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एक मुलाक़ात: सानिया मिर्ज़ा के साथ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बीबीसी हिंदी सेवा के विशेष कार्यक्रम 'एक मुलाक़ात' में हम भारत के जाने-माने लोगों की ज़िंदगी के अनछुए पहलुओं से आपको अवगत कराते हैं. 'एक मुलाक़ात' में हमारी आज की मेहमान हैं एक ऐसी शख़्सियत, एक ऐसी लड़की जो चार-पांच साल पहले भारतीय खेल के क्षितिज पर सितारा बनकर चमकीं. एक ऐसे खेल में जो लड़कियों के लिए नहीं जाना जाता था. इस खेल के ज़रिए न सिर्फ़ उन्होंने देश के लिए नाम कमाया बल्कि ख़ुद भी बड़ी 'स्पोर्ट्स आइकन' बन गईं. हमारे साथ हैं हैदराबाद की रहने वाली टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा. आज आप जो कुछ भी हैं, आपने जो भी नाम कमाया अपने लिए, अपने परिवार के लिए और अपने शहर के लिए सब टेनिस के ज़रिए कमाया. ये टेनिस का शौक़ आप को कब से हुआ? मैं बचपन से ही स्विंमिंग करने जाती थी और छह साल की उम्र से ही मैंने टेनिस खेलना शुरू कर दिया था. मेरे माता-पिता चाहते थे कि उनका बेटा या बेटी किसी खेल में जाए तो मैंने खेलना शुरू किया. मैं टेनिस खेलना चाहती भी थी और घर से समर्थन भी था. जब मैंने टेनिस खेलना शुरू किया तो तब पता नहीं था कि मैं इतना ऊपर जाकर प्रोफ़ेशनल लेवल पर खेलूंगी. लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए बात बनती गई. ('एक मुलाक़ात' बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के अलावा, बीबीसी हिंदी – मीडियम वेव 212 मीटर बैंड पर और शॉर्टवेव 19, 25, 41 और 49 मीटर बैंड पर - भारतीय समयानुसार हर रविवार रात आठ बजे प्रसारित होता है. दिल्ली और मुंबई में श्रोता इसे रेडियो वन एफ़एम 94.3 पर भारतीय समयानुसार रविवार दोपहर 12 बजे भी सुन सकते हैं.) पहले स्विमिंग करने जाती थीं और बाद में टेनिस स्टार बनीं. जब आप छह साल की थीं और खेलना शुरू किया तो खेल में आपके रोल मॉडल कौन थे? स्टेफ़ी ग्राफ़. वो हमेशा से मेरी रोल मॉडल थी. जब मैं छोटी थी तब से वो मेरी रोल मॉडल है. आज भी है और आगे भी रहेगी. स्टेफ़ी ग्राफ़ क्यों? क्या इसलिए कि वो बहुत बड़ी टेनिस खिलाड़ी हैं, सुंदर हैं और बहुत अच्छी भी लगती हैं कोर्ट पर? मेरा मानना है किसी भी महिला टेनिस खिलाड़ी के लिए स्टेफ़ी ग्राफ़ परफ़ेक्ट रोल मॉडल हैं. वो बहुत अच्छी खिलाड़ी रही हैं. टेनिस की महान खिलाड़ियों में से हैं. अपना टेनिस करियर ख़त्म करके अब उन्होंने अपना परिवार भी बसा लिया है. उन्होंने सिद्ध किया है कि अगर आप टेनिस खेलती हैं और लड़की हैं तो ऐसा नहीं है कि आपका पारिवारिक जीवन नहीं होता. आप अपना घर भी ख़ूबसूरत तरीके से बसा सकते हैं. आप दोनों तरफ संतुलन बैठा सकते हैं. आपने मेरे मुंह की बात छीन ली. मैं कहने ही वाला था कि स्टेफ़ी ग्राफ़ के टेनिस करियर के बाद की ज़िंदगी भी किसी परी कथा जैसे ही है? हां जी. सब चाहते हैं कि वो अपने पति के साथ घूमें. स्टेफ़ी के दो बच्चे हैं. वो बहुत ही परफ़ेक्ट लाइफ़ जी रही हैं. कोई