BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 04 मई, 2007 को 13:56 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'ऑस्ट्रेलिया का ज़िम्बाब्वे दौरा अधर में'
रिकी पोंटिंग
पोंटिंग ने कहा कि खिलाड़ियों से विचार विमर्श किया जाएगा
ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने कहा है कि ज़िम्बाब्वे का दौरा रद्द करने की स्थिति में अगर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड पर जुर्माना लगाया जाता है तो वह उसका भुगतान करेगी.

सितंबर में मौजूदा विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया की टीम को ज़िम्बाब्वे का दौरा करना है जहाँ उसे तीन एक दिवसीय मैच खेलने हैं. लेकिन सरकार इस दौरे के ख़िलाफ़ है.

प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड का कहना है कि ज़िम्बाब्वे का दौरा रद्द हुआ और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया पर जुर्माना हुआ तो सरकार उसकी भरपाई करेगी. उन्होंने कहा, "सरकार की विदेश नीति के कारण किसी खेल संगठन को नुक़सान क्यों उठाना पड़े?"

जॉन हॉवर्ड ने कहा कि विदेश नीति का फ़ैसला सरकार करती है और ज़िम्बाब्वे में स्थिति अभी अच्छी नहीं है. ऑस्ट्रेलिया ने आख़िरी बार वर्ष 2004 में ज़िम्बाब्वे का दौरा किया था. स्टुअर्ट मैकगिल ने उस दौरे का बहिष्कार किया था.

विरोध

इस बार भी मैकगिल ने इस दौरे का विरोध किया है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के कार्यक्रम के अनुसार ऑस्ट्रेलिया को ज़िम्बाब्वे का दौरा करना है.

द ऑस्ट्रेलियन अख़बार के साथ बातचीत में कप्तान रिकी पोंटिंग ने भी माना है कि ज़िम्बाब्वे दौरे को लेकर कई सवाल हैं. उन्होंने कहा, "सभी खिलाड़ियों से इस बारे में बातचीत की जाएगी और उन्हें यह मौक़ा भी दिया जाएगा कि वे क्या करना चाहते हैं."

आईसीसी के नियमों के मुताबिक़ कोई भी देश सुरक्षा कारणों के आधार पर ही निर्धारित दौरा रद्द कर सकता है अन्यथा उस पर 20 लाख डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

लेकिन ऑस्ट्रेलिया की सरकार का कहना है कि ज़िम्बाब्वे दौरे के लिए उसका फ़ैसला ही आख़िरी होगा. ऑस्ट्रेलिया की सरकार ज़िम्बाब्वे में राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे की सरकार की कटु आलोचक रही है.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>