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इंडियन क्रिकेट लीग को मिला सहारा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने भले ही आईसीएल को लेकर काफ़ी सख़्त रुख़ अपनाया हो लेकिन टीम इंडिया के प्रायोजक सहारा इंडिया ने इसका समर्थन किया है. सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत रॉय ने बीबीसी से ख़ास बातचीत में कहा कि एस्सेल समूह की इंडियन क्रिकेट लीग यानी आईसीएल की स्थापना क्रिकेट के हित में है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि वे इंडियन क्रिकेट लीग को अपना पूरा समर्थन देंगे. सुब्रत रॉय ने कहा, ''हो सकता है मेरी बात कुछ लोगों को अच्छी न लगे लेकिन ये क्रिकेट के लिए तो अच्छा ही हुआ है.'' यह पूछे जाने पर कि क्या सहारा समूह आईसीएल के मैचों का प्रायोजक बनने की सोच सकता है, उन्होंने तुरंत इसका सकारात्मक जवाब तो नहीं दिया लेकिन इसकी संभावना से इनकार भी नहीं किया. उन्होंने कहा, ''मैं इस बारे में विस्तार से अभी कुछ नहीं कह सकता लेकिन मेरी हाल ही में कपिल देव से हुई बातचीत के आधार पर ये तो कह सकता हूँ कि अगर ये क्रिकेट के हित में है तो क्यों नहीं. आखिर क्रिकेट हमारे देश के लिए इतना महत्व जो रखता है.'' सुब्रत रॉय ने कहा कि आईसीएल से क्रिकेट और मज़बूत होगा और इससे कुछ अच्छा ही निकल कर सामने आएगा. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रलिया के कैरी पैकर ने भी कभी ऐसा ही काम किया था. ग़ौरतलब है कि बोर्ड ने आईसीएल से जुड़ने वाले क्रिकेटरों को अपने आयोजनों से प्रतिबंधित करने की घोषणा की है. इसके अलावा आईसीएल के कार्यकारी बोर्ड के अध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी संभालने वाले कपिल देव को राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के अध्यक्ष पद से हटा दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें क्रिकेट बोर्ड ने हटाया कपिलदेव को21 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया कई युवा खिलाड़ी आईसीएल में शामिल20 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया 'स्टार खिलाड़ी' आईसीएल में चमकेंगे20 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया लालू उतरे आईसीएल के लिए 'बैटिंग' करने09 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया आईसीएल से नहीं जुड़ेंगे शोएब-अफ़रीदी 04 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया वॉर्न-मैकग्रा भारतीय लीग से जुड़ सकते हैं25 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया लारा क्रिकेट से संन्यास ख़त्म करेंगे24 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया बीसीसीआई को कपिल देव की चुनौती10 जुलाई, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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