भी ऐसी ही ज़िंदगी जीना चाहेगा. एक बहुत ही पिक्चर पोस्टकार्ड टाइप चित्र खिंचता है जब आंद्रे आगासी खेल रहे होते हैं और स्टेफ़ी अपने बच्चों के साथ बैठकर खेल देख रही होती हैं. जब आप टेनिस खेलना शुरू कर रही थीं तो क्या आपको कभी-कभी ऐसा लगता था कि हे भगवान मैं कहां फंस गई? जी बिल्कुल. जब मैं छह, सात यहां तक की 12 साल की हो गई तो सोचा करती थी कि जब मेरे दोस्त मस्ती करते हैं, फ़िल्में देखने जाते हैं तो मैं क्यों नहीं. मैं सोचती थी कि अगर मैं टेनिस खेलने की जगह पढ़ाई करूं तो मैं अपने दूसरे दोस्तों की तरह मस्ती कर सकती हूँ. लेकिन भाग्य से मेरे माता-पिता ने मेरा मार्गदर्शन किया और शायद मैंने भी अपने भविष्य को बड़ी तस्वीर में रखकर देखा और टेनिस खेलने लग गई. अगर मैं 12-13 साल की उम्र में टेनिस खेलना छोड़ देती तो शायद दूसरी लड़कियों की तरह डॉक्टर, वक़ील या हाउसवाइफ़ होती लेकिन मुझे सही मार्गदर्शन मिला और मैं यहाँ तक आई. तुमने अभी बड़ी तस्वीर वाली बहुत सही बात कही. मेरा बेटा जो शायद तुमसे एक साल बड़ा या छोटा होगा उससे मैं यही कहता हूँ कि यार, तुम अपने भविष्य को ज़रा बड़ी तस्वीर में रखकर देखो. ये बताओ कि बड़ी तस्वीर देखने की समझ तुम्हें कहाँ से आई. माता-पिता से या ख़ुद से? मैं हमेशा से अपनी उम्र से अधिक मैच्योर हूँ. मैं जिस प्रोफ़ेशन में हूँ उसमें आप बहुत जगहों पर जाते हैं और कई तरह के लोगों से मिलते हैं. तो आप अपनी उम्र से अधिक मैच्योर तरीके से सोचने लगते हैं. जब मैं 12 साल की थी तो 20 साल की लड़की की तरह सोचती थी. इसलिए मुझे जो ज़रूरी लगा मैंने वही किया. वैसे जब मेरा टेनिस में मन नहीं लगता तो मैं फ़िल्म देखने चली जाती और मेरे पैरेंट्स ने कभी मुझ पर दबाव नहीं डाला कि मुझे टेनिस खेलने ही जाना है. जब 12 की थी तो 20 की तरह सोचती थी तो जब 20 की हो तो कैसे सोचती हो? पता नहीं. शायद 40 की तरह. किस उम्र में सीरियस ट्रेनिंग शुरू की और कितना अभ्यास करना शुरू किया? सीरियस ट्रेनिंग तो आठ-नौ साल की उम्र से शुरू कर दी थी. लेकिन जब मैं छह साल की थी तब से टेनिस खेलना शुरू कर दिया था. मैं हैदराबाद के निज़ाम क्लब में स्विमिंग करने जाती थी और हफ़्ते में छह दिन टेनिस खेलती थी.
टेनिस में ऐसा क्या है जिसे आप सबसे अधिक वैल्यू करती हो? टेनिस के बारे में मैं कोई एक बात नहीं कह सकती. टेनिस ने मुझे बहुत कुछ दिया है. टेनिस ने मुझे मैच्योर बनाया. इसकी वजह से मुझे कई देशों में जाने का मौक़ा मिला. अलग-अलग तरह के लोगों से मुलाक़ात हुई. टेनिस की वजह से मुझे इतनी शोहरत मिली, नाम मिला. टेनिस ने मुझे सिखाया कि सेहतमंद रहना कितना ज़रूरी है. जब मेरा ऑपरेशन हुआ था और मैं बैठी रहती थी तो मैं सोचती थी कि मैं सिर्फ़ खा रही हूँ और मोटी हो रही हूँ. लेकिन अभी तो तुम बिल्कुल फ़िट लग रही हो. हाँ. वो एक मेंटल फ़्रेम हो जाता है कि आपको रोज़ वर्कआउट करना चाहिए और फ़िट रहना चाहिए. तुम सभी चीज़ों में बड़ी तस्वीर देखती हो. टेनिस में वैल्यू करने से मेरा मतलब था जैसे बैकहैंड, फ़ोर