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विज़डन की सूची में इंग्लैंड का दबदबा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विज़डन क्रिकेटर ऑफ़ ईयर के लिए नामित पाँच क्रिकेटरों की सूची में इस बार इंग्लैंड का दबदबा है. उसके दो खिलाड़ी मोंटी पनेसर और पॉल कोलिंगवुड को इसमें जगह मिली है. हालांकि इंग्लैंड के लिए वर्ष 2006 काफ़ी अच्छा नहीं रहा लेकिन इन दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन टेस्ट और वन-डे, दोनों में ही शानदार रहा है. इस सूची में तीन अन्य खिलाड़ी हैं सरे के बल्लेबाज़ मार्क रामप्रकाश, श्रीलंका के कप्तान महेला जयवर्द्धने और पाकिस्तान के मोहम्मद यूसुफ़. श्रीलंका के गेंदबाज़ मुथैया मुरलीधरन को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर घोषित किया गया है. विज़डन की ओर से यह सम्मान पाने वाले वे चौथे क्रिकेटर हैं. वर्ष 2006 में यह सम्मान एंड्रयू फ्लिंटॉफ को मिला था. पनेसर ने पिछले वर्ष मार्च में अपने करियर के पहले ही टेस्ट मैच में सचिन तेंदुलकर को आउट करके खूब वाहवाही बटोरी थी और उसके बाद से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन एशेज़ सीरीज़ के पहले दो मैच नहीं खिलाए जाने से पहले उन्होंने श्रीलंका और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पाँच-पाँच विकेट लिए थे और उसके बाद वापसी की तो पर्थ टेस्ट में भी पाँच विकेट लिए. 24 साल के इस गेंदबाज़ ने वन-डे टीम में जगह बना कर अपने आलोचकों की बोलती बंद कर दी है. वर्ष 2005 से पाकिस्तान के दौरे से पहले कोलिंगवुड को केवल वन-डे का खिलाड़ी माना जाता था लेकिन उन्होंने वहाँ अंतिम टेस्ट मैच में दोनों पारियों में 96 और 80 रन बनाए.
भारत के ख़िलाफ़ टेस्ट सीरीज़ के पहले मैच में उन्होंने नाबाद 134 रन बनाकर अपना पहला टेस्ट शतक लगाया. इसके बाद उन्होंने घरेलू सीरीज़ में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 186 और ऑस्ट्रेलिया में 96 और 206 रन बनाकर टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की कर ली. 37 वर्षीय मार्क रामप्रकाश ने अपना अंतिम टेस्ट मैच वर्ष 2002 में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेला था लेकिन पिछले सत्र में आठ शतक के साथ उन्होंने सरे के लिए 2211 रन बनाए. महेला जयवर्द्धने ने मर्वन अटापट्टू से कप्तानी की ज़िम्मेदारी संभाली और उसके बाद इंग्लैंड के ख़िलाफ़ शतक लगाया. इसके बाद उन्होंने घरेलू सीरीज़ में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ यादगार 374 रनों की पारी खेली. मोहम्मद यूसुफ़ ने दिसंबर, 2005 में जो रनों का अंबार लगाना शुरू किया उसे सालभर तक लगाते रहे. उन्होंने लाहौर टेस्ट में 223 रन बनाने के बाद भारत के ख़िलाफ़ पाँच पारियों में दो शतक और दो अर्द्धशतक लगाए. उनका जोरदार प्रदर्शन इंग्लैंड में भी जारी रहा. वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ पाँच पारियों में यूसुफ़ ने चार शतक लगाए और उनका न्यूनतम स्कोर 56 रन था. मुरलीधरन के लिए वर्ष 2006 शानदार रहा और वह 700 टेस्ट विकेट लेने के क़रीब पहुँच गए हैं. पिछले साल उन्होंने 90 टेस्ट विकेट लिए जिसमें दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ दो मैचों में लिया गया 22 विकेट भी शामिल है. | इससे जुड़ी ख़बरें मोंटी पनेसर ने झेली नस्लवादी टिप्पणियाँ14 नवंबर, 2006 | खेल द्रविड़ का नाम आईसीसी सूची में06 सितंबर, 2006 | खेल 'मैं सचिन को अपना आदर्श मानता हूँ'28 जनवरी, 2006 | खेल विज़डन में भारत के पाँच क्रिकेटर01 मई, 2004 | खेल वनडे की बागडोर वॉन को06 मई, 2003 | खेल इंग्लिश 'तिकड़ी' सबसे ऊपर29 अप्रैल, 2003 | खेल विज़डन ने बदला इतिहास23 अप्रैल, 2003 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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