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दूसरे वनडे में किसी तरह जीता भारत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ दूसरे एक दिवसीय मैच में हालांकि भारत ने जीत के लिए 330 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था लेकिन इंग्लैंड ने शुरुआती और आख़िरी के ओवरों में जिस तरह की धुँआधार बल्लेबाज़ी की उसने भारत की जीत को नौ रनों तक छोटा कर दिया. सचिन के शानदार 99 रनों और राहुल द्रविड़ की 92 रनों की नाबाद पारी के बावजूद लगा कि भारत ने जीत दर्ज नहीं कि बल्कि इंग्लैंड यह मैच हार गया. भारत ने निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट पर 329 रन बनाए थे और इंग्लैंड ने इसके जवाब में आठ विकेट खोकर 50 ओवरों में 320 रन बनाए. भारतीय खिलाड़ियों ने बहुत ख़राब फ़ील्डिंग की. सौरव गांगुली, रमेश पोवार और महिंदर सिंह धोनी ने कुल मिलाकर चार महत्वपूर्ण मैच छोड़े. राहुल द्रविड़ को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया. इंग्लैंड की पारी इंग्लैंड ने एक बहुत मज़बूत शुरुआत की और पहले दस ओवरों में 75 रनों का स्कोर खड़ा कर लिया. लेकिन ग्यारहवें ओवर की आख़िरी दो गेंदों में मुनाफ़ पटेल ने एलेस्टर कुक और मैथ्यू प्रॉयर दोनों ओपनरों को वापस पेवेलियन भेज दिया.
प्रॉयर 33 रन बनाकर कप्तान राहुल द्रविड़ के हाथों लपक लिए गए और अगली गेंद पर कुक को विकेट कीपर धोनी ने लपक लिया. इससे पहली गेंद पर भी प्रॉयर को गांगुली ने लपक लिया था लेकिन वह नो बॉल थी. इसके बाद बाइसवें ओवर में पीटरसन को पीयूष चावला ने आउट किया. तब उन्होंने 25 रन जोड़े थे. चौथा विकेट तीसवें ओवर में कॉलिंगवुड का गिरा. उन्हें भी पीयूष चावला ने पेवेलियन वापस भेजा. उन्होंने इंग्लैंड के लिए 27 रन जुटाए. फ़्लिंटॉफ़ से इंग्लैंड को बहुत उम्मीद रही होगी लेकिन वे अभी नौ रन ही बना पाए थे तभी पोवार की गेंद पर आगरकर ने उन्हें लपक लिया. इयन बेल ने इंग्लैंड की ओर से सबसे लंबी पारी खेली और पीयूष चावला की गेंद पर मुनाफ़ पटेल के हाथों लपके जाने से पहले उन्होंने 64 महत्वपूर्ण रन जोड़े. लेकिन सबसे महत्वपूर्ण पारी खेली दिमित्री मैस्करानहैस ने जिन्होंने पाँच शानदार छक्कों और एक चौके की मदद से आख़िरी के ओवरों में 52 रन जोड़े. लेकिन 49वें ओवर में आरपी सिंह की गेंद पर आगरकर ने उनका कैच लपक लिया. भारतीय गेंदबाज़ों में मुनाफ़ पटेल और पीयूष चावला ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि आरपी सिंह और रमेश पोवार को एक-एक विकेट लेने में सफलता मिली. भारतीय खिलाड़ियों ने बहुत ख़राब फ़ील्डिंग की. सौरव गांगुली ने दो महत्वपूर्ण कैच छोड़े जबकि पोवार और धोनी ने एक-एक जीवनदान देकर इंग्लैंड को हावी होने का मौक़ा दिया. सचिन के 99 और द्रविड़ के नाबाद 92 भारतीय पारी का आकर्षण रहे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और कप्तान राहुल द्रविड़. सचिन ने 99 रन बनाए और द्रविड़ 92 रन बनाकर नाबाद रहे.