हैंड या बेसलाइन. कौन सी चीज़ में सबसे मज़ा आता है? मेरी स्ट्रेंथ मेरा फ़ोर हैंड है. वो मेरा नेचुरल शॉट है. वो मुझे किसी ने नहीं सिखाया. छह साल की उम्र में जैसा खेलती थी उस शॉट को आज भी वैसे ही खेलती हूँ. टेनिस में अपने समय के खिलाड़ियों में सबसे अच्छा कौन लगता है? मैं सेरेना विलियम्स का बहुत सम्मान करती हूँ. जब सब ये लिख रहे थे कि अब उसकी वापसी संभव नहीं है ऐसे में उसने जिस तरह से वापसी की और ऑस्ट्रेलियन ओपन में सबको हराया वो बहुत आश्चर्यजनक है. जहाँ तक मेरा ज्ञान है टेनिस के बारे में वो दूसरे क्षेत्रों की तरह बहुत कम है. मेरे ख़याल से तुमने सेरेना को हराया हुआ है? हराया नहीं खेला हुआ है. मेरे पहले ग्रैंडस्लैम में तीन साल पहले मैं उसके साथ खेल चुकी हूँ. कैसा अनुभव था. बहुत ही अच्छा अनुभव था. बहुत ख़राब तरीके से तो नहीं हारी थी तुम. नहीं, बुरी तरीके से नहीं हारी थी, फ़ाइट दी थी. लेकिन तुमने किसी बड़ी खिलाड़ी को हराया हुआ है. शायद मार्टिना हिंगिस को? हाँ. मार्टिना हिंगिस जैसी खिलाड़ी को हराना मेरे लिए बड़ी बात थी. इसलिए भी क्योंकि मैं उनसे चार दिन पहले ही हारी थी. जबतक मैंने मोरैस्मो और हार्डिना जैसी खिलाड़ियों को नहीं हराया तब तक वो मेरी सबसे बड़ी जीत थी. तुमने टॉप टेन खिलाड़ियों में से भी एक-दो को हराया हुआ है. हाँ, पैट्रोवा को हराया है. कुज़नेत्सोवा को हराया हुआ है. अच्छा, टेनिस नहीं खेलती तो कौन सा खेल खेलती? शायद खेलती ही नहीं. शायद डॉक्टर बनती. मुझे पढ़ाई का बहुत शौक़ था. मैं टेनिस नहीं खेलना चाहती थी क्योंकि मेरा स्कूल जाने का बहुत मन करता था. सानिया मिर्ज़ा के आने के बाद टेनिस के बहुत दीवाने पैदा हो गए. वैसे क्रिकेट के पीछे बर्बाद है ये देश. हाँ, मैं भी बर्बाद हूँ क्रिकेट के लिए. मैं हमेशा कहती भी हूँ कि अगर मैं लड़का होती तो क्रिकेट खेलती. अगर आप क्रिकेट खेलतीं तो फ़ास्ट बॉलर होतीं, स्पिन बॉलर होतीं या क्या होतीं? मैं फ़ास्ट बॉलिंग करती. मेरा जो टेंप्रामेंट है वो फ़ास्ट बॉलिंग या बैट्समैन की तरह का है. मैं लेफ़्ट हैंड से बैटिंग करती हूँ. और फ़ेवरेट क्रिकेटर. सचिन तेंदुलकर. वो मेरे फ़ेवरेट खिलाड़ी हैं और रहेंगे. चाहे कोई कुछ भी कहे. अच्छा तो आपका इशारा ग्रेग चैपल की तरफ है. नहीं, मैं किसी तरफ इशारा करके नहीं कह रही. वो खिलाड़ियों के लिए एक बड़े प्रेरणास्रोत हैं. लेकिन लोग कह रहे हैं कि उन्हें भी ब्रायन लारा की तरह रिटायर हो जाना चाहिए. वो अपने शिखर तक पहुँच चुके हैं. वो आपके रोलमॉडल बने रहेंगे लेकिन सबको एक दिन जाना पड़ता है. हाँ, लेकिन सचिन को ख़ुद तय करने दीजिए कि वो कब तक खेलना चाहते हैं. सभी लोग सलाह देते रहते हैं. मुझे भी लाखों लोग रोज़ तरह-तरह की सलाह देते रहते हैं. मान गए कि तुम सचिन की बहुत बड़ी फैन हो. उनके ख़िलाफ़ तुम कुछ नहीं सुनोगी. सानिया मिर्ज़ा अपनी पसंद का एक गाना बताइए. तेरे बिन... एक गाना है. आजकल ये मेरा सबसे पसंदीदा गाना है. तो वही सुनवा दीजिए. अपनी पसंद एक और गाना बताइए. ‘बस इक पल’ का टाइटल साँग. वो भी मुझे पसंद है.
