|
तेंदुलकर क्रिकेट को अलविदा कहें: चैपल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विश्व कप में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का बल्ला क्या चूका, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल ने उन्हें क्रिकेट को अलविदा कहने की नसीहत दे डाली. भारतीय क्रिकेट टीम के कोच ग्रेग चैपल के भाई, इयान चैपल का कहना है कि सचिन का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का यही सही वक्त है. चैपल ने मुंबई के स्थानीय अखबार मिडडे में लिखे स्तंभ में सचिन को संन्यास की सलाह दी है. चैपल ने कहा, "इस वक्त तेंदुलकर ऐसे खिलाड़ी दिखाई देते हैं, जो आंकड़ों के सहारे अपना शेष कैरियर गुज़ारना चाहता हैं." उन्होंने कहा, "अगर उनके खेलने की यही वजह है तो वह अपना वक्त बरबाद कर रहे हैं और उन्हें तत्काल सन्यास ले लेना चाहिए." दबाव विश्व कप में भारत के शुरुआती चरण में ही बाहर हो जाने से जीवन के 33 वसंत पूरे कर चुके तेंदुलकर पर सन्यास का दबाव बन गया है. चैपल ने कहा, "इससे पहले कि कोई ये निर्णय दे कि तेंदुलकर का क्या होगा, उन्हें ख़ुद दर्पण के सामने ख़ुद को खड़ा करना चाहिए और फ़ैसला करना चाहिए कि वह कैरियर में और क्या हासिल करना चाहते हैं." भारत की विश्व कप के शुरुआती मैच में बांग्लादेश के हाथों सनसनीखेज पराजय हुई थी और इसके बाद श्रीलंका से मिली शिकस्त ने उसके लिए टूर्नामेंट के दरवाजे बंद कर दिए थे. तेंदुलकर एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों के इतिहास में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं. उन्होंने 384 वनडे मैचों में 14 हज़ार 847 रन बनाए हैं. जिसमें 41 शतकीय पारियाँ भी शामिल हैं. इसके अलावा तेंदुलकर के नाम विश्व कप में 33 मैचों में सबसे अधिक 1700 से ज़्यादा रन बनाने का रिकार्ड दर्ज है. पाँच विश्व कप खेल चुके तेंदुलकर का इस बार का प्रदर्शन बेहद निराशानजक रहा था. बांग्लादेश के ख़िलाफ़ मैच में जहाँ वह सात रन ही बना सके थे, वहीँ श्रीलंका के ख़िलाफ़ 'करो या मरो' के मुक़ाबले में वह सिर्फ़ तीन गेंदों का सामना ही कर सके थे. वर्ष 2003 के विश्व कप में भारत ने फ़ाइनल तक का सफर तय किया था और ख़िताबी भिड़ंत में ऑस्ट्रेलिया के हाथों पराजित हुआ था. उस टूर्नामेंट में सचिन तीन मैन ऑफ़ द मैच पुरस्कारों के साथ टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे थे. कौन सर्वश्रेष्ठ चैपल ने कहा कि जहाँ वेस्टइंडीज के कप्तान ब्रायन लारा अपनी फ़ार्म हासिल करने में सफल रहे हैं, वहीं सचिन अपनी पूर्व फ़ार्म की छाया मात्र रह गए हैं. उन्होंने कहा, "अगर तेंदुलकर तीन साल पहले ईमानदारी से दर्पण के सामने ये सवाल पूछते कि दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ कौन है तो उसका जवाब ब्रायन चार्ल्स लारा होता." चैपल ने कहा, "अगर उसी दर्पण से सचिन इस वक्त ये पूछें कि क्या उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए तो जवाब होगा, हाँ." | इससे जुड़ी ख़बरें लौट के आख़िर घर को आए...29 मार्च, 2007 | खेल विज़डन की सूची में इंग्लैंड का दबदबा27 मार्च, 2007 | खेल क्या भारत की हार क्रिकेट के लिए फ़ायदेमंद है?26 मार्च, 2007 | खेल क्रिकेट दर्शकों में हताशा, व्यापक प्रदर्शन24 मार्च, 2007 | खेल बांग्लादेश के हाथों भारत की शर्मनाक हार17 मार्च, 2007 | खेल प्रशंसकों से परेशान भारतीय खिलाड़ी21 मार्च, 2007 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||