यास लेने की सोच रहे हैं. लेकिन बीसीसीआई के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी ने कहा, "मैंने सचिन से बात की है. उन्होंने बताया कि इस ख़बर में कुछ भी सच्चाई नहीं है." सचिन तेंदुलकर अभी तक भारत की तरफ़ से 394 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेल चुके हैं. इन मैचों में उन्होंने 41 शतकों और 83 अर्धशतकों की मदद से 15395 रन बनाए हैं. टेस्ट मैचों में भी सचिन का रिकॉर्ड बहुत अच्छा है और वो दुनिया में सबसे अधिक टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों में तीसरे नंबर पर हैं. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 37 शतकों की मदद से 10959 रन बनाए हैं. सचिन से अधिक रन सिर्फ़ वेस्टइंडीज़ के ब्रायन लारा और ऑस्ट्रेलिया के एलेन बॉर्डर के हैं. इंग्लैंड की इस दौरे में भी सचिन ने बढ़िया खेल का प्रदर्शन किया है. उन्होंने छह एक दिवसीय मैचों में 57.33 के औसत से 344 रन बनाए हैं. लेकिन पिछले दो-तीन सालों में सचिन को कई बार चोट आई है और इसी वजह से उन्होंने पहली बार हो रहे ट्वेंटी20 विश्वकप से ख़ुद को दूर रखा है. ट्वेंटी20 विश्वकप अगले हफ़्ते दक्षिण अफ्रीका में शुरू हो रहा है. मुश्किल इस हफ़्ते के शुरू में सचिन ने अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स को बताया था, "मैं क्रिकेट मैदान पर हर क्षण आनंद महसूस करता हूँ. लेकिन इन दिनों एक दिवसीय मैचों में शरीर को जल्दी से स्वस्थ कर पाना कठिन हो गया है और यह मेरे लिए बड़ी समस्या है." उन्होंने अख़बार को बताया, "इससे मेरे शरीर पर दबाव बढ़ जाता है. जब आप 22 या 23 साल के होते हैं तो आप जल्दी ठीक हो जाते हैं. लेकिन 34 साल के उम्र में यह बहुत आसान नहीं है." लेकिन उन्होंने आगे कहा, "मेरा शरीर मुझे बता देगा कि कब मैं पर्याप्त क्रिकेट खेल चुका हूँ. अभी मैं बहुत बूढ़ा नहीं महसूस करता हूँ. मैं अभी अपने आपको दिल से एक युवा मानता हूँ." सचिन तेंदुलकर ने 1989 में 16 साल से भी कम की उम्र से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था. आने वाले समय में सचिन को पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होने वाले कड़े मुक़ाबलों में भी हिस्सा लेना है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अब भी भूखा है क्रिकेट का जादूगर'25 दिसंबर, 2004 | खेल की दुनिया सचिन ने तोड़ा 'मिथक'31 जनवरी, 2007 | खेल की दुनिया मुझ पर कोई दबाव नहीं है:सचिन04 मार्च, 2007 | खेल की दुनिया कोच के सवाल उठाने से ठेस पहुँची: सचिन04 अप्रैल, 2007 | खेल की दुनिया सचिन तेंदुलकर ने पसीना बहाया13 अप्रैल, 2007 | खेल की दुनिया सचिन तेंदुलकर पहुँचे तीसरे नंबर पर21 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया मास्टर ब्लास्टर के 11 हज़ार पूरे28 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया एक बार फिर शतक से चूके सचिन06 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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