कोई और क्रिकेट खिलाड़ी जो आपको बहुत पसंद है. जो थोड़ा अधिक जवान हो. मुझे पता है कि आप क्या पता करना चाहते हैं. मुझे गांगुली भी बहुत पसंद हैं. उसने जिस तरह से वापसी की वो बहुत सम्मानजनक है. जब वो टीम में नहीं थे तो उन्होंने एक बार भी नहीं कहा कि वो अब वापस नहीं आएंगे. लेकिन मेरे फ़ेवरेट सचिन तेंदुलकर ही हैं. आपने कहा कि आप फ़ास्ट बॉलर बनतीं. तो कोई फ़ास्ट बॉलर आपका फ़ेवरेट नहीं है. आप किसकी तरह बनतीं? मैंने कहा मैं या तो बैट्समैन बनती या फ़ास्टबॉलर बनती. बैट्समैन बनती तो सचिन की तरह बनती. फ़ास्टबॉलर बनती तो पता नहीं किसकी तरह बनती. तो कोई फ़ास्ट बॉलर पसंद नहीं. जी नहीं. लोग कहते हैं कि तुम बहुत स्टाइलिश हो. अभी आपके कोच अख़्तर अली साहब बता रहे थे कि पिछली दीपावली पर उनके एक दोस्त ने पुणे में जितनी नथुनियाँ बेंची उतनी कभी नहीं बेचीं. हर लड़की आज सानिया मिर्ज़ा जैसी नथुनी पहनना चाहती है. हम न्यूज़ में रहते हैं शायद इसलिए. लोग हमें देखते हैं और नोटिस करते हैं. अगर मैं न्यूज़ में नहीं होती तो भी ऐसे ही कपड़े पहनती और तब शायद कोई नोटिस भी नहीं करता. मैं जिसमें आरामदायक तरीके से रह सकूँ वैसे रहती हूँ. मुझे ज़्यादा बनना-ठनना नहीं पसंद. लेकिन फिर भी लोग मुझे नोटिस करते हैं क्योंकि मैं टेनिस खेलती हूँ. और ये स्टार टाइप की पहचान का अलग ही मज़ा है. सबको पसंद होता है कि वो पॉपुलर हो. मैं भगवान की बहुत शुक्रग़ुज़ार हूँ कि इतना कुछ मिला. शुरू-शुरू में ये सब पसंद आता है लेकिन जब ये रोज़ की बात हो जाती है तो आपको प्राइवेसी की ज़रूरत होती है. जनता पॉपुलर लोगों के बारे में जानना अपना अधिकार समझती है और ये पॉपुलर लोगों की ज़िंदगी का हिस्सा होता है. कुछ खोकर, कुछ पाना. इस स्थिति में तुम संतुष्ट हो. जब मुझे लगेगा कि मुझे ये अंटेशन नहीं चाहिए बल्कि प्राइवेसी चाहिए तो मैं टेनिस खेलना बंद कर दूंगी. मेरा मानना है कि आपको वही करना चाहिए जिसमें आपको मजा आए. आज मुझे टेनिस खेलना अच्छा लगता है. अटेंशन अच्छा लगता है. अपने समय की खिलाड़ियों में तुम किस खिलाड़ी को बहुत स्टाइलिश मानती हो. अभी तो जो भी टेनिस कोर्ट पर जाता है स्टाइल से ही जाता है. सबके अपने-अपने स्टाइल्स हैं और अच्छे स्टाइल हैं. मेरा कोई ऐसा फ़ेवरेट नहीं है. सभी कोर्ट पर तैयार होकर और अच्छे कपड़े पहन कर जाते हैं. ये अच्छा भी है खेल के लिए. खेल और भी कलरफ़ुल हो गया है. ग्लैमरस? ग्लैमरस पहले भी था. पहले एक-दो खिलाड़ी थे ऐसे. अब सभी ऐसा करते हैं इसलिए लोग नोटिस अधिक करते हैं. क्या सोच-समझ कर कोशिश करती हो तुम भी. नहीं, कोर्ट पर मैं खेलने और मैच जीतने के लिए जाती हूँ. कोर्ट पर मेरी प्राथमिकता होती है कि मैं मैच जीतूँ. ये नहीं देखती कि मैंने क्या कपड़े पहने हैं. हाँ कोर्ट के बाहर मैं चाहती हूँ कि अच्छी दिखूँ. आपके कैज़ुअल विअर कौन से हैं? अधिकतर तो मैं ट्रैक पैंट्स ही पहनती हूँ. लेकिन जींस और टी-शर्ट भी पहनती हूँ. और फ़ॉर्मल्स? मैं सब तरह के कपड़े पहनती