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फ़ाइनल पर श्रीलंका का एतराज़ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व कप क्रिकेट के फ़ाइनल को अपने दम पर एकतरफा बनाने वाले एडम गिलक्रिस्ट का दस्तानों में स्कवैश की गेंद रखकर बल्लेबाज़ी करना श्रीलंका को हज़म नहीं हो रहा है. यही वजह है कि श्रीलंका इस मामले की शिकायत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से करने का मन बना रहा है. ऑस्ट्रेलिया के इस धाकड़ बल्लेबाज़ ने बारबाडोस में फ़ाइनल में तूफ़ानी अंदाज में खेलते हुए सिर्फ़ 104 गेंदों में ही 149 रन धुन डाले थे. बल्ले पर अपनी पकड़ मज़बूत करने के लिए गिलक्रिस्ट ने नया नुस्ख़ा आज़माया था और दस्तानों में स्कवैश की गेंद रखी थी. श्रीलंका के क्रिकेट अधिकारी अगले महीने होने वाली आईसीसी की बैठक में यह मसला उठाने का मन बना रहे हैं. श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के सचिव गंगाधरन माथीवानन ने कहा, "खेल की परंपरा और भावना के मद्देनजर ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था. मैं नहीं मानता कि इससे उनके स्ट्रोकों में ज़्यादा ताक़त आई होगी, लेकिन निश्चित तौर पर बल्ले पर उनकी पकड़ तो मज़बूत हुई होगी." उन्होंने कहा, ''मैं ये नहीं कह रहा हूँ कि ये अवैध है. मेरे कहने का मतलब है कि खेल को अच्छी भावना से खेला जाना चाहिए. हम आईसीसी के सदस्यों को बताना चाहते हैं कि हम ऐसे कामों को मंजूरी नहीं देते." तरक़ीब रंग लाई फ़ाइनल से पहले गिलक्रिस्ट का विश्व कप में प्रदर्शन ठीक-ठाक ही रहा था और इससे पहले के दस मैचों में वह सिर्फ़ दो अर्धशतक ही लगा सके थे. लेकिन अहम मुक़ाबले यानी फ़ाइनल में उनका बल्ला चमका और उनकी इस पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 53 रन से श्रीलंका को मात दी. हालाँकि गिलक्रिस्ट ने स्कवैश की गेंद के इस्तेमाल को छिपाने की कोशिश भी नहीं की और शतक पूरा करने के बाद उन्होंने इशारा कर अपने साथी खिलाड़ियों को दस्तानों में रखी गेंद की अहमियत बताई. दरअसल, विश्व कप के लिए रवाना होने से पहले पर्थ में गिलक्रिस्ट के बल्लेबाज़ी कोच बॉब मेयुलमैन ने उन्हें दस्तानों में स्कवैश की गेंद रखने की सलाह दी थी. फ़ाइनल के बाद एक ऑस्ट्रेलियाई अखबार को दिए इंटरव्यू में मेयुलमैन ने कहा कि दस्ताने में रखी गेंद ने बल्ले को हाथ में घूमने से रोका. उन्होंने कहा, "मैं पिछले 10 साल से गिलक्रिस्ट के साथ हूँ. टीम के वेस्टइंडीज़ रवाना होने से पहले मैं स्कवैश सेंटर गया और हल्की सी टूटी स्कवैश की छह गेंद ले आया." मेयुलमैन ने कहा, "विश्व कप के लिए रवाना होने से पहले गिलक्रिस्ट के दस्तानों के बीच स्कवैश की गेंद रखकर बल्लेबाज़ी का अभ्यास किया था. यकीन कीजिए कि जब वो स्कवैश की गेंद के बिना खेल रहे थे तो अच्छी तरह नहीं खेल पा रहे थे, लेकिन गेंद रखने के बाद उनके शॉट्स गज़ब के थे." | इससे जुड़ी ख़बरें ऑस्ट्रेलिया लगातार तीसरी बार विश्वविजेता28 अप्रैल, 2007 | खेल भारतीय क्रिकेट टीम ढाका पहुँची07 मई, 2007 | खेल केपटाउन में वूल्मर का अंतिम संस्कार05 मई, 2007 | खेल 'ऑस्ट्रेलिया का ज़िम्बाब्वे दौरा अधर में'04 मई, 2007 | खेल मैकग्रॉ को संन्यास लेने का दुख नहीं03 मई, 2007 | खेल वूल्मर को पहले 'ज़हर दिया गया था'30 अप्रैल, 2007 | खेल गांगुली को बीसीसीआई की क्लीनचिट30 अप्रैल, 2007 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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