सचिन ने बेहतरीन पारी खेली. पहले तो सौरभ गांगुली के साथ शानदार शुरुआत और फिर तेज़ी से रन भी बनाए. लेकिन सचिन दुर्भाग्यशाली रहे और 99 रन बनाकर आउट हो गए. सचिन ने 112 गेंदों का सामना किया और 15 चौके और एक छक्के की मदद से 99 रन बनाए. जबकि कप्तान राहुल द्रविड़ ने 63 गेंद पर 11 चौके और एक छक्के की मदद से 92 रनों का योगदान दिया. बीमार होने के कारण ज़हीर ख़ान इस मैच में नहीं खेल रहे हैं. जबकि गौतम गंभीर को टीम में शामिल नहीं किया गया. टीम में जगह मिली मुनाफ़ पटेल और रमेश पवार को. इंग्लैंड ने मोंटी पनेसर की जगह क्रिस ट्रेमलेट को टीम में शामिल किया. ब्रिस्टल में हो रहे दूसरे वनडे मैच में भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया. पारी की शुरुआत की सचिन तेंदुलकर और सौरभ गांगुली ने. शुरू से ही सचिन तेंदुलकर ने आक्रमक रुख़ अपनाया. जबकि सौरभ गांगुली ने उनका अच्छा साथ निभाया. सचिन ने 56 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से अपना अर्धशतक बनाया. भारत का स्कोर जब 113 रन था, उस समय सौरभ गांगुली 39 रन बनाकर फ़्लिंटफ़ की गेंद पर आउट हो गए. उसके बाद सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह ने टीम की कमान संभाली.
दोनों तेज़ी से रन बटोर रहे थे और भारत मज़बूत स्थिति में नज़र आ रहा था. लेकिन सचिन तेंदुलकर दुर्भाग्यशाली रहे और अपना शतक नहीं पूरा कर पाए. 99 रन के निजी स्कोर पर उन्हें फ़्लिंटफ़ ने आउट किया. सचिन के बाद युवराज सिंह भी दुर्भाग्यशाली रहे और अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर पाए. वे 49 रन बनाकर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद पर आउट हुए. उसके बाद मोर्चा संभाला कप्तान राहुल द्रविड़ ने. द्रविड़ ने पहले संभल कर खेला और फिर तबाड़तोड़ आक्रमक शॉट लगाए. लेकिन एक ओर से विकेट भी गिरते रहे. महेंद्र सिंह धोनी 21 और दिनेश कार्तिक एक रन बनाकर आउट हो गए. अगरकर और रमेश पवार ने भी एक-एक रन बनाए. इंग्लैंड की ओर से एंड्रयू फ़्लिंटफ़ ने पाँच विकेट लिए. ब्रॉड और एंडरसन को एक-एक विकेट मिले. भारतीय टीम राहुल द्रविड़ (कप्तान), महेंद्र सिंह धोनी (उप कप्तान), सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली, युवराज सिंह, रमेश पवार, दिनेश कार्तिक, आरपी सिंह, मुनाफ़ पटेल, अजित अगरकर और पीयूष चावला इंग्लैंड की टीम पॉल कॉलिंगवुड (कप्तान), एलेस्टर कुक, मैथ्यू प्रॉयर, केविन पीटरसन, इयन बेल, एंड्रयू फ़्लिंटफ़, रवि बोपारा, दिमित्री मैस्करानहैस, स्टुअर्ट ब्रॉड, जेम्स एंडरसन और क्रिस ट्रेमलेट | इससे जुड़ी ख़बरें 'विकेटों के बीच दौड़ सुधारनी होगी'23 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया इंडियन क्रिकेट लीग को मिला सहारा22 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया क्रिकेट बोर्ड ने हटाया कपिलदेव को21 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया पहले वनडे में बुरी तरह हारा भारत21 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया रज़्ज़ाक़ का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास20 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया दो नैना और एक कहानी....20 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया 'स्टार खिलाड़ी' आईसीएल में चमकेंगे20 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया भज्जी को भविष्य सँवरने की उम्मीद19 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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