हूँ. मुझे कपड़े बहुत पसंद हैं. कहा जाता है कि एक औरत के पास पर्याप्त कपड़े कभी नहीं होते. और ये बात मेरे लिए भी सही है. तो जब तुम टेनिस मैच खेलने जाती हो तो कितने सूटकेस लेकर जाती हो? दो सूटकेस तो होते ही हैं. एक टेनिस के कपड़ों का और दूसरा कैज़ुअल विअर का. शॉपिंग के हिसाब से. मैं बहुत शॉपिंग करती हूँ. मैं और मेरी माँ बहुत शॉपिंग करते हैं. एक घंटे के लिए शॉपिंग पर जाते हैं तो 10 बैग ख़रीद लाते हैं. शॉपिंग के लिए कोई फ़ेवरेट जगह. बॉंम्बे शॉपिंग के लिए बहुत अच्छा है. लंदन अच्छा है. पेरिस ठीक-ठाक है. आपकी पसंद का कोई एक गाना. एक सैड सा साँग है. मुझे आज कल सैड साँग पसंद आ रहे हैं. 'सलाम-ए-इश्क़' का गाना है ...या रब्बा.. कोई ऐसा गाना थोड़ा कम सैड हो. 'सलाम-ए-इश्क़' का ट्रैक साँग भी मेरे आईपॉड पर बहुत बज रहा है. वो भी मुझे बहुत पसंद है. गाने कब सुनती हो? एक्सरसाइज़ करते वक़्त और गाड़ी में गाने सुनती रहती हूँ. मैं ट्रैवल बहुत करती हूँ. इसलिए मेरे आईपॉड में गाने भरे रहते हैं. अब मैं अपने आप को रोक नहीं पा रहा हूँ. इस उम्र में सैड साँग...क्या वजह है. आज कल के बच्चे ऐसे गाने सुनते नहीं हैं? मैंने कहा कि मैं 40 साल के उम्र वाले आदमी की तरह सोचती हूँ. मुझे गाने के बोल अच्छे लगते हैं. कोई और गाना. ज़ुदा होकर तुम मुझमें कहीं बाक़ी है...शायद आतिफ़ असलम का गाना है. आप भारत की पहली बड़ी टेनिस खिलाड़ी हैं. भ्रम लगता है, सपना लगता है, ये सब कुछ कैसा लगता है? ये एक सपने का पूरा होना जैसा लगता है. खेल में आप अपना सपना पूरा कर लें तो बड़ी बात होती है. बहुत कम लोग अपना सपना पूरा कर पाते हैं. बहुत संतुष्ट करने वाली फ़ीलिंग है. जब मैंने अपने मुक़ाम हासिल कर लिए हैं तो मेरे दोस्त अभी अपना मुक़ाम हासिल करने में लगे हैं. पढ़ाई में तो लोगों को और भी संघर्ष करना पड़ता है. तुमने खेल में सफलता पाई. इससे तो लगता है लोगों को अपना सपना पूरा करने के लिए और भी कोशिश करनी चाहिए. मैं तो हमेशा कहती हूँ कि लोगों को अपनी फ़ेवरेट चीज़ करनी चाहिए. बस इसके लिए मेहनत और थोड़ा त्याग करना पड़ता है.
क्या तुम अपना डॉक्टर बनना मिस करती हो. हाँ, कभी-कभी. मैं सोचती हूँ कि अगर खिलाड़ी नहीं होती तो डॉक्टर होती. कौन सी ऑर्थोपैडिक. नहीं. ऑर्थोपैडिक नहीं. शायद कार्डियोलॉजिस्ट होती. लेकिन मुझे पता नहीं कि ‘मिस करना’ कहना शायद एक सही शब्द होगा कि नहीं. मैं सोचती हूँ भगवान जो करते हैं बेहतर ही करते हैं. मैं डॉक्टर बनकर इतनी शोहरत हासिल नहीं कर सकती थी जितनी आज हासिल कर चुकी हूँ. अच्छा तुम अपना टेनिस करियर ख़त्म करके पढ़ाई की दूसरी पारी शुरू कर सकती हो? मैं काफ़ी थक चुकी हूँ अब दूसरा करियर नहीं शुरू कर सकती. मैं टेनिस में ही कुछ करूँगी. अच्छा इस सवाल का ईमानदारी से जवाब देना. अगर टेनिस कोर्ट पर तुम कामयाब खिलाड़ी नहीं होती और मीडिया अटेंशन नहीं मिलती जो मिल रही है. इसमें एक ख़ूबसूरत लड़की होना का कितना फा़यदा तुम्हें मिला? आप मेरा इंटरव्यू ले रहे हैं एक रेडियो के लिए. यहाँ मेरा चेहरा नहीं दिखेगा. मैं एक टेनिस खिलाड़ी हूँ इसलिए लोग मेरी बात सुन रहे हैं. ख़ूबसूरत होना ज़रूरी नहीं है. लेकिन आपको प्रजेंटेबल होना चाहिए. मेरे से बेहतर दिखने वाले बहुत लोग हैं जिन्होंने कुछ नहीं किया. मैं कॉम्बिनेशन की बात कर रहा हूँ. किसी भी चीज़ का कॉम्बिनेशन होना हमेशा हेल्प करता है. मैंने और मेरे परिवार ने इस शोहरत के लिए बहुत हार्डवर्क किया है. ये भगवान का आशीर्वाद है कि मैं जैसे दिखती हूँ वो लोगों को पसंद आता है. अगर मैं अगले छह महीने हारने लगूँ तो मैं नहीं सोचती कि लोग तब भी कहेंगे कि इसकी नथुनी बहुत अच्छी लगती है. ये तुमने ठीक कहा कि तुम्हारी शोहरत की एक बहुत बड़ी वजह कोर्ट पर तुम्हारा प्रदर्शन है. ये बताओ जब लोग ख़ासकर लड़के तुम्हें परेशान करते हैं तो तुम्हें दिक्कत होती है. आप परेशान उस चीज़ से होते हैं जो आपके कंट्रोल में हो. अगर कोई मेरे पीछे आता है तो ये मेरे बस में नहीं है. मैं किसी के पीछे जाऊँ तो ये मेरे बस में है. मैंने कहीं पढ़ा था कि तुम्हारी माँ को पुलिस सुरक्षा लेनी पड़ी थी. माँ को तो नहीं मुझे ज़रूर लेनी पड़ी थी. आज भी चौबीसों घंटों मेरे साथ एक बॉडी गार्ड रहता है. किस रिलेशनशिप को तुम सबसे अधिक वैल्यू करती हो? मेरे ख़याल से मेरी माँ को. वो मेरी दोस्त, बहन सब कुछ हैं. मैं उन्हें काफ़ी चीज़ें बताती हूँ. वो भी मुझे बताती हैं. और पापा से. पापा से बहुत नज़दीक हूँ. मैं दूसरे टेनिस खिलाड़ियों को देखती हूँ वो हमेशा अपने पापा से लड़ते रहते हैं. लेकिन मेरे और मेरे पापा के बीच ऐसा कुछ नहीं होता. मेरे पापा बहुत ही शांत प्रकृति के हैं और मैं और मेरी माँ थोड़ा शॉर्ट टेंपर्ड हैं. जब हम साथ में ट्रैवल करते हैं तो बहुत मज़ा आता है. तुम्हारी मम्मी तुम्हारी सबसे अच्छी दोस्त हैं. उसके बाद सबसे अच्छा दोस्त कौन है? मेरी बेस्ट फ़्रैंड रुचा है जो लैंकेस्टर में है. हम स्कूल में साथ थे अब वो वहाँ पढ़ाई कर रही है. ऐसा नहीं लगता कि जो कुछ मिला बहुत ज़ल्दी मिल गया और शायद थोड़ा आराम से सबकुछ मिलता तो अच्छा होता. मुझे कोई शिकायत नहीं है. जो किस्मत में होता है वहीं मिलता है. जब मैं 16 की थी तो मुझे जो मिलना था मुझे मिला. टेनिस खिलाड़ियों का करियर बहुत लंबा नहीं होता. हमारा करियर 24-25 साल पर ख़त्म होने लगता है. इसलिए 21-22 की उम्र वैसी होती है जब आप सबसे अच्छा प्रदर्शन कर रहे होते हैं. अपने आलोचकों की बातों पर तुम्हारा क्या रुख़ रहता है? जैसा मैंने आपको कहा कि सब के पास अपनी राय होती है और सब अपने को आलोचक समझते हैं चाहे उन्हें खेल की समझ हो या न हो. उन्हें अपनी राय ज़ाहिर करने की आज़ादी है तो हमें इस बात की आज़ादी है कि हम कौन सी बात गंभीरता से लें और किस बात को नहीं. एक लंबे समय तक बातें सुनने-देखने के बाद आप समझ जाते हैं कि कौन सी बात आपको सुननी है और कौन सी नहीं. और जब ख़राब समय चल रहा होता है, मीडिया ख़राब लिख रहा होता है, लोग आलोचना कर रहे होते हैं तो ऐसे मौक़े पर आप क्या करती हैं? ऐसे समय पर आपके पास एक स्ट्राँग सपोर्ट सिस्टम होना चाहिए. मेरे पास मेरे माता-पिता हैं वो हमेशा मेरे विश्वास का स्तर ऊपर रखते हैं. लोगों को मुँह है बात करने के लिए वो बात करेंगे. जनता की यादाश्त बहुत छोटी है. अच्छा खेलने पर जो आपके साथ होते हैं बुरा समय चलने पर वही लोग आपको छोड़कर चले जाते हैं. मैं इतनी कम उम्र में ये सब देख लिया है.
तो तुमने ऐसा वक़्त भी देख लिया है? जो भी इस मुक़ाम पर पहुँचे हैं उन्होंने अपनी ज़िंदगी में ये सब ज़रूर देखा है. मैं बहुत ख़ुश हूँ मेरा सपोर्ट सिस्टम बहुत स्ट्राँग है. अगर ये सिस्टम होता है तो कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आपके बारे क्या कहा जा रहा है. सानिया लड़कियों में तुम्हारी वजह से टेनिस को लेकर बहुत उत्साह देखने को मिल रहा है. तुम्हें भारत की लड़कियों में टेनिस का क्या भविष्य दिखाई देता है? मेरे बाद लड़कियाँ टेनिस रैकेट उठा रही हैं. जब इतनी मेहनत हो रही है तो अच्छे रेज़ल्ट सामने आएंगे. लेकिन मैं आपको ये नहीं बता सकती कि इसमें कितना समय लग जाएगा. ये अगले साल भी हो सकता है और इसमें दस साल भी लग सकते हैं. लेकिन ये तय है कि भारत में टेनिस को अच्छी शुरुआत मिली है. अपनी नेता वाली शैली में ये बताओ जो यंगस्टर तुम्हारी तरह कुछ करना चाहते हैं उन्हें क्या करना चाहिए? मैंने अपनी फ़िलॉसफ़ी बताई थी आपको. आप जो भी करें उसे इंज्वाय करें. टेनिस खेलें या गिल्ली-डंडा खेलें लेकिन हमेशा इंज्वाय करें. अगर आप इंज्वाय कर रहे हैं तो आपको कामयाबी ज़रूर मिलेगी. आपका खेल में डेडीकेशन और पैशन होना चाहिए. हॉबीज़. ख़ाली समय में क्या करती हैं? मुझे स्विमिंग करना पसंद है. ख़ाली टाइम उतना होता नहीं है. लेकिन जो भी समय होता है उसमें संगीत सुनना पसंद है. घर पर रहना पसंद करती हूँ. कभी-कभी बाहर जाती हूँ. डासिंग और डिस्क? मैं डांस करती हूँ लेकिन अपने बंद कमरे में. मैं बहुत शर्मीली हूँ. और गाती भी वही होंगी. हाँ जी. मैं वहीं गाती हूँ. रेडियो पर तो बिल्कुल नहीं गाती. फ़िल्में देखने का शौक़ है? ये जो सात-आठ हफ़्ते मिले हैं तो मैंने काफ़ी फ़िल्में देखीं. मुझे हिंदी फ़िल्में देखने का ज़्यादा शौक़ है. लास्ट मूवी कौन सी देखी है? भेजा फ़्राई. और कोई ऑलटाइम फ़ेवरेट? कुछ-कुछ होता है. इस फ़िल्म में कुछ ऐसा है जो मुझे छू जाता है. फ़ेवरेट ऐक्टर्स? अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन. ये लिस्ट बढ़ती जाती है जब भी मुझे पूछा जाता है. और ऐक्ट्रेसेज़? ऐक्ट्रेसेज़ तो सारी ही ख़ूबसूरत होती हैं. वैसे मेरी ऑलटाइम फ़ेवरेट माधुरी दीक्षित हैं. जब तुम स्टेफ़ी ग्राफ़ की तरह बनोगी तो तुम किस तरह के लड़के के साथ अपना परिवार बसाओगी. अक्षय कुमार? अक्षय कुमार मुझे तब से पसंद है जब मैं छह-सात साल की थी. मुझे नहीं पता कि जिसके साथ मैं घर बसाउंगी वो कैसा होगा. बस इतना पता है कि वो मुझसे लंबा होना चाहिए. मुझे देश में अपनी हाइट से अधिक के लड़के कम ही दिखते हैं. कितनी हाइट है तुम्हारी? पाँच फुट साढ़े सात इंच. तो उसे छह फुट का तो होना ही