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जो हो न सका... | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जब विश्व कप क्रिकेट की रूपरेखा बनी थी और कार्यक्रम तैयार किया गया था, तो 15 अप्रैल का दिन ख़ास था. क्रिकेट प्रेमियों ने रोमांच की पराकाष्ठा की कल्पना की थी. विश्व कप के किसी भी मैच के इतने टिकट नहीं बिके थे. उत्तरी अमरीका हो, ब्रिटेन हो या भारत-पाकिस्तान- यहाँ के कई क्रिकेट प्रेमियों ने महीनों पहले टिकट ख़रीदें और होटल बुक किए. लेकिन उन्होंने सपने में भी ये नहीं सोचा था कि उनकी उम्मीदें ऐसे धराशायी होंगी. जी हाँ, अगर सब कुछ ठीक होता. मैं ये नहीं कह रहा कि जो हुआ वो ग़लत हुआ. मेरे कहने का मतलब ये है कि अगर बड़ा उलटफेर नहीं होता तो 15 अप्रैल को एशिया की दो प्रतिद्वंद्वी टीमें यानी भारत और पाकिस्तान आपस में भिड़ रहे होते. लेकिन किसने ये सोचा था कि एक समय ख़िताब की तगड़ी दावेदार मानी जा रही ये दोनों टीमों को सुपर-8 में भी जगह नहीं मिलेगी. एक टीम आयरलैंड से हारकर बाहर हो जाएगी तो दूसरी बांग्लादेश से.
लेकिन ऐसा हुआ. अब भारत-पाकिस्तान की टीमें विश्व कप से बाहर होकर अपना आत्मविश्लेषण कर रही हैं. टीम प्रबंधन कड़े फ़ैसले रहा है. लेकिन उन क्रिकेट प्रेमियों का क्या जो महीनों पहले से भारत-पाकिस्तान मैच की आस में अपना दिन काट रहे थे. विश्व कप मैच के दौरान जब मैं पोर्ट ऑफ़ स्पेन में था. तो मुझे ऐसे कई भारतीय क्रिकेट प्रेमी मिले, जो भारत से या अमरीका से आए थे. सब निराश तो थे ही. उन्हें इसकी भी चिंता उनके टिकट अब कौन ख़रीदेगा. ख़ैर कुछ क्रिकेट प्रेमी अब भी हिम्मत करके स्टेडियम में पहुँच तो रहे हैं लेकिन उनकी निराशा उनके हाथ में मौजूद पोस्टरों में नज़र आती है. निराश वो क्रिकेट प्रेमी भी हैं जो भारत में हैं, पाकिस्तान में हैं या किसी अन्य देश में. अच्छे रविवार की आस में उम्मीद लगाए इन लोगों की उम्मीदें भी चकनाचूर हुई हैं. भारत में तो विश्व कप को लेकर ऐसा माहौल है, जैसे क्रिकेट उन्मादी देश में गिने-चुने क्रिकेट प्रेमी रह गए हों. ऐसे बहुत कम ही लोग हैं तो विश्व कप के मैच टीवी पर भी देख रहे हों.
विश्व कप के दौरान भी स्टेडियम ख़ाली हैं और आयोजक लोगों को रिझाने के लिए तरह-तरह के तरीक़े अपना रहे हैं. भारत और पाकिस्तान की टीमों का ऐसा प्रदर्शन क्यों रहा. इसका विश्लेषण अभी आगे भी चलता रहेगा. लेकिन सिर्फ़ तीन मैचों के बाद अपना बोरिया बिस्तर समेटने चुकीं इन दोनों टीमों के क्रिकेट प्रेमियों के लिए रविवार का दिन काफ़ी अखरेगा और उनकी पीड़ा भी कुछ ज़्यादा ही होगी. |
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