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बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच होने वाला विश्व कप क्रिकेट का फ़ाइनल मैच बारिश के कारण अभी शुरू नहीं हो पाया है. अभी टॉस भी नहीं हुआ है. अपने सभी मुक़ाबले जीत चुकी ऑस्ट्रेलियाई टीम आज ख़िताबी हैट्रिक बनाने के इरादे से उतरेगी लेकिन श्रीलंका उसके अश्वमेध को रोकने के लिए जी-जान लगा देगा. इस विश्व कप में हारना तो दूर किसी भी टीम को जीत की आस से भी महरूम कर देने वाले ऑस्ट्रेलिया की टक्कर श्रीलंका की उस टीम से होगी जिसने सुपर आठ मुक़ाबले में उसके ख़िलाफ़ तरकश के कुछ तीर छिपा लिए थे. निश्चित रुप से श्रीलंका सुपर आठ में कंगारुओं से मिली पराजय को पीछे छोड़ना चाहेगा. उस मैच में नहीं खेलने वाले लसिथ मलिंगा, चामिंडा वास और ऑस्ट्रेलियाइयों को पहले भी अपनी फ़िरकी के जाल में फँसा चुके मुथैया मुरलीधरन पूरे जोश में हैं. ऑस्ट्रेलियाई ताकत इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी ताकत उसका उपरी बल्लेबाज़ी क्रम है. अब तक खेले 10 मैचों में 77 से भी ज़्यादा औसत से 621 रन ठोक कर 'गोल्डन बैट' के दावेदारों में आगे चल रहे मैथ्यू हेडन काफ़ी ख़तरनाक साबित हो सकते हैं. उस पर से एडम गिलक्रिस्ट की टाइमिंग अगर क्लिक कर गई तो एक बार फिर रनों का पहाड़ खड़ा हो सकता है. जरा नीचे आएँ तो कप्तान रिकी पोंटिंग और उनके उत्तराधिकारी कहे जा रहे माइकल क्लार्क शुरुआती झटकों को बेअसर साबित करने के लिए जाने जाते हैं. निचेल क्रम में एंड्रू साइमंड्स और माइक हसी फटाफट शैली के उस्ताद ही माने जाते हैं.
लेकिन उम्दा स्पिन गेंदबाज़ी इस चट्टानी बल्लेबाज़ी क्रम की कमजोर कड़ी साबित हो सकती है. और जब सामने मुरली हों तो मुक़ाबला काँटे का होना तया है. वैसे गेंदबाज़ी के लिहाज़ से ऑस्ट्रेलियाई भी कमतर नहीं है. तेज़ आक्रमण पर भरोसा करने वाली इस टीम में अनुभवी ग्लेन मैकग्राथ और नवोदित शॉन टेट पूरे लय में हैं. बाकी की ज़िम्मेदारी नैथन ब्रैकन, साइमंड्स और ब्रैड हॉग निभा सकते हैं. कप्तान पोंटिंग का फ़ाइनल के बारे में कहना था, "हमने सभी मैचों में अपनी क्षमता परखी है. जहाँ तक फ़ाइनल का सवाल है तो मुझे विश्वास है कि हम इसमें भी खुद को साबित करने में सक्षम हैं." श्रीलंका का उत्साह 1996 में ऑस्ट्रेलिया को धूल चटाकर विश्व कप का ताज़ पहन चुकी श्रीलंकाई टीम भले दी दम-खम में विपक्षी खेमे से उन्नीस है लेकिन चतुराई और प्रतिभा की उनमें कमी नहीं है. शुरुआती 15 ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाज़ी से श्रीलंकाई टीम को नई ऊँचाई देने वाले सनथ जयसूर्या इस मुक़ाबले की अहमियत को समझते हैं.
इसीलिए जब पोंटिंग ने कहा कि वे श्रीलंकाइयों को 'बाउंस' करने के लिए तैयार हैं उनका जवाब था, इस तरह की गेंदों को मैं सीमा-पार भेजूंगा. कप्तान महेला जयवर्धने और उपुल थरंगा भी पूरे फॉर्म में हैं. कुमार संगकारा, तिलकरत्ने दिलशान और चमारा सिल्वा भी बल्ले से जौहर दिखा चुके हैं. गेंदबाज़ी में लसिथ मलिंगा श्रीलंका के लिए तुरूप के इक्का साबित हो सकते हैं क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ उनसे परिचित नहीं हैं. |
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