चाहिए. छह फुट के कम से कम कुछ लाख लड़के तो होंगे ही भारत में? मुझे तो नहीं मिलते. पता नहीं कहाँ हैं. वो मुझे वैसे ही प्यार करे जैसी मैं हूँ इसलिए नहीं कि मैं क्या हूँ. ये मुहावरा टाइप का जवाब हो गया कि मुझे प्यार करे न कि जो मैं हूँ उसे. मुझे कई तरह के लड़के मिलते हैं जो मुझसे शादी करना चाहते हैं. उन्हें फ़िल्टर करना बहुत ज़रूरी है क्योंकि पता नहीं चलता कि वो सानिया मिर्ज़ा से प्यार करते हैं या सानिया से. या सानिया मिर्ज़ा के पापा की बिल्डिंग से, उसकी दौलत से या उसके इंडोर्समेंट से. ये सब सानिया मिर्ज़ा की कैटेगरी में आ जाता है. सानिया में पर्सनैल्टी, पर्सन और हार्ट आता है और बाक़ी सब सानिया मिर्ज़ा में आता है. जो सुपरफ़िसियल है. बाकी़ जीवन आप रोमांटिक, कैंडल लाइट डिनर में गुज़ारना चाहती हैं? इतनी भी रोमांटिक नहीं हूँ मैं. पर हाँ कुछ हद तक. मुझे नहीं पता कि बाक़ी ज़िंदगी कैसे गुज़ारने वाली हूँ. कभी आपको किसी से प्यार हुआ है. किसी पर क्रश हुआ है अगर प्यार न भी हुआ हो? हर किसी का क्रश होता है मेरा भी रहा है. लेकिन मैं रेडियो पर बताने वाली नहीं हूँ. ज़िंदगी का कोई ऐसा अनुभव जो तुम अपनी ज़िंदगी से हटाना चाहो? मैं कुछ भी हटाना नहीं चाहती क्योंकि मैंने ज़िंदगी के हर अनुभव से हमेशा कुछ सीखा है. मेरी ज़िंदगी जिस तरह से शेप हुई है उससे मैं बहुत ख़ुश हूँ. सानिया हम ये जानते हैं तुम बहुत अच्छा भविष्य बनाना चाहती हो. बिना पढ़े-लिखे डॉक्टर बनना चाहती हो, एक छह फुट लंबे शख़्स से शादी करना चाहती हो जो सानिया मिर्ज़ा से नहीं आपसे प्यार करे. इसके अलावा कोई ऐसी इच्छा और सपना जो तुम पूरा करना चाहती हो? मैं टेनिस को वो सब लौटाना चाहती हूँ जो मुझे उससे मिला. मेरा सपना है कि मैं एक ऐसी टेनिस एकेडमी बनाऊं जिसमें वो सारी सुविधाएँ हों जो एक अच्छी टेनिस एकेडमी में होती हैं. दस साल के बच्चों को वो सारी सुविधाएँ वहाँ मिलें जो मुझे नहीं मिल पाईं. तो मेरा सपना है कि मैं ऐसी एकेडमी बनाऊं जिसमें बेहतर कोर्ट और कोच हों. और शायद ये आपके पुराने सवाल का जवाब बन सके कि भारत का अगला टेनिस स्टार कब बनेगा. शाबास कहने का मन कर रहा है आपको इस बात पर. सानिया मिर्ज़ा आपकी ख़्वाहिश ज़रूर पूरी होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें एक मुलाक़ात: कपिल देव के साथ18 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस एक मुलाकात - शरद पवार के साथ10 दिसंबर, 2006 | खेल की दुनिया एक मुलाक़ात: मोहिंदर अमरनाथ के साथ01 अप्रैल, 2007 | खेल की दुनिया एक मुलाक़ात: शीला दीक्षित से02 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस एक मुलाक़ात: वसुंधरा राजे के साथ22 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस एक मुलाक़ात : मणिशंकर अय्यर के साथ29 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस एक मुलाक़ात: लालकृष्ण आडवाणी